नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली हॉस्टल मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।
कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
वहीं, पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।
हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लोगों को बचाया गया है। इनमें 5 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेश पूरा हो चुका है।
हॉस्टल हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। हॉस्टल 5 मंजिला इमारत में था, जो करीब 40 साल पुरानी थी। दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।
हादसे से लेकर रेस्क्यू तक की तस्वीरें
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को दोपहर 1.30 बजे बिल्डिंग गिरी
हादसे के बाद चारों तरफ मलबा बिखर गया। एक आदमी धूल के बीच खड़ा दिख रहा है।
रेस्क्यू टीम हादसे के बाद बिल्डिंग के मलबे को हटाने में जुटी है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दमकल, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
राहुल बोले- कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है
राहुल गांधी ने सोमवार को X पर लिखा कि हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
उन्होंने कहा कि 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की।
दिल्ली सरकार ने कार्रवाई का आदेश दिया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन घटना के बाद सख्त और व्यापक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
नई दिल्ली, एजेंसी। कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद अब उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट के साथ चमोली में बद्रीनाथ-हेमकुंड की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ गई है।
बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बन गई है। राज्य के 12 जिलों में 22.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर में रिंग बांध ओवरफ्लो होने से सुल्तानगंज के करीब 4 हजार घर पानी में डूब गए।
वहीं, यूपी में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। बरेली में रविवार दोपहर से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते फायर स्टेशन में 3 फीट तक पानी भर गया। घरों के किचन और बेडरूम तक घुटनों तक पानी पहुंच गया।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से बांधों के गेट खोले जा रहे हैं।
बिहार में गंगा-पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दियारा इलाके में पानी घरों तक पहुंच गया है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी कस्बे में दुकानों में पानी घुस गया।
मुरैना में पानी में डूबे गुराह नाले का पुल पार करने के लिए लोग रस्सी और कढ़ाही का सहारा ले रहे हैं।
यूपी के रामपुर के बाढ़ से घिरे भैया नगला गांव में पुल बह जाने से जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
देहरादून के जैंतनवाला में नून नदी उफान पर आ गई, जिससे पिकअप बह गया।
पश्चिम बंगाल में 9 सितंबर तक भारी बारिश
पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 9 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसकी वजह सक्रिय मानसून और उत्तर प्रदेश से पूर्व की ओर बढ़ रहा कम दबाव का क्षेत्र है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
कोच्चि, एजेंसी। एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में तकनीकी खराबी के कारण एक इंजन के सहारे कोच्चि लौटना पड़ा और यहां इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह बोइंग 737 विमान अबू धाबी जा रहा था। करीब 50 मिनट की उड़ान के बाद पायलट ने इसके एक इंजन में ऑयल प्रेशर कम पाया। तब यह 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था।
इंजन में ऑयल खतरनाक स्तर तक कम हो गया, तब दोनों पायलट ने इसे बंद करने का फैसला किया। वे एक इंजन सहारे ही कोच्चि लौटे।
चूंकि विमान ने करीब दो घंटे की ही उड़ान भरी थी इसलिए इसमें फ्यूल ज्यादा था। ऐसे में यह ओवरवेट लैंडिंग थी, जो और भी जोखिम भरी होती है।
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा- रिपोर्ट्स सही नहीं
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा, ‘एक हफ्ते पहले हमारी कोच्चि-अबू धाबी की एक फ्लाइट ने तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वापस कोच्चि लौटने का फैसला किया था। इस घटना को सही समय और पूरे संदर्भ के बिना पेश करने वाली रिपोर्ट्स यात्रियों और आम लोगों के बीच अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं।’
पायलट ने पहले मुंबई से संपर्क साधा
एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ऑयल की मात्रा घटने के बाद ही क्रू ने अबु धाबी जाने की बजाय कोच्चि जाने का फैसला किया। कमांडर ने पहले इसकी जानकारी मुंबई ATC को दी और बताया कि विमान कोच्चि लौट रहा है।
एक इंजन खराब तो दूसरे से उड़ता है विमान
दो इंजन वाला कोई भी विमान इमरजेंसी में एक इंजन से भी उड़ सकता है। सिर्फ उसकी ताकत और ऊंचाई पर जाने की क्षमता कम हो जाती है। पायलट उसे एक ही इंजन से ऐसे एयरपोर्ट की ओर ले जाता है, जहां सुरक्षित लैंडिंग की जा सके।
ओवरवेट लैंडिंग से विमान को नुकसान हो सकता है
हर विमान के लिए एक अधिकतम लैंडिंग वजन तय होता है। सामान्य स्थिति में विमान को इससे ज्यादा वजन के साथ नहीं उतारा जाता। लेकिन इमरजेंसी में अगर तय सीमा से ज्यादा वजन के साथ उतारना पड़े, तो इसे ओवरवेट लैंडिंग कहते हैं।
विमान का वजन ज्यादा होने पर लैंडिंग स्पीड और लैंडिंग एनर्जी बढ़ सकती है। इससे ब्रेक और रनवे पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। ज्यादा लंबे रनवे की जरूरत हो सकती है।
लैंडिंग कितनी मुश्किल होगी, यह विमान की गति, रनवे की हालत, हवा की गति और ढलान पर भी निर्भर करता है। इसलिए ओवरवेट लैंडिंग के बाद विमान की जांच की जा सकती है कि उसे कोई नुकसान तो नहीं हुआ।
अब इसे ऐसे समझें
कोच्चि से अबू धाबी की हवाई दूरी करीब 2,800 किमी है। उड़ान में करीब 4 घंटे लगते हैं। विमान ने करीब 50 मिनट बाद 36 हजार फीट की ऊंचाई पर तकनीकी खराबी की वजह से लौटने का फैसला किया।
यानी विमान ने यात्रा का करीब एक चौथाई समय ही पूरा किया था। इस वजह से उसमें सामान्य उड़ान की तुलना में काफी ईंधन बचा हुआ था। यात्रियों और लगैज के साथ विमान में ईंधन का वजन भी शामिल होता है, इसलिए वापस लौटते समय उसका लैंडिंग वजन तय वजन से ज्यादा था। इसलिए इसे ओवरवेट लैंडिंग कहा गया।
फ्लाइटरडार24 का यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
3 सितंबर को भी फ्लाइट में तकनीकी खराबी आई थी
इससे पहले भी 3 सितंबर को वाराणसी से दिल्ली जा रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।
सूत्रों के मुताबिक विमान के कार्गों में धुएं का अलार्म बजा था। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयरपोर्ट संपर्क किया। विमान के उतरते ही रिस्पॉन्स टीम ने मोर्चा संभाला। फायर बिग्रेड और टेक्निकल एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। विमान की जांच की गई।
सागर, एजेंसी। सागर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। मरने वालों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। 112 लोग ऐसे हैं, जिनकी जहरीली शराब पीने से हालत बिगड़ी है। उन्हें सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मामले में शराब बेंचने वाले ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 10 को अरेस्ट कर लिया गया है।
सोमवार सुबह महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी ने दम तोड़ा। इससे पहले एयरलिफ्ट कर भोपाल लाए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार देर रात को मौत हुई थी। उनके पिता गोविंद लोधी ने भी रविवार को दम तोड़ दिया था। रामप्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी सागर में भर्ती है। वहीं, दोपहर में गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और देश कुमार लोधी, निवासी मुड़ना पैरा की भी मौत हुई है।
नकली शराब पीने से बीमार करीब 112 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
परिजन बोले- शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
जहरीली शराब से मरने वाले महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने कल शाम को शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वहीं, श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने कहा- हम मामा के घर गमी में गए थे। मां घर में अकेली थी।
उन्होंने गांव में किसी से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।
एक शख्स ने पूछा था- जहरीली शराब तो नहीं है
बंडा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।
जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से अपनी गाड़ी से नया सस्ता ब्रांड भेजा है। उसने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। अनूप ने कहा कि उसे आज शराब नहीं पीनी है। राजेंद्र ने पूछा कि नकली जहरीली शराब तो नहीं है।
दुकानदार जुझार ने कहा- 20 रुपए सस्ती मिलेगी
शराब दुकानदार जुझार लोधी ने कहा- ब्रांड वही है और इसे मनीष व आशीष ने शराब के फार्मूले से बनाया है। उसने कहा कि यह बाजार से 20 रुपए सस्ती मिलेगी। राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपए में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी।
रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई। करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत हुई।
बंडा में नकली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस ने इन लोगों पर दर्ज की FIR
पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
ग्रामीण बोले- ततरवारा गांव से होती थी शराब की सप्लाई
नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाई जा रही है। यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई होती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, शराब बनाने के काम में कई प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हैं। उनकी दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर नाम लेने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस भी ततरवारा गांव में शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।
बंडा के मॉर्चुरी कक्ष में शव ले जाने के लिए लगी वाहनों की कतार।
10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रहे
सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें थाने लाकर पूछताछ की जा रही है।
उनसे शराब के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बंडा के ग्राम बमूरा भेड़ा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
जीतू पटवारी बमूरा भेड़ा गांव में मृतकों के परिजन से मिले।
जीतू पटवारी का दावा- 50 से ज्यादा लोगों की मौत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- इस त्रासदी के कारण कई परिवारों में मातम छा गया है, जहां छोटे-छोटे बच्चों और बेटियों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। पटवारी ने दावा कि जहरीली शराब से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
पटवारी बोले- SP पर तत्काल FIR हो
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने SP अनुराग सुजानिया के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि मुरैना में हुई जहरीली शराब त्रासदी के दौरान भी वे SP थे। अब सागर में भी ऐसी घटना हुई है। पटवारी ने SP पर तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।
कमलनाथ बोले- दवा से लेकर शराब तक सब जहरीला बिक रहा
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- जहरीली शराब से 22 मौतें गंभीर है। जिन शराब ब्रांड पर पहले सवाल उठे थे, सरकार की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप, इंदौर में जहरीला पानी और अब सागर में जहरीली शराब से मौतें बताती हैं कि प्रदेश में दवा से लेकर शराब तक सब कुछ जहरीला बिक रहा है। यह सब सरकार की मिलीभगत से हो रहा है।
गांव की गली-गली में बिखरी पड़ी शराब की बोतलें।
शराब में मेथेनॉल की मिलावट पाई गई
बताया गया कि जहरीली शराब का स्रोत जांच का विषय है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई थी। इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।
मेथेनॉल एक तरह का जहरीला अल्कोहल
मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कामों में किया जाता है, जैसे सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ केमिकल बनाने में। शराब में मेथेनॉल की मिलावट” का मतलब है कि शराब में ऐसा जहरीला केमिकल पाया गया, जिसे पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है और जान भी जा सकती है।