वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसी। अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं।
ईरान का दावा है कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरने से 5 लोगों की जान गई, जिनमें 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं खुजस्तान प्रांत में हुए हमले में 7 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए। अमेरिका का कहना है कि उसने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक करने का दावा किया है। इससे पहले 30 अगस्त को अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित लारक द्वीप पर दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हवाई हमला किया था।
अमेरिकी हमले के बाद क्षतिग्रस्त इमारत। यह तस्वीर ईरानी रेड क्रिसेंट द्वारा जारी वीडियो से ली गई है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि ये अमेरिकी हमलों में घायल हुए हैं।
हॉस्पिटल में घायल बच्चों का इलाज किया जा रहा है। वीडियो- सोशल मीडिया।
ईरान के सिरिक में हमले के बाद घटनास्थल पर जुटे लोग।
अमेरिका बोला- आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के आम नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।
दरअसल, ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका ने सिरिक में एक शादी समारोह पर हमला किया, जिसमें 2 बच्चों समेत कम से कम 4 लोगों की मौत हुई।
चीनी राष्ट्रपति बोले- पश्चिम एशिया में बाहरी दखल बंद होना चाहिए
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि पश्चिम एशिया के मामलों में बाहरी देशों को दखल देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लेकर दोहरा रवैया भी नहीं अपनाना चाहिए।
चीनी सरकारी मीडिया शिन्हुआ के मुताबिक, शी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से काहिरा में हुई मुलाकात के दौरान यह बात कही।
ईरान बोला – अमेरिका की बुनियाद हिला देंगें
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी हमलों के बाद कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान की नई रणनीति अमेरिका की ‘बुनियाद हिला देगी’।
रेजाई ने X पर लिखा कि ईरान सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीति और आर्थिक प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए भी नई रणनीति अपनाएगा।
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई। (फाइल फोटो)
होर्मुज स्ट्रेट में 2 ऑयल टैंकर सी माइंस से टकराए
IRGC ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे 2 ऑयल टैंकर सी माइंस से टकरा गए, जिससे वे क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद दोनों जहाजों के कर्मचारियों को बाहर निकालना पड़ा।
IRGC का कहना है कि ये टैंकर उनकी चेतावनी के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में एक ‘अवैध रास्ते’ से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसके पहले जानकारी सामने आई थी कि अमेरिकी सेना ने 2 ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया है।
ईरान के संसद स्पीकर ने अमेरिका को शैतान बताया
शादी समारोह पर मिसाइल हमले के बाद ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने अमेरिका को शैतान कहा। उन्होंने X पर लिखा, “जो ताकत शैतान की तरह काम करे, लोगों को मारे और निशाना बनाए, वह शैतान ही है।”
उन्होंने मीनाब के एक स्कूल पर हुए हमले का भी जिक्र किया। ईरान का दावा है कि इस हमले में 156 लोग मारे गए थे, जिनमें 120 बच्चे थे। अमेरिका का कहना है कि वह केवल ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
बिश्केक, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की है। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है।
दोनों नेताओं ने बिश्केक में द्विपक्षीय बैठक की। मोदी SCO समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। पजशकियान भी समिट में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक में मौजूद हैं।
इस समिट की थीम ‘शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ना’ है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान सहित 10 सदस्य देशों के नेता भाग लेंगे। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने अर्मेनिया के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
पीएम मोदी और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से बिश्केक में मुलाकात की। पीएम पशिन्यान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी और पीएम मोदी की पहली मुलाकात थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, माइनिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की।
पीएम पशिन्यान ने मोदी को आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के लागू होने की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
पीएम ने प्रवासी भारतीयों और शिक्षाविदों से मुलाकात की
पीएम मोदी ने किर्गिस्तान में भारत से जुड़े लोगों से मुलाकात की, जिनमें प्रवासी सदस्य, शिक्षाविद, शोधकर्ता, ITEC पूर्व छात्र और योग अभ्यासकर्ता शामिल थे।
10 देशों का समूह है SCO
भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। वहीं, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान SCO के संस्थापक देश हैं।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
पीएम मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और भारतीय समुदाय से बातचीत की।
4 पॉइंट में जानें भारत के लिए SCO समिट अहम क्यों…
खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है।
ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है।
नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।
शंघाई को-ऑपरेशन समिट (SCO) क्या है…
शंघाई को-ऑपरेशन समिट की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी। शुरुआत में इसके 6 सदस्य देश थे- चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान।
आज SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध, आर्थिक सहयोग, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ के दौरान सिर्फ 10 सेकेंड कई लोगों के लिए जिंदगी और मौत का फर्क बन गए। रसुवा कस्टम ऑफिस के अधिकारी करबीर गैरे ने बाढ़ का पानी आते देखा और लोगों को ऊंचाई की ओर भागने को कहा।
करीब 10 सेकेंड बाद तेज बहाव ने आसपास के ढांचे बहा दिए। नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी में बाढ़ की सूचना मिली।
इसके 15-16 मिनट बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन में करीब 6 लाख SMS अलर्ट भेजे गए। समय पर चेतावनी मिलने से कई लोग सुरक्षित जगह पहुंच सके।
नेपाल-तिब्बत में बाढ़ से 919 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले नेपाल में 903 मौते हुई हैं, जबकि तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है 4200 से ज्यादा लोग लापता हैं।
नेपाल त्रासदी की ताजा तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट में 32 साल की प्रबिता रोइला का उनके परिवार ने सूर्यामती नदी किनारे अंतिम संस्कार किया।
चितवन के जंगल में सामूहिक दफन स्थल पर शवों को कब्र तक ले जाते सशस्त्र पुलिस बल के जवान।
पुलिसकर्मी ने बाढ़ प्रभावित इलाके से एयरलिफ्ट किए गए शव से भरे बैग पर केमिकल डाला।
लापता लोगों के परिजनों से DNA सैंपल मांगे गए
नेपाल में लापता लोगों की पहचान के लिए उनके परिजनों से DNA सैंपल मांगे गए हैं। पुलिस ने माता-पिता और बच्चों से DNA देने के साथ लापता व्यक्ति की आखिरी बार देखे जाने की जगह और समय की जानकारी देने को कहा है।
नेपाल के बाहर रहने वाले ऐसे लोग, जिनके रिश्तेदार नेपाल में लापता हैं, उन्हें अपने देश में DNA प्रोफाइलिंग कराकर रिपोर्ट ईमेल से नेपाल पुलिस को भेजने को कहा गया है।
नेपाल के काठमांडू में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल की दीवारों पर लगी शवों की तस्वीरें देखते हुए परिवार और रिश्तेदार।
नेपाल बाढ़ में बहे 4 शव उत्तर प्रदेश में मिले
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 4 अज्ञात शव बहकर उत्तर प्रदेश पहुंच गए। ये शव नारायणी-गंडक नदी से यूपी के महाराजगंज जिले में मिले थे। इन्हें नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, शवों में 3 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पहचान नहीं होने के कारण पोस्टमॉर्टम के दौरान DNA सैंपल लिए गए हैं। ये सैंपल नेपाल प्रशासन के साथ साझा किए जाएंगे, ताकि लापता लोगों के परिजनों के DNA से उनका मिलान किया जा सके।
चीन ने नेपाल को डेटा न देने के आरोप को खारिज किया
चीन ने नेपाल के उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि चीन ने ग्लेशियरों की गतिविधियों और पानी के स्तर से जुड़े डेटा नहीं दिए। चीन ने कहा कि उसने नेपाल के साथ जरूरी जानकारी समय पर साझा की है।
रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल और चीन के अधिकारियों ने 27 मई को काठमांडू में बैठक की थी। इसमें बाढ़, मौसम और ग्लेशियर से जुड़े खतरों पर चर्चा हुई थी। नेपाल ने ग्लेशियरों में होने वाली शुरुआती हलचल और संभावित खतरे की जानकारी पहले देने की मांग की थी।
नेपाल के एक सरकारी हाइड्रोलॉजिस्ट ने कहा कि चीन भारी बारिश का अनुमान तो साझा करता है, लेकिन हिमस्खलन, पानी के स्तर, भूस्खलन और दूसरे बड़े प्राकृतिक खतरों की जानकारी नहीं देता।
हालांकि, चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक जानकारी खुले और पारदर्शी तरीके से जारी की गई थी। चीन के वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने 26 अगस्त की आपदा से 12 दिन पहले नेपाल को भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसे खतरों की चेतावनी भी ईमेल से भेजी थी।
नेपाल की मदद के लिए कई देश आगे आए
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का आंकड़ा अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। इस बीच कई देशों ने नेपाल के लिए आर्थिक और मानवीय मदद का ऐलान किया है।
भारत: विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने शवों की DNA जांच के लिए फोरेंसिक टीम और सुरंगों से कर्माचारियों को सुरक्षित निकालने में मदद के लिए टनल रेस्क्यू टीम तैनात की है। साथ ही भारत ने 10 टन मानवीय सहायता के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और सुरंग बचाव टीम भी भेजीं है।
ब्रिटेन: प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने 50 लाख पाउंड की मदद का ऐलान किया है। उन्होंने नेपाल की स्थिति को बेहद चिंताजनक और भयावह बताया।
यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 20 लाख यूरो की तत्काल मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। इस मदद का इस्तेमाल लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में किया जाएगा।
कनाडा: विदेश मंत्री अनिता आनंद ने 50 लाख कनाडाई डॉलर की मदद का ऐलान किया है। यह राशि संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य गैर-सरकारी संगठनों के जरिए राहत कार्यों में खर्च की जाएगी।
अमेरिका: अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। इससे आपातकालीन आश्रय, पानी, स्वच्छता और दूसरी जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
चीन: नेपाल में चीन के राजदूत के मुताबिक, चीन ने भी आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
नेपाल में सोमवार को सेना के एक ट्रेनिंग सेंटर में चीन के टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट पहुंचे।
सुरंगों में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली-3A समेत कई प्रोजेक्ट्स की सुरंगों के मुहाने पर जमा मलबा और कीचड़ हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
रेस्क्यू टीमों में नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। टीमें सुरंगों के अंदर मौजूद लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
बाढ़ के बाद सुरंगों के रास्ते मलबे से बंद हो गए हैं। ऐसे में भारी मशीनों और दूसरे उपकरणों की मदद से रास्ता खोलने का काम किया जा रहा है।
सद्गुरु का नेपाल के राहत कोष में रू.1 करोड़ देने का ऐलान
सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को काठमांडू में ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ कार्यक्रम में यह घोषणा की।
सद्गुरु ने कहा कि इतनी बड़ी आपदा से निपटने की जिम्मेदारी अकेले नेपाल की नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए भारत, चीन, पाकिस्तान, नेपाल और भूटान का साझा हिमालयी बोर्ड बनाने का सुझाव भी दिया।
नेपाल-चीन का अहम व्यापारिक रास्ता बाढ़ में तबाह
बाढ़ ने नेपाल-चीन के अहम व्यापारिक रास्ते रासुवागढ़ी-केरुंग बॉर्डर को भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ में सीमा चौकी, नेपाल-चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज और तिमुरे का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।
यह रास्ता नेपाल के लिए इसलिए अहम है क्योंकि चीन से आने वाला बड़ी मात्रा में सामान इसी रूट से देश में पहुंचता है। रास्ता बंद होने से सामान की आवाजाही प्रभावित हुई है और कारोबारियों की मुश्किल बढ़ गई है।
नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रासुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट की आपदा से पहले और बाद की तस्वीर।
नेपाल में बाढ़ के बाद जन-जीवन अस्त-व्यस्त
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद धादिंग के एक स्कूल में मलबे के बीच अपना बैग तलाशती छात्रा।
सैलाब के बाद घर में बचे सामान को समेटने की कोशिश करता स्थानीय निवासी।
बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी तट पर कीचड़ में पड़ा नेपाली झंडा।
बाढ़ के बाद सरस्वती प्रतिमा के आसपास जमा मलबा।
90% प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल
बाढ़ से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद मंत्रालय ने बिजली बहाल करने के साथ वैकल्पिक ऊर्जा की व्यवस्था पर भी काम शुरू किया है। मंत्रालय के मुताबिक, नुवाकोट के करीब 90% प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल हो चुकी है। रसुवा में भी बिजली बहाली का काम तेजी से चल रहा है।
बिजली और रोशनी की समस्या से निपटने के लिए मंत्रालय ने 2 किलोवाट के संस्थागत सोलर सिस्टम और 20 वाट के 500 सोलर सेट की व्यवस्था शुरू की थी। इन्हें दूसरे दिन ही वन-डोर सिस्टम के जरिए प्रभावित इलाकों में भेज दिया गया था।
नेपाल में तबाही के बाद की तस्वीरें…
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट मेंभीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद पेड़ उखड़ा और मकान क्षतिग्रस्त।
नुवाकोट में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कीचड़ में दबा क्षतिग्रस्त मंदिर।
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लेते लोग। तस्वीर 31 अगस्त की है।
तिब्बत बॉर्डर पर बनी झील का पानी निकला, बाढ़ का खतरा टला
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बनी बैरियर झील का पानी प्राकृतिक बहाव से निकल गया है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, झील में जमा पानी लगभग पूरी तरह बाहर निकल चुका है। इससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में झील के फटने से अचानक बाढ़ आने का खतरा फिलहाल टल गया है।
यह झील पिछले हफ्ते ग्लेशियर टूटने के बाद चोचेन खोला और चीन की पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। इसके पीछे करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था।
नेपाल में भारतीय फोरेंसिक टीम तैनात, DNA जांच में करेगी मदद
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें भेजी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम काठमांडू पहुंचकर काम शुरू कर चुकी है। यह टीम बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान के लिए DNA सैंपल की जांच में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी।
वहीं, भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में नेपाल सेना के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स में करीब 898 कर्मचारी अब भी फंसे हुए हैं।
न्यूयॉर्क, एजेंसी। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में शनिवार रात करीब 42 मिनट स्पीच दी। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। लोग अलग दिखते हैं, उनके रहने के तरीके हैं, लेकिन सभी के बीच एक जन्मजात जुड़ाव है।
भागवत ने कहा- विविधता में एकता भारत की पारंपरिक सोच है और देश समय-समय पर पूरी दुनिया को इसका एहसास कराता रहा है। उन्होंने आगे कहा- सोचने की क्षमता इंसान के लिए एक वरदान है। सही सोच इंसान को भगवान के करीब ले जाती है, जबकि गलत सोच उसे जानवरों के करीब ले जाती है।
न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में 5,000 से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए। इसका आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) ने किया। कार्यक्रम में 30 देशों के 180 धार्मिक नेता पहुंचे थे।
भागवत के भाषण की बड़ी बातें…
धर्म सिर्फ पूजा नहीं, जीवन को संतुलित रखने का नियम
भागवत ने कहा कि भारत में जिस सिद्धांत को धर्म कहा जाता है, उसे सिर्फ धर्म या पूजा के तौर पर नहीं समझना चाहिए। धर्म वह व्यवस्था है जो ब्रह्मांड और जीवन को संभालती है। यह जीवन की अलग-अलग स्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
सिर्फ भौतिक सुख से जिंदगी में संतुष्टि नहीं मिलती
भागवत ने कहा कि पैसा, सामान और दूसरी भौतिक सुविधाएं हमेशा खुशी नहीं दे सकतीं। भौतिक सुख अस्थायी होता है और बहुत ज्यादा सुविधाएं होने के बावजूद संतुष्टि की कमी रह सकती है।
अमेरिका कर्मभूमि है, उसके प्रति सच्चे रहें
अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से भागवत ने कहा कि आपकी पहली जिम्मेदारी अपनी कर्मभूमि के प्रति है, उसके प्रति वफादार रहना चाहिए।
जीवन में सीधे संन्यास नहीं, हर पड़ाव की अपनी जिम्मेदारी
भागवत ने कहा कि इंसान के जीवन में चार चरण होते हैं- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। पहले सीखना, फिर परिवार और समाज को संभालना और बाद में अपने अनुभव अगली पीढ़ी को देना जरूरी है।
व्यक्ति, समाज और पर्यावरण साथ आगे बढ़ें
भागवत ने कहा कि प्रगति के लिए न व्यक्ति को दबाना चाहिए और न समाज को। व्यक्ति, समाज और पर्यावरण की भलाई साथ-साथ होनी चाहिए।
कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें…
भागवत के लिए भारतीय प्रवासियों ने पारंपरिक लोकगीत गाए।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS चीफ भागवत के संबोधन से पहले बड़ी संख्या में लोग जुटे।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भारतीय महिलाओं ने पुरुषों को राखी बांधी।
मैडिसन में संबोधन से पहले टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर भागवत की तस्वीरें दिखाई गईं।