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JSW एनर्जी का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 38% बढ़कर 574 करोड़ रुपए

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नई दिल्ली, एजेंसी। जेएसडब्ल्यू एनर्जी का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 38 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 574 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में शुद्ध मुनाफा 415 करोड़ रुपए था। जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसका कुल राजस्व 3,497 करोड़ रुपए के मुकाबले बढ़कर 4,851 करोड़ रुपए हो गया। 

कंपनी के निदेशक मंडल ने 10 रुपए के प्रत्येक शेयर पर दो रुपए (20 प्रतिशत) का लाभांश देने की भी सिफारिश की। जनवरी-मार्च तिमाही में स्थापित क्षमता 118 मेगावाट बढ़कर 13.45 गीगावाट हो गई। इसकी मुख्य वजह नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि रही। पिछले 12 महीनों में कुल 2,579 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई जिसमें ओ2 पावर के अधिग्रहण के माध्यम से 1,343 मेगावाट की बाहरी क्षमता भी शामिल है। कुल स्थापित क्षमता में 7,796 मेगावाट (58 प्रतिशत) नवीकरणीय ऊर्जा और 5,658 मेगावाट (42 प्रतिशत) तापीय ऊर्जा शामिल है। वर्तमान में कुल सुनिश्चित उत्पादन क्षमता 32.1 गीगावाट है। 

समीक्षाधीन तिमाही में बिजली बिक्री 48 प्रतिशत बढ़कर 7.9 अरब यूनिट से बढ़कर 11.7 अरब यूनिट पर पहुंच गई। तापीय उत्पादन 43 प्रतिशत बढ़कर 6.2 अरब यूनिट से 8.8 अरब यूनिट हो गया। नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 68 प्रतिशत बढ़कर 1.7 अरब यूनिट से 2.9 अरब यूनिट तक पहुंच गया। कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शरद महेंद्र ने कहा, ”वित्त वर्ष 2025-26 हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि हमने ‘स्ट्रैटेजी 3.0’ के लक्ष्यों को वास्तविक व्यावसायिक परिणामों में बदला। हमने 2.6 गीगावाट क्षमता जोड़ी…” समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 2,762 करोड़ रुपए हो गया जो पिछले 2024-25 में 1,983 करोड़ रुपए था। वहीं कुल राजस्व भी 12,639 करोड़ रुपए से बढ़कर 19,878 करोड़ रुपए हो गया।  

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सनातन धर्म विभाजनकारी है, इसे ‘समाप्त’ किया जाना चाहिए: उदयनिधि स्टालिन ने फिर उगला जहर

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चेन्नई, एजेंसी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को दावा किया कि सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उन्होंने इसे ‘समाप्त’ करने का आह्वान किया। उदयनिधि इससे पहले सितंबर 2023 में भी इस तरह का बयान दे चुके हैं। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण में द्रमुक नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष, तमिल प्रार्थना गीत ”तमिल थाई वझुथु” को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। 

‘सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है
उन्होंने सदन में अपने भाषण में कहा, ”सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।” इससे पहले उदयनिधि ने 2023 में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी जिससे एक बड़ा विवाद पैदा हो गया था। उन्हें हिंदू समर्थक संगठनों की आलोचना का शिकार होना पड़ा और उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज कराए गए थे। उदयनिधि ने नयी सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में एक विशिष्ट शिकायत को उजागर करते हुए कहा कि राज्य के गीत को उसकी पारंपरिक प्राथमिकता के बजाय क्रम में तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया। 

 ‘तमिल थाई वझथु’ को हमेशा प्रथम स्थान देना होगा 
विपक्ष के नेता ने कहा, ”…आपकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई ऐसी घटना एक गलती थी और आपको इस विधानसभा में इसे दोबारा होने नहीं देना चाहिए। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा कि न केवल विधानसभा में, बल्कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम या तमिलनाडु में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में, ‘तमिल थाई वझथु’ को हमेशा प्रथम स्थान दिया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता ने कहा, ”मैं इस सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस पर कभी समझौता न हो। हमें अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए बहुत सतर्क रहना होगा।

परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में आक्रोश 
उन्होंने दावा किया कि इस परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में काफी आक्रोश है और उन्हें सदमा लगा है। उन्होंने सदन को 2023 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब सरकार ने राज्यपाल द्वारा प्रोटोकॉल में बदलाव करने के प्रयासों का विरोध किया था। द्रविड़ मॉडल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के प्रदर्शन पर नजर रखता रहेगा ताकि ”सब के लिए सब कुछ” के सिद्धांत को बरकरार रखा जाए। 

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जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी: अखिलेश

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लखनऊ, एजेंसी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। इसे लेकर अब सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी। इस समाचार से लाखों बच्चों और उनके करोड़ो परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुध्द बेहद आक्रोश और हताशा है। 

जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा लीक होती रहेगी
उन्होंने आगे लिखा जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी। जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा होती रहेगी लीक, भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली होगी ठीक। भाजपा सरकार मतलब नाकाम सरकार!

एफएआईएमए ने कार्रवाई की उठाई मांग 
आप को पेपर लीक मामले को लेकर ‘द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’ (एफएआईएमए) ने मंगलवार को मांग की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र “लीक” होने से जुड़े मामले की समयबद्ध जांच की जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे चकनाचूर 
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आरोपों की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। एफएआईएमए ने कहा कि इस घटनाक्रम ने उन लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे को चकनाचूर कर दिया है, जिन्होंने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वर्षों से कड़ी मेहनत और त्याग किया।

ऐसी विफलताएं गंभीर कमियों को उजागर करती हैं
एफएआईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जयदीप कुमार चौधरी ने कहा, “बार-बार सामने आने वाली ऐसी विफलताएं देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक के संचालन के लिए जिम्मेदार तंत्र में गंभीर कमियों को उजागर करती हैं।” डॉ. चौधरी ने कहा कि एफएआईएमए “चिकित्सा शिक्षा में योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता” से समझौता करने वाले किसी भी कृत्य की निंदा करता है और इस मामले की “तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच” की मांग करता है। उन्होंने कहा, “हम इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति या संगठन की कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करने और उन्हें कठोर सजा देने की मांग करते हैं।

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UAE से लेकर यूरोप तक…5 देशों के दौरे पर जाएंगे PM मोदी, जानें प्रधानमंत्री की यात्रा का पूरा शेड्यूल

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नई दिल्ली, एजेंसी। वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से अपनी छह दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करना और रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देना है।

पहला पड़ाव यूएई: पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) होगा, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर वार्ता करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा। गौरतलब है कि यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और कल्याण पर भी विशेष चर्चा की उम्मीद है।

नीदरलैंड और स्वीडन: हाई-टेक और डिफेंस पर फोकस
अपनी यात्रा के दूसरे चरण में मोदी नीदरलैंड पहुँचेंगे, जहाँ राजा विलेम-अलेक्जेंडर और पीएम रॉब जेटेन के साथ रक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर मुहर लगेगी। इसके बाद वह स्वीडन के लिए रवाना होंगे, जहां एआई (AI), जलवायु परिवर्तन और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशे जाएंगे।

41 साल बाद नॉर्वे की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा बेहद खास होने वाली है, क्योंकि 1983 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला नॉर्वे दौरा होगा। यहां वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और क्लीन-ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं ‘नीली अर्थव्यवस्था’ (Blue Economy) को बढ़ावा देने पर चर्चा करेंगे। नॉर्वे के पीएम योनस गहर स्टोरे ने भारत को जलवायु और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में केंद्रीय भूमिका निभाने वाला देश बताया है।

इटली में मेलोनी के साथ बैठक
दौरे के अंतिम चरण में पीएम मोदी इटली जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे और अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ अहम वार्ता करेंगे। इस यात्रा से यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ भारत के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है।

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