Connect with us

कुसमुंडा

12 वर्षों का अन्याय और प्रशासन की वादाखिलाफी, गेवरा बस्ती के ग्रामीण 21 मई से करेंगे अनिश्चितकालीन खदान बंदी

Published

on

कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेवरा बस्ती के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। पिछले 12 वर्षों से अपनी जमीन रोजगार और उचित बसाहट के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रशासन और प्रबंधन को सौंपे गए अल्टीमेटम के अनुसार यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 21 मई 2026 से कुसमुंडा खदान का चक्का पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा ।

आश्वासनों का जाल और 12 साल का वनवास

ग्रामीणों का आरोप है कि 13 मई 2014 से उनकी जमीनों पर स्टे लगाया गया और 18 जुलाई 2018 को अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन आज तक न तो मुआवजा मिला, न ही नौकरी और बसाहट। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा- हम अपने ही घरों में कैदी बन गए हैं। जमीन पर स्टे होने के कारण हम न उसे बेच पा रहे हैं और न ही बच्चों की शादी या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक व्यवस्था कर पा रहे हैं ।

जल संकट और खेती की तबाही

विज्ञप्ति के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि खदान के विस्तार के कारण क्षेत्र का जलस्तर गिर चुका है, खेती पूरी तरह चौपट हो गई है और पीने के पानी की भारी किल्लत है। एसईसीएल प्रबंधन न तो पानी की व्यवस्था कर रहा है और न ही फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति दे रहा है ।

प्रमुख मांगें:-

12 वर्षों से लंबित मुआवजे का तत्काल भुगतान ।

प्रभावित युवाओं को नियमानुसार स्थायी रोजगार ।

बुनियादी सुविधाओं से युक्त बसाहट स्थल का चयन और पुनर्वास ।

खेती और पानी के नुकसान की उचित क्षतिपूर्ति ।

प्रबंधन को अंतिम चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले सात महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और पत्राचार कर रहे हैं। अधिकारी बार-बार आश्वासन देते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके ग्रामीण मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं ।

गेवरा बस्ती के ग्रामीणों ने कहा कि अब और आश्वासन नहीं समाधान चाहिए। अगर 15 दिन में हमारी समस्याएँ हल नहीं हुईं तो होने वाले उग्र आंदोलन और खदान बंदी की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

Continue Reading

कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा में कोयला मजदूर पंचायत (HMS) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, लिये गए कई बड़े फैसले, मजदूर हित सर्वोपरि

Published

on

​कोरबा/कुसमुंडा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कुसमुंडा क्षेत्र में 29 जुलाई को कोयला मजदूर पंचायत (HMS) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आवश्यक बैठक संपन्न हुई। यह बैठक हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष व कोयला मजदूर पंचायत (केंद्रीय) के अध्यक्ष रेशम लाल यादव एवं केंद्रीय महामंत्री विनय कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित की गई ।

​बैठक में संगठन की मजबूती और मजदूर हितों को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए जिसने क्षेत्र की श्रमिक राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है ।

भेदभाव और परिवारवाद के खिलाफ नाराजगी, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने छोड़ी सभा

​इस बैठक के दौरान कुसमुंडा क्षेत्र में कोयला मजदूर सभा (HMS) को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब संगठन के क्रियाकलापों आंतरिक भेदभाव वित्तीय अनियमितताओं और हावी हो चुके परिवारवाद से असंतुष्ट होकर सैकड़ों पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से कोयला मजदूर सभा का परित्याग कर दिया इन सभी साथियों ने पूरी निष्ठा के साथ कोयला मजदूर पंचायत (HMS) की सदस्यता ग्रहण की।

​केंद्रीय अध्यक्ष रेशम लाल यादव एवं महामंत्री विनय कुमार सिंह ने संगठन में शामिल हुए सभी साथियों का फूल-माला पहनाकर ससम्मान स्वागत किया और उन्हें पार्टी की मुख्यधारा में शामिल किया ।

​मजदूर हित सर्वोपरि, एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में होगा दौरा

​बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष एवं महामंत्री ने संगठन के उद्देश्यों और विचारों को विस्तार से साझा किया उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हमारे संगठन के लिए मजदूर हित सर्वोपरि है श्रमिकों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा ​इसके साथ ही बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया कि कोयला मजदूर पंचायत की क्षेत्रीय कमेटियों द्वारा जल्द ही एसईसीएल (SECL) के सभी क्षेत्रों का सघन दौरा किया जाएगा और नई कमेटियों का गठन कर संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जाएगा ।

इन्होंने ली सदस्यता (प्रमुख नाम):-

​कोयला मजदूर पंचायत की नीति और नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कुसमुंडा क्षेत्र से मिलन पाण्डेय मनोज सिंह राजदेव सिंह सुशील साहू सरफराज अहमद संतान सोभन दास साहू अभिलाष मिश्रा राजू राजभर विजय गुप्ता जनार्दन यादव उत्तम दास विजय साहू जीवनलाल साहू किरण कुमार विनोद यादव अभिजीत भारद्वाज, दिनेश कुमार भूपेंद्र यादव कमल यादव जयप्रकाश यादव श्रवण कुमार योगेश राजेंद्र सहित सैकड़ों श्रमिक साथियों ने संगठन का दामन थामा ।

​नए शामिल हुए सदस्यों ने संकल्प लेते हुए कहा कि वे सभी कोयला मजदूर पंचायत में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे और संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे ।

​बैठक में ये रहे उपस्थित:-

​इस महत्वपूर्ण बैठक में गेवरा दीपका एवं कुसमुंडा क्षेत्र के कोयला मजदूर पंचायत के वरिष्ठ पदाधिकारी संजय सिंह जुगनू खान गजेंद्र सिंह तंवर तरुण राहा अनिरुद्ध सिंह एस. डी. मानिकपुरी एस. सी. मंसूरी उड्डयन रविन्द्र स्वर्णकार बसंत कुमार राजन कुमार सोनू राम आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

Continue Reading

कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा खदान में डंपर पलटा, कर्मचारी की मौत:आक्रोशित कर्मचारियों ने हड़ताल की, मैनेजर हटाने और परिजन को अनुकंपा नियुक्ति की मांग

Published

on

कोरबा/कुसमुंडा । कोरबा जिले की SECL की कुसमुंडा खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मिट्टी अनलोड करते समय 60 टन क्षमता का डंपर अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में गिर गया।

हादसे में डंपर चालक और विभागीय कर्मचारी सत्यनारायण (38) की मौत हो गई। घटना के बाद खदानकर्मियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।

मिट्टी अनलोड करते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, सत्यनारायण शनिवार रात करीब 1 बजे कुसमुंडा खदान के खोदरी फेस में डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन की एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कर्मचारी की मौत हो चुकी थी। मृतक कुसमुंडा स्थित पंप हाउस कॉलोनी के SECL क्वार्टर जी-25 में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और चार छोटे बच्चे हैं।

कर्मचारियों ने काम बंद कर शुरू की हड़ताल

घटना से नाराज कर्मचारियों ने रविवार सुबह खोदरी फेस में काम बंद कर दिया और हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों का आरोप है कि खदान प्रबंधन और मैनेजर कैलाशचंद बल लगातार काम का दबाव बनाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और समस्याओं पर ध्यान नहीं देते।

उनका कहना है कि खदान में सुरक्षा उपकरण और इंतजाम नाकाफी हैं, और मैनेजर का व्यवहार भी कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है। सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है।

मैनेजर को हटाने और अनुकंपा नियुक्ति की मांग

हड़ताली कर्मचारियों ने खदान प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मैनेजर कैलाशचंद बल को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को सात दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति और उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Continue Reading

कुसमुंडा

अधिकारों की लड़ाई होगी तेज, RCWF के आह्वान पर 12 जून को कुसमुंडा में जुटेगा ठेका मजदूर और भूविस्थापितों का महासैलाब

Published

on

महासभा को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने बैठक कर तैयार की रणनीति, सौंपी गई जिम्मेदारियां

कोरबा/कुसमुंडा। कोयला खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में ठेका मजदूरों व भूविस्थापितों के अधिकारों के दमन सुरक्षा में अनदेखी और उनके वाजिब हक को दबाने की कोशिशों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का शंखनाद होने जा रहा है। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर आगामी 12 जून 2026 दिन शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से कुसमुंडा के महतारी अंगना मैदान पर एक विशाल ठेका मजदूर और भूविस्थापित महासभा का आयोजन किया जा रहा है ।

इस महासभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए आयोजकों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें क्षेत्र के सभी जिम्मेदार साथियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ।

शोषण के खिलाफ एक मंच पर आएंगे श्रमिक और भूविस्थापित

बैठक के दौरान आयोजकों ने तीखे शब्दों में कहा कि कोयला खदानों सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े ठेका मजदूरों और भूविस्थापितों का प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है, उनके अधिकारों सुरक्षा व्यवस्था और वाजिब हक को बेरहमी से कुचला जा रहा है। इस महासभा का मुख्य उद्देश्य सभी ठेका मजदूरों और भूविस्थापितों को एक मजबूत मंच पर लाना है, ताकि प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ उनके हक व अधिकार की लड़ाई को और तेज व निर्णायक बनाया जा सके ।

तैयारियों को लेकर सौंपी गई जिम्मेदारियां, बैठक में रहे मौजूद

महासभा की सफलता के लिए रणनीति बनाने हेतु आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के प्रबुद्ध और जिम्मेदार नागरिकों व श्रमिक नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रमुख रूप से कैलाश साहू, विनोद सारथी, अशोक पटेल, विष्णु प्रसाद, गोविंदा सारथी, राजेन्द्र पटेल, संतोष चौहान, ललित महिलांगे, कान्हा, प्रकाश जायसवाल, राजू पटेल, नरेश महंत, हेमंत नामदेव, प्रमोद चंद्रा, उदय पटेल, सुरेश पटेल, रामकुमार चन्द्रा, रामकुमार, आनंद यादव, गणेश दास, विजय महंत, अनिल कंवर, देवनाथ नामदेव, बोधन चौहान, अशोक देवांगन, जितेन्द्र साहू, कान्हा, अहीर, तेरस लाल, लखन लाल सहित बड़ी संख्या में अन्य साथी उपस्थित थे ।

आयोजकों की अपील

आयोजक समिति ने कुसमुंडा और आसपास के सभी ठेका श्रमिकों भूविस्थापितों और प्रभावित नागरिकों से अपील की है कि वे 12 जून को दोपहर 3:00 बजे अधिक से अधिक संख्या में कुसमुंडा महतारी अंगना पहुंचकर अपनी एकजुटता का परिचय दें और अपने अधिकारों की इस आवाज को बुलंद करें ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677