विदेश
अमेरिका की मेयर निकली चीन की जासूस; जुर्म कबूला और छोड़ा पद, जानें क्या मिलेगी सजा
वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका में चीन से जुड़े कथित प्रभाव नेटवर्क को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आर्केडिया (Arcadia) शहर की मेयर आइलीन वांग (Eileen Wang) ने चीन सरकार के लिए अवैध एजेंट के रूप में काम करने के आरोप में दोष स्वीकार करने पर सहमति जताई है और अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
संघीय अधिकारियों के मुताबिक वांग पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी सरकार को जानकारी दिए बिना चीन सरकार के हित में काम किया और बीजिंग समर्थक सामग्री का प्रचार किया। अमेरिकी कानून के अनुसार किसी विदेशी सरकार के एजेंट के तौर पर काम करने से पहले इसकी सूचना देना जरूरी होता है।
58 वर्षीय वांग नवंबर 2022 में सिटी काउंसिल के लिए चुनी गई थीं। बाद में उन्हें रोटेशन व्यवस्था के तहत मेयर बनाया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार वांग और उनके सहयोगी याओनिंग ‘माइक’ सन ( Yaoning ‘Mike’ Sun) ने 2020 से 2022 के बीच चीन सरकार के अधिकारियों के निर्देश पर काम किया। दोनों ने “US News Center” नाम की वेबसाइट चलाई, जो चीनी-अमेरिकी समुदाय को लक्षित करती थी। आरोप है कि इस वेबसाइट पर चीन समर्थक प्रचार सामग्री प्रकाशित की जाती थी। माइक सन पहले ही इसी मामले में दोष स्वीकार कर चुके हैं और उन्हें चार साल की सजा सुनाई गई है। वह वांग के 2022 चुनाव अभियान के ट्रेजरर भी थे। संपर्क अधिकारियों ने कहा कि वांग का संपर्क जॉन शेन (John Chen) से भी था, जिन्होंने चीन सरकार के एजेंट के तौर पर काम करने का जुर्म कबूल किया था और उन्हें 20 महीने की जेल हुई थी।
वांग के वकीलों Jason Liang और Brian Sun ने बयान जारी कर कहा कि उनकी मुवक्किल आरोपों की गंभीरता समझती हैं और अपनी “व्यक्तिगत गलतियों” की जिम्मेदारी लेती हैं। बयान में कहा गया, “उन्हें अपने फैसलों पर पछतावा है और उन्होंने माफी मांगी है। आर्केडिया समुदाय के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ।” संघीय अधिकारियों के अनुसार यह अपराध गंभीर श्रेणी का है और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 10 साल तक की संघीय जेल हो सकती है। लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में वांग की पेशी होने वाली है और आने वाले हफ्तों में वह औपचारिक रूप से दोष स्वीकार कर सकती हैं। Arcadia लॉस एंजिलिस से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित शहर है, जहां बड़ी संख्या में एशियाई और विशेष रूप से चीनी मूल के लोग रहते हैं।
देश
Cannes रेड कार्पेट से सामने आई Alia Bhatt की पहली झलक, Disney Princess बनकर जीता लोगों का दिल…
कान/मुंबई, एजेंसी। 12 मई यानि आज रात को ओपनिंग सेरेमनी के साथ कान फेस्टिवल का आगाज होगा। देश-विदेश से बड़े-बड़े सितारें इस इवेंट में शिरकत करेंगे। हाल ही में कान फेस्टिवल से सबसे पहली तस्वीर आलिया भट्ट की आई है।


फ्लोरल ड्रेस में पहुंची आलिया
इन तस्वीरों में आप देख सकते हो आलिया भट्ट ने लाइट ग्रीन कलर का फ्लोरल कौर्सेट पहना हुआ है। इस ड्रेस में आलिया पूरी डिज्नी की प्रिंसेस लग रही हैं। देखने में ही आलिया का ये लुक बेहद ही फ्रेश और अट्रैक्टिव है।

मां बनने के बाद भी लग रहीं बेहद सुन्दर
मां बनने के बाद आलिया भट्ट का यह पहला बड़ा इवेंट होगा। फ्लोरल गाउन में आलिया की सुंदरता और भी निखर के आ रही है। उनके चेहरे की चमक किसी चांदनी से कम नहीं है। अगर उनके हेयरस्टाइल की बात की जाए तो उन्होंने हाईबन बनाया हुआ है। बहुत ज्यादा तामझाम का इस्तेमाल न करते हुए आलिया ने सिंपल लुक केरी किया हुआ है। न कोई नेकलेस न कोई घड़ी, उनका यही अंदाज सबको उनकी तरफ अट्रैक्ट कर रहा है।

कमैंट्स सेक्शन में फैंस कर रहे तारीफ
सोशल मीडिया जैसे ही कोई तस्वीर आती है, साथ ही वो वायरल हो जाती है। ऐसा ही अभी आलिया भट्ट के साथ हुआ है। जैसे ही उनके कान फेस्टिवल की पहली लुक आई, वैसे ही सोशल मीडिया पर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। कोई उन्हें डिज़्नी की प्रिंसेस बोल रहा है तो कोई उन्हें परी का टैग दे रहा है।

विदेश
श्रीलंका में बड़ा साइबर क्रैकडाउनः 173 भारतीय गिरफ्तार, टूरिस्ट वीजा पर चला रहे थे गेम
गाले, एजेंसी। श्रीलंका में साइबर अपराध के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किए गए लगभग 200 विदेशियों में 173 भारतीय शामिल हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सोमवार देर रात दक्षिणी पर्यटन स्थल गाले, हिक्काडुवा और मिडिगामा में 173 भारतीयों और 25 नेपाली नागरिकों सहित 198 विदेशियों के एक समूह को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 25 से 35 वर्ष की आयु के इन लोगों पर पर्यटक वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रहकर रोजगार पाने, शुल्क मुक्त आयातित सिगरेट रखने और साइबर अपराध कानूनों के अंतर्गत आने वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप दर्ज किया जाएगा। ये गिरफ्तारियां पिछले हफ्ते इसी अपराध के लिए 250 चीनी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद हुई हैं।
इस साल की शुरुआत से पांच मई तक देश में अस्थायी रूप से रह रहे 628 विदेशी नागरिकों को साइबर अपराध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें भारत, चीन, वियतनाम, म्यांमा, फिलीपीन और कंबोडिया के नागरिक शामिल हैं।
विदेश
फिर युद्ध के मुहाने पर दुनियाः ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बताया ‘कूड़ा’, कहा-युद्धविराम ‘वेंटिलेटर’ पर
तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम वेंटिलेटक “life support” पर है और तेहरान द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को उन्होंने कचरा “garbage” करार दिया। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ईरान का जवाब पूरा पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका शांति समझौते की कोशिशों में जुटा था। ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज करते हुए कई कठोर मांगें रखीं। इनमें सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, विशेषकर लेबनान (Lebanon)में जारी संघर्ष रोकना, होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता स्वीकार करवाना, युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शामिल है। अमेरिका चाहता था कि पहले युद्धविराम स्थायी हो और बाद में परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू की जाए। लेकिन ईरान की नई शर्तों ने बातचीत को लगभग ठप कर दिया है।

तेल बाजार में उथल-पुथल
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फिर उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड 104.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) दुनिया की सबसे अहम ऊर्जा सप्लाई लाइन मानी जाती है। युद्ध से पहले यहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और LNG शिपमेंट गुजरते थे। अब यह मार्ग लगभग बंद जैसी स्थिति में पहुंच गया है।रॉयटर्स के अनुसार, पिछले सप्ताह केवल तीन तेल टैंकर ही इस रास्ते से निकल पाए और उन्होंने सुरक्षा कारणों से अपने ट्रैकिंग सिस्टम भी बंद कर दिए थे।
अमेरिका के नए प्रतिबंध
अमेरिका ने सोमवार को उन कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए जो कथित रूप से ईरानी तेल को चीन भेजने में मदद कर रहे थे। वॉशिंगटन का कहना है कि इससे ईरान के सैन्य और परमाणु कार्यक्रमों की फंडिंग रोकी जाएगी। इसी बीच ट्रंप बुधवार को चीन पहुंच सकते हैं, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी। माना जा रहा है कि ईरान संकट इस बैठक का प्रमुख मुद्दा रहेगा।
NATO और अमेरिकी जनता भी नाराज
रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे के मुताबिक, दो-तिहाई अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका युद्ध में क्यों शामिल हुआ। यहां तक कि रिपब्लिकन समर्थकों का एक बड़ा हिस्सा भी जवाब चाहता है। ईंधन कीमतें बढ़ने से जनता की नाराजगी बढ़ रही है। इसे देखते हुए ट्रंप ने कहा कि वह अस्थायी रूप से पेट्रोल पर फेडरल टैक्स हटाने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पूरी मदद नहीं मिल रही। NATO देशों ने साफ कहा है कि जब तक पूर्ण शांति समझौता नहीं होता, वे होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए नौसैनिक मिशन में शामिल नहीं होंगे। वहीं Marco Rubio ने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा की। दूसरी ओर Hakan Fidan मंगलवार को Qatar में वार्ता करेंगे, जहां समुद्री सुरक्षा और युद्धविराम पर चर्चा होगी।
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