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भाजपा के घोषणा पत्र में यूसीसी का वादा,70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 5 लाख तक मुफ्त इलाज, गरीबों के लिए 3 करोड़ घर

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मोदी ने कहा -आज का दिन बेहद शुभ

लोकसभा चुनाव 2024: भाजपा का संकल्प पत्र जारी

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर में 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का मैनिफेस्टो जारी किया। इसे भाजपा का संकल्प-मोदी की गारंटी नाम दिया गया है। मोदी के साथ मंच पर जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह और निर्मला सीतारमण मौजूद थे। संकल्प पत्र की पहली कॉपी गुजरात, हरियाणा और छत्तीसगढ़ से आए तीन लोगों को दिया गया। ये वो लोग थें, जिन्हें मोदी सरकार की पिछली किसी न किसी योजना का फायदा मिला। पार्टी ने पिछले 10 साल के वादों और उन्हें पूरा करने पर बना एक वीडियो भी जारी किया। पार्टी अध्यक्ष नड्डा, संकल्प पत्र कमेटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपनी बातें रखीं। इसके बाद प्रधानमंत्री मंच पर आए। 46 मिनट की स्पीच में पिछले 10 साल के कामकाज का लेखा-जोखा देते हुए कहा- हमने धारा 370, महिला आरक्षण जैसे वादे पूरे किए। इसके बाद मोदी ने 2024 की गारंटी यानी वादे गिनाए। इसमें 70 साल की उम्र से ऊपर के किसी भी वर्ग के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज, गरीबों के लिए 3 करोड़ घर, गरीबों को मुफ्त राशन 2029 तक देने की गारंटी दी। मोदी ने कहा- 4 जून को नतीजे आने के तुरंत बाद बीजेपी के संकल्प पत्र पर काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने 100 दिन की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। देश की जनता की महत्वाकांक्षा ही मोदी का मिशन है।

गरीब को लूटने वाले जेल जा रहे हैं

पिछले 10 साल में भ्रष्टाचार पर भाजपा सरकार ने कितनी बड़ी कड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार गरीब, मध्यमवर्ग का हक छीनता है। हजारों करोड़ के घोटाले बंद हुए हैं और गरीब को हक मिल रहा है। गरीब को लूटने वाले जेल जा रहे हैं। निरंतर सख्त कार्रवाई होती रहेगी, ये मोदी की गारंटी है। लाल किले से कहा था कि यही समय है-सही समय है। आने वाले एक हजार वर्षों के लिए भारत के भविष्य को तय करने वाला ये उत्तम से उत्तम अवसर है, उत्तम से उत्तम समय है। भाजपा के संकल्प पत्र पर 4 जून के नतीजे के बाद तुरंत तेजी से काम शुरू हो जाएगा। सरकार पहले ही 100 दिन के एक्शन पर काम कर रही है। 140 करोड़ लोगों की अपनी एम्बिशन मोदी का मिशन है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम और सीएए लाए, 370 को हटाया

आज आपने देखा कि भाजपा का ये संकल्प पत्र ऐसी ही एक सरकार की गारंटी देता है। विश्व बंधु के तौर पर मानवता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। भाजपा देश हित में बड़े और कड़े निर्णय लेने से कभी पीछे नहीं हटती। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब कानून बन चुका है। 370 को हटाया और सीएए लेकर आए। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर और तेजी से आगे बढ़ेंगे। गुड गवर्नेंस, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा गवर्नेंस के लिए देश में आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर्स तैयार होंगे। वन नेशन और वन इलेक्शन को साकार करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे। यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी हम देश हित के लिए जरूरी समझते हैं।

स्पेस में बड़ी ताकत के रूप में उभरेंगे

स्पेस में बड़ी ताकत के रूप में उभरेंगे। रोडमैप से आगे बढ़ेंगे। ये भारत के यूथ के लिए इतनी सारी ऑपच्र्यूनिटीज लेकर आएगा, जिसकी कल्पना भी नहीं होगी। विश्व में अनिश्चितता है, युद्ध के हालात हैं, तनाव है। संकट के ऐसे समय में इन क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता है। जब दुनिया में इतने तनाव और तूफान हो, तब भारत में एक मजबूत पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार की आवश्यकता बढ़ जाती है। ऐसी सरकार जो देश को आर्थिक समृद्धि दे, विकसित भारत की ओर ले जाए और भाजपा संकल्पबद्ध है।

भारत को दुनिया के हर उभरते सेक्टर का ग्लोबल हब बनाने का संकल्प

भारत को दुनिया के हर उभरते सेक्टर का ग्लोबल हब बनाने का संकल्प है। वो समय दूर नहीं जब भारत दुनिया का ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल, सेमी कंडक्टर, कॉन्ट्रेक्टिंग, कॉमर्शियल हब होगा। दुनिया के बड़े-बड़े इकोनॉमी सेंटर भारत में होंगे। भारत ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर और ग्लोबल इंजीनियरिंग सेक्टर का हब बनेगा।

पूरे देश में चार्जिंग स्टेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए जा रहे हैं

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का मार्केट बढ़ रहा है। 10 साल पहले एक साल में 2000 गाडिय़ां बिकी थीं। पिछले साल 17 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाडिय़ां बिकी हैं। पूरे देश में चार्जिंग स्टेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए जा रहे हैं। पीएम सूर्य घर से जोड़कर चार्जिंग स्टेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इससे भी देश में रोजगार की संभावनाएं बनने जा रही हैं।

रिन्यूएबल एनर्जी, गोवर्धन, बायो फ्यूल, ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में तेजी लाएंगे

भाजपा का संकल्प पत्र देश को आत्मनिर्भरता की तरफ ले जाने वाला है। डिफेंस, एडिबल ऑयल, एनर्जी इम्पोर्ट भारत कब तक दूसरे देशों पर निर्भर रहेगा। आज एनर्जी को इम्पोर्ट करने के लिए लाखों करोड़ का फॉरेन एक्सचेंज खर्च करते हैं। भारत का फोकस ग्रीन एनर्जी और एनर्जी प्रोडक्शन पर है। रिन्यूएबल एनर्जी, गोवर्धन, बायो फ्यूल, ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में तेजी लाएंगे। इससे देश में ग्रीन जॉब्स पैदा होंगे।

वंदे भारत का विस्तार करेंगे, देश के चारों कोने में बुलेट ट्रेन चलाए जाएंगे

वंदे भारत का विस्तार करेंगे। वंदे भारत के 3 मॉडल चलेंगे। वंदे भारत स्लीपर, वंदे भारत चेयरकार और वंदे भारत मेट्रो। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन का काम पूर्ण हो रहा है। उसी तरह से आने वाले समय में उत्तर भारत में एक बुलेट ट्रेन, दक्षिण में एक बुलेट ट्रेन और पूर्वी भारत में एक बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट चलाएंगे।

एविएशन सेक्टर पर जोर

एविएशन सेक्टर पर भी जोर है। एक हजार से ज्यादा नए विमान का ऑर्डर दिया है। अपने साथ रोजगार की संभावनाएं लाएंगे। ये सेक्टर छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं के लिए ड्रीम सेक्टर बनेंगे।

सैटेलाइट टाउन बनाएंगे

इनका मजबूती से विस्तार पुरानी सोच से अलग है। स्केल और स्पीड इतनी बढ़ेगी कि स्कोप भी बढ़ जाएगी। ये प्राथमिकता है। अर्बनाइजेशन शहरीकरण को पहले की सरकारें चुनौती माना करती थीं। भाजपा उसमें अवसर देखती है। सैटेलाइट टाउन बनाएंगे, जो रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।

सोशल, फिजिकल और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगे

21वीं सदी के भारत की बुनियाद के लिए भाजपा 3 इन्फ्रास्ट्रकचर्स से मजबूत करेगी। सोशल, डिजिटल और फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर। सोशल- नए इंस्टिट्यूट, मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कॉलेज, ट्रक ड्राइवर्स के लिए हाईवे के पास रेस्ट के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर्स डेवलप करने जा रहे हैं। फिजिकल- हाईवे, रेलवे, एयरवे, वाटरवे को आधुनिक बना रहे हैं। डिजिटल- 5 जी विस्तार, 6 जी पर काम, इंडस्ट्री 4.0 के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं, सर्विसेस को ऑनलाइन कर रहे हैं। ओएनडीसी और टेली मेडिसिन का विस्तार कर रहे हैं।

टूरिज्म को बढ़ाने पर काम किया जाएगा

देश में टूरिज्म का जो पोटेंशियल है, उसे भी अनलॉक किया जाना बाकी है। भाजपा ने विश्व प्रवासी ग्लोबल टूरिस्ट को हमारी विरासत से जोड़ा जाएगा। इस विरासत को हम वल्र्ड हेरिटेज से जोड़ेंगे। अनेक स्थलों का विकास किया जाएगा। अभी एक ऑनलाइन कंपटीशन चल रहा है। लोग टूरिज्म टूरिज्म डेस्टिनेशन की रैंकिंग कर रहे हैं। इसके आधार पर अच्छे टूरिस्ट डेस्टिनेशन को सिलेक्ट कर सर्वांगीण विकास के लिए हम आगे काम करेंगे। टूरिज्म वो सेक्टर है, जो सबसे कम निवेश में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करता है। टूरिज्म बढ़ता है तो होटल, रेस्टोरेंट, ऑटो रिक्शा वाले सभी को फायदा होता है। इको टूरिज्म के नए सेंटर्स बनाएंगे। होम स्टे के जो अवसर बनेंगे, उसका लाभ हमारे ट्राइबल परिवारों को होगा। होम स्टे के लिए महिलाओं को विशेष रूप से आर्थिक मदद देने की योजना बनाकर आएगी।

पूरी दुनिया में कल्चरल सेंटर का निर्माण होगा

विकास और विरासत में हमारा विश्वास है। पूरी दुनिया में कल्चरल सेंटर्स का निर्माण करेंगे। दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल देश का गौरव है। हमारा गौरव है। तमिल भाषा की वैष्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए भाजपा नए कदम उठाएगी।

जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा

जनजातीय गौरव दिवस मनाना तय किया है। 2025 में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जाएगा। जनजातीय विरासत पर अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी, वन उपज स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। 700 से ज्यादा एकलव्य स्कूलों के निर्माण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

प्राकृतिक खेती पर बल दिया जाएगा

धरती मां की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती पर बल दिया जाएगा। भारत रिवोल्यूशनी काम शुरू किया है और सफलता मिली है। नैनो यूरिया पर जोर दिया जाएगा। किसान समृद्धि केंद्रों का विकास किया जाएगा। संकल्प फूड प्रोसेसिंग हब बनाने का है। फायदा होगा और रोजगार पैदा होंगे। ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए इंजन बनेगें। भाजपा राष्ट्रीय सहकारिता नीति लेकर आएगी

भाजपा राष्ट्रीय सहकारिता नीति लेकर आएगी। ये क्रांतिकारी दिशा में बढऩे वाले हैं। देशभर में डेयरी सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कुछ महीने पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना शुरू हो चुकी है। भारत को ग्लोबल न्यूट्रिशन हब बनाने के लिए हम श्री अन्न पर फोकस करने वाले हैं। श्री अन्न पैदा करने वाले 2 करोड़ से ज्यादा छोटे किसानों को लाभ होगा। दलहन-तिलहन में किसानों को मदद करेंगी। सब्जी उत्पादन और स्टोरेज के लिए नए क्लस्टर्स बनाएगी। फिशरीज के लिए नए प्रोडक्शन और प्रॉसेसिंग क्लस्टर्स बनाए जाएंगे। सी वीड की खेती और मोती की खेती के लिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

किसान सम्मान निधि का लाभ जारी रहेगा

भाजपा ही है जो किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में हमारे पशुपालक और मछुआरों को जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी देश के 10 करोड़ किसानों को आगे भी मिलेगी।

महिला खिलाडिय़ों को खेलों में आगे बढऩे के लिए विशेष प्रोग्राम

महिला खिलाडिय़ों को खेलों में आगे बढऩे के लिए विशेष प्रोग्राम और विशेष सुविधाएं बनाई जाएंगी। बहनों-बेटियों के स्वास्थ्य के मिशन को आगे बढ़ाते हुए सर्वाइकल कैंसर के लिए अभियान चलाए जाएंगे।

नमो ड्रोन दीदी योजना का विस्तार किया जाएगा

नमो ड्रोन दीदी योजना से गांव-गांव में बहनें ड्रोन पायलट बनेंगी। इनसे मिला तो कह रही थीं कि साइकिल भी चलाना नहीं जानते थे, आज पहचान पायलट की बन गई है। पूरे गांव में प्रतिष्ठा मिली है। सरकार जो ड्रोन दे रही है, उसकी कीमत लाखों रुपए में है। मुझे अनुभव है कि माताएं-बहनें बहुत अच्छी तरह से इसे संभालती हैं। एग्रीकल्चर में रिवोल्यूशन में भी ड्रोन दीदी स्थापित होंगी।

दिव्यांग जनों को पीएम आवास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी

जिनको किसी ने नहीं पूछा, उनको मोदी पूजता है। यही सबका साथ, सबका विकास का भाव है। यही भाजपा के संकल्प पत्र की आत्मा है। 10 साल में हमने दिव्यांग जनों के लिए अनेक सुविधाएं दी हैं। इन्हें पीएम आवास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी, विशेष जरूरतों के अनुसार आवास मिले, उसका आर्किटेक्टर बदलना पड़ेगा, इस पर फोकस करके काम किया जाएगा। ट्रांस जेंडर्स को भी किसी ने नहीं पूछा। ऐसे साथियों को पहचान और प्रतिष्ठा देने की शुरुआत की है। इन्हें भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है। भारत आज विमेन लेड डेवलपमेंट में दुनिया को दिशा दिखा रहा है। आने वाले 5 साल नारी शक्ति की भागीदारी के होंगे। 10 करोड़ महिलाएं सहायता समूहों से जुड़ीं। 10 करोड़ सहायता समूहों को आईटी, टूरिज्म, आदि सेक्टर्स के लिए ट्रेनिंग देंगे। 1 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। मोदी ने 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है।

स्व निधि योजना का विस्तार किया जाएगा

शहर हो या गांव युवाओं को अपनी रुचि का काम करने के लिए और अधिक पैसे मिलेंगे। आजादी के बाद पहली बार रेहड़ी पटरी और ठेले वाले भाई-बहनों को डिग्निटी मिले, ब्याज से मुक्ति मिले, इसमें स्व निधि योजना ने भूमिका निभाई है। रिवोल्यूशन आया है। आज बैंकों ने इन्हें बिना गारंटी मदद दी है। मोदी उनकी गारंटी देता है। भाजपा इस योजना का विस्तार करेगी। एक तो 50 हजार रुपए के कर्ज की लिमिट को बढ़ाया जाएगा, इसी योजना को देश के छोटे कस्बों और गांव-देहात के लिए खोल दिया जाएगा।

मुद्रा योजना का दायरा 10 लाख रुपए से 20 लाख रुपए किया जाएगा

मुद्रा योजना से करोड़ों आंत्रप्रिन्योर बने, जॉब क्रिएट हुए और जॉब क्रिएटर बने। भाजपा ने संकल्प लिया है कि अब तक मुद्रा योजना के तहत लोन की सीमा 10 लाख रुपए थी, अब भाजपा ने इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया है। पाइप से सस्ती रसोई गैस घर-घर पहुंचाने के लिए तेजी से काम करेंगे

अभी तक हमने सस्ते सिलेंडर घर-घर पहुंचाए हैं। पाइप से सस्ती रसोई गैस घर-घर पहुंचाने के लिए तेजी से काम करेंगे। हमने करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए। करोड़ों परिवारों का बिजली बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने की दिशा में काम करेंगे। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लागू की है। एक करोड़ लोग रजिस्ट्री करा चुके हैं। भाजपा का संकल्प है कि इस योजना पर और तेजी से काम किया जाएगा।

हम 3 करोड़ और नए घर बनाएंगे

बुजुर्ग चाहे गरीब हों, मध्यम वर्ग के हों, उच्च-मध्यम वर्ग के हों, ये नया दायरा होगा, जिन्हें 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की योजना मिलेगी। गरीबों को 4 करोड़ पक्के घर बनाकर दिए हैं। परिवारों के विस्तार होते हैं, एक घर से दो घर हो जाते हैं। नए घर की संभावना होती है। उन परिवारों की चिंता करते हुए हम 3 करोड़ और नए घर बनाएंगे।

70 वर्ष की आयु से ऊपर के हर बुजुर्ग को आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाएगा

मोदी की गारंटी है कि जन औषधि केंद्रों पर 80 फीसदी डिस्काउंट के साथ सस्ती दवाएं मिलती रहेंगी। इनका विस्तार भी करेंगे। गारंटी है कि आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए तक का मु्फ्त इलाज मिलता रहेगा। भाजपा ने बड़ा निर्णय लिया है, 70 वर्ष की आय़ु के ऊपर के सभी बुजुर्गों से जुड़ा है। जो बुजुर्ग हैं, उनकी चिंता होती है कि बीमारी की स्थिति में इलाज कैसे होगा। मध्यम वर्ग को चिंता ज्यादा होगी। 70 वर्ष की आयु से ऊपर के हर बुजुर्ग को आयुष्मान योजना के दायरे में लाया जाए।

भाजपा ने पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला

भाजपा ने पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर सिद्ध किया कि हम परिणाम लाने के लिए काम करते हैं। काम रुकता नहीं है। जो लोग गरीबी से बाहर आए, इन्हें भी लंबे अरसे तक संबल की जरूरत है। कभी-कभी छोटी सी कठिनाई भी फिर से उसे गरीबी में धकेल देती है। अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन बढिय़ा हो गया होगा, फिर भी डॉक्टर कहते हैं कि महीना दो महीना ये चीजें संभालना। वैसे ही गरीबी से जो बाहर निकलकर आया है, उसे भी कुछ समय के लिए बहुत संबल की आवश्यकता होती है। ताकि वो दोबारा गरीबी में जाने के लिए मजबूर ना हो जाए। इसी सोच के साथ भाजपा ने गरीब कल्याण की कई योजनाओं का विस्तार का संकल्प लिया है। मोदी की गारंटी है कि मुफ्त राशन की योजना आने वाले 5 साल तक जारी रहेगी। हम निश्चित करेंगे कि गरीब के भोजन की थाली पोषण युक्त हो। उसके मन को संतोष देने वाली हो, सस्ती भी हो। पेट भी भरे, मन भी भरे और जेब भी भरी रहे।

हमारा फोकस डिग्निटी ऑफ लाइफ, क्वालिटी ऑफ लाइफ

हमारा फोकस डिग्निटी ऑफ लाइफ, क्वालिटी ऑफ लाइफ, निवेश से नौकरी पर है। संकल्प पत्र में क्वांटिटी ऑफ ऑपर्चुनिटीज और क्वालिटी ऑफ ऑपच्र्यूनिटीज पर फोकस है। स्टार्टअप को बढ़ावा देकर हाई वैल्यू सर्विसेस पर ध्यान देने जा रहे हैं।युवा भारत की युवा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।

संकल्प पत्र युवा, नारी, गरीब, किसान को सशक्त करता है

भाजपा ने मेनिफेस्टो की शुचिता को फिर से स्थापित किया है। ये संकल्प पत्र विकसित भारत के 4 मजबूत स्तंभ युवा, नारी, गरीब, किसान को सशक्त करता है।

10 साल में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र के हर बिंदु को गारंटी के रूप में जमीन पर उतारा

आज भाजपा ने विकसित भारत के संकल्प पत्र को देश के सामने रखा है। मैं सभी को बधाई देता हूं। राजनाथजी और उनकी टीम, लाखों सुझाव भेजने वालों का भी अभिनंदन करता हूं। पूरे देश को भाजपा के संकल्प पत्र का इंतजार रहता है। बड़ा कारण है कि 10 साल में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र के हर बिंदु को गारंटी के रूप में जमीन पर उतारा है।

पीएम मोदी ने कहा- आज बहुत शुभ दिन है

पीएम मोदी ने कहा- आज बहुत शुभ दिन है। देश के कई राज्यों में इस समय नववर्ष का उत्साह है। बंगाल में वैशाख का, असम में बिहू, ओडिशा में पाना संक्रांति, केरल में बिशु, तमिलनाडु में नववर्ष पुथांडु हो… सब जगह हर्ष का दौर। नवरात्रि के छठे दिन हम सभी मां कात्यायनी की पूजा करते हैं। मां कात्यायनी अपनी दोनों भुजाओं में कमल धारण किए हुए हैं। ये संयोग भी बहुत बड़ा आशीर्वाद है। सोने में सुहागा कि आज बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती भी है।

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मानसून अब 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा:तूफानी हवाओं ने श्रीलंका में रोका, 10% कम बारिश का अनुमान, जून-जुलाई में भी हीटवेव चलेगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।

केरलम के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। ताजा अनुमान के मुताबिक अब यह 7 दिन बाद केरल तट पर पहुंचेगा। यानी, पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा।

IMD के मुताबिक जून-जुलाई में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा।

इस साल बारिश भी 10% तक कम होगी

मौसम विभाग ने बताया कि इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। जो सामान्य से करीब 10% कम है। 13 अप्रैल को 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया था। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।

जून में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में कम बारिश

मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है।

देश के कोर जोन में कम बारिश से खेती पर सीधा असर

मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। इस इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। यानी बारिश का सीधा असर फसलों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है।

मानसून कोर जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं। यहां खेती पर असर पड़ने से किसानों को सीधा नुकसान होगा।

कमजोर मानसून, कम बारिश का आम आदमी पर असर…

देश में कुल बारिश का करीब 75% हिस्सा मानसून के दौरान होता है, जो सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है।

करीब 64% आबादी कृषि पर निर्भर है। सिर्फ 55% खेती योग्य जमीन ही सिंचाई से कवर है।

कम बारिश का असर खरीफ सीजन की बुवाई, फसल उत्पादन और कुल कृषि गतिविधियों पर पड़ेगा, जिससे किसानों की लागत और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

बारिश कम होने से उत्पादन घट सकता है, जिसका असर सप्लाई पर पड़ेगा और इससे सब्जियों, दालों सहित खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

खेती कमजोर रहने पर गांवों में आय कम हो सकती है, जिससे ग्रामीण बाजार में खर्च और मांग दोनों प्रभावित होंगे।

ग्रामीण मांग में कमी आने पर ट्रैक्टर और टू-व्हीलर जैसे वाहनों की बिक्री पर भी असर पड़ने की संभावना है।

अगर बारिश कम रहती है तो डैम और जलाशयों का जलस्तर सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे आगे चलकर पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

कम बारिश और ज्यादा गर्मी की स्थिति में बिजली की खपत बढ़ेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तापमान ज्यादा रहता है।

पिछले साल 8 दिन पहले आया था मानसून

पिछले साल मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरलम पहुंच गया था। मानसून केरलम से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है।

इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। अल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 150 साल में मानसून के केरलम पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरलम पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरलम पहुंचा था।

मौसम विभाग ने कहा कि कमजोर मानसून के पीछे की वजह अल-नीनो है। जून में अल नीनो का असर दिख सकता है। जुलाई और अगस्त में भी कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो बने रहने की संभावना है।

अल नीनो के कारण समुद्र का पानी असमान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिसके साथ हवा के पैटर्न में भी बदलाव आता है। इसके असर से दुनियाभर में बारिश का चक्र बिगड़ जाता है। कहीं भयंकर सूखा तो कहीं मूसलाधार बारिश और बाढ़ आती है।

सीधे शब्दों में कहें तो जब अल-नीनो एक्टिव होगा, तब प्रशांत महासागर से भारत की तरफ आने वाली मानसूनी हवाओं को रोक देगा। इससे बारिश पर असर पड़ेगा।

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सुप्रीम कोर्ट बोला- NTA को UPSC से सीखने की जरूरत:वहां कभी पेपर लीक नहीं होता, जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG पेपर लीक मामले पर कहा कि जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। कोर्ट में मौजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सवाल किया कि UPSC तो आपसे बड़े पैमाने पर परीक्षा करवाता है, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ। NTA को उनसे सीखने की जरूरत है।

सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET पेपरलीक की जांच पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई चूक न हो।

केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस नरसिम्हा ने शिक्षा मंत्रालय से NEET-UG परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया का ब्योरा मांगा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि पेपर लीक के बाद बड़े लेवल पर सुधार किए हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम युवाओं को लेकर गंभीर हैं। NEET-UG री-टेस्ट के लिए नए तरीके अपनाए गए हैं।

देशभर में 3 मई को NEET-UG परीक्षा हुई थी। 7 मई की शाम पेपर लीक की खबर सामने आई थी। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून को री-एग्जाम होगा।

SC का सवाल- सुधार के बावजूद नाकामी क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने NTA को भंग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। इस दौरान 2024 में NEET पेपर लीक के बाद बनाई गई हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी के प्रमुख और पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के राधाकृष्णन से पूछा कि सिफारिशों और सुधारों के बावजूद इस बार नाकामी क्यों हुई।

राधाकृष्णन ने बताया कि समिति की अधिकांश सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं। NEET-PG 2025 सफल रहा और इस साल सामने आई कमजोरियों को आगामी री-टेस्ट से पहले दूर किया जा रहा है।

कोर्ट ने कहा- NTA अभी स्थायी और मजबूत संस्था की तरह काम नहीं कर रही है। केंद्र सरकार NTA को मजबूत बनाने के लिए क्या करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि NTA को IIT और दूसरे बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में परीक्षाएं सुरक्षित तरीके से हो सकें।

कोर्ट रूम LIVE

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नरसिम्हा, सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और कमेटी की ओर से राधाकृष्णन सुनवाई में शामिल हुए।

जस्टिस नरसिम्हा: हाई पावर्ड कमेटी के बावजूद पेपर लीक जैसी घटना कैसे हुई? गड़बड़ी सिफारिशों में थी या इम्प्लीमेंटेशन में।

राधाकृष्णन: कमेटी ने 35 लॉन्ग टर्म और 60 शॉर्ट टर्म सुझाव दिए थे, ज्यादातर लागू हो चुके हैं।

जस्टिस नरसिम्हा: अगर तैयारी थी तो NEET-UG में फिर समस्या क्यों हुई।

राधाकृष्णन: पेपर से छेड़छाड़ बड़ी चुनौती थी, लेकिन अगले महीने होने वाले री-एग्जाम में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

जस्टिस नरसिम्हा: असली जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी।

जस्टिस नरसिम्हा: UPSC में ऐसी स्थिति नहीं बनती, NTA को उससे सीखने की जरूरत है।

सॉलिसिटर जनरल: 21 जून के एग्जाम के लिए नया सुरक्षा मैकेनिज्म बनाया गया है, जिसकी हाई लेवल मॉनिटरिंग हो रही है।

राधाकृष्णन: NTA में एक्सपर्ट्स की कमी थी, इसलिए अलग-अलग सिस्टम और विशेषज्ञों को जोड़ा गया है।

जस्टिस नरसिम्हा: संस्थाएं एड-हॉक तरीके से नहीं चल सकतीं, मजबूत इंस्टीट्यूशनल सिस्टम बनाना जरूरी है।

जस्टिस नरसिम्हा: बड़ी यूनिवर्सिटीज और IITs के साथ मिलकर फुल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाए।

जस्टिस नरसिम्हा: छात्रों की मेहनत और भावनाओं को देखते हुए उन्हें इस तरह के ट्रॉमा से बचाना जरूरी है।

25 मई को सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- क्या सबक लिया

इससे पहले 25 मई को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने NTA को फटकार लगाई थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA को फटकारते हुए कहा था कि यह दुखद की बात है कि आपने (NTA) ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया।

बेंच ने कहा था कि साल 2024 में भी पेपर लीक का मामला कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई सिफारिशें दीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था। NTA 28 मई तक हलफनामा दाखिल करे और बताए कि 2024 में दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने मौजूदा मामले में केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब मांगा था।

NEET पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तार, 21 जून को परीक्षा

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।

12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।

इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।

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देश

Monsoon 2026: IMD की बड़ी चेतावनी: साल 2026 में सूखे का संकट, पूरे देश में सिर्फ 90% बारिश का अनुमान

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नई दिल्ली, एजेंसी। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए अपना दूसरा दीर्घकालिक अनुमान शुक्रवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार देश के प्रमुख कई हिस्सों में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार देश में मानसून दीर्घावधि अनुमान के 90 प्रतिशत रह सकता है। यह स्थिति सामान्य से कम मानसून को दर्शाती है। विभाग के अनुसार इस प्रतिशत में चार प्रतिशत घट बढ़ हो सकता है। 

मौसम विभाग ने यहां बताया कि उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है, जहां दीर्घावधि औसत की 94 से 106 प्रतिशत तक बारिश हो सकती है। जबकि उत्तर-पश्चिमी भारत में समग्र रूप से बारिश सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 92 प्रतिशत से भी कम) रहने की आशंका है। इसके अलावा मध्य भारत में भी मानसून की रफ्तार सुस्त रह सकती है और यहां बारिश सामान्य से कम ( दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से कम) रहने का पूर्वानुमान है। 

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के इस क्षेत्र में भी मानसून की स्थिति सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से नीचे) रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार देश का‘मानसून कोर जोन’जिसमें देश के अधिकांश वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्र शामिल हैं, वहां इस साल मानसून सामान्य से कम दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत रहने की सबसे अधिक संभावना है। इस साल बारिश सामान्य से कम रहने पर देश में पानी की कमी, जल संकट और बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

 मौसम विभाग ने यह दूसरा पूर्वानुमान जून से सितंबर के चार महीनों की अवधि को ध्यान में रखकर जारी किया है। पहला पूर्वानुमान 13 अप्रैल को जारी किया था। इसमें भी मौसम विभाग ने कहा था कि साल 2026 का मानसून सामान्य से कम या कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार देश में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।  

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