छत्तीसगढ़
रायपुर : विशेष लेख : नए भारत का नया बस्तर: संघर्ष की छाया से निकलकर पर्यटन के उजाले की ओर
- दीपक कुमार यादव, पीआरओ, पर्यटन विभाग, छत्तीसगढ़
बस्तर, छत्तीसगढ़ का वह अंचल जो कभी नक्सल प्रभाव और चुनौतियों के कारण सुर्खियों में रहा, आज तेजी से अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। प्राकृतिक संपदा, जनजातीय संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के साथ-साथ साय सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने इस क्षेत्र को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन को विकास के प्रमुख आधार के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव बस्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

साय सरकार ने दिया पर्यटन को उद्योग का दर्जा
साय सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के निर्णय ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को नया आयाम दिया है। इससे न केवल पर्यटन अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा बस्तर क्षेत्र में पर्यटन स्थलों के विकास, सुविधाओं के विस्तार और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

बस्तर एक अनूठा सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र
प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बस्तर में घने जंगल, मनोहारी झरने, विस्तृत पहाड़ियां, शांत नदियां और समृद्ध जैव विविधता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इसके साथ ही यहां की जनजाति संस्कृति, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र और विविध उत्सव बस्तर को एक अनूठा सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाते हैं। धुड़मारास और मांझीपाली जैसे गांवों में पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं, बल्कि स्थानीय जीवनशैली, परंपराओं और लोक संस्कृति से भी रूबरू होते हैं।

पर्यटन के इस विकास में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहीं अब ग्रामीणों ने श्रमदान और आपसी सहयोग से पर्यटन स्थलों का विकास कर एक नई दिशा दी है। उयधीर नाले जैसे स्थानों को ग्रामीणों ने स्वयं विकसित कर पिकनिक स्पॉट और पर्यटन स्थल के रूप में परिवर्तित किया है। यह सामूहिक प्रयास इस बात का प्रमाण है कि जब समुदाय और शासन साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो परिवर्तन निश्चित होता है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। होम-स्टे योजना, स्थानीय गाइड प्रशिक्षण, हस्तशिल्प को प्रोत्साहन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन और पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण जैसे प्रयासों से क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और वे अपनी पारंपरिक कला एवं संस्कृति को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
साय सरकार द्वारा ईको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, जल पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। बस्तर में इन सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है, जिससे यह क्षेत्र बहुआयामी पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। बेहतर सड़क संपर्क, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और डिजिटल प्रचार-प्रसार ने भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की है।
बस्तर की पहचान एक उभरते पर्यटन हब के रूप में
आज बस्तर केवल अपने अतीत की चुनौतियों के लिए नहीं, बल्कि अपनी नई पहचान एक उभरते पर्यटन हब के रूप में स्थापित करता जा रहा है। यह परिवर्तन न केवल विकास की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सही नीतियों, मजबूत नेतृत्व और स्थानीय सहभागिता से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है। बस्तर का यह नया स्वरूप न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रहा है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पर्यटन रिसॉर्ट्स में मिलेगा विश्वस्तरीय भोजन
आतिथ्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए आईएचएम रायपुर का विशेष प्रशिक्षण संपन्न




रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों को अब वैश्विक स्तर का खान-पान और शानदार आतिथ्य अनुभव मिलेगा। इस दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट कर्मचारियों के लिए आयोजित द्वितीय कलिनरी स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) नवा रायपुर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के पर्यटन रिसॉर्ट्स की सेवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करना है।

आधुनिक पाक कला और स्वच्छता मानकों का मिला व्यावहारिक ज्ञान
इस प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न रिसॉर्ट्स से आए कर्मचारियों को आधुनिक कुकिंग तकनीकों, फूड प्रेजेंटेशन (खाद्य प्रस्तुतीकरण), लागत नियंत्रण और रसोई संचालन (किचन मैनेजमेंट) के गुर सिखाए गए। साथ ही, पर्यटकों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाइजीन (स्वच्छता) एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। आईएचएम रायपुर के अनुभवी संकाय सदस्यों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को भारतीय, क्षेत्रीय और समकालीन व्यंजनों को तैयार करने की बारीकियां सिखाईं।
आतिथ्य सेवाओं से मजबूत होगी छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान- डॉ. भारती दासन
आईएचएम रायपुर परिसर में आयोजित समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग में गुणवत्तापूर्ण भोजन और उत्कृष्ट सेवाएं किसी भी पर्यटक के सफर को यादगार बनाती हैं। यदि प्रशिक्षित कर्मचारी इन तकनीकों को अपने रिसॉर्ट्स में लागू करेंगे, तो इससे न केवल पर्यटकों की संतुष्टि बढ़ेगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सर्विस क्वालिटी ही सफलता की कुंजी- विवेक आचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक तथा आईएचएम रायपुर के प्राचार्य विवेक आचार्य ने कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सेवाओं की गुणवत्ता ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों में नवाचार, दक्षता और व्यावसायिकता लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और आईएचएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। समापन समारोह में पर्यटन मंडल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न रिसॉर्ट्स के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
छत्तीसगढ़
रायपुर : टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से की चर्चा
रायपुर। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए।
श्री नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।
कोरबा
हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी रज्जाक अली गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
आदतन अपराधी एवं गुंडा बदमाश रज्जाक अली के विरुद्ध कोरबा पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोरबा। दिनांक 15.06.2026 को थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 550/2026 धारा 296, 351(3), 109(1), 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रार्थी शिवबालक सिंह तोमर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि जिला जेल कोरबा के समीप पुरानी रंजिश के चलते आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों द्वारा रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई तथा हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों द्वारा लोहे के डंडे एवं अन्य हथियारों से हमला कर प्रार्थी को गंभीर चोट पहुंचाई गई, जिससे उसके दोनों पैरों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा आरोपी रज्जाक अली को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
गवाहों को धमकाने एवं न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित करने के प्रयास पर पृथक अपराध दर्ज
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रज्जाक अली द्वारा प्रकरण के गवाहों एवं संबंधित व्यक्तियों को लगातार धमकाया जा रहा था तथा बयान बदलने एवं न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध पृथक से धारा 296, 351(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
तीन दशकों से अधिक समय से गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है आरोपी
आरोपी रज्जाक अली के विरुद्ध थाना कोतवाली, करतला, उरगा सहित जिले के विभिन्न थानों में विगत लगभग तीन दशकों से हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, आगजनी, अवैध हथियार रखने, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स एक्ट, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं संपत्ति संबंधी अपराध सहित अनेक गंभीर अपराध दर्ज हैं।
जिला बदर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों, समाज में भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित करने तथा लोक शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों को देखते हुए कोरबा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध जिला बदर (Externment) हेतु प्रतिवेदन तैयार कर जिलाधीश कार्यालय भेजा गया है।
साथ ही उपलब्ध तथ्यों एवं आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है।
कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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