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कोरबा

बच्चे के मस्तिष्क में नहीं पहुंच रही थी ऑक्सीजन, डॉक्टर्स की टीम ने बचाया

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कोरबा । जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद लगातार चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी हो रही है। एक बार फिर अस्पताल के एसएनसीयू में पहली बार नई पद्धति (नियोनेटल हाइपोथेरमिया) से जन्म के बाद नहीं रोने वाले नवजात का इलाज किया गया। डॉक्टरों की टीम ने मस्तिष्क को ठंडा रखने की मशीन का इस्तेमाल करके नवजात को नया जीवन दिया।

कथरीमाल (उरगा) निवासी राजेश चंद्रा ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। 14 दिन पहले प्रसव हुआ तो गोल्डन मिनट के अंदर नवजात नहीं रोया। इसकी वजह डॉक्टर ने बताई थी कि बच्चे के मस्तिष्क में ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही थी। ऐसे में आघात पहुंचने से बच्चा दिमागी रूप से कमजोर हो सकता था। शिशु रोग विभाग के एचओडी डॉ. राकेश वर्मा के साथ एसएनसीयू की डॉ. हेमा नामदेव व शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. धरमवीर सिंह की टीम ने नर्सिंग स्टाफ के साथ मिलकर नई पद्धति (नियोनेटल हाइपोथेरमिया) से बच्चे के इलाज करने का निर्णय लिया। जिसके लिए मस्तिष्क को ठंडा रखने की मशीन का उपयोग करते हुए नवजात शिशु का इलाज किया गया। जिसके बाद बच्चा रोने लगा। मंगलवार को बच्चे को एसएनसीयू से छुट्टी दी गई।

डॉ. हेमा नामदेव के मुताबिक किसी भी बच्चे के जन्म के बाद 5 मिनट के भीतर रोना जरूरी है। इस समय अगर बच्चा न रोए तो उसके ब्रेन में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, जिसकी वजह से बच्चे में दिमागी कमजोरी का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसे बच्चों का इलाज नई पद्धति से ही संभव है। कुछ माह पहले ही इसके लिए विशेष उपकरण मेडिकल कॉलेज अस्पताल को उपलब्ध हुआ है, जिससे पहली बार सफल इलाज किया गया। इलाज में करीब 72 घंटे लगते हैं जिसके लिए निजी सेंटर प्रतिदिन 6 से 10 हजार तक की फीस लेते हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह इलाज निशुल्क होता है।

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कोरबा

कोरबा में पावर प्लांट विस्तार का विरोध:ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की, पूर्व मंत्री से भी हस्तक्षेप की मांग

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कोरबा। कोरबा जिले में निजी पावर प्लांट के 1600 मेगावाट विस्तार को लेकर विरोध शुरू हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संयंत्र प्रबंधन ने पहले किए गए रोजगार और पुनर्वास संबंधी वादों को अब तक पूरा नहीं किया है।

ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को पत्र लिखकर बताया कि लैंको संयंत्र (वर्तमान में निजी पावर प्लांट के नाम से संचालित है) की स्थापना वर्ष 2005-06 में हुई थी। उस समय भूमि अधिग्रहण और जनसुनवाई के दौरान कंपनी ने प्रत्येक भूमि प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, शिक्षा सुविधा देने का आश्वासन दिया था।

2012-13 के विस्तार में भी मिले थे आश्वासन

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2012-13 में तीसरी और चौथी इकाई के विस्तार के समय भी यही आश्वासन दोहराए गए थे। उनका आरोप है कि उन वादों का भी पालन नहीं किया गया, जबकि तीसरी और चौथी इकाई का निर्माण कार्य लगातार आगे बढ़ता रहा। अब प्लांट में 1600 मेगावाट क्षमता की पांचवीं और छठवीं इकाई के विस्तार की तैयारी की जा रही है।

9 गांवों के 750 मकान प्रभावित होने की आशंका

ग्रामीण पूरन सिंह कश्यप ने बताया कि नए विस्तार से ग्राम सरगबुंदिया, अमलीभांठा, पहंदा, ढनढनी, संडेल, बरीडीह, खोड्डल, दर्राभाठा, पताढ़ी के लगभग 750 मकान प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि करीब चार हजार की आबादी सीधे तौर पर विस्थापन की स्थिति में आ जाएगी।

ग्रामीणों ने जताया फिर से ठगे जाने का डर

ग्रामीण अश्वनी कुमार तंवर ने कहा कि यदि फिर से भूमि अधिग्रहण किया जाता है और फिर से नए वादे किए जाते हैं, तो ग्रामीणों को एक बार फिर ठगे जाने का डर है।

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जब तक पूर्व में किए गए रोजगार और पुनर्वास संबंधी वादों की लिखित और वास्तविक पूर्ति नहीं होती, तब तक किसी नए अधिग्रहण का समर्थन नहीं किया जाएगा।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग

सरगबुंदिया जनपद सदस्य रीना सिदार ने बताया कि ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में जनहित के मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को दी शिकायत

गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई और विस्तार योजना पर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने वादों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक किसी नए विस्तार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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कोरबा

NTPC में दो डीजीएम अधिकारियों के घरों में चोरी:दोनों के परिवार घर से बाहर गए थे,लाखों की चोरी की आशंका, वारदात CCTV में कैद

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कोरबा। कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र में एनटीपीसी के दो डीजीएम अधिकारियों, रंजन कुमार श्रीवास्तव और जीवराज जाट के सरकारी आवासों में चोरी हो गई। यह घटना 11 फरवरी की रात की है, जब दोनों अधिकारी अपने परिवारों के साथ शहर से बाहर गए हुए थे। अज्ञात चोरों ने उनके घरों को निशाना बनाया और कीमती सामान चुरा लिया।

अगली सुबह जब पड़ोसियों ने घरों के ताले टूटे देखे, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।

डीजीएम जीवराज जाट का परिवार दो दिन पहले अपनी बेटी की शादी के लिए राजस्थान गया हुआ है। पड़ोसियों ने उन्हें फोन पर घटना की जानकारी दी। जाट ने बताया कि चोरी हुए सामान और उसकी कीमत का सही आकलन उनके वापस आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने उनके कमरे को सुरक्षित कर दिया है।

चोरी की वारदात की तस्वीरें

वहीं, दूसरे डीजीएम रंजन श्रीवास्तव का परिवार तीर्थ यात्रा पर निकला था। उन्हें भी चोरी की सूचना दी गई है और वे वापस लौट रहे हैं। उनके घर से क्या-क्या चोरी हुआ है, यह उनके आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

लाखों की चोरी होने की आशंका

रंजन श्रीवास्तव डी/109 और जीवराज जाट डी/108 में निवास करते हैं। दोनों एनटीपीसी में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, उनके घरों से लाखों रुपए की चोरी होने की आशंका है। चोरों ने घरों के भीतर सामान को भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर नुकसान पहुंचाया।

चोरी की वारदात सीसीटीवी में कैद

एनटीपीसी कॉलोनी में सुरक्षा के लिए कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद चोरी की इस घटना को अंजाम दिया गया। चोरों की करतूत एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे पुलिस को जांच में मदद मिल सकती है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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कोरबा

रामसागर पारा आंगनबाड़ी केंद्र पर ‘वजन उत्सव’ का आयोजन

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कोरबा। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले के रामसागर पारा, वार्ड क्रमांक 1 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के सभी बच्चों का एक-एक कर इलेक्ट्रॉनिक मशीन से वजन किया गया।

आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के अभिभावकों को नियमित वजन कराने के महत्व एवं संतुलित और पौष्टिक आहार देने के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिशुवती एवं गर्भवती माताओं को भी पोषण संबंधी आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना हेड़ताल, राहिजा रविंद्रम, सुषमा राम, सहायिका विमल जगत, मितानिन कार्यकर्ता कृष्णा कुशवाहा, भगवती मरावी, संजना पटेल, मधु जगत, छाया मसीह सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

इसके अलावा उर्मिला पांडे, रश्मि मिश्रा, जय सिंह नेताम, संतोष गुप्ता एवं हर्ष शेखर पटेल सहित वार्ड के गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

आंगनबाड़ी क्रमांक 3, रामसागर पारा (ठेला मोहल्ला), वार्ड क्रमांक 1 में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना और कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से अभिभावकों में जागरूकता बढ़ी तथा बच्चों के समुचित विकास पर बल दिया गया।

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