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कोरबा

परीक्षा परिणाम से नाखुश हैं तो 24 मई तक करना होगा आवेदन

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कोरबा । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षा का परिणाम 9 मई को घोषित किया है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है।

जबकि कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो घोषित परिणाम से असंतुष्ट हैं या उन्हें पूरक घोषित किया गया है। ऐसे असंतुष्ट छात्रों को परीक्षा दिवस से 15 दिन के अंदर पुनर्गणना (अंकों का सत्यापन), पुनर्मूल्यांकन, उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन करना पड़ता है। तीनों प्रक्रिया के लिए, अथवा किन्ही दो प्रक्रिया के लिए अथवा किन्हीं एक प्रक्रिया के लिए मंडल द्वारा शुल्क का निर्धारण कर दिया है, जिसके साथ आवेदन करना होगा। अब ऐसे छात्रों के पास 24 मई तक आवेदन करने का अवसर है। इस अवधि में अगर वे अपनी शंका का समाधान करने आवेदन की प्रक्रिया नहीं करते हैं तो उन्हें अलग से समय नहीं मिल पाएगा। छग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रावधान दिया गया है कि अगर बोर्ड में पूरक अथवा अनुत्तीर्ण घोषित हुए हैं और पुनर्मूल्यांकन के उपरांत किसी विषय में 10 प्रतिशत या उससे अधिक अंक बढ़ता है, लेकिन परीक्षाफल में कोई परिवर्तन नहीं होता है तो अंक वृद्धि मान्य नहीं की जाएगी। इस स्थिति में पुनर्मूल्यांकन कराने वाले अभ्यर्थियों को नवीन अंक सूची नहीं दी जाएगी। पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना, उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति प्राप्त करने जमा शुल्क किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं होगा।

आवेदन के लिए निर्धारित किया गया है शुल्क पुनर्गणना के लिए प्रति विषय 100 रुपए, पुनर्मूल्यांकन के लिए 500 रुपए व उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति के लिए प्रति विषय 500 रुपए शुल्क छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा तय की है। अभ्यर्थी किसी एक या दो या तीनों प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रारूप मंडल की वेबसाइट सीजीबीएसई.एनआईसी.इन से प्राप्त किए जा सकते हैं। जिसे भरकर निर्धारित शुल्क के साथ अग्रेषण संस्था में जमा किया जा सकता है। अभ्यर्थी मंडल की वेबसाइट पर स्वयं अॉनलाइन आवेदन भी कर सकता है।

पूरक परीक्षार्थी भी इसी अवधि में करेंगे आवेदन माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के सचिव पुष्पा साहू ने आदेश में कहा कि जो छात्र पूरक हैं और पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन, उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति अवलोकन के लिए आवेदन किए हैं। वे छात्र पूरक परीक्षा के लिए भी इसी अवधि में परीक्षा आवेदन फार्म भर सकते हैं। उन्हें पृथक से पूरक परीक्षा फार्म भरने के लिए समय नहीं दिया जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने वाले छात्र गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल साडा टीपीनगर में दस्तावेज जमा करेंगे।

10वीं में 787 और 12वीं में 1109 छात्र हैं पूरक 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों में से 787 छात्र पूरक घो‌षित हुए हैं, जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा देने वालों में से 1109 छात्र-छात्राएं पूरक आई हैं। ये छात्र अपनी कापी की जांच, अंकों की दोबारा गणना कराते हैं। साथ ही पूरक परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे। ऐसे छात्रों को बोर्ड द्वारा दिए गए समय का ध्यान रखना होगा। 10वीं में 2 विषय से अधिक में अनुत्तीर्ण छात्रों को अवसर परीक्षा का लाभ लेने के लिए आवेदन करना होगा।

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कोरबा

NTPC में दो डीजीएम अधिकारियों के घरों में चोरी:दोनों के परिवार घर से बाहर गए थे,लाखों की चोरी की आशंका, वारदात CCTV में कैद

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कोरबा। कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र में एनटीपीसी के दो डीजीएम अधिकारियों, रंजन कुमार श्रीवास्तव और जीवराज जाट के सरकारी आवासों में चोरी हो गई। यह घटना 11 फरवरी की रात की है, जब दोनों अधिकारी अपने परिवारों के साथ शहर से बाहर गए हुए थे। अज्ञात चोरों ने उनके घरों को निशाना बनाया और कीमती सामान चुरा लिया।

अगली सुबह जब पड़ोसियों ने घरों के ताले टूटे देखे, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।

डीजीएम जीवराज जाट का परिवार दो दिन पहले अपनी बेटी की शादी के लिए राजस्थान गया हुआ है। पड़ोसियों ने उन्हें फोन पर घटना की जानकारी दी। जाट ने बताया कि चोरी हुए सामान और उसकी कीमत का सही आकलन उनके वापस आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने उनके कमरे को सुरक्षित कर दिया है।

चोरी की वारदात की तस्वीरें

वहीं, दूसरे डीजीएम रंजन श्रीवास्तव का परिवार तीर्थ यात्रा पर निकला था। उन्हें भी चोरी की सूचना दी गई है और वे वापस लौट रहे हैं। उनके घर से क्या-क्या चोरी हुआ है, यह उनके आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

लाखों की चोरी होने की आशंका

रंजन श्रीवास्तव डी/109 और जीवराज जाट डी/108 में निवास करते हैं। दोनों एनटीपीसी में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, उनके घरों से लाखों रुपए की चोरी होने की आशंका है। चोरों ने घरों के भीतर सामान को भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर नुकसान पहुंचाया।

चोरी की वारदात सीसीटीवी में कैद

एनटीपीसी कॉलोनी में सुरक्षा के लिए कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद चोरी की इस घटना को अंजाम दिया गया। चोरों की करतूत एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पुलिस को जांच में मदद मिल सकती है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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कोरबा

रामसागर पारा आंगनबाड़ी केंद्र पर ‘वजन उत्सव’ का आयोजन

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कोरबा। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले के रामसागर पारा, वार्ड क्रमांक 1 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के सभी बच्चों का एक-एक कर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन किया गया।

आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के अभिभावकों को नियमित वजन कराने के महत्व एवं संतुलित और पौष्टिक आहार देने के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिशुवती एवं गर्भवती माताओं को भी पोषण संबंधी आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना हेड़ताल, राहिजा रविंद्रम, सुषमा राम, सहायिका विमल जगत, मितानिन कार्यकर्ता कृष्णा कुशवाहा, भगवती मरावी, संजना पटेल, मधु जगत, छाया मसीह सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

इसके अलावा उर्मिला पांडे, रश्मि मिश्रा, जय सिंह नेताम, संतोष गुप्ता एवं हर्ष शेखर पटेल सहित वार्ड के गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

आंगनबाड़ी क्रमांक 3, रामसागर पारा (ठेला मोहल्ला), वार्ड क्रमांक 1 में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना और कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से अभिभावकों में जागरूकता बढ़ी तथा बच्चों के समुचित विकास पर बल दिया गया।

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कोरबा

बालको की ‘कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम’ मेधावी युवाओं के सपने को कर रहा साकार

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के सामुदायिक विकास का उद्देश्य केवल शिक्षा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ बालको सामुदायिक विकास द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ के माध्यम से कबीरधाम जिले के दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के युवाओं को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन एवं अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

इस पहल के अंतर्गत चयनित सभी 20 अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन मिल है। लाभान्वित अभ्यर्थी विभिन्न गांव और साधारण परिवार से आते हैं। किसी के माता-पिता खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं, तो किसी के पास पढ़ाई के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कई विद्यार्थियों ने प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय कर बालको संचालित कोचिंग सेंटर में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारे जारी रखी। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की नई दिशा दी। आर्थिक सीमाएं, दूर-दराज से रोज़ाना यात्रा और संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती थीं, लेकिन आगे बढ़ने का जज़्बा सभी में समान था।

किसान परिवार से आने वाली अनुपा के लिए सीमित संसाधनों के कारण प्रतियोगी परीक्षाएं कभी एक दूर का सपना हुआ करती थीं। यह सपना तब साकार होने लगा, जब उन्हें बालको कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा संचालित भोरमदेव विद्यापीठ कोचिंग कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिला। कवर्धा जिले के छोटे से गांव मंझोली से निकलकर अनुपा ने अपने समाज की पहली बेटी बनकर सरकारी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने एसएससी-जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयन पाकर एक नई मिसाल कायम की है।

अनुपा कहती हैं कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से सरकारी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध न हों। बालको के कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ कार्यक्रम ने मुझे एक व्यवस्थित वातावरण, निरंतर मेंटरशिप और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आत्मविश्वास दिया। मैं बालको की बेहद आभारी हूं कि उन्होंने यह केंद्र शुरू किया और मुझ जैसी छात्राओं पर भरोसा किया। इस अवसर ने मेरी ज़िंदगी बदल दी है और मुझे उम्मीद है कि मेरे जैसे गांवों की और भी बेटियां बड़े सपने देखने का साहस करेंगी।

चयनित युवाओं ने अपनी सफलता का श्रेय बालको सामुदायिक विकास तथा भोरमदेव विद्यापीठ के शिक्षकों और प्रबंधन को देते हुए आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने नौकरी के साथ-साथ भविष्य में उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखने का संकल्प भी लिया है।

इन सभी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब बालको की सामुदायिक विकास पहल समुदाय की वास्तविक आकांक्षाओं को समझकर काम करती हैं, तो वे केवल सफलता का रास्ता नहीं खोलतीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बेटियों के लिए नई संभावनाओं की परिभाषा ही बदल देती हैं। सही मार्गदर्शन, संसाधन और विश्वास मिल जाए, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। बालको सामुदायिक विकास भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर प्रदान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

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