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कोरबा

जयसिंह अग्रवाल ने जन्माष्टमी पर विभिन्न मंदिरों में की पूजा-अर्चना

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बालस्वरूप श्रीकृष्ण को झूला झुलाया, कोरबावासियों के सुख-समृद्धि की कामना

कोरबा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया।

श्री अग्रवाल ने सप्तदेव मंदिर, श्री श्याम मंदिर, राम-जानकी मंदिर सहित परसाभाठा, बालको स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर तथा शहर के अन्य मंदिरों में दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बालस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धापूर्वक झूला झुलाया तथा क्षेत्रवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। विभिन्न मंदिरों में उन्होंने श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों से भेंट कर उन्हें जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल हमारी धार्मिक आस्था का आधार नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का साथ नहीं छोड़ा तथा कर्म को सर्वोच्च महत्व दिया। श्रीकृष्ण का यही संदेश आज के समय में भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व हमें अपने भीतर प्रेम, करुणा, धैर्य और सकारात्मकता का भाव विकसित करने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने समाज को यह संदेश दिया कि अन्याय के सामने मौन रहना उचित नहीं, बल्कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए दृढ़ता के साथ खड़ा होना आवश्यक है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे पर्व और धार्मिक परंपराएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर सभी वर्गों के लोग एक साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं, जो सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता की सुंदर मिसाल है। उन्होंने युवाओं और नई पीढ़ी से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को समझने तथा उसे अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण हमें सिखाते हैं कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य, सत्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाएं, जहां प्रेम हो, परस्पर सम्मान हो और हर व्यक्ति के सुख-दुःख में साथ खड़े होने की भावना हो।”
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट एवं धार्मिक आयोजन किए गए। भगवान श्रीकृष्ण के बालस्वरूप के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तिमय वातावरण के बीच श्री अग्रवाल ने भी श्रद्धालुओं के साथ उत्सव में सहभागिता की और सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

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कोरबा

तेज रफ्तार बाइक पेड़ से टकराई, 2 नाबालिगों की मौत:कोरबा में मोड़ पर बेकाबू हुई, अगला हिस्सा टूटा, बिना हेलमेट चला रहे थे बाइक

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कोरबा। कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र के लिटियाखार गांव में शुक्रवार शाम तेज रफ्तार बाइक बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार 2 नाबालिग लड़कों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक करण चौहान (16) बाइक चला रहा था और राजा नेटी (14) पीछे बैठा था। दोनों तिवरता से लिटियाखार की ओर लौट रहे थे। शाम के समय एक मोड़ पर तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद जुटी भीड़

घटना की जानकारी मिलते ही राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने दीपका पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों के परिवारों को हादसे की जानकारी दी। पुलिस ने हीरो डीलक्स बाइक क्रमांक CG 12 BQ 4982 को कब्जे में ले लिया है।

बिना हेलमेट तेज रफ्तार में चला रहे थे बाइक

स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों नाबालिग बिना हेलमेट बाइक चला रहे थे। तेज रफ्तार के कारण मोड़ पर बाइक बेकाबू हुई और सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर में बाइक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

शनिवार सुबह हुआ पोस्टमॉर्टम

देर रात होने के कारण दोनों शवों को अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। शनिवार सुबह पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिगों को वाहन न दें और हमेशा हेलमेट समेत यातायात नियमों का पालन करें।

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कोरबा

चलते ट्रक में कोरबा पहुंचा दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक:हवा में ग्लाइड करता है स्नेक, RCRS टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू, देखने जुटी भीड़

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कोरबा। कोरबा में एक दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह सांप धरमजयगढ़ इलाके से एक चलते ट्रक पर चढ़कर कोरबा पहुंच गया था। समय रहते लोगों की नजर उस पर पड़ गई, जिससे उसकी जान बच गई।

दरअसल, टीपी नगर के ट्रक स्टैंड में एक ट्रक के पीछे लोगों ने खूबसूरत और रंग-बिरंगा सांप देखा। ट्रक ड्राइवर अनिल निषाद ने बताया कि सांप का रंग और रूप आम सांपों से अलग था। पहचान नहीं होने पर उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

वन विभाग ने RCRS (रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी) की हेल्पलाइन पर जानकारी दी। सूचना मिलते ही RCRS अध्यक्ष अविनाश यादव के साथ मनस, उमेश, सौम्य और अतुल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सांप की पहचान फ्लाइंग स्नेक के रूप में की। दुर्लभ प्रजाति होने के कारण उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।

RCRS टीम ने कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को इसकी जानकारी दी। उनके निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन्यजीव रेस्क्यू के नियमों का पालन करते हुए सांप को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हाइड्रोलिक मशीन के पास छिपा था सांप

सांप ट्रक के पीछे लगी हाइड्रोलिक मशीन के पास बैठा था। वहां से उसे निकालना काफी मुश्किल था, क्योंकि वह मशीन के अंदर जा सकता था। अगर ऐसा होता तो उसे ढूंढना मुश्किल हो जाता। मशीन चालू होने पर सांप के दबने या घायल होने का भी खतरा था। टीम ने सावधानी से रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाला।

ट्रक ड्राइवर अनिल निषाद ने बताया कि ट्रक धरमजयगढ़, छाल और घरघोड़ा होते हुए सामान लेकर कोरबा आया था। आशंका है कि रास्ते में किसी पेड़ से सांप ट्रक पर चढ़ गया होगा और चलते ट्रक के साथ ही कोरबा पहुंच गया।

उड़ता नहीं, हवा में ग्लाइड करता है फ्लाइंग स्नेक

फ्लाइंग स्नेक वास्तव में उड़ता नहीं है, बल्कि पेड़ों के बीच हवा में ग्लाइड करता है। यह ज्यादातर पेड़ों पर रहता है। एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर जाने के लिए यह ऊंचाई से छलांग लगाता है और अपने शरीर को चपटा व चौड़ा कर लेता है। इसके बाद शरीर को लहराते हुए हवा में अपनी दिशा तय करता है।

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कोरबा

NTPC कोरबा की 7 यूनिट 36 घंटे से बंद:बे-ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान खराबी, छत्तीसगढ़ समेत सात राज्यों में संकट, ब्लैकआउट की जांच जारी

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बिजली उत्पादक एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में एक ब्रेकडाउन हो गया है। पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) द्वारा बे-ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान आई इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण एनटीपीसी कोरबा की सभी सातों इकाइयां एक साथ बंद हो गईं थीं।

हालांकि, शनिवार को एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष ने बताया कि तीन इकाइयों को दोबारा चालू कर दिया गया है। इनमें 500-500 मेगावाट की दो और 200 मेगावाट की एक इकाई शामिल है। बाकी चार इकाइयों को भी सुरक्षा और तय प्रक्रिया के तहत क्रमवार चालू करने का काम जारी है।

इस ब्रेकडाउन के कारण एनटीपीसी कोरबा का 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। एनटीपीसी कोरबा की कुल क्षमता 2600 मेगावाट है, जिसमें 200 मेगावाट की तीन और 500 मेगावाट की चार इकाइयां शामिल हैं। सभी सातों इकाइयों के एक साथ बंद होने से संयंत्र में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई।

ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट

जानकारी के मुताबिक, PGCIL की टीम PGCIL बे में ब्रेकर की जांच और टेस्टिंग कर रही थी। इसी दौरान अचानक इलेक्ट्रिकल फाल्ट हुआ, जिसका असर सीधे एनटीपीसी की सभी यूनिटों पर पड़ा। फाल्ट इतना बड़ा था कि सभी यूनिटें एक के बाद एक बंद होती चली गईं। बताया गया कि फाल्ट के बाद पूरे प्लांट में अंधेरा छा गया और सहायक व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं।

छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में असर

इस घटना का असर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ दूसरे राज्यों की बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है। एनटीपीसी कोरबा से छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा सहित कई राज्यों को बिजली सप्लाई की जाती है। उत्पादन ठप होने से ग्रिड पर भी दबाव बढ़ गया है।

जमनीपाली टाउनशिप में बिजली गुल

जमनीपाली स्थित एनटीपीसी टाउनशिप में भी डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही। बाद में डीजी सेट और वैकल्पिक व्यवस्था से टाउनशिप की सप्लाई बहाल की गई। देर रात तक स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से टाउनशिप में अंधेरा पसरा रहा। शनिवार सुबह तक भी यूनिटें शुरू नहीं हो सकी थीं।

ब्लैकआउट के बाद NTPC कोरबा की तीन यूनिटें फिर शुरू

इस संबंध में शनिवार को एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष से बात की गई। उन्होंने बताया कि कल हुए ब्लैकआउट के बाद एनटीपीसी कोरबा की तीन बिजली उत्पादन इकाइयों को दोबारा चालू कर दिया गया है। इनमें 500 मेगावाट की दो और 200 मेगावाट की एक इकाई शामिल है।

वहीं, बाकी चार इकाइयों को चालू करने का काम भी जारी है। इन्हें सुरक्षा और तय प्रक्रिया के अनुसार एक-एक करके शुरू किया जा रहा है। ब्लैकआउट की वजह क्या रही, इसकी भी जांच की जा रही है।

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