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छत्तीसगढ़

मंत्री गजेंद्र बोले- देशहित में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें:रमन सिंह ने कहा- फैसला जरूरी था, भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार हिरण्यकश्यप

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रायपुर, एजेंसी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।

इसके अलावा भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।

यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।

इधर, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने ‘विजय रैली’ निकाली। रैली के दौरान स्टूडेंट्स ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ’एनटीए (NTA) रद्द करो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्रों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लड़ाई अभी भी बाकी है।

भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।
भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।

भूपेल बोले- छात्र नरसिंह के अवतार में आए

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं।

रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने जरूरी था फैसला

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस विषय को लेकर पूरी दुनिया भर में हल्ला मचाया जा रहा था, उसकी इतिश्री हो गई। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में सख्त से सख्त कानून बनाया जाएगा। 10 करोड़ और 10 साल की सजा जैसे कठोर कानून आने वाले समय में बनाएंगे जाएंगे ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।

गजेंद्र यादव बोले- देशहित में इस्तीफा वापस लें प्रधान

डॉ रमन सिंह के बयान के कुछ ही समय बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इससे बिल्कुल अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। जब एक बार जांच के लिए कमेटी गठित हो गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है, तो उसके बाद मुझे ऐसा लगता है कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि देशहित में इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।

12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा

2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट

जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।

कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।

NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।

ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।

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छत्तीसगढ़

हसदेव नदी में बिलासपुर चौकसे-कॉलेज के 3 छात्र बहे,तलाश जारी:सेल्फी लेते फिसला पैर, बचाने कूदे 2 स्टूडेंट्स भी लापता, देवरी पिकनिक मनाने गए थे

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए। बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं शुक्रवार को देवरी गांव पहुंचे थे। नदी किनारे सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए नदी में कूदे दो अन्य छात्र भी बह गए।

तीनों छात्रों का अब तक पता नहीं चल पाया है। नगर सैनिक गोताखोरों की टीम उनकी तलाश में जुटी है। घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है।

पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए।

पिकनिक मनाने गए कॉलेज के तीन छात्र हसदेव नदी के तेज बहाव में बह गए।

बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं पिकनिक मनाने गए देवरी गांव पहुंचे थे।

बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के 8 छात्र-छात्राएं पिकनिक मनाने गए देवरी गांव पहुंचे थे।

पिकनिक मनाने गए थे चौकसे कॉलेज के 8 स्टूडेंट्स

सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने बताया कि बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के बी फार्मा फर्स्ट ईयर के 8 छात्र-छात्राएं शुक्रवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे देवरी गांव पहुंचे थे। इनमें 4 लड़कियां और 4 लड़के शामिल थे।

बताया गया कि मुरारी साहू (22), पवन लाल (22) और सचिन सिंह (23) नदी किनारे सेल्फी लेने के लिए खड़े थे। इसी दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के लिए दोनों अन्य छात्र भी नदी में कूद गए। तेज बहाव के कारण तीनों छात्र नदी में बह गए और लापता हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर सैनिक गोताखोरों की टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस और गोताखोर तीनों छात्रों की तलाश में जुटे हुए हैं।

उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि तीनों छात्र अंबिकापुर, मरवाही और कवर्धा के रहने वाले हैं।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में सीनियर छात्रों ने जूनियर को लात-घूंसों से पीटा:लॉ-कॉलेज में प्रदर्शन करने से मना करने पर मारपीट, स्टूडेंट बोले-रैगिंग एंगल से हो जांच

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बिलासपुर/जांजगीर चांपा। बिलासपुर जिले के डीपी विप्र विधि महाविद्यालय में फ्रेशर स्टूडेंट के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने LLB फस्ट सेमेस्टर के छात्र तुषार दुबे पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया। छात्र के मना करने पर उसके साथ गाली-गलौज कर लात-घूंसों से मारपीट की। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि महेश साहू, अखिलेश समेत करीब दर्जनभर छात्रों ने तुषार को घेर लिया था। आरोप है कि इनमें कॉलेज के वर्तमान छात्रों के साथ ऐसे युवक भी शामिल थे, जो वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।

घटना के बाद जूनियर छात्रों में डर का माहौल है। छात्रों ने मामले की रैगिंग के एंगल से भी जांच कराने की मांग की है। जांजगीर चांपा निवासी पीड़ित तुषार की शिकायत पर पुलिस ने महेश साहू और अन्य साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

लॉ छात्र छात्र तुषार दुबे, जिसने प्रदर्शन करने से मना कर दिया था।

लॉ छात्र तुषार दुबे, जिसने प्रदर्शन करने से मना कर दिया था।

विवाद होने पर छात्रों ने तुषार को लात-घूंसों से पीटा।

विवाद होने पर छात्रों ने तुषार को लात-घूंसों से पीटा।

एक टीचर छात्र को मारपीट से बचाते भी दिखे।

एक टीचर छात्र को मारपीट से बचाते भी दिखे।

क्या है पूरा मामला

आरोप के मुताबिक, किसी टीचर से विवाद होने के बाद स्टूडेंट उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। सीनियर छात्रों ने तुषार पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया था। तुषार ने प्रदर्शन में बैठने से इनकार कर दिया।

इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। छात्रों का कहना है कि सीनियर होने के नाम पर जूनियर छात्रों पर दबाव बनाना और बात नहीं मानने पर मारपीट करना गंभीर मामला है।

पुराने छात्रों के भी कैंपस में सक्रिय होने का आरोप

मारपीट में ऐसे युवकों के शामिल होने का भी आरोप है, जो वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। छात्रों का आरोप है कि ये युवक अब भी कॉलेज परिसर में सक्रिय रहते हैं और छात्रों पर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश करते हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

सीनियर छात्र कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

सीनियर छात्र कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

रैगिंग के एंगल से जांच की मांग

जूनियर छात्रों का कहना है कि सीनियर छात्रों की जिम्मेदारी नए बच्चों का मार्गदर्शन करने की है, न कि उन पर किसी गतिविधि में शामिल होने का दबाव बनाने की। छात्रों ने कहा कि यदि नवप्रवेशी को उसकी इच्छा के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया और इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसकी रैगिंग के एंगल से भी जांच होनी चाहिए।

कॉलेज कमेटी ने कार्रवाई का लिया फैसला

प्राचार्य सुषमा तिवारी ने बताया कि, कुछ पुराने छात्र चलती क्लास में घुसकर इंट्रोडक्शन लेने लगे थे। शिक्षक के मना करने के बाद वे प्रदर्शन करने लगे और छात्रों को जबरन प्रदर्शन में बैठने के लिए कह रहे थे। एक छात्र के मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक हुई।

उन्होंने बताया कि जबरन विवाद करने वाले पुराने छात्रों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। उनके कॉलेज में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही मामले की जानकारी बार काउंसिल को भेजकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।

घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक हुई।

घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक हुई।

पुलिस बोली- शिकायत के बाद FIR दर्ज

इस मामले में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि मामला लॉ कॉलेज कैंपस का है। पीड़ित छात्र की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। कॉलेज प्रबंधन ने छात्र के आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

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कोरबा

बालको में सितंबर 2008 बैच का 18 साल पूरा, मिलन समारोह हुआ

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कोरबा/बालको नगर। बालको में सितंबर 2008 बैच के कर्मचारियों ने 18 वर्षों की सेवा पूरी होने पर वार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह में बैच के 35 कर्मियों ने हिस्सा लिया और अपने बालको में बिताए 18 साल के अनुभव साझा किए। उपलब्धियां और चुनौतियों को सामने रखा। बालको कर्मियों ने अपने सेवाकाल के कई यादगार किस्से सुनाए। पुराने साथियों से मिलकर माहौल उत्साह से भरा रहा।

इस आयोजन से कर्मियों के बीच आपसी स्नेह, सौहार्द, भाईचारा, एकजुटता मजबूत हुई। समारोह में राजशेखर साहू, गगन गुप्ता, टिकेश्वर चेलक, अमित शर्मा, कमलेश बोहरपी, ज्ञानेंद्र, सुमन यादव, देवेंद्र प्रताप, सुमित सोनी, कुंदन, आशीष शुक्ला, आशीष दुबे, मधुरेश श्रीवास्तव, संजय न नारवानी, जितेंद्र द्विवेदी, अभिषेक साहू, दुर्गेश साहू, पूर्णानंद साहू, केशव साहू, हेमंत वर्मा, अरविंद, विकास गुरुदीवान, लेखराज लोधी, प्रकाश ठाकुर, प्रकाश रघुवंशी समेत अन्य उपस्थित थे।

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