कोरबा
बालको ने फायर सर्विस सप्ताह के माध्यम से अग्नि सुरक्षा जागरूकता को दिया बढ़ावा
बालकोनगर। वेदांता समूह कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित अस्पताल और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज’ थीम के तहत राष्ट्रीय फायर सर्विस सप्ताह का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा जागरूकता, आपातकालीन तैयारी और घटनाओं की रोकथाम को मजबूत करना था। इसमें कर्मचारियों, व्यापारिक साझेदारों, स्कूली छात्रों और समुदाय के सदस्यों सहित 1100 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

सप्ताह भर चले इस आयोजन में क्विज, चित्रकला और स्लोगन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अग्नि सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही, बालको ने सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए, जिनमें लाइव फायर सेफ्टी डेमो और नुक्कड़ नाटक शामिल थे, ताकि विभिन्न हितधारकों के बीच सुरक्षा-प्रथम दृष्टिकोण को और मजबूत किया जा सके।

अभियान का समापन विभिन्न विभागों के उन कर्मचारियों और टीमों को सम्मानित कर किया गया, जिन्होंने प्लांट परिसर में अग्नि सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस आयोजन में कोरबा क्षेत्र की अन्य औद्योगिक इकाइयों जैसे एनटीपीसी लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जो क्षेत्रीय सुरक्षा तैयारियों के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि अग्नि सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए निरंतर सतर्कता और तैयारी आवश्यक है। बालको में हम जागरूकता बढ़ाने, क्षमताओं का निर्माण करने और ऐसी प्रणालियाँ विकसित करने पर जोर दे रहे हैं, जो त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। अपने कर्मचारियों और समुदाय के साथ सतत जुड़ाव के माध्यम से हम एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण का निर्माण करना चाहते हैं।
एनटीपीसी कोरबा के सीआईएसएफ फायर विंग के सहायक कमांडेंट शिवेंद्र कुमार ने कहा कि बालको की फायर सेफ्टी टीम ने बार-बार आपात स्थितियों में उत्कृष्ट दक्षता और संयम का परिचय दिया है। कोरबा की नागरिक प्रशासनिक इकाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने हर जरूरत के समय महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। समुदाय और स्कूलों को प्रशिक्षण देने की उनकी पहल दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण है, जो सामूहिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
बालको की फायर और सेफ्टी टीम जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया पर केंद्रित है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान टीम ने 200 से अधिक आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया दी। तेज और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए क्विक रिस्पॉन्स वाहन की खरीदारी। 5500 से अधिक लोगों को फायर एक्सटिंग्विशर उपयोग, सीपीआर और आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। साथ ही प्लांट और आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक मॉक ड्रिल्स आयोजित कीं। बालको अस्पताल में स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किया तथा 400 से अधिक मल्टी-सेंसर और उन्नत फायर अलार्म सिस्टम लगाकर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बालको के फायर विभाग को ग्रो केयर इंडिया द्वारा वित्तीय वर्ष 2026 के लिए मेटल एवं पावर डिवीजन में ‘फायर एंड सेफ्टी में उत्कृष्टता’ हेतु प्लेटिनम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जो उनकी उच्च स्तरीय अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों का प्रमाण है।
कोरबा
वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ते कदम, नैनो उर्वरकों से सुधरी फसल की गुणवत्ता
पारंपरिक उर्वरकों से आगे बढ़कर अपनाई नई तकनीक, किसान रमेश सिंह कंवर को दिखे बेहतर परिणाम
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। संतुलित पोषण, कम लागत और बेहतर कृषि उत्पादकता की दिशा में यह पहल किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।

कोरबा जिले के ग्राम खैरभवना निवासी कृषक रमेश सिंह कंवर इसकी सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री कंवर अपनी लगभग डेढ़ एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आज सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य कृषि आदान सामग्री के साथ नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया भी प्राप्त किया।
श्री कंवर बताते हैं कि वे पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। प्रारंभ में उन्होंने परीक्षण के तौर पर इसका प्रयोग किया था, लेकिन सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब वे प्रत्येक वर्ष नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, हरियाली बढ़ी है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। इसके साथ ही पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभाव मिलने से उनकी लागत में कमी आई है और आर्थिक लाभ भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं, जिससे फसल का समुचित विकास होता है। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है तथा पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
श्री कंवर ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि केवल पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाएं। इससे फसलों को बेहतर पोषण मिलता है, उत्पादन में वृद्धि होती है तथा खेती की लागत कम होकर किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलती है।
कोरबा
निधन:रणविजय सिंह की माताश्री का निधन
अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि कोरबा प्रेस क्लब के सदस्य पावर हाईट्स कॉलोनी निवासी रणविजय सिंह की पूजनीय माता जी श्रीमती धर्मशीला सिंह (68) का आज आकस्मिक निधन हो गया है। इस दुःखद समाचार से पूरा प्रेस क्लब परिवार शोकाकुल है। उनका अंतिम संस्कार (अंतिम यात्रा) कल शनिवार, दिनांक 20 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे, पोड़ीबहार स्थित मुक्तिधाम, कोरबा में किया जाएगा।
श्रीमती धर्मशीला सिंह जी अत्यंत सरल, ममतामयी और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उनका जाना परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

कोरबा
बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि और बदहाल व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल
प्रदेश की जनता, मीडिया प्रतिनिधियों और बिजली उपभोक्ताओं का ध्यान भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई अनुचित वृद्धि की ओर आकर्षित करना
कोरबा। यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं: कांग्रेस स्पष्ट करती है कि यह निर्णय पूरी तरह से जनविरोधी, किसान-विरोधी और मध्यम वर्ग-विरोधी है। यह सिर्फ बिजली बिल का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिक की आर्थिक स्थिति से जुड़ा गंभीर विषय है।
बिजली दर वृद्धि पर मुख्य आरोप
भाजपा सरकार ने एक बार फिर घरेलू एवं व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी, जिसका सीधा असर जुलाई के बिजली बिलों में दिखाई देगा।
महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए यह निर्णय अत्यंत कष्टदायक साबित होगा। सरकार जनता की आय बढ़ाने में तो विफल रही है, लेकिन लगातार खर्च बढ़ा रही है।
कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार की तुलना
कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली** की योजना लागू की थी, जिससे लाखों परिवारों को सीधी राहत मिली थी।
भाजपा सरकार ने आते ही इस लाभ को सीमित कर दिया है। आज केवल सीमित संख्या में उपभोक्ताओं को ही छूट का लाभ मिल पा रहा है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय सुविधाएं कम करने में लगी है।
महंगाई और बिजली दर वृद्धि का सीधा संबंध
पहले ही गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हो चुकी है।
परिवहन लागत बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं।
अब बिजली दरों में वृद्धि से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर दूध, सब्जी, किराना, छोटे उद्योग, होटल और दुकान जैसी अन्य सेवाओं पर पड़ेगा। अंततः आम जनता को हर छोटी-बड़ी चीज़ महंगी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कोरबा एवं प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर सवाल
ऊर्जाधानी में बिजली कटौती: कोरबा को ‘ऊर्जा राजधानी’ कहा जाता है, फिर भी यहाँ के लोग अघोषित बिजली कटौती झेल रहे हैं।
वोल्टेज की समस्या: ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी हुई है।
खराब ट्रांसफार्मर: कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने पर कई-कई दिनों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहती है।
अधिक शुल्क, खराब सेवा: उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल रही, फिर भी उनसे अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।
कांग्रेस का सवाल: जब सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ, तो इस दर वृद्धि का औचित्य क्या है?
महतारी वंदन योजना पर राजनीतिक हमला
एक हाथ से देना, दूसरे से लेना: भाजपा सरकार एक ओर महिलाओं को ₹1000 प्रति माह देने का जोर-शोर से प्रचार करती है। दूसरी ओर बिजली, गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि कर परिवारों पर उससे कहीं ज्यादा आर्थिक बोझ डाल रही है।
सरकार जवाब दे: सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जनता को दी गई राहत से अधिक राशि महंगाई के माध्यम से वापस क्यों वसूली जा रही है?
जनता के हक में सरकार से सीधे प्रश्न
- बिजली दर वृद्धि की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी?
- बिजली उत्पादन करने वाले स्वयं के राज्य में बिजली इतनी महंगी क्यों हो रही है?
- उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध सेवा कब मिलेगी?
- बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्याओं का स्थायी समाधान कब होगा?
- गरीब, किसान और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार की क्या योजना है?
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
0 वृद्धि वापस हो: बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
0 विशेष सब्सिडी: घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए विशेष सब्सिडी दी जाए।
0 किसानों को राहत: किसानों के लिए सस्ती एवं निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए।
0 कटौती पर रोक: अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
0 लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए।
0 बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना (Timeline) जारी की जाए।
जनता के पक्ष में कांग्रेस का संकल्प संदेश
0 कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।
0 बिजली दर वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सीधे उपभोक्ताओं और आम जनता के हित में है।
0 इस अनुचित वृद्धि से प्रदेश का हर वर्ग—किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, गृहिणी, युवा और वरिष्ठ नागरिक समेत हर वर्ग वृद्धि से प्रभावित होगा। कांग्रेस जनता की मजबूत आवाज़ बनकर इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
0 जब तक बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। हम सरकार से आग्रह नहीं, बल्कि जनता की ओर से जवाब मांग रहे हैं।
-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
