Connect with us

देश

देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6% रहने का अनुमान: एसबीआई रिसर्च

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं रुपए की विनिमय दर में गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए भुगतान संतुलन के मोर्चे पर व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है। एसबीआई रिसर्च की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के समय में बाह्य तत्वों और अनियंत्रित सट्टेबाजी के कारण रुपए के मूल्य में काफी गिरावट आई है। इसके लिए भुगतान संतुलन के मोर्चे पर संरचनात्मक बदलावों की आवश्यकता है। 

इसमें आयात प्रतिस्थापन, निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकरण के सुरक्षा उपायों को व्यवस्थित करना शामिल है। पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95 प्रति डॉलर का आंकड़ा पार कर गया है। एसबीआई रिसर्च ने कहा, ”भुगतान संतुलन (बीओपी) की समस्या से निपटने के लिए नीतियों के स्तर पर एक व्यापक पैकेज लागू करने की अब जरूरत है।” 

इस मामले में प्रवासी बॉन्ड यानी विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए बॉन्ड जारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर से ऊपर रहने और परिवहन एवं बीमा लागत में भारी वृद्धि के कारण देश की वृहद आर्थिक बुनियाद पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भुगतान संतुलन की स्थिति को सुधारने के लिए उपाय करना आवश्यक है। 

रिपोर्ट कहती है, ”…यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95 के स्तर पर है, तो अर्थव्यवस्था का आकार घटकर 4,040 अरब डॉलर हो जाएगा और 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना वित्त वर्ष 2029-30 में ही साकार हो पाएगा।” एसबीआई रिसर्च के अनुसार, भले ही कभी-कभार ही सही रुपये में तेज गिरावट और अत्यधिक अस्थिरता निवेशकों के भरोसे को कम कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया, विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए बॉन्ड को पूंजी, रिटर्न, अवधि और परिपक्वता के साथ कर-अनुकूल व्यवहार के संदर्भ में उचित रूप से समायोजित किया जाना चाहिए।

एसबीआई रिसर्च का यह सुझाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा बचाने, ईंधन का सूझबूझ के साथ उपयोग करने, सोने की खरीद स्थगित करने और एक वर्ष के लिए विदेश यात्रा टालने की आवश्यकता बताये जाने के बाद आया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक आयात से पूरा करता है। इस बीच, एसबीआई रिसर्च ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है। वहीं 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।” 

भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 29 मई, 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक जीडीपी के अस्थायी अनुमानों के साथ-साथ जनवरी-मार्च तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी करेगा। 

Continue Reading

देश

पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी, यहां चेक करें प्रमुख शहरों का भाव

Published

on

मुंबई, एजेंसी। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फिलहाल आम लोगों को राहत मिलती दिखाई दे रही है। तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) हर दिन सुबह 6 बजे ईंधन के नए रेट जारी किए लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

Middle East तनाव से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ी है, क्योंकि दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। यदि यहां शिपमेंट प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

घरेलू ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं
हालांकि, भारत सरकार और तेल कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल घरेलू ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। कंपनियां बाजार के उतार-चढ़ाव का कुछ असर खुद वहन कर सकती हैं ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक बोझ न पड़े।

आज देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम
नई दिल्ली –  94.77 रुपए प्रति लीटर
मुंबई –  103.54 रुपए प्रति लीटर
कोलकाता – 105.45 रुपए  प्रति लीटर
चेन्नई –  100.85  रुपए प्रति लीटर
नोएडा –  95.05  रुपए प्रति लीटर
गुरुग्राम –  95.65  रुपए प्रति लीटर
बेंगलुरु –  102.96  रुपए प्रति लीटर
हैदराबाद –  107.46  रुपए प्रति लीटर
जयपुर –  104.56  रुपए प्रति लीटर
लखनऊ –  94.73  रुपए प्रति लीटर
पटना –  105.23  रुपए प्रति लीटर
चंडीगढ़ –  94.30  रुपए प्रति लीटर
भुवनेश्वर –  101.11  रुपए प्रति लीटर
तिरुवनंतपुरम –   107.48  रुपए प्रति लीटर

आज डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली –  87.67  रुपए प्रति लीटर
मुंबई –  90.03  रुपए प्रति लीटर
कोलकाता –  92.02  रुपए प्रति लीटर
चेन्नई –  92.40  रुपए प्रति लीटर
नोएडा –  88.19  रुपए प्रति लीटर
गुरुग्राम –  88.10  रुपए प्रति लीटर
बेंगलुरु –  90.99  रुपए प्रति लीटर
हैदराबाद –  95.70  रुपए प्रति लीटर
जयपुर –  90.07  रुपए प्रति लीटर
लखनऊ –  87.86  रुपए प्रति लीटर
पटना –  91.49  रुपए प्रति लीटर
चंडीगढ़ –  82.45  रुपए प्रति लीटर
भुवनेश्वर –  92.69  रुपए प्रति लीटर
तिरुवनंतपुरम –  96.48  रुपए प्रति लीटर

प्रीमियम ईंधन हुआ महंगा
तेल कंपनियों ने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में भी बदलाव किया है। इंडियन ऑयल के XP100 पेट्रोल की कीमत में ₹11 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। अब इसकी कीमत करीब ₹160 प्रति लीटर पहुंच गई है। यह ईंधन मुख्य रूप से लग्जरी कारों और हाई-परफॉर्मेंस बाइकों में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा Xtra Green डीजल की कीमत भी बढ़ाई गई है, जो अब लगभग ₹92.99 प्रति लीटर हो गई है।

क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार और OMCs उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही हैं।

Continue Reading

देश

हफ्ते की शुरुआत में बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट से निवेशकों में घबराहट

Published

on

मुंबई, एजेंसी। रविवार को पीएम मोदी के गोल्ड न खरीदने की अपील के बाद आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट बढ़ गई और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बड़े इंडेक्स भारी गिरावट के साथ कारोबार करने लगे। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता ने बाजार पर दबाव बनाया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 900 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 250 अंकों से अधिक फिसल गया। शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए।

बाजार खुलते ही बढ़ी गिरावट
30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,328 के मुकाबले करीब 76,600 के स्तर पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में इसमें और गिरावट आई और इंडेक्स लगभग 944 अंक टूटकर 76,300 के आसपास पहुंच गया।

वहीं, निफ्टी 50 भी पिछले बंद 24,176 से नीचे खुला और शुरुआती कारोबार में 23,900 के करीब पहुंच गया। बाजार में तेज बिकवाली के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आया।

बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
1. Middle East Tension से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता फिर बढ़ गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा और निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी।

2. Crude Oil Prices में तेज उछाल
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ता है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है।

3. निवेशकों में बढ़ा डर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, ग्लोबल अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है।

सभी सेक्टर में बिकवाली
सोमवार की गिरावट में आईटी, बैंकिंग, फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:

  1. TCS
  2. Infosys
  3. Tech Mahindra
  4. ICICI Bank
  5. Kotak Mahindra Bank
  6. Tata Steel
  7. Sun Pharma
  8. ITC

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ग्लोबल तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।

Continue Reading

देश

पश्चिम एशिया संकट पर भारत अलर्ट, राजनाथ सिंह ने मंत्रियों साथ की हाईलेवल मीटिंग

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर नज़र रखने के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (IGoM) की बैठक की अध्यक्षता की।

आप को बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी के बीच एडहेसिव (चिपकाने वाले उत्पाद) और निर्माण रसायन बनाने वाली कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज कीमतों में एक और दौर की वृद्धि पर विचार कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक सुधांशु वत्स ने यह जानकारी दी। फेविकोल, डॉ. फिक्सिट, फेवीक्विक और एम-सील जैसे ब्रांड की मालिक कंपनी अप्रैल और मई में पहले ही दो बार कीमतें बढ़ा चुकी है। वत्स ने कंपनी के तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा कि कंपनी के कच्चे माल की लागत, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों पर आधारित है, पश्चिम एशिया संकट के कारण भारित औसत आधार पर 40-50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677