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छत्तीसगढ़

सफाई-पानी पर रोष, उपाध्यक्ष-पार्षद धरने पर बैठे

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अकलतरा। नगर की बदहाल व्यवस्था को लेकर नगर पालिका के उपाध्यक्ष और पार्षद शास्त्री चौक में धरने पर बैठ गए। सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, विकास कार्यों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच जनप्रतिनिधियों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। धरने में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। CMO को हटाने की मांग रखी गई। पालिका में सामने आ रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई वार्डों में मूलभूत सुविधाएं लगातार खराब हैं। कहीं सफाई व्यवस्था पर सवाल हैं। कहीं स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। पेयजल को लेकर शिकायतें आ रही हैं। विकास कार्यों को लेकर भी नाराजगी है। उनका सवाल है कि जनता टैक्स और अलग-अलग शुल्क के रूप में नगर पालिका को राशि देती है। इसके बदले साफ-सफाई, रोशनी, पानी, बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं।

शास्त्री चौक का धरना सिर्फ विरोध नहीं रहा। यह पालिका की कार्यप्रणाली के खिलाफ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की खुली नाराजगी के रूप में सामने आया। उपाध्यक्ष और पार्षदों ने संकेत दिए कि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में मांग रखी गई कि पालिका में होने वाले निर्माण कार्य, खरीदी, भुगतान, टेंडर, दूसरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जांच निष्पक्ष एजेंसी या सक्षम स्तर से हो। वास्तविक स्थिति सामने आए। गड़बड़ी मिले तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। धरने में वार्डों की सफाई की नियमित निगरानी, खराब स्ट्रीट लाइट समय पर दुरुस्त नहीं होने, पेयजल और दूसरी मूलभूत समस्याओं के स्थायी समाधान की जिम्मेदारी, विकास कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की निगरानी, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच में देरी जैसे सवाल उठे। अकलतरा में हाल के दिनों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर विरोध के मामले सामने आए हैं। वार्ड 11 में सड़क-नाली की समस्या पर वार्डवासी धरने पर बैठे थे। चक्काजाम तक की स्थिति बनी थी। प्रशासन को लिखित आश्वासन देना पड़ा था। ऐसे माहौल में उपाध्यक्ष और पार्षदों का सड़क पर उतरना बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर हैं। समाधान सिर्फ आश्वासन से होगा या जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई होगी। धरने से उठी आवाज अब प्रशासनिक जवाबदेही तक पहुंच गई है।

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कोरबा

पीएम राहत योजना के अंतर्गत पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम ब्लॉकिंग सुनिश्चित करें – सीएमएचओ

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सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को दुर्घटना प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर पात्र मामलों की अनिवार्य रूप से एंट्री एवं ब्लॉकिंग के निर्देश

कोरबा 08 सितम्बर 2026। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि पीएम राहत योजना के अंतर्गत आने वाले पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम संख्या में अनिवार्य रूप से ब्लॉकिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी पात्र दुर्घटना प्रकरण को पीएम राहत योजना के अंतर्गत ब्लॉक किए बिना नहीं छोड़ा जाए।
सीएमएचओ ने कहा कि संबंधित अस्पताल अपने स्तर पर दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा योजना के लिए पात्र पाए जाने वाले अधिकतम प्रकरणों की समय पर एंट्री एवं ब्लॉकिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाए।
उन्होंने बताया कि आगामी कलेक्टर की समीक्षा बैठक में अस्पतालवार पीएम राहत योजना के अंतर्गत की गई ब्लॉकिंग तथा संबंधित अस्पतालों में दर्ज दुर्घटना प्रकरणों की संख्या की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक अस्पताल की प्रगति का तुलनात्मक रूप से परीक्षण किया जाएगा। कम प्रगति अथवा कार्य में लापरवाही पाए जाने की स्थिति में संबंधित संस्था की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
सीएमएचओ ने सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से पीएम राहत योजना के अंतर्गत पात्र दुर्घटना प्रकरणों की अधिकतम ब्लॉकिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाला कार्य मानते हुए गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल प्रबंधन से अपील की गई है कि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया का गंभीरतापूर्वक पालन करें।

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कोरबा

राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत जनहानि प्रकरणों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

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संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाएंगे

कोरबा, 08 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा कुणाल दुदावत ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत जनहानि के प्रकरणों में आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तथ्यपरक बनाने तथा संभावित फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों के कथन दर्ज किए जाने के निर्देश दिए हैं।
निर्देश के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत होने वाली जनहानि की सूचना संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, पटवारी अथवा कोटवार के माध्यम से दी जाएगी। सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृत्यु प्राकृतिक आपदा के कारण हुई है अथवा नहीं।
जनहानि से संबंधित प्रकरणों में संबंधित थाने के विवेचक एवं शव परीक्षणकर्ता चिकित्सक को संबंधित राजस्व न्यायालय में बुलाकर उनके कथन दर्ज किए जाएंगे। कथन दर्ज होने के पश्चात ही प्रकरण को विधिवत अनुशंसा सहित प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आर्थिक अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में आवश्यक तथ्य एवं साक्ष्य स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहें।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राप्त जनहानि प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि जनहानि के प्रकरणों में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, अनुदान स्वीकृति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा संभावित फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे, इसके लिए सभी स्तरों पर आवश्यक सावधानी बरती जाए।

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कोरबा

नशा मुक्ति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक

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सभी शिक्षण संस्थानों में कोटपा एक्ट का पालन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश
कोरबा, 08 सितम्बर 2026। जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए नशे की रोकथाम, जनजागरूकता तथा तंबाकू नियंत्रण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, ओएसडी तरुण कुमार किरण,  अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रो के सभी शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त संस्थान बनाने हेतु 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध  कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  उन्होंने समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले नशा मुक्ति जागरूकता अभियान में भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से शामिल कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।  बैठक में जिले के नशा मुक्ति केंद्र का निर्धारित क्षमता के अनुरूप प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने  रेस्टोरेंट व स्ट्रीट वेंडर्स संचालको की कार्यशाला आयोजित कर स्वच्छता सम्बंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए।  कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशा मुक्ति अभियान में आधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने निर्देशित किया।

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