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UTI Mutual Fund ने MCX के करीब 15 लाख शेयर 425 करोड़ रुपए में खरीदे
नई दिल्ली, एजेंसी। यूटीआई म्यूचुअल फंड ने खुले बाजार सौदे के जरिये जिंस वायदा विकल्प सूचकांक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के करीब 15 लाख शेयर 425 करोड़ रुपए में खरीदे हैं। एनएसई के थोक सौदों के आंकड़ों के अनुसार, यूटीआई म्यूचुअल फंड (एमएफ) ने एमसीएक्स के 14,65,941 शेयर खरीदे, जो कंपनी की 0.57 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। यह सौदा सोमवार को 2,899.23 रुपए प्रति शेयर के औसत भाव पर हुआ। इस लेनदेन का कुल मूल्य 425.01 करोड़ रुपए रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर उपलब्ध जानकारी से एमसीएक्स के शेयर बेचने वालों की पहचान नहीं हो सकी। यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी भारत की सबसे बड़ी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों में से एक है।
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लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटा, मची चीख-पुकार; 148 यात्री थे सवार
दरभंगा, एजेंसी। बिहार के दरभंगा हवाई अड्डे पर मुंबई से आए स्पाइसजेट के एक विमान का उतरते समय टायर फट गया। इस घटना में विमान में सवार करीब 148 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, स्पाइसजेट की उड़ान संख्या एसजी-115 सोमवार सुबह 9:48 बजे रनवे पर उतर रही थी, तभी विमान का एक टायर फट गया। यात्रियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त पहिया कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता रहा, जिससे विमान में तेज कंपन महसूस हुआ और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। दरभंगा हवाई अड्डे के निदेशक दिलीप कुमार ने कहा, “विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई और सभी यात्रियों को सामान्य तरीके से विमान से उतार लिया गया। विमान के पूरी तरह रुकते ही हवाई अड्डा प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और सभी 148 यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।”
निदेशक ने बताया कि घटना के बाद विमान को मुख्य रनवे से हटाकर एप्रन पर ले जाया गया, जहां तकनीकी जांच की गई और टायर फटने के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। निदेशक के अनुसार, टायर बदले जाने और संबंधित अधिकारियों से सभी आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद विमान को सोमवार शाम 6:13 बजे उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई।
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सरकार ने नहीं बदलीं स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें, निवेशकों को मिलेगा वही रिटर्न
नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस बार भी किसी भी योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा राशि पर पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं पर मौजूदा ब्याज दरें जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान भी लागू रहेंगी।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब बाजार में ब्याज दरों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, सरकार ने निवेशकों को राहत देते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही की जाती है। सरकार बॉन्ड यील्ड और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन दरों पर फैसला लेती है। इस बार भी समीक्षा के बाद मौजूदा दरों को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।
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सरकार ने पेट्रोरसायन आयात पर शुल्क छूट 15 जुलाई तक बढ़ाई
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर शून्य सीमा शुल्क छूट की अवधि 15 दिन बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी है। सरकार ने दो अप्रैल को करीब 40 महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट दी थी। यह अस्थायी और लक्षित राहत 30 जून को समाप्त होने वाली थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अधिसूचना में सीमा शुल्क छूट की अवधि बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी।

आयात शुल्क में यह छूट प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़ा, दवा, रसायन, मोटर वाहन कलपुर्जों और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों जैसे पेट्रोरसायन कच्चा माल तथा मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर उद्योगों (डाउनस्ट्रीम) को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से दी गई थी। वित्त मंत्रालय ने दो अप्रैल को कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधान को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों पर 30 जून तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का फैसला किया है।
मंत्रालय ने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना, ‘डाउनस्ट्रीम’ उद्योगों पर लागत का दबाव कम करना और देश में आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखना है। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत उर्वरक और पेट्रोलियम का प्रमुख आयातक है।
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