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कोरबा

वेदांता बालको के योगदान से छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आय के स्रोतों में हो रही बढ़ोत्तरी

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बालकोनगर। छत्तीसगढ़ को ‘भारत का धान का कटोरा’ कहा जाता है। धान यहां की मुख्य फसल है। टाटा-कॉर्नेल इंस्टीट्यूट के रिसर्च से पता चलता है कि खरीफ के मौसम में लगभग 85% कृषि भूमि का उपयोग धान उगाने के लिए किया जाता है। अधिकांश किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं। यहां सिंचाई की सुविधाएँ बहुत कम हैं इस वजह से ग्रामीण आय केवल एक ही फसल चक्र पर निर्भर करती है। इससे किसान मौसम में होने वाले बदलावों, बढ़ती लागत और अन्य फसलें उगाने के सीमित विकल्पों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। कई छोटे और सीमांत किसानों के लिए पूरे साल लगातार आय सुनिश्चित करने के लिए केवल खेती करना ही पर्याप्त नहीं है। इसलिए ध्यान केवल फसल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि खेती के साथ-साथ आय के कई अन्य स्रोत निर्मित करने पर है।

यह वह बदलाव है जो वेदांता बालको के कामकाज वाले क्षेत्रों में हो रहा है। कोरबा, कवर्धा, रायगढ़, रायपुर और सरगुजा ज़िले के 123 गाँवों में बालको के योगदान से अब तक 2 लाख से ज़्यादा लोगों को फ़ायदा पहुँचा है। इसमें जो बात सबसे ज़्यादा ध्यान खींचती है, वह सिर्फ़ इन प्रयासों का स्तर ही नहीं, बल्कि उनके काम करने का तरीका भी है। यहां खेती-बाड़ी, कौशल विकास, महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले उद्यम और सामाजिक बुनियादी ढाँचा आदि ये सभी मिलकर ग्रामीण इलाकों में लोगों की आजीविका को और ज़्यादा स्थिर बनाने का काम कर रहे हैं।

पारिवारिक आय की स्थिरता के वाहक के रूप में महिलाओं की भूमिका

इस बदलाव के केंद्र में वे महिलाएँ हैं जो अब अपने परिवारों में सहायक कमाने वाली की भूमिका से मुख्य कमाने वाली की भूमिका की ओर बढ़ रही हैं। ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के तहत 561 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया गया है, जिनमें 6,000 से ज्यादा महिलाएँ शामिल हैं। इसके कारण इस क्षेत्र में समुदाय द्वारा संचालित सबसे मज़बूत स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्कों का निर्माण हुआ है।

‘पंचसूत्र’ सिद्धांतों पर आधारित और वित्तीय साक्षरता, सही बचत और ऋण प्रणालियों जैसे प्रशिक्षणों से समर्थित ये स्वयं सहायता समूह साधारण बचत समूहों से विकसित होकर आजीविका के सशक्त नेटवर्क बन गए हैं। आज 600 से ज्यादा महिलाएँ छोटे व्यवसायों के माध्यम से कमाई कर रही हैं और छत्तीसगढ़ के 45 से ज्यादा गाँवों में 2,200 से ज्यादा महिलाएँ नैनो-बिजनेस, स्वयं सहायता समूह ऋण और आजीविका के अन्य कार्यों जैसी आय-सृजन गतिविधियों में शामिल हैं। ये सभी मिलकर घरेलू आय को ज्यादा स्थिर बनाने, समुदायों को ज्यादा सशक्त बनाने तथा स्थानीय आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण वाहक बनने में सहायता कर रही हैं।

यह बदलाव क्लीनला जैसे छोटे व्यवसायों में देखा जा सकता है जहाँ आठ महिलाओं का एक समूह घर की सफ़ाई के उत्पाद बनाता है। सही ट्रेनिंग, उत्पादन में मदद और अपने उत्पादों को बेचने में सहायता मिलने से अब हर महिला हर महीने लगभग रू.6,000 कमाती है। इससे पता चलता है कि मिलकर काम करने से आय का एक स्थिर ज़रिया बनाने में कैसे मदद मिल सकती है।

व्यक्तिगत स्तर पर भी इसका असर साफ़ दिखता है। कोरबा ज़िले की विजय लक्ष्मी सारथी ने निजी और आर्थिक मुश्किलों का सामना करने के बाद अपना खुद का बिज़नेस शुरू किया। ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के तहत मिली ट्रेनिंग और मदद से उन्होंने घर से ही खाने का बिज़नेस शुरू किया और अब हर महीने रू.12,000 से रू.15,000 कमाती हैं। उनकी कहानी एक बड़े बदलाव को दिखाती है जहाँ महिलाएँ न सिर्फ़ परिवार की आमदनी में हाथ बँटा रही हैं बल्कि खुद भी कमाने वाली बन रही हैं और अपने परिवारों और समुदायों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने में मदद कर रही हैं।

कृषि के अलावा आय के दूसरे स्रोतों का सृजन

हालांकि खेती अभी भी बुनियादी आय का आधार बनी हुई है लेकिन आय के स्रोतों में विविधता लाने का सबसे बड़ा बदलाव खेती से बाहर के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। वर्ष 2010 में शुरू किए गए वेदांता स्किल स्कूल के ज़रिए तीन केंद्रों में अब तक कुल 15,000 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इनमें से हर साल 1,000 से ज़्यादा युवाओं को इंडस्ट्री की मांग के हिसाब से अलग-अलग ट्रेड में कुशल बनाया जाता है। यह प्रोग्राम ट्रेनिंग को सीधे रोज़गार से जोड़ता है और 11 राज्यों में फैली 70 से ज़्यादा संस्थाओं में प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराता है जहाँ सालाना सैलरी 3 लाख रुपये तक होती है।

कई परिवारों के लिए यह एक ढांचागत बदलाव को दर्शाता है जहाँ आय अब केवल ज़मीन या मौसमी चक्रों पर निर्भर नहीं रहती। इसके बजाय इसे औपचारिक रोज़गार से होने वाली स्थिर और साल भर की कमाई का सहारा मिलता है।

कोरबा के पोड़ीबहार के रहने वाले आर्यन दास महंत के लिए यह बदलाव उनकी ज़िंदगी बदलने वाला साबित हुआ है। रोज़ाना मज़दूरी करने वाले परिवार से आने के बाद उन्होंने वेदांता स्किल स्कूल में ‘फ़ूड एंड बेवरेज सर्विस स्टीवर्ड’ कोर्स में दाखिला लिया। बातचीत करने और मेहमानों को संभालने के हुनर सीखने के बाद उन्हें हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नौकरी मिल गई। अब वे ‘होटल श्री महाराजा’ में ‘ट्रेनी कैप्टन’ के तौर पर काम कर रहे हैं और सालाना लगभग रू.2 लाख कमा रहे हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि स्किल ट्रेनिंग न सिर्फ़ लोगों को नौकरी दिलाने में मदद करती है बल्कि उनके करियर को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाती है।

इस प्रगति को उन शिक्षा कार्यक्रमों से भी समर्थन मिल रहा है जो ज़्यादा अवसर पैदा करते हैं। कोरबा और कवर्धा में दो कोचिंग सेंटर हर साल 300 से ज़्यादा छात्रों को सरकारी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित करते हैं और अब तक 84 छात्रों का चयन भी हो चुका है। इसके साथ ही वेदांता लिमिटेड द्वारा अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की साझेदारी में शुरू किए गए 110 ‘नंद घर’ प्री-स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। ये केंद्र बाला पेंटिंग्स और डिजिटल उपकरणों जैसे इंटरैक्टिव सीखने के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। ये केंद्र 7,000 से ज़्यादा माताओं और बच्चों तक पहुँच रहे हैं, जिससे शुरुआती शिक्षा और पोषण में सुधार हो रहा है। वहीं स्कूल सहायता कार्यक्रमों ने अब तक 4,000 से ज़्यादा छात्रों की मदद की है।

ये प्रयास शिक्षा से रोज़गार तक का एक स्पष्ट जरिया बनाते हैं जिससे लोगों को एक मज़बूत व्यवस्था के सहयोग से समय के साथ अलग-अलग तरीकों से कमाई करने में मदद मिलती है।

आजीविका को सहारा देने वाले इकोसिस्टम की मज़बूती

आय में स्थिर रूप से वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए लोगों को समय के साथ मज़बूत प्रणालियों के माध्यम से सहयोग देना महत्वपूर्ण है। वेदांता बालको इसी दृष्टिकोण का पालन करता है। यह न केवल रोज़गार उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करता है बल्कि उन परिस्थितियों को भी बेहतर बनाने पर ज़ोर देता है जो लोगों को अपने रोज़गार को बनाए रखने में मदद करती हैं। बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बीमारियों की जल्दी पहचान और नियमित रूप से लोगों तक पहुँचने के प्रयास लोगों को अचानक उत्पन्न होने वाली वित्तीय समस्याओं से बचने में मदद करते हैं। इसके साथ ही बेहतर स्वच्छता और बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता लोगों के लिए काम करना आसान बनाती है और उनकी कार्य-क्षमता में भी सुधार लाती है।

सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और स्थानीय सुविधाओं जैसे सामुदायिक बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधारों से लोगों के लिए यात्रा करना और बाज़ारों, प्रशिक्षण तथा रोज़गार से जुड़ना आसान हो रहा है। ये कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं हैं बल्कि ऐसे महत्वपूर्ण फैक्टर हैं जो लोगों को अधिक स्थिर और भरोसेमंद आजीविका बनाने में मदद करते हैं।

इस इकोसिस्टम में शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण अवसरों को आय से जोड़ने में मदद करते हैं। वेदांता बालको प्रारंभिक शिक्षा, कोचिंग और व्यावसायिक प्रशिक्षण को एक साथ लाकर रोज़गार के स्पष्ट मार्ग तैयार करता है। कोचिंग कार्यक्रम इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दो केंद्रों के माध्यम से 300 से ज्यादा छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 206 अन्य छात्रों को सहायता प्रदान की जा रही है जिससे ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियों को पाने में मदद मिल रही है।

निर्भरता से विविधता तक

यह बदलाव अब इन क्षेत्रों में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। ग्रामीण परिवार अब केवल आय के एक ही स्रोत पर निर्भर नहीं हैं। वे खेती के साथ अन्य काम और व्यवसाय भी कर रहे हैं।

वेदांता बालको इसी बदलते दृष्टिकोण का पालन करता है। कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसाय और शिक्षा कार्यक्रम मिलकर काम करते हैं ताकि ज्यादा स्थिर और नियमित आय के अवसर पैदा किए जा सकें। इसका उद्देश्य खेती की जगह लेना नहीं है बल्कि खेती के साथ आय के और अतिरिक्त स्रोत तैयार करना है। इससे ज्यादा संतुलित ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलती है जहाँ आय ज्यादा स्थिर होती है, अचानक आने वाली समस्याओं का बेहतर ढंग से सामना कर पाते हैं, और वे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजना बना सकते हैं।

यह बदलाव जमीनी स्तर पर भी दिखाई देता है। यह बदलाव सिर्फ़ ज़्यादा आमदनी का नहीं बल्कि ऐसी आजीविका पैदा करने की बात है जो ज़्यादा सुरक्षित, लचीली और भविष्य के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो।

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कोरबा

हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी रज्जाक अली गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

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आदतन अपराधी एवं गुंडा बदमाश रज्जाक अली के विरुद्ध कोरबा पुलिस की सख्त कार्रवाई

कोरबा। दिनांक 15.06.2026 को थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 550/2026 धारा 296, 351(3), 109(1), 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।

प्रार्थी शिवबालक सिंह तोमर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि जिला जेल कोरबा के समीप पुरानी रंजिश के चलते आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों द्वारा रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई तथा हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों द्वारा लोहे के डंडे एवं अन्य हथियारों से हमला कर प्रार्थी को गंभीर चोट पहुंचाई गई, जिससे उसके दोनों पैरों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा आरोपी रज्जाक अली को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

गवाहों को धमकाने एवं न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित करने के प्रयास पर पृथक अपराध दर्ज

विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रज्जाक अली द्वारा प्रकरण के गवाहों एवं संबंधित व्यक्तियों को लगातार धमकाया जा रहा था तथा बयान बदलने एवं न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध पृथक से धारा 296, 351(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

तीन दशकों से अधिक समय से गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है आरोपी

आरोपी रज्जाक अली के विरुद्ध थाना कोतवाली, करतला, उरगा सहित जिले के विभिन्न थानों में विगत लगभग तीन दशकों से हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, आगजनी, अवैध हथियार रखने, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स एक्ट, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं संपत्ति संबंधी अपराध सहित अनेक गंभीर अपराध दर्ज हैं।

जिला बदर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी

आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों, समाज में भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित करने तथा लोक शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों को देखते हुए कोरबा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध जिला बदर (Externment) हेतु प्रतिवेदन तैयार कर जिलाधीश कार्यालय भेजा गया है।

साथ ही उपलब्ध तथ्यों एवं आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है।

कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा महिला मोर्चा हरदीबाजार द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन

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विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं ने मनाया सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का उत्सव

कोरबा/हरदीबाजार। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा के, 12 वर्ष सुशासन के, 12 वर्ष गरीब कल्याण के पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल हरदीबाजार में महिला मोर्चा द्वारा एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया ।

यह कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार के निर्देशानुसार एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल के मार्गदर्शन में महिला मोर्चा हरदीबाजार मंडल अध्यक्ष श्रीमती अमृता यादव की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कटघोरा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक प्रेमचंद पटेल एवं भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, समर्पण, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प का स्वर्णिम अध्याय हैं ।

रचनात्मक प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

इस गौरवशाली उत्सव को और अधिक खास बनाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा द्वारा विभिन्न रचनात्मक और जनकल्याण से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।

पेंटिंग प्रतियोगिता:- महिलाओं और बालिकाओं ने कला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया ।

रंगोली प्रतियोगिता:- आकर्षक और भव्य रंगोलियों के जरिए मोदी सरकार की योजनाओं और भारतीय संस्कृति को उकेरा गया ।

पौष्टिक आहार प्रतियोगिता:- स्वस्थ भारत के संकल्प को बढ़ावा देने के लिए पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई ।

कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा देश के विकास के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों और आम जनमानस के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपस्थित जनसमूह के साथ साझा की गई ।

वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस गौरवमयी अवसर पर भाजपा और महिला मोर्चा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें जिला मंत्री अजय कुमार दुबे, जांजगीर-चांपा जिला प्रभारी चुलेश्वर राठौर, पूर्व जिला मंत्री नरेश टंडन, महिला मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य ज्योति पांडे, जिला महामंत्री श्रीमती अनुसूईया राठौर, मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल, पूर्व किसान मोर्चा उपाध्यक्ष छोटे लाल पटेल, मंडल महामंत्री नवरत्न सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष व्यास राठौर और मंडल मंत्री चंद्रर मरकाम शामिल रहे ।

साथ ही महिला मोर्चा की टीम से मंडल अध्यक्ष अमृता यादव, महामंत्री श्रीमती रुक्मणी मरकाम, शशि कला राठौर, उपाध्यक्ष माधुरी राठौर, मंत्री संध्या राठौर, उमा राठौर, भवनी राठौर, मैथिली राठौर, जय राठौर, सरोजिनी, श्रीमती गंगोत्री सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय मातृशक्ति उपस्थित रही ।

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प्रबुद्धजन सम्मेलन में गूंजा मोदी सरकार के 12 वर्षों के विकास, सुशासन और विकसित भारत का संकल्प

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कोरबा में भाजपा का प्रबुद्धजन सम्मेलन, वक्ताओं ने गिनाईं मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियां

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा आशीर्वाद प्वाइंट, टी.पी. नगर कोरबा में प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने की। सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन एवं विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मोदी सरकार के 12 वर्षों ने रचा विकास और सुशासन का नया इतिहास : जगन्नाथ पाणिग्रही

अपने उद्बोधन में प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने “12 वर्ष – जनकल्याण, अंत्योदय एवं समग्र परिवर्तन की यात्रा” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सेवा और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, जिससे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के 12 वर्ष विश्वास के विकास के जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ अंत्योदय पर बल देते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार कृत संकल्पित होकर विकसित भारत निर्माण की दिशा में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला और प्रबुद्ध जनों से 2047 के विकसित भारत निर्माण में सहयोग की अपील की।

विकसित भारत का संकल्प आज जन-जन का संकल्प बन चुका हैं – गोपाल मोदी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने “12 वर्ष – विश्वास का सशक्त आधार एवं विकसित भारत की प्रस्तावना” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देशवासियों के विश्वास को मजबूत करते हुए भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प आज जन-जन का संकल्प बन चुका है।

रायपुर संभाग के सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह ने “12 वर्ष – विकास, सुशासन एवं आत्मनिर्भर भारत के आयाम” विषय पर उद्बोधन देते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की है।

कार्यक्रम में महापौर संजूदेवी राजपूत, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक चावलानी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, मंजू सिंह, रुक्मणी नायर, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, जिला मंत्री कमला बरेठ, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र यादव, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर एवं अविनाश दुबे सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सम्मेलन के माध्यम से वक्ताओं ने केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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