नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
बाँकी मोंगरा – कांग्रेस पार्षदों ने किया अपने नेता प्रतिपक्ष द्वारा दिए गए पत्र का खंडण…धोखे से करवाया हस्ताक्षर…देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बाँकी मोंगरा :– बीते दिनांक 21/4 को नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के द्वारा परिषद् एवं बिलासपुर सयुंक्त संचालक को पत्र लिख कर टेंडर में मनमानी एवं परिषद् की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की गई जिसमें कांग्रेस पार्षदों के हस्ताक्षर भी कराए गए थे, पर कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि उस शिकायत पत्र पर हमारे दस्तखत थे पर वो हमसे धोखे से कटाया गया था।
मिली जानकारी अनुसार शिकायत पत्र के वायरल होने के बाद से कुछ पार्षदों का गुस्सा फूटने लगा और उनके द्वारा कहा जाने लगा कि हमको गलत जानकारी देकर धोके से हस्ताक्षर कराया गया है ।
जिसके बाद दिनांक 27/04 को बाँकी मोंगरा परिषद् में एक पत्र प्रेषित कर कांग्रेस के विपक्षी पार्षदों ने इस पर प्रतिक्रिया दी और विभाग को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई की नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास द्वारा दिनांक 21/4 को संयुक्त संचालक बिलासपुर को एक शिकायत पत्र दी, जिस आवेदन पर हमारे हस्ताक्षर आवेदन पर अंकित है जो नेता प्रतिपक्ष के द्वारा गलत जानकारी प्रदान कर धोखे से हमसे हस्ताक्षर कराया गया। इस लिए इस पत्र का हम खंडण करते है ।
पत्र में यह भी गंभीर दावा किया गया है कि कुछ पार्षदों को गुमराह कर शिकायत पत्र पर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के द्वारा हस्ताक्षर करवा लिए गए था, अब संबंधित पार्षदों ने सामूहिक रूप से उस पत्र से अपना नाम वापस लेते हुए उसका खंडन किया है।इस पत्र पर कई वार्डों के पार्षदों के हस्ताक्षर होने से मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा नगर पालिका की बैठकों और स्थानीय राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
न.पा.प. बाँकी मोंगरा की कार्यप्रणाली चल रहा भगवान भरोसे, संयुक्त संचालक, बिलासपुर को कार्यवाही की माँग को लेकर विपक्षी पार्षदों ने सौपा ज्ञापन…देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बाँकी मोंगरा:– नगर पालिका परिषद बाँकी मोंगरा में टेंडर प्रक्रिया में लगातार की जा रही मनमानी को लेकर विपक्षी पार्षदों ने संयुक्त रूप से संयुक्त संचालक,बिलासपुर को पत्र लिखकर कार्यवाही की माँग की है अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है ..!
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने कहा की – नगर परिषद में जबसे नयी सरकार गठन हुई है तबसे एक अलग तरह का नियम चलना शुरू हुआ है बिना टेंडर के रेवड़ी बाटने का केवल और केवल अपने चहेते लोगो को लाभ पहुँचाने के लिए आवस्यक कार्यों को दरकिनार करके सरकारी पैसों का बंदरबाट शुरू कर दिया गया है कार्यों में गुणवत्ता का कोई सरोकार नहीं है इसके अलावा जब कोई पार्षद इन सब कार्यों का विरोध करे तो उसके वार्ड के कार्यों में विवाद करवा दिया जाता है या होने नहीं दिया जाता है टेंडर जारी तो होता है परंतु खुलने का कोई दिनाक नहीं है जब लगता है की कार्य उनके चहेते लोगो को नहीं मिलेगा टेंडर या तो कैंसल कर दिया जाता है या फिर खोलने का दिनाक बढ़ा दिया जाता है नियम प्रक्रिया पूर्ण रूप से दरकिनार है इसके अलावा ज़ोनल टेंडर के नाम पर अलग ही पैसा निकलो और बाटो प्रक्रिया चल रहा है साथ ही साथ स्वीकृत दर से अतिरिक्त में कार्य देने का एक अलग नियम बनाये हुए है आख़िर भगवान भरोसे चल रही यह प्रक्रिया कब तक ऐसा रहेगा इन्ही सब सरकारी पैसे के दुरुपयोग एव टेंडर प्रक्रिया को नियमतः करने की माँग को लेकर समस्त विपक्षी पार्षदों के साथ संयुक्त संचालक को पत्र सौपा गया एव उचित कार्यवाही कि माँग की गई,अगर जल्द से जल्द मामले का निराकरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई ।

पार्षद तेजप्रताप सिंह ने कहा की – नगर पालिका में कुछ भी कार्य बोला जाता है तो नहीं किया जाता है हा लेकिन जहां सत्तापक्ष के फ़ायदे का कार्य रहेगा तो तुरंत हो जाता है कुलमिलाकर मनमानी व्यवस्था चल रही है।

इस अवसर पर प्रमुखरूप से पार्षद तेजप्रताप सिंह,राकेश अग्रवाल,तालिका साहू,संदीप डहरिया,हेमंत शाहनी,ओमप्रकाश कैवर्त,रूबी पवन गुप्ता,बाल्की कुजूर,आशा साहू,इंद्रजीत बींझवार,राजकुमारी ,युवा कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष विकास सिंह,आयुष यादव,शब्बीर ख़ान, और अनेक कांग्रेसी एव आमजन उपस्थित रहे…!
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बांकी मोगरा – 11 केवी विद्युत तार बनी चिंता का सबब, घनी आबादी पर मंडराया खतरा,,,देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बांकी मोगरा :– नगर पालिका परिषद बांकी मोगरा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 05 चंडी मंदिर के सामने व रहवासियों के घरों से लगकर गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन इन दिनों चिंता का विषय बनी हुई है। सामने चंडी मंदिर और शनि मंदिर स्थित है, यहां बड़े पैमाने में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते है साथ ही साथ बड़ी गाड़ियों का आना जाना लगा रहता है जिनपर हमेशा खतरे की घंटी मंडराए रहती है। क्षेत्रवाशियो ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों से संपर्क कर इस बिजली के तार को केवल लाइन में कन्वर्ट करने के लिए अनेकों बार प्रयास करना बताया पर अब तक विद्युत विभाग ने इसकी सुध तक नहीं ली है।
जानकारी अनुसार यहां के रहवासियों ने विद्युत विभाग में लिखित शिकायत भी दी है और क्षेत्र के बिजली विभाग के कर्मचारियों से मिलकर इसकी जानकारी भी दी है पर अब तक किसी भी विभागीय कर्मचारी अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता नहीं ली है।

• पिछले साल कलश यात्रा के दौरान एक झंडा बिजली तार के संपर्क में आने से बड़ी घटना होते होते बची थी।
• हाल ही में एक मकान में पुताई के दौरान तार के संपर्क में आने की घटना हुई थी, जिसमें पेंटर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
• मंदिर परिसर में कलश यात्रा और सामाजिक कार्यक्रम की जाती रहती है जहां घटना की संभावनाएं बनी रहती है।
• विद्युत विभाग को इस समस्या से कई बार कराया है अवगत पर निराकरण अब तक नहीं।
रहवासियों ने 11 केवी बिजली लाइन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समाचार में माध्यम से विद्युत विभाग से गुहार लगाते हुए इस विद्युत लाइन को तत्काल हटाने की मांग की है।
रहवासियों ने ये भी कहा कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी। साथ ही प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द बिजली लाइन को केबल लाइन लगाकर सुरक्षित किया जाए जिससे संभावित हादसों को रोका जा सके।
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
लाइन परिचारक संविदा मानव संसाधन नीति 2025 का छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने किया विरोध…देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
कोरबा 18 अप्रैल 2026:- पावर कंपनी प्रबंधन द्वारा 18 अप्रैल 2026 को जारी “लाइन परिचारक संविदा मानव संसाधन नीति 2025” का छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ ने इसे “शोषण की नीति” करार दिया है।
विरोध के मुख्य बिंदु:👇👇
1. समायोजन की बजाय शोषण – संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। संघ का आरोप है कि नई नीति समायोजन की जगह सीमित लाभ देकर अफसरशाही और तानाशाही बढ़ाती है।
2. संविदा अधिनियम 2012 का उल्लंघन – प्रबंधन समायोजन न करने के लिए संविदा अधिनियम 2012 का हवाला देता है, लेकिन उसी अधिनियम में शासन की अनुमति बिना संशोधन कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट व विभिन्न हाई कोर्ट के आदेशों में 10 साल की सेवा पूर्ण करने वाले संविदा कर्मचारियों के समायोजन का निर्देश है। इसके बावजूद नीति में 10 साल बाद भी सिर्फ 1-1 साल की सेवा वृद्धि के लिए कठोर शर्तें रखी गई हैं।
3. खतरनाक काम की जिम्मेदारी – नियमानुसार 33/11 केवी लाइन का परमिट केवल सहायक लाइनमैन या उससे ऊपर के नियमित कर्मचारी दे सकते हैं। नई नीति में यह जिम्मेदारी संविदा कर्मचारियों पर डाली जा रही है, जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
4. सेवा वृद्धि में दुरुपयोग – अधिकारियों पर आरोप है कि 8 घंटे की जगह 24 घंटे काम लिया जाता है। दुर्घटना होने पर सारा दोष संविदा कर्मचारियों पर डालकर उनकी सेवा वृद्धि रोक दी जाती है।
आगे की रणनीति – विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष VP बंजारे (बिलासपुर क्षेत्र) ने कहा कि आगामी दिनों में इस नीति का पूर्ण विरोध किया जाएगा। पावर कंपनी के सामने एकमात्र मांग “समायोजन” रखी जाएगी। यदि मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो संघ अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगा।
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