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कोरबा

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री सप्तदेव मंदिर बना वृंदावन धाम : 33वें जन्माष्टमी महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्रीकृष्ण के दर्शन

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कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल एवं महापौर संजू देवी राजपूत सहित अनेक गणमान्यजनों ने किया दर्शन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने घोष वंदन किया
भव्य झांकियों, भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव ने श्रद्धालुओं को कराया वृंदावन की अनुभूति

कोरबा। श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस वर्ष अपने 33वें वर्ष में अभूतपूर्व भव्यता, श्रद्धा, आस्था एवं धार्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पूरा श्री सप्तदेव मंदिर परिसर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो कोरबा में ही वृंदावन धाम साकार हो उठा हो।

भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं पर आधारित भव्य एवं जीवंत झांकियों, आकर्षक विद्युत सज्जा, भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नंदोत्सव, आतिशबाजी एवं धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अनेक गणमान्यजनों ने किया दर्शन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नरेन्द्र देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा विभिन्न समितियों के सदस्य श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचे।

सभी गणमान्यजनों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर परिसर में बनाई गई भव्य एवं जीवंत झांकियों का अवलोकन किया तथा पूरे आयोजन की भव्यता, धार्मिक वातावरण एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

गणमान्य अतिथियों एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप को धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर किए जा रहे कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

1994 से चली आ रही परंपरा ने लिया विराट स्वरूप

श्री सप्तदेव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की परंपरा वर्ष 1994 से प्रारंभ हुई थी। उस समय भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित छोटी-छोटी झांकियों के माध्यम से जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाता था। समय के साथ श्रद्धालुओं एवं समाज के सहयोग से यह परंपरा निरंतर विस्तारित होती गई और आज यह आयोजन कोरबा के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपना विशिष्ट स्थान बना चुका है।

आज जन्माष्टमी के अवसर पर केवल कोरबा ही नहीं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचते हैं। नगरवासियों एवं भक्तों को इस भव्य आयोजन का वर्षभर बेसब्री से इंतजार रहता है।

भव्य झांकियों ने कराया वृंदावन एवं सनातन संस्कृति का सजीव दर्शन

इस वर्ष श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रामायण एवं महाभारत के प्रसंगों तथा सनातन धर्म की विविध आध्यात्मिक एवं धार्मिक कथाओं पर आधारित अत्यंत आकर्षक एवं जीवंत झांकियां सजाई गईं।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म
  • वासुदेव जी द्वारा श्रीकृष्ण को यमुना पार ले जाने का दृश्य
  • पूतना वध
  • वकासुर वध
  • श्री राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी
  • भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप
  • गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण करते भगवान श्रीकृष्ण
  • भगवान श्रीकृष्ण के दशावतार
  • श्री खाटू श्याम जी
  • मां श्री राणी सती दादी
  • द्रोपदी चीरहरण
  • श्रीराम शिला एवं रामसेतु निर्माण करते नल-नील
  • अशोक वाटिका में माता सीता
  • अयोध्या का भव्य श्रीराम मंदिर
  • काशी का श्रीकृष्ण मंदिर
  • तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता पर आधारित जीवंत झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

इन झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ-साथ रामायण, महाभारत एवं सनातन धर्म की विविध आध्यात्मिक परंपराओं का सजीव दर्शन हुआ।

40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन

जन्माष्टमी के अवसर पर सुबह से ही श्री सप्तदेव मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता गया, मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरता गया।

पूरे दिन भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देर रात तक भक्तों का उत्साह बना रहा। अनुमानतः 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए।

‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ में महिलाओं ने दिखाया उत्साह

जन्माष्टमी उत्सव के एक दिन पूर्व मंदिर परिसर में महिलाओं के लिए ‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। महिलाओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ अपने-अपने लड्डू गोपाल को आकर्षक रूप से सजाया।

प्रतियोगिता में महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही और पूरे परिसर में भक्ति एवं उत्सव का वातावरण बना रहा।

नन्हे-मुन्ने बच्चों ने धारण किया श्रीकृष्ण एवं राधा का रूप

जन्माष्टमी के दिन बच्चों के लिए विशेष ‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’ आयोजित की गई। दोपहर 3 बजे प्रारंभ हुई इस प्रतियोगिता में नगर के अनेक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता को तीन वर्गों में विभाजित किया गया—

0 से 2 वर्ष — ‘शिशु कृष्ण बनो’
3 से 5 वर्ष — ‘बालकृष्ण बनो’
5 से 10 वर्ष — ‘राधा-कृष्ण बनो’

नन्हे-मुन्ने बच्चे श्रीकृष्ण, राधा एवं बाल गोपाल के मनमोहक स्वरूप में सजकर पहुंचे तो पूरा वातावरण आनंद एवं वात्सल्य से भर उठा। प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने घोष वंदन करके भक्ति के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा का सुंदर माहौल बनाया, विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस पर भी विशेष आयोजन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के साथ ही विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर भी मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सामाजिक भावनाओं के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

शुभम गोयल के भजनों से देर रात तक भक्तिरस में डूबा मंदिर परिसर

सायंकाल होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। रात्रि 9 बजे से 1 बजे तक प्रसिद्ध भजन गायक शुभम गोयल द्वारा मधुर भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी गई।

भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में सराबोर रहे। पूरा मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’, ‘जय श्रीकृष्ण’ एवं भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा।

भव्य आतिशबाजी से गूंजा आकाश, जयकारों से झूम उठा मंदिर

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी में रात्रि 11 बजे भव्य आतिशबाजी की गई। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठा और मंदिर परिसर में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशी मनाई।

रात्रि 12 बजे शंखनाद एवं बैंड-बाजे के साथ हुआ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

रात्रि 12 बजते ही वह पावन क्षण आया, जिसका श्रद्धालुओं को पूरे दिन इंतजार था। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, मंदिर परिसर शंखनाद, घंटियों, बैंड-बाजे, जयकारों एवं बधाइयों से गूंज उठा।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही पूरे मंदिर परिसर में उल्लास की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को श्रीकृष्ण जन्म की बधाई दी और नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया।

प्रशासन एवं विभिन्न संस्थाओं का मिला सराहनीय सहयोग

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया गया। महिला पुलिस बल, पुरुष पुलिस बल एवं यातायात पुलिस के जवानों ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नगर पालिक निगम, कोरबा द्वारा स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग दिया गया। वहीं बिजली विभाग द्वारा भी निर्बाध विद्युत व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

धर्म, संस्कृति एवं सामाजिक चेतना का संगम बना श्री सप्तदेव मंदिर

इस वर्ष का जन्माष्टमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सनातन संस्कृति, धार्मिक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, बाल संस्कार एवं सामाजिक समरसता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

भव्य झांकियों से जहां भगवान श्रीकृष्ण एवं सनातन संस्कृति की गौरवगाथा का दर्शन हुआ, वहीं बच्चों की प्रतियोगिताओं ने नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया।

मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप की धार्मिक-सामाजिक प्रतिबद्धता की हुई सराहना

जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा श्रद्धालुओं ने मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप द्वारा वर्षों से धर्म एवं संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि श्री सप्तदेव मंदिर में आयोजित होने वाला जन्माष्टमी महोत्सव आज केवल एक परिवार या संस्था का आयोजन नहीं, बल्कि कोरबा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। जिस श्रद्धा, समर्पण एवं व्यवस्थित ढंग से इस आयोजन को निरंतर भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है, वह अनुकरणीय है।

श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने व्यक्त किया आभार

श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस एवं यातायात विभाग, नगर पालिक निगम, बिजली विभाग तथा विभिन्न समितियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

ट्रस्ट ने विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, श्री योग वेदांत सेवा समिति, पतंजलि योग पीठ समिति, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल महिला संगठन, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा कोरबा, हिंदू नारायणी सेना कोरबा एवं श्री सप्तदेव मंदिर महिला मंडल सहित सभी सहयोगी संस्थाओं एवं समितियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

ट्रस्ट ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा, श्रद्धालुओं की आस्था, समाज एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग तथा प्रशासन के समन्वय से ही यह भव्य आयोजन सफल हो सका।

श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं की यह ज्योत निरंतर प्रज्वलित रहे और आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़ी रहें—यही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।

जय श्रीकृष्ण।

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सड़कों पर मवेशियों के विचरण व उचित व्यवस्थापन ना करने पर कलेक्टर सख्त, सीएमओ कटघोरा व छुरीकला को कारण बताओ नोटिस जारी

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कोरबा 07 सितम्बर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने नगरीय क्षेत्र में सड़कों पर घूमते मवेशियों के संबंध में नगर पालिका परिषद कटघोरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुद्रिका प्रसाद तिवारी एवं नगर पंचायत छुरीकला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोहर लाल गहवरिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि सड़क सुरक्षा/प्रोटोकाल कार्यक्रम के तहत एसडीएम कटघोरा द्वारा विशिष्ट अतिथियों के सम्बंधित क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सड़कों पर घूमते मवेशियों के उचित व्यवस्थापन के संबंध में नगरीय निकाय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी दिनांक 29 अगस्त 2026 को विशिष्ट अतिथियों के उक्त क्षेत्र के भ्रमण के दौरान सड़कों पर मवेशी घूमते पाए गए। इस संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने को गंभीरता से लिया गया है। इसी प्रकार सामान्य दिनों में सड़क पर घुमंतू मवेशियों के उचित व्यवस्थापन हेतु निकाय द्वारा अपेक्षित कार्यवाही की प्रगति नगण्य है।
नोटिस में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में मवेशियों के विचरण को रोकने तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए दिए गए निर्देशों का विधिसम्मत पालन नहीं होना कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। साथ ही उच्च अधिकारियों के दिये निर्देशो को गम्भीरता से नही लेना कर्तव्य के प्रति तत्परता  के अभाव को  प्रदर्शित करता है।  इस हेतु कलेक्टर श्री दुदावत ने सम्बंधित नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारियो को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगजनों की जरूरतों पर त्वरित पहल

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कलेक्टर जनदर्शन में 6 दिव्यांगों को तत्काल मिले सहायक उपकरण

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में सीईओ जिला पंचायत के माध्यम से सहायक उपकरण किया गया प्रदान

कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर जनदर्शन में अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को लेकर पहुंचे दिव्यांगजनों के आवेदनों पर जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित पहल करते हुए 6 हितग्राहियों को तत्काल सहायक उपकरण उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जनदर्शन में आए दिव्यांगों के प्राप्त आवेदनों को संवेदनशीलता से  लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा श्री प्रतीक जैन  द्वारा हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किया गया।
जनदर्शन मे आए दिव्यांग परदेशी दास  पिता ज्ञानदास निवासी धवईपुर कटघोरा को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, गुड्डी सागर पिता मोहनसागर  निवासी मोतीसागर पारा कोरबा को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल व वॉकर तथा रामजी साव पिता सरबजिस साव निवासी दर्री कोरबा को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। इसी प्रकार ललित जांगड़े पिता सुखीराम जांगड़े निवासी कुसमुंडा कोरबा को व्हीलचेयर, कु. दृष्टि महंत पिता शंकर दास निवासी दुरपा रोड कोरबा को सी.पी. चेयर तथा निरवर पिता मिर्जा इसराइल बेग निवासी जिला कोरबा को सी.पी. चेयर प्रदान की गई।
सहायक उपकरण प्राप्त होने से दिव्यांग हितग्राहियों के लिए दैनिक जीवन की आवश्यक गतिविधियां अधिक सहज होंगी तथा उन्हें आवागमन और सामान्य जीवन में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन की इस त्वरित एवं संवेदनशील पहल से हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशासन के प्रति आभार जताया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर यथासंभव त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जरूरतमंद नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सहायता का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और बेहतर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग हैं। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता  अनुरूप  योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुगमता एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर ओंकार यादव, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम एवं उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, कोरबा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को वितरित की एजुकेशन किट, जिले के अन्य शासकीय महाविद्यालयों में भी विशाल डोम निर्माण की घोषणा

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मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में दीक्षारम्भ समारोह में बोले मंत्री, बेटियां जितना पढ़ेंगी, उतना ही सशक्त होगा परिवार, समाज और प्रदेश

कोरबा, 07 सितंबर 2026। शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा में सोमवार को आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत अतिविशिष्ट अतिथि तथा कलेक्टर कुणाल दुदावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने नवप्रवेशित छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बेटियां दो कुलों का नाम रोशन करती हैं। बेटियां जितना अधिक पढ़ेंगी, उतना ही परिवार, समाज, प्रदेश और देश सशक्त होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय की लगभग 1500 छात्राओं को सीएसआर मद के माध्यम से एजुकेशन किट प्रदान की गई। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में डीएमएफ मद से विशाल डोम का निर्माण कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर जिले के अन्य शासकीय महाविद्यालयों में भी विशाल डोम निर्माण की घोषणा उन्होंने की।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास मॉडल के केंद्र में ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी हैं। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात वर्ष 2021-22 में 19.6 प्रतिशत था, जो बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो गया है। यह उच्च शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय संघर्ष और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। 
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि जिले में डीएमएफ के कार्यों में शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी छात्र-छात्रा देश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय में अध्ययन के लिए जाता है, तो उसकी फीस की राशि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में सुधार के साथ उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
समारोह में पार्षद श्रीमती वर्षा वैष्णव, नरेंद्र देवांगन, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पापिया चतुर्वेदी, प्रफुल्ल तिवारी, सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्राएं एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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