देश
Gold-Silver Import: इन 15 बैंकों को मिली सोना-चांदी इंपोर्ट की मंजूरी, सरकार ने जारी की नई लिस्ट
नई दिल्ली,एजेंसी। सरकार ने उन 15 बैंकों की लिस्ट जारी कर दी है, जिन्हें सोना-चांदी इंपोर्ट करने की इजाजत दी है। 2 बैंक ऐसे हैं जिन्हें केवल सोना इंपोर्ट करने की अनुमित मिली है, इन्हें चांदी इंपोर्ट की परमिशन नहीं है। ये बैंक 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना-चांदी इंपोर्ट कर सकते हैं।
मिनिस्ट्री और कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने नया पब्लिक नोटिस जारी कर उन बैंकों की लिस्ट अपडेट कर दी है, जिन्हें सोना-चांदी इंपोर्ट करने की अनुमति दी गई है।

किन बैंकों को मिली अनुमति?
- एक्सिस बैंक लिमिटेड (Axis Bank)
- आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड (ICICI Bank)
- एचडीएफसी बैंक लिमिटेड (HDFC Bank)
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
- पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank)
- बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)
- Yes Bank लिमिटेड
- इंडसइंड बैंक लिमिटेड (IndusInd Bank)
- Deutsche Bank
- फेडरल बैंक लिमिटेड (Federal Bank)
- इंडियन ओवरसीज बैंक
- कोटक महिंद्रा बैंक
- Karur Vysya बैंक लिमिटेड
- इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड
- RBL बैंक लिमिटेड
इन दो बैंकों को मिली सोना इंपोर्ट की अनुमति
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और SBER Bank को सिर्फ सोना इंपोर्ट करने की अनुमति मिली है। ये बैंक चांदी इंपोर्ट नहीं कर सकते।

देश
खाने के तेल की कीमतों में हलचल, दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पाम ऑयल
मुंबई, एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने के तेल, खासकर पाम ऑयल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। बायोफ्यूल की बढ़ती मांग और मजबूत ग्लोबल संकेतों के चलते मलेशियाई बाजार में पाम ऑयल के दाम दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। फिलहाल इसकी कीमत 4,600 रिंग्गित प्रति टन के पार निकल चुकी है।
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप की बायोफ्यूल नीतियों के कारण वेजिटेबल ऑयल की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि जून महीने में भी कीमतों में बड़ी नरमी की उम्मीद कम नजर आ रही है।

उत्पादन और सप्लाई का असर
मलेशिया और इंडोनेशिया वैश्विक पाम ऑयल सप्लाई के सबसे बड़े केंद्र माने जाते हैं। अप्रैल में पाम ऑयल की कीमतें 4,800 रिंग्गित प्रति टन तक पहुंच गई थीं। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आई लेकिन निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी ने बाजार को फिर सहारा दिया।
मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (MPOB) के अनुसार, जून में कच्चे पाम ऑयल की कीमतें औसतन 4,400 रिंग्गित प्रति टन के आसपास रह सकती हैं। मार्च से अक्टूबर का समय पाम ऑयल उत्पादन के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, जिससे सप्लाई में कुछ बढ़ोतरी भी देखने को मिल रही है।
सोयाबीन तेल महंगा, पाम ऑयल को फायदा
अमेरिका और यूरोप में बायोफ्यूल सेक्टर की मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल की कीमतें नवंबर 2022 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे पाम ऑयल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपेक्षाकृत सस्ता और प्रतिस्पर्धी विकल्प बनकर उभरा है।
- सोयाबीन तेल, रेपसीड तेल से लगभग 145 डॉलर प्रति टन महंगा है
- पाम ऑयल के मुकाबले इसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति टन अधिक बनी हुई है
- सूरजमुखी तेल से भी सोयाबीन तेल करीब 45 डॉलर प्रति टन महंगा है
भारतीय बाजार के लिए राहत
भारतीय आयातकों और उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि पाम ऑयल अभी भी सबसे किफायती वेजिटेबल ऑयल बना हुआ है। मलेशिया से आने वाला पाम ओलिन, अर्जेंटीना के सोयाबीन तेल से सस्ता पड़ रहा है, जिसके चलते भारतीय खरीदार पाम ऑयल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 2026 के शुरुआती चार महीनों में मलेशिया का पाम ऑयल निर्यात 25.5% बढ़कर 5.38 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 2019 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
देश
19 May/Petrol-Diesel Price: एक हफ्ते में दूसरी बार महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, देखें दिल्ली समेत प्रमुख शहरों में नए रेट
नई दिल्ली, एजेंसी। मंगलवार को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। यह एक हफ़्ते से भी कम समय में ईंधन की दरों में दूसरी बढ़ोतरी है, जो सरकारी तेल कंपनियों द्वारा कीमतों में बदलाव पर लगभग चार साल से लगी रोक हटाने के बाद हुई है।

दिल्ली में नई कीमतें
पेट्रोल: रू.97.77 से बढ़कर रू.98.64 प्रति लीटर
डीजल: रू.90.67 से बढ़कर रू.91.58 प्रति लीटर
इससे पहले शुक्रवार को, 4 साल से भी ज़्यादा समय में पहली बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। ईरान युद्ध के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण, सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को महीनों तक प्रमुख राज्यों के चुनावों के दौरान कीमतें स्थिर रखने के बाद, अपने बढ़ते नुकसान का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना पड़ा।
वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) में अंतर के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग-अलग होती हैं।
15 मई को, दिल्ली और मुंबई सहित कई शहरों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। रविवार को, CNG की कीमतों में फिर से 1 रुपया प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई।
क्यों बढ़ रही कीमतें ?
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों और उसके जवाब में तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से भी ज़्यादा का उछाल आया है। इन घटनाओं ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले तेल प्रवाह को बाधित कर दिया है, जो वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक प्रमुख मार्ग है।
इस उछाल के बावजूद, खुदरा ईंधन की कीमतें दो साल पुराने स्तर पर ही स्थिर रखी गई थीं। सरकार का कहना था कि यह कीमत के प्रति संवेदनशील उपभोक्ताओं को वैश्विक ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी से बचाने का एक प्रयास था। लेकिन विपक्षी दलों ने इस कदम के पीछे राजनीतिक मकसद देखा, क्योंकि उस समय प्रमुख राज्यों में चुनाव हो रहे थे।
शुक्रवार को हुई 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी चुनावों के संपन्न होने के बाद की गई थी। इन चुनावों में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल सहित 5 में से 3 राज्यों में जीत हासिल करके अपना प्रभाव बढ़ाया था। यह बढ़ोतरी, लागत के बराबर कीमतें लाने के लिए ज़रूरी कुल बढ़ोतरी का केवल 5वां हिस्सा ही थी।
2022 से कीमतें स्थिर बनी हुई थीं
सोमवार को, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया था कि 15 मई को की गई बढ़ोतरी से नुकसान में एक-चौथाई की कमी आई है, लेकिन तेल कंपनियों को अभी भी प्रतिदिन लगभग 750 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मंगलवार को हुई बढ़ोतरी के बाद, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें अब मई 2022 के बाद से सबसे ज़्यादा हो गई हैं।
अप्रैल 2022 से कीमतें स्थिर बनी हुई थीं, सिवाय मार्च 2024 में लोकसभा चुनावों से ठीक पहले पेट्रोल और डीज़ल पर प्रति लीटर 2 रुपये की एक बार की कटौती के। कीमतों में आखिरी बढ़ोतरी अप्रैल 2022 में हुई थी।
–मुंबई में अब पेट्रोल की कीमत 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 94.08 रुपये प्रति लीटर है।
-कोलकाता में अब पेट्रोल की कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की 96.07 रुपये है,
–चेन्नई में पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 104.49 रुपये और डीज़ल की 96.11 रुपये हो गईं।
इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के मुकाबले यह मूल्य वृद्धि मामूली है और खुदरा विक्रेताओं को अभी भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्रिसिल के अनुसार, 15 मई की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था।
कीमतों में ये दोनों बढ़ोतरी मार्च में घोषित एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती के बाद हुई हैं, और ऐसे समय में आई हैं जब सरकार ईंधन की खपत को कम करने और देश के तेल आयात बिल को नियंत्रित करने के उपाय लागू कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ़्ते ईंधन बचाने, घर से काम करने (work-from-home) और यात्रा कम करने का आग्रह किया था, क्योंकि बढ़ती ऊर्जा कीमतें भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल रही हैं और लगातार तीसरे वर्ष चालू खाता घाटे को बढ़ाने का खतरा पैदा कर रही हैं।
कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही अपने विभागों को यात्रा सीमित करने, आमने-सामने की बैठकों से बचने और कम कर्मचारियों के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने पहले ही पंप की कीमतें बढ़ा दी थीं। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता, नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल की कीमतें 5 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थीं, जबकि शेल ने 1 अप्रैल से पेट्रोल की कीमतें 7.41 रुपये और डीज़ल की 25 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थीं। बेंगलुरु में, शेल पेट्रोल 119.85 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 123.52 रुपये प्रति लीटर बेच रहा है।
LPG की कीमतें 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ोतरी
घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतें मार्च में 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाई गई थीं, लेकिन वे अभी भी वास्तविक लागत से काफी कम हैं। तेल कंपनियों को 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर पर 674 रुपये का नुकसान हो रहा है। इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि कीमतों में यह बढ़ोतरी सोच-समझकर की गई लगती है – यह तेल कंपनियों पर मार्जिन के दबाव को कुछ हद तक कम करने के लिए काफी है, लेकिन इससे महंगाई का कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा।
हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी का महंगाई पर कुछ असर ज़रूर पड़ेगा। भारत की खुदरा महंगाई दर, जिसे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से मापा जाता है, मार्च के 3.40 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल 2026 में 3.48 प्रतिशत हो गई। वहीं, थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 42 महीनों का उच्चतम स्तर है। इसकी मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी है।
देश
इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी से हड़कंप, 160 यात्री 30 मिनट तक अंधेरे और गर्मी में परेशान
मुंबई, एजेंसी। indigo airline के वडोदरा से दिल्ली जाने वाली एक विमान के उड़ान भरने से पहले उसमें power supply बाधित होने के कारण करीब 160 यात्रियों को रविवार रात लगभग आधे घंटे तक अंधेरे में बैठना पड़ा और AC नहीं चलने के कारण उन्हें पसीना बहाना पड़ा। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार, IndiGo की उड़ान संख्या 6E 657 (वडोदरा-दिल्ली) को रात 8.40 बजे वडोदरा से रवाना होना था। उस समय विमान को ग्राउंड पावर यूनिट (जीपीयू) से बिजली आपूर्ति मिल रही थी, लेकिन उसमें तकनीकी खराबी आ गई। हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि इंजीनियरों को जीपीयू में आई खराबी दूर करने में करीब 12-15 मिनट लगे, जबकि विमान में बिजली आपूर्ति बहाल करने में अतिरिक्त 15 मिनट का समय लगा।
अधिकारी ने कहा, “इन 30 मिनट के दौरान विमान के केबिन में पूरी तरह अंधेरा था और वातानुकूलन प्रणाली बंद होने के कारण यात्री पसीने से भीग गए।” उन्होंने बताया कि विमान में करीब 160 यात्री सवार थे। इस बीच, इंडिगो ने सोमवार देर रात जारी बयान में कहा कि 17 मई को वडोदरा से दिल्ली जाने वाली उड़ान 6ई 657 तकनीकी खराबी के कारण विलंबित हुई थी।
एयरलाइन के अनुसार, समस्या का शीघ्र समाधान कर लिया गया और विमान बाद में अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया। जीपीयू वह उपकरण होता है, जो विमान के गेट पर खड़े रहने के दौरान उससे जोड़ा जाता है और इंजन या ऑनबोर्ड जनरेटर चालू किए बिना विमान की रोशनी, एवियोनिक्स और वातानुकूलन प्रणाली को बिजली उपलब्ध कराता है। उड़ानों की निगरानी करने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटराडार24 डॉट कॉम’ के अनुसार, यह उड़ान रात 8.40 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन एक घंटा 20 मिनट की देरी से रात 10 बजे इसने उड़ान भरी।
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
