हमारे श्रमिक हैं राष्ट्र के ऊर्जा प्रहरी : हरीश दुहन
बिलासपुर/कोरबा। अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मुख्य आतिथ्य, निदेशक तकनीकी संचालन एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (योजना-परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, पूर्व निदेशक (एच आर) आर. एस. सिंह, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपालनारायण सिंह (एसईकेएमसी), वी. एम. मनोहर (सीटू), एके खुल्लर (सीएमओएआई) के विशिष्ट आतिथ्य, एसईसीएल कल्याण मंडल के महेंद्र पाल सिंह (बीएमएस), बजरंगी शाही (एचएमएस), अमृत लाल विश्वकर्मा (सीटू) एसईसीएल सुरक्षा समिति के संजय सिंह (बीएमएस), आनंद मिश्रा (एचएमएस), बी. धर्माराव (एटक), इंद्रदेव चौहान (सीटू), जीएस प्रसाद (सीएमओएआई), सिस्टा अध्यक्ष एआर सिदार, सिस्टा महासचिव आर.पी. खाण्डे, ओपी नवरंग कौंसिल अध्यक्ष, ए विश्वास महासचिव कौंसिल, श्रद्धा महिला मण्डल उपाध्यक्षागण श्रीमती अनीथा फ्रेंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास, श्रीमती विनीता जैन, श्रीमती शुभश्री महापात्र एवं अन्य सम्माननीय सदस्याओं, क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधकों/महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में दिनांक 01-05-2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर स्थित आडिटोरियम में खनिक दिवस का आयोजन किया गया ।
प्रारंभ में मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया गया उपरांत इसके पश्चात कोलइण्डिया कारपोरेट गीत बजाया गया। मुख्य अतिथि तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गयी उपरान्त वन्दे मातरम गान बजाया गया । कार्यक्रम में शहीद श्रमवीरों के सम्मान में समस्त उपस्थितों द्वारा दो मिनट का मौन रखा गया । संकल्प का पठन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन द्वारा किया गया जिसे समस्त उपस्थितों ने दोहराया उपरांत मंचस्थ अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, कल्याण मण्डल, त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति, सिस्टा के सदस्यों का पुष्पहार, शाल, श्रीफल से सम्मान किया गया । स्वागत उद्बोधन संजीव एम सिंह महाप्रबंधक (उत्पादन) ने प्रस्तुत किया । कार्यक्रम में माननीय केन्द्रीय कोयला मंत्री के सन्देश का पठन डा. सनीश चन्द्र जनसंपर्क अधिकारी ने किया । इस अवसर पर खनिको को समर्पित विशेष टेबलाय का विमोचन मंचस्थ अतिथियों दवारा किया गया
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को खनिक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारे श्रमिक हैं राष्ट्र के ऊर्जा प्रहरी । उन्होंने कहा आज का दिन केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है वरन उस हाथ को प्रणाम करने का दिन है जो धरती के भीतर से ऊर्जा निकालकर देश को रौशन करता है । एसईसीएल की असली पहचान मशीन, माइंस, उत्पादन या आंकड़े नहीं है, एसईसीएल की असली पहचान हमारा कामगार, हमारा माइनर, हमारा सुपरवाइजर, हमारा कांट्रेक्ट वर्कर, हमारी महिला शक्ति, और हर वह परिवार है जो इस कठिन सेवा के पीछे खडा है । उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा होता है तब हमारे खदानों में शिफ्ट बदलती है, जब शहरों में रोशनी जलती है तब कहीं कोई कामगार पसीना बहा रहा होता है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एसईसीएल की हर उपलब्धि के पीछे किसी कामगार की मेहनत, किसी परिवार का त्याग और किसी टीम का अनुशासन है ।
श्रमवीर पुरस्कृत हुए
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशक तकनीकी संचालन सह योजना-परियोजना एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (योजना-परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, पूर्व निदेशक (एच आर) आर. एस. सिंह, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपालनारायण सिंह (एसईकेएमसी), वी. एम. मनोहर (सीटू), एके खुल्लर (सीएमओएआई) के करकमलों से निम्न को पुरस्कृत किया गया:- एरिया परफारमेन्स-ग्रुप-ए-प्रथम-दीपका एरिया, द्वितीय-रायगढ़ एरिया, तृतीय-कुसमुंडा एरिया रहा। ग्रुप-बी-प्रथम- जमुना कोतमा एरिया, द्वितीय- भटगांव एरिया, तृतीय- कोरबा एरिया रहा। ग्रुप-सी-प्रथम-हसदेव एरिया, द्वितीय-चिरमिरी एरिया, तृतीय-बैकुंठपुर एरिया रहा।
सीएसआर अवार्ड-प्रथम-एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर, द्वितीय-बैकुंठपुर क्षेत्र, तृतीय-गेवरा क्षेत्र रहा। क्वालिटी आफ लाईफ अवार्ड-प्रथम दीपका क्षेत्र, द्वितीय-सोहागपुर क्षेत्र, तृतीय-बिश्रामपुर क्षेत्र रहा। इन्वायरमेंट मैनेजमेंट अवार्ड-प्रथम-दीपका क्षेत्र, द्वितीय-सोहागपुर क्षेत्र, तृतीय-रायगढ़ क्षेत्र रहा। प्रोजेक्ट डेव्हलपमेंट माईलस्टोन एचीवमेन्ट अवार्ड-प्रथम-रायगढ़ क्षेत्र, द्वितीय-जमुना कोतमा क्षेत्र, तृतीय-दीपका क्षेत्र, चतुर्थ-सोहागपुर क्षेत्र, पंचम-जोहिला क्षेत्र रहा। सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड-प्रथम-जमुना कोतमा क्षेत्र, द्वितीय-जोहिला क्षेत्र, तृतीय-बिश्रामपुर क्षेत्र रहा। एचआरडी अवार्ड-प्रथम- सोहागपुर क्षेत्र, द्वितीय- हसदेव क्षेत्र, तृतीय-जोहिला क्षेत्र रहा। पब्लिक रिलेशन्स अवार्ड-प्रथम-बैकुंठपुर क्षेत्र, द्वितीय-गेवरा क्षेत्र, तृतीय-सोहागपुर क्षेत्र रहा। राजभाषा अवार्ड- प्रथम-कोरबा क्षेत्र, द्वितीय-भटगांव क्षेत्र, तृतीय-दीपका क्षेत्र रहा। इण्डस्ट्रियल रिलेशन्स अवार्ड-प्रथम- मुख्यालय बिलासपुर, द्वितीय- दीपका क्षेत्र, तृतीय- कोरबा क्षेत्र रहा। समन्वय पुरस्कार-श्रद्धा महिला मण्डल बिलासपुर को प्राप्त हुआ । महिला मंडल में प्रथम-सृष्टि महिला समिति कोरबा, द्वितीय-जागृति महिला समिति हसदेव एवम सम्पदा महिला समिति चिरमिरी, तृतीय-उर्जा महिला समिति कुसमुंडा एवम शिवानी महिला समिति बिश्रामपुर रही। इनोवेशन अवार्ड- हसदेव क्षेत्र, दीपका क्षेत्र, सीडब्ल्यूएस कोरबा, सीईडब्ल्यूएस गेवरा, सतर्कता विभाग मुख्यालय बिलासपुर को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर निदेशक मण्डल द्वारा सर्वोत्कृष्ठ खनिक सम्मान से एसईसीएल के प्रथम पुरूष हरीश दुहन को शाल, श्रीफल, पुष्प प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूर्व निदेशक (एचआर) आर. एस. सिंह ने अपने सम्बोधन में इस कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने पर घन्यवाद देते हुए कहा कि यहाँ के श्रेष्ठ नेतृत्व व कर्मठ कर्मवीरों के बलबूते निश्चय ही अपने गौरवशाली सफलता के इतिहास को दोहराएगा। उन्होंने एसईसीएल एवं इसमें कार्यरत कर्मियों को सपरिवार उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। एसईसीएल संचालन समिति के एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपालनारायण सिंह (एसईकेएमसी), वी. एम. मनोहर (सीटू), एके खुल्लर (सीएमओएआई) ने अपने उद्बोधन में श्रमिक दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कंपनी की प्रगति में यथोचित सहयोग का आश्वासन दिया, साथ ही उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन द्वारा श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
इसके पूर्व एसईसीएल मुख्यालय प्रांगण में मुख्य अतिथि एवम विशिष्ट अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए उपरांत अंबेडकर प्रतिमा व खनिक प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित किए । कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व वरुण शर्मा, प्रबन्धक (एचआर) एवं मिताली तिवारी मुख्य प्रबन्धक (ईएंडएम) ने निभाया। कार्यक्रम के अंत में मंचस्थ अतिथियों के करकमलों से विभिन्न केटेगरी के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (एचआर-श्रमशक्ति) एस. परीदा द्वारा दिया गया।
कोरबा। कोरबा के बांकीमोंगरा में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मारपीट के 4 और SECL बांकी खदान नंबर-4 में डकैती के 2 आरोपी शामिल हैं।
मारपीट के मामले में आरोपियों ने शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे थे। वहीं, खदान में नकाबपोश बदमाशों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर लोहे के रैक और पाइप काटकर चोरी किए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 नवंबर को जेल भेज दिया।
शराब पीने के लिए मांगे 500 रुपए, मना करने पर बेल्ट से पीटा
पहले मामले में सूरज कुमार बिंझवार ने 1 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी दिनेश कुमार बिंझवार के साथ देसी शराब भट्ठी से लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे।
पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बेल्ट और हाथ-मुक्कों से दोनों की पिटाई की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत BNS की धारा 296, 351(3), 119(1) और 191(2) में केस दर्ज किया।
मारपीट के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समीर कुर्रे (19), आशीष कुमार पाटले (29), अमन कुमार कुर्रे (24) और हेमलाल कुर्रे (42) को गिरफ्तार किया। चारों मोंगरा बस्ती, बांकीमोंगरा के रहने वाले हैं। समीर कुर्रे के पास से घटना में इस्तेमाल बेल्ट भी जब्त की गई। चारों को 2 नवंबर को जेल भेज दिया गया।
SECL खदान में चौकीदारों को बनाया बंधक
दूसरे मामले में सुरक्षा गार्ड व्यासनारायण चौहान ने 28 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 26 और 27 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1 बजे 10 से 12 नकाबपोश लोग SECL बांकी खदान नंबर-4 में घुस गए।
आरोपियों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद गैस कटर से स्टोर में रखे लोहे के रैक और पाइप काटकर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 28 हजार रुपए बताई गई है।
पिकअप, गैस कटर और ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त
पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत BNS की धारा 310(2), 127(2), 317(3) और 317(5) में केस दर्ज किया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राहुल विश्वकर्मा (22) और आकाश साहू (20) को गिरफ्तार किया गया।
राहुल पिकअप चालक है, जबकि आकाश कबाड़ दुकान संचालित करता है। पुलिस ने उनके पास से पिकअप वाहन (CG 12 BJ 6180), गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और 2 मोबाइल फोन जब्त किए। दोनों आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया।
कोरबा। कोरबा में पटवारियों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रही। जिलाध्यक्ष को निलंबित करने और 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस देने के बाद भी वे घंटाघर धरना स्थल पर डटे रहे। हड़ताल के कारण राजस्व से जुड़े काम और गिरदावरी रुकी हुई है। इससे 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर भी असर पड़ने की आशंका है।
पटवारी 13 अक्टूबर से अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। कोरबा जिले के पटवारी भी घंटाघर धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो रहे हैं।
जिलाध्यक्ष निलंबित, 175 पटवारियों को नोटिस
शासन के निर्देश पर प्रशासन ने रविवार से कार्रवाई शुरू की। बलरामपुर जिले में 5 और कोरबा में एक पटवारी को निलंबित किया गया। कोरबा में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को कलेक्टर ने निलंबित किया है।
प्रशासन के मुताबिक, शासकीय काम में लापरवाही और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई।
कोरबा जिले के 254 हल्कों में 201 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें से हड़ताल में शामिल 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को कार्यालय समय खत्म होने तक किसी ने जवाब नहीं दिया और न ही कोई काम पर लौटा।
पटवारियों ने कहा- कार्रवाई से नहीं डरेंगे
धरना स्थल पर पटवारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और हड़ताल जारी रखेंगे।
संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं। इसके बावजूद शासन उनकी मांगें पूरी करने के बजाय दमनात्मक नीति अपना रहा है।
जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई
प्रधान ने कहा कि जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती। इसी वजह से पटवारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
पटवारियों की चार प्रमुख मांगों में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना और 2017 के वेतन संशोधन से पैदा हुई वेतन विसंगति दूर करना शामिल है।
कोरबा। कोरबा में त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ने के बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य पदार्थों के सैंपलों में से करीब 20 जांच में फेल पाए गए।
यानी लगभग 17% सैंपल अमानक मिले। इस सूची में शहर के कुछ नामी प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
120 में करीब 20 सैंपल अमानक
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने बीते 10 महीनों में 120 नमूने लिए। इनमें से करीब 20 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह आंकड़ा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर सवाल खड़े करता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत के अनुसार, अमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस साल की गई कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपए, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपए, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपए और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है।
मिलावट पर सजा और जुर्माने का प्रावधान
अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उनके अनुसार, खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है।
स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होने की स्थिति में 1 लाख रुपए और गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। उपभोक्ता की मृत्यु होने पर उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माने की बात भी कही गई है।
संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई
कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।