कोरबा
कोरबा में स्पीड ब्रेकर ने ली बाइक सवार की जान:तेज रफ्तार में अनियंत्रित हो गई बाइक, बिजली के खंभे से टकराने से मौत
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्पीड ब्रेकर पर बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई, जिससे 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक किसी काम से कहीं जा रहा था, लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। पूरा मामला रामपुर थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के बाद युवक को राहगीरों की मदद से कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। मृतक का नाम निश्चय राठौर है, जो बालको थाना क्षेत्र का निवासी था।
खून से लथपथ पड़ा हुआ था
मृतक के परिजनों की माने तो वह खाना खाकर हाफ निकर में बाइक लेकर निकला हुआ था। उन्हें फोन पर जानकारी मिली कि एक्सीडेंट हो गया है, जहां घटना स्थल पहुंचकर देखा तो खून से लथपथ पड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों ने बताया कि ब्रेकर काफी खतरनाक है, जिसके चलते यह हादसा हुआ है।
खतरनाक ब्रेकर को हटाया जाना चाहिए
बताया जा रहा है कि जिस जगह पर एक्सीडेंट हुआ है, वह काफी बड़ा ब्रेकर है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। खासकर जो अनजान लोग हैं, वह उसकी चपेट में अक्सर आते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे खतरनाक ब्रेकर को हटाया जाना चाहिए, नहीं तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है।
पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंपा
जिला अस्पताल चौकी प्रभारी दाउद कुजूर ने बताया कि जिला मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया गया है। वहीं शव को पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
कोरबा
कोरबा में बैंक कर्मी की सड़क हादसे में मौत
कोरबा/उरगा। कोरबा के उरगा गुमिया के पास भारतमाला मुख्य मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार मवेशी से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी थी। घायल चालक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान कोरबा पुरानी बस्ती, दुरपा रोड निवासी प्रज्वल राठौर (26) के रूप में हुई है। वह आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत थे और मूल रूप से सक्ती के पासिद (सुआ डेरा) के रहने वाले थे, जो पिछले कई सालों से कोरबा में रह रहे थे।

अचानक मवेशी के आने से हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि प्रज्वल कोरबा से रायपुर किसी परिचित को देखने हॉस्पिटल जा रहे थे। भारतमाला मार्ग पर अचानक एक मवेशी सामने आ गया, जिससे यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मवेशी की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार के एयरबैग खुल गए थे।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
कोरबा
मजदूरों के हक में गूंजा न्याय, RCWF ने सेंट्रल ट्रिब्यूनल में जीती दो बड़ी कानूनी लड़ाइयाँ
चिरमिरी कोलियरी के श्रमिकों को मिलेगा 6प्रतिशत ब्याज के साथ एरियर और पदोन्नति का लाभ
कोरबा/चिरमिरी। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) ने श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए केंद्रीय औद्योगिक अधिकरण (Central Industrial Tribunal) से दो महत्वपूर्ण मामलों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। ट्रिब्यूनल ने प्रबंधन की गलतियों को सुधारते हुए श्रमिकों के पक्ष में फैसला सुनाया है और उन्हें बकाया राशि पर 6प्रतिशत ब्याज भुगतान करने का आदेश दिया है ।

प्रमुख मामले और ट्रिब्यूनल का फैसला
मोहम्मद जमील:- 32 साल बाद मिला ऑफिशिएटिंग अलाउंस का हक।
पृष्ठभूमि:- मोहम्मद जमील की नियुक्ति 1994 में कैटेगरी -1 में हुई थी, लेकिन उनसे क्लर्क ग्रेड का POL इश्यूअर कार्य लिया गया। प्रबंधन ने लंबे समय तक उन्हें उचित भत्ता नहीं दिया और मांग करने पर उनका स्थानांतरण कर दिया गया।
फैसला:- ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह माना कि मो. जमील ऑफिशिएटिंग अलाउंस के हकदार हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें पूरी कार्य अवधि का भत्ता 6′ वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान किया जाए ।
जे.पी. वर्मा:- 39 साल पुराने ‘कैडर स्कीमÓ विवाद पर जीत
पृष्ठभूमि: फार्मासिस्ट जे.पी. वर्मा के मामले में प्रबंधन की प्रशासनिक देरी (कैडर स्कीम 1987 को चिरमिरी एरिया में 1989 में लागू करना) की वजह से उनकी वरिष्ठता प्रभावित हुई थी जिससे वे पदोन्नति में पिछड़ गए थे ।
फैसला:- ट्रिब्यूनल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश दिया कि वर्मा को पिछली तारीखों से सभी पदोन्नतियों का लाभ दिया जाए और उनके वेतन का पुन: निर्धारण कर 6प्रतिशत ब्याज सहित एरियर का भुगतान किया जाए ।
यूनियन की प्रतिबद्धता
RCWF के महामंत्री प्रो. भागवत प्रसाद दुबे ने स्वयं इन मामलों में स्टेटमेंट ऑफ क्लेम तैयार किया और पैरवी की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा:- यह केवल दो श्रमिकों की जीत नहीं है बल्कि उन सभी कामगारों की जीत है, जो प्रबंधन की विसंगतियों के कारण अपने हक से वंचित रह जाते हैं। चूँकि प्रबंधन के साथ वार्ता प्रणाली (IR System) फिलहाल बाधित है, इसलिए यूनियन पूरी ताकत के साथ कन्सीलिएशन मशीनरी और ट्रिब्यूनल के माध्यम से लड़ाई लड़ रही है ।
कोरबा
18 घंटे में ज्वेलरी चोरी का खुलासा : अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार
कोरबा। कोरबा पुलिस ने ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी की वारदात का महज 18 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 03 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी का सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है।
यह घटना 24 अप्रैल को सिविल लाइन रामपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। दोपहर करीब 12:15 बजे तीन महिलाएं ग्राहक बनकर एक ज्वेलरी दुकान में पहुंचीं। ज्वेलरी देखने के बहाने उन्होंने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका मिलते ही सोने के जेवर चोरी कर फरार हो गईं।

कई राज्यों में दे चुके हैं वारदात
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी पूरी हरकत कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में इसी तरह चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार महिलाओं में से दो पहले भी कोलकाता में चोरी के मामलों में जेल जा चुकी हैं।
सास, बहू और दामाद भी शामिल
कोरबा में वारदात के बाद आरोपी संबलपुर (ओडिशा) में अगली चोरी की योजना बना रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में सास, बहू और दामाद भी शामिल हैं।
4.50 लाख का सोना बरामद

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए दो सोने के चेन और एक सोने का लॉकेट बरामद किया गया है। इनकी कुल कीमत करीब 4.50 लाख रुपए बताई जा रही है। वारदात में इस्तेमाल की गई XUV300 कार भी जब्त कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
नासिर मोल्ला (41)
सजना बीबी (40)
मिथुन चक्रवर्ती (38)
तापसी दास (38)
गुलापी दास (55)
ये सभी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस अब गिरोह से अन्य राज्यों में हुई चोरी की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
कानूनी कार्यवाही – प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध धारा 305(A) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
इस तरह देते थे अपराध को अंजाम
आरोपीगण द्वारा सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर वारदात को अंजाम दिया जाता था। गिरोह की महिलाएं ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान में प्रवेश करती थीं और आभूषण देखने के दौरान दुकानदार/कर्मचारियों का ध्यान भटकाती थीं, जबकि उनके साथी मौके का फायदा उठाकर आभूषण चुपचाप अपने कब्जे में लेकर निकल जाते थे। वारदात के तुरंत बाद आरोपीगण वाहन से तेजी से स्थान बदलकर दूसरे शहर/राज्य की ओर निकल जाते थे, जिससे उनकी पहचान एवं गिरफ्तारी कठिन हो सके।
कई अन्य मामलों का खुलासा
पुलिस पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि ये गिरोह पश्चिम बंगाल के राणाघाट, मालदा एवं सिलीगुड़ी क्षेत्र में भी इसी प्रकार की वारदातें कर चुका है तथा छत्तीसगढ़ के अन्य बड़े शहर इनके टारगेट में थे। अन्य मामलों में पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकेगा।
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