छत्तीसगढ़
बलरामपुर : ’प्रदेशभर में अवैध उत्खनन के खिलाफ सख्ती, बलरामपुर में 4 टीपर जब्त’
’संयुक्त टीम की औचक कार्रवाई में अवैध रेत परिवहन का खुलासा’
बलरामपुर। प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार खनिज विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है।

इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम धंधापुर क्षेत्र में संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त 4 टीपर वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
खनिज अधिकारी ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान ग्राम धंधापुर में बिना वैध अनुमति के रेत का उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा था। जांच में अनियमितता पाए जाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 4 टीपर वाहनों को जब्त कर बरियों चौकी के सुपुर्द किया। संबंधित प्रकरण में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
छत्तीसगढ़
बालोद में मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत:BSP के सीवरेज प्रोजेक्ट में हादसा, 10 फीट गड्ढे में दबे, मृतकों में एक महिला भी
बालोद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की दबकर मौत हो गई। मृतकों में 2 पुरुष और एक महिला शामिल है। मंगलवार शाम दल्लीराजहरा में दास पान ठेला चौक के पास यह हादसा हुआ। मजदूर सीवरेज पाइप बिछाने के लिए खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और वे 10 फीट गहरे गड्ढे में दब गए।


घटना दल्लीराजहरा क्षेत्र की है। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत यह काम हो रहा था। मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है।

मिट्टी धंसने से मजदूर दब गए। मौके पर ही 3 लोगों की मौत हो गई।

बीएसपी की सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत काम हो रहा था।

मौके पर प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी हुई।
मिट्टी धंसी तो निकलने का मौका नहीं मिला
जानकारी के अनुसार, बीएसपी की सीवरेज लाइन विस्तार प्रोजेक्ट के तहत गहरी खुदाई कर पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी भरभराकर ढह गई और गड्ढे के भीतर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
10 फीट गहरे गड्ढे में कर रहे थे काम
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के 10 फीट गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

मिट्टी धंसी तो मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप
लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य चलाया गया, लेकिन तब तक तीनों मजदूरों की जान जा चुकी थी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
छत्तीसगढ़
सुबह काटा तरबूज दोपहर में खाया, रात में चिकन, बच्चे की मौत:3 बीमार, जांजगीर शादी में आए थे, डॉक्टर बोले- फूड पॉइजनिंग हुई
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तरबूज और चिकन खाने के बाद 4 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 3 बच्चों का अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है।

सिविल सर्जन डॉ. कुजूर ने बताया कि, सुबह का कटा हुआ तरबूज काफी देर बाद खाने की वजह से बच्चों को संक्रमण हुआ है। फूड पॉइजनिंग की वजह से बच्चों की हालत बिगड़ी है। घटना सिटी कोतवाली थाना इलाके के ग्राम घुरकोट की है।

जांजगीर जिला अस्पताल में बीमार बच्चे का इलाज चल रहा है।

बीमार तीनों बच्चों की फिलहाल हालत स्थिर है।

15 साल के अखिलेश की हॉस्पिटल ले जाते हुए मौत हो गई

अखिलेश धीवर की तस्वीर।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, एक ही परिवार के पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) अपने परिजनों के साथ घुरकोट आए थे। मामा के घर शादी होने के बाद तीन-चार दिन से रुके हुए थे।
रविवार (10 मई) की सुबह तरबूज काटकर रखे थे। जिसे दोपहर के समय चारों ने बच्चों ने खाया। इसके बाद शाम को उन्होंने घर का बना चिकन भी खाया। शाम को अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।
अखिलेश धीवर की हालत खराब होने लगी। उसे लगातार उल्टी-दस्त, पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवाकर घर ले गए। सोमवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।

3 बच्चों की भी तबीयत बिगड़ी है, उनका इलाज किया जा रहा है।
एक की मौत, 3 बच्चों का इलाज जारी
परिजन उसे तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए, लेकिन पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। वहीं, तीन बच्चे श्री धीवर, पिंटू और हितेश में सामान्य लक्षण दिखाई दिए। उन्हें भी तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रशासन मामले की गंभीरता से कर रहा जांच
आशंका जताई जा रही है कि, तरबूज में किसी प्रकार का संक्रमण था या वह खराब हो चुका था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, जिससे पॉइजनिंग के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
कोरबा
सुशासन तिहार 2026 के तहत चुइया में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित
विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर हितग्राहियों को दी गई योजनाओं की जानकारी एवं लाभ
शिविर में 370 आवेदनों का हुआ निराकरण
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम चुइया में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। शिविर में 1114 आवेदन प्राप्त हुआ जिसमें से 370 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

सुशासन तिहार शिविर में अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बीजमती राठिया, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या देवी, हरिशंकर यादव, श्रीमती कुंती चन्द्रा सहित अन्य जन प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान में दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण आसान हो गया है। शिविर में सभी अधिकारियों की उपस्थिति रहती है। इसके अलावा जरूरतमंद हितग्राहियों को शासन की योजनाओं के तहत लाभान्वित भी किया जा रहा है।

शिविर में सभी विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शासन की योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ संबंधी विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, कृषि, राजस्व, श्रम, शिक्षा, विद्युत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य विभागों ने अपनी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए नागरिकों को जागरूक किया।

जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास की चाबी सौंपी गई तथा मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही अन्य योजनाओं के अंतर्गत भी पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया। इस अवसर पर जनपद सीईओ खगेष निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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