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विदेश

फिर युद्ध के मुहाने पर दुनियाः ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बताया ‘कूड़ा’, कहा-युद्धविराम ‘वेंटिलेटर’ पर

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तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति   डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम वेंटिलेटक “life support” पर है और तेहरान द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को उन्होंने  कचरा “garbage” करार दिया। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ईरान का जवाब पूरा पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका शांति समझौते की कोशिशों में जुटा था।  ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज करते हुए कई कठोर मांगें रखीं। इनमें सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, विशेषकर लेबनान (Lebanon)में जारी संघर्ष रोकना, होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता स्वीकार करवाना, युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शामिल है। अमेरिका चाहता था कि पहले युद्धविराम स्थायी हो और बाद में परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू की जाए। लेकिन ईरान की नई शर्तों ने बातचीत को लगभग ठप कर दिया है।

तेल बाजार में उथल-पुथल
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फिर उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड 104.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) दुनिया की सबसे अहम ऊर्जा सप्लाई लाइन मानी जाती है। युद्ध से पहले यहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और LNG शिपमेंट गुजरते थे। अब यह मार्ग लगभग बंद जैसी स्थिति में पहुंच गया है।रॉयटर्स के अनुसार, पिछले सप्ताह केवल तीन तेल टैंकर ही इस रास्ते से निकल पाए और उन्होंने सुरक्षा कारणों से अपने ट्रैकिंग सिस्टम भी बंद कर दिए थे।

अमेरिका के नए प्रतिबंध
अमेरिका ने सोमवार को उन कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए जो कथित रूप से ईरानी तेल को चीन भेजने में मदद कर रहे थे। वॉशिंगटन का कहना है कि इससे ईरान के सैन्य और परमाणु कार्यक्रमों की फंडिंग रोकी जाएगी। इसी बीच ट्रंप बुधवार को चीन पहुंच सकते हैं, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी। माना जा रहा है कि ईरान संकट इस बैठक का प्रमुख मुद्दा रहेगा।
NATO और अमेरिकी जनता भी नाराज
रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे के मुताबिक, दो-तिहाई अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका युद्ध में क्यों शामिल हुआ। यहां तक कि रिपब्लिकन समर्थकों का एक बड़ा हिस्सा भी जवाब चाहता है। ईंधन कीमतें बढ़ने से जनता की नाराजगी बढ़ रही है। इसे देखते हुए ट्रंप ने कहा कि वह अस्थायी रूप से पेट्रोल पर फेडरल टैक्स हटाने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पूरी मदद नहीं मिल रही। NATO देशों ने साफ कहा है कि जब तक पूर्ण शांति समझौता नहीं होता, वे होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए नौसैनिक मिशन में शामिल नहीं होंगे। वहीं Marco Rubio ने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा की। दूसरी ओर Hakan Fidan मंगलवार को Qatar में वार्ता करेंगे, जहां समुद्री सुरक्षा और युद्धविराम पर चर्चा होगी। 

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मनोरंजन

हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री Anne Blyth ने 98 की उम्र में ली अंतिम सांस, Oscar Nomination से मिली थी पहचान

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न्यूयॉर्क,एजेंसी। हॉलीवुड की इंडस्ट्री से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। आपको बता दें कि इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस ऐन ब्लिथ का 98 की उम्र में निधन हो गया है। द हॉलीवुड रिपोर्टर ने उनके निधन की जानकारी दी है। इस खबर के बाद से पूरी इंडस्ट्री में शौक की लहर है। देश-विदेश में बैठे उनके फैन सोशल मीडिया के जरिए श्रंद्धाजलि दे रहे हैं। 

Anne Blyth passes away

24 जून 2026 को हुआ था ऐन ब्लिथ का निधन
खबरों के मुताबिक ऐन ब्लिथ का निधन 24 जून को ही हो गया। मिल्ड्रेड पियर्स में बेटी का किरदार निभाने के बाद उन्हें घर-घर में पहचान मिली थी और वो इंडस्ट्री की सबसे बेस्ट एक्ट्रेस में से एक थीं। इतना ही नहीं उनको उनकी एक्टिंग के लिए ऑस्कर अवॉर्ड के बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला था। उनकी तारीफ में द हॉलीवुड रिपोर्टर ने लिखा कि- इन्होंने अपने किरदार को अच्छे से समझा है और अपनी दमदार एक्टिंग की वजह से इंडस्ट्री में हमेशा से उनका दबदबा बना रहा है। 

कुछ ऐसा था एन ब्लिथ का करियर 
एन ब्लिथ का करियर काफी अच्छा था। उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ म्यूजिकल्स और ओपेरा में भी काम किया है। एक्ट्रेस के साथ-साथ वो एक बहुत बेहतर ओपेरा सिंगर भी थीं। ‘किस्मेट’, ‘रोस मैरी’ और ‘द स्टूडेंट प्रिंस’ फिल्मों में एन ब्लिथ को देखा गया है। इसी के साथ उन्होंने मशहूर सिंगर मारियो लांजा के साथ भी काम किया हुआ है। 

Anne Blyth passes away

16 अगस्त 1927 में हुआ था एन ब्लिथ का जन्म 
आपको बता दें कि न्यूयॉर्क में  1927 की 16 अगस्त को एन ब्लिथ का जन्म हुआ था और बचपन से ही उन्हें एक्टिंग करने का शौक था। वो बचपना से ही बड़े होकर एक बेहतरीन हीरोइन बनना चाहती थीं। महज 6 साल की उम्र में ही उन्होंने रेडियो पर गाना और कविता सुनाना शुरू कर दिया था।
 
एन ब्लिथ की पर्सनल लाइफ 
अगर उनकी पर्सनल लाइफ देखी जाए तो उन्होंने 1953 में जेम्स मैकनल्टी से शादी की थी और उनके पांच बच्चे हैं। 2007 में ही उनके पति का निधन हो चुका है। 

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विदेश

वेनेज़ुएला में आए दोहरे भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 589, लगभग 3,000 घायल

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काराकस, एजेंसी। वेनेज़ुएला में बुधवार को विनाशकारी भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 589 हो गई है। इस बात की जानकारी अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 589 हो गई है, जबकि 3000 लोग घायल हुए हैं।

वहीं स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने एक टीवी चैनल वीटीवी पर कहा, ‘आज शाम 7:00 बजे तक, हमने 4,300 से ज़्यादा घायल लोगों की मदद की है। उनमें से ज़्यादातर को मामूली चोटें आईं, लेकिन कुछ मरीज़ों की हालत मध्यम से गंभीर है और कई लोगों को सर्जरी की ज़रूरत पड़ी।’ उन्होंने कहा कि लगभग 235 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जो ‘पहले से ही मृत थे या मेडिकल सुविधाओं तक पहुंचने के तुरंत बाद उनकी मौत हो गई।

मंत्री ने कहा कि सबसे गंभीर स्थिति ला गुएरा राज्य में है, जहां सबसे ज़्यादा मौतें और घायल होने के मामले दर्ज किए गए हैं। अल्वाराडो ने कहा कि भूकंप के तुरंत बाद, पूरे देश में राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया और सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में मदद के लिए 5,000 से ज़्यादा मेडिकल कर्मचारियों (जिनमें 1,200 से ज़्यादा डॉक्टर शामिल हैं) को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि न केवल सरकारी बल्कि निजी क्लीनिक भी इस प्रयास में शामिल हुए हैं। 150 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज निजी मेडिकल सुविधाओं में किया जा रहा है, और मामूली चोट वाले कई घायल लोगों को पहले ही छुट्टी दे दी गई है।

गौरतबल है कि वेनेज़ुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो ज़बरदस्त भूकंप आए। इनके बाद 30 आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किए गए। कई घर तबाह हो गए, बुनियादी ढाँचे और अस्पतालों को नुकसान पहुंचा और देश का मुख्य हवाई अड्डा बंद कर दिया गया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विनाशकारी भूकंप के दुखद नतीजों पर संवेदना व्यक्त की। मॉस्को ने काराकास की मदद करने की अपनी तत्परता ज़ाहिर की।

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देश

Volkswagen की 4 फैक्ट्रियां बंद करने का प्लान, 1,00,000 लोग होंगे बेरोगजार

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बर्लिन, एजेंसी। यूरोप की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी फॉक्सवैगन AG कुछ फैक्ट्रियां बंद कर सकती है और कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती पर विचार कर रही हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में कंपनी के CEO ओलिवर ब्लूम ने एक नई रणनीति पेश की। प्रस्तावित योजना के तहत कर्मचारियों की छंटनी का आंकड़ा बढ़ाकर करीब 1 लाख तक किया जा सकता है। फिलहाल Volkswagen Group में लगभग 6.57 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। समूह के तहत Volkswagen के अलावा Porsche और Audi जैसे प्रीमियम ब्रांड भी शामिल हैं।

जर्मनी में 4 प्लांट बंद हो सकते हैं

रिपोर्ट के अनुसार, रणनीति में इस दशक के अंत तक जनरल ओवरहेड कॉस्ट में 11 अरब यूरो (12.5 अरब डॉलर) तक की कटौती करना और मीडियम टर्म में जर्मनी में 4 फैक्ट्रियां बंद करना भी शामिल है। इनमें नेकरसल्म में Audi के प्लांट के साथ-साथ हनोवर, ज्विकौ और एमडेन में फॉक्सवैगन के प्लांट शामिल हैं।

इसके अलावा कंपनी Volkswagen ब्रांड और उसके कंपोनेंट बिजनेस को अलग करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। लंबे समय से कम मुनाफे से जूझ रहे Volkswagen ब्रांड को अधिक लाभदायक और कुशल बनाने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।

क्यों उठाने पड़ रहे हैं ये कदम?

फॉक्सवैगन इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। अमेरिका के आयात शुल्क (टैरिफ), चीन में कमजोर मांग और यूरोप में BYD तथा Stellantis जैसी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने कंपनी पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी वजह से लागत घटाने और कारोबार को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।

पहले से जारी है कर्मचारियों की संख्या घटाने का अभियान

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 28,000 कर्मचारी पहले ही स्वैच्छिक रूप से कंपनी छोड़ने पर सहमत हो चुके हैं। यह 2030 तक पूरे Volkswagen Group में 50,000 कर्मचारियों की संख्या कम करने की पहले घोषित योजना का हिस्सा है।

हालांकि, नई प्रस्तावित छंटनी योजना को कर्मचारी संगठनों का विरोध झेलना पड़ सकता है। Volkswagen के सुपरवाइजरी बोर्ड में आधी सीटें कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के पास हैं, जबकि जर्मनी का लोअर सैक्सनी राज्य भी बोर्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आमतौर पर कर्मचारी यूनियनों का समर्थन करता है। ऐसे में कंपनी के लिए इस योजना को लागू करना आसान नहीं होगा।

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