कोरबा
SECL दीपका क्षेत्र में मजदूरों की नाराजगी, वेतन पर्ची न मिलने और हाजिरी चोरी के खिलाफ 30 मई से अनिश्चितकालीन कन्वेयर बेल्ट जाम की चेतावनी
कोरबा/दीपका। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र में कार्यरत छत्तीसगढ़ कोयला मजदूर सेवा समिति दीपका और स्थानीय मजदूरों ने ठेका कंपनी और प्रबंधन के खिलाफ अपनी समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर मोर्चा खोलने का लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि ठेका कंपनी द्वारा उनका लगातार शोषण किया जा रहा है, जिससे तंग आकर वे 30 मई 2026 (शनिवार) से दीपका खदान की कन्वेयर बेल्ट लाइन को पूरी तरह ठप्प कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं ।

मजदूरों ने इस संबंध में एसईसीएल के महाप्रबंधक (दीपका क्षेत्र) सहित मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कोरबा को लिखित अल्टीमेटम सौंप दिया है ।
क्या हैं मुख्य आरोप और समस्याएं?

मजदूरों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार 01 जनवरी 2025 से हेम्स एण्ड जे.एम.ए.टी.सी. एसोसिएट ठेका कंपनी ने यहाँ काम शुरू किया था। कार्य प्रारंभ होने से पूर्व मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन धरातल पर वादे खोखले साबित हुए ।
वेतन पर्ची (Pay Slip) का न मिलना:- मजदूरों को उनकी मेहनत का लेखा-जोखा यानी सत्यापित वेतन पर्ची नहीं दी जा रही है ।
हाजिरी की चोरी (Attendance Tampering):- मजदूरों का सबसे गंभीर आरोप है कि उनकी दैनिक हाजिरी (अटेंडेंस) की चोरी की जा रही है, जिससे उन्हें उनका पूरा पारिश्रमिक नहीं मिल पा रहा है ।
मौलिक अधिकारों का हनन:- मजदूरों का कहना है कि बुनियादी हकों से वंचित रखकर उनका भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है ।

प्रमुख मांगें:-
- एसईसीएल और हेम्स एण्ड जे.एम.ए.टी.सी. एसोसिएट ठेका कंपनी द्वारा सभी मजदूरों को सत्यापित वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाए ।
- हाजिरी चोरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और सभी कामगारों को सत्यापित हाजिरी कार्ड प्रदान किया जाए ।
- पूर्व में किए गए सभी समझौतों और मजदूर हितों की मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए ।
10 दिनों का अल्टीमेटम, अन्यथा पूर्ण कामकाज ठप्प
मजदूरों ने प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 दिनों के भीतर उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाए, यदि तय समय सीमा के भीतर समाधान नहीं निकाला गया तो 30 मई 2026 (शनिवार) से मजदूर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ।
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल और कन्वेयर बेल्ट ठप्प होने से होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पादन व आर्थिक नुकसान की पूर्ण जिम्मेदारी हेम्स एण्ड जे.एम.ए.टी.सी. एसोसिएट ठेका कंपनी और एसईसीएल प्रबंधन (दीपका क्षेत्र) की होगी ।


कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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