Connect with us

छत्तीसगढ़

ऑपरेशन ‘जलशक्ति’…​​​​​​​अबूझमाड़ में 8 नक्सली ढेर:31 लाख के थे इनामी, जिसमें 5 लाख के 5 और 2 लाख के 3 नक्सली शामिल

Published

on

जगदलपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बस्तर के अबूझमाड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में जवानों ने 4 महिलाओं समेत 8 नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए सभी नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। इनमें उत्तर बस्तर डिवीजन, पूर्वी बस्तर डिवीजन, इंद्रावती एरिया कमेटी और कंपनी-16 के नक्सली शामिल हैं।

ऑपरेशन ‘जलशक्ति’ के तहत मारे गए इन सभी नक्सलियों पर 31 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनमें 5 लाख रुपए के 5 और 2 लाख रुपए के 3 इनामी नक्सली शामिल हैं। पुलिस अफसरों के अनुसार, ये सभी नक्सली पिछले कई सालों से माओवाद संगठन के साथ जुड़कर काम कर रहे थे। इनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामान बरामद किया है।

ऑपरेशन ‘जलशक्ति’ के तहत मिली कामयाबी

दरअसल, 23 मई को अबूझमाड़ में रेकावाया और अलबेड़ा इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके आधार पर बस्तर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा पुलिस के 1 हजार से ज्यादा जवानों को मौके पर रवाना किया गया था। इस ऑपरेशन के नाम ‘जलशक्ति’ रखा गया था।

अबूझमाड़ के जंगलों में तीनों जिले के जवानों ने 72 घंटे तक खाक छानी। जिसके बाद मुठभेड़ में पुलिस ने 8 नक्सलियों को ढेर कर दिया। इनमें 4 महिला और 4 पुरुष नक्सली शामिल थे।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने गुरुवार को 7 नक्सलियों को मार गिराया। 2 माओवादियों की बॉडी नारायणपुर पुलिस और 5 नक्सलियों के शव अबूझमाड़ पुलिस ने बरामद की है। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं। ​​​​​​बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले की सीमा पर अबूझमाड़ इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। 

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कोंडागांव : वन मंत्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण

Published

on

वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

कोंडागांव। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।

          निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है।

          वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

           इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

जनगणना में लगे शिक्षकों के लिए दुर्घटना बीमा की मांग:छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बोला: चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा मिले, 1 करोड़ का बीमा हो

Published

on

रायपुर,एजेंसी। जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपए के दुर्घटना बीमा की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जनगणना आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र सौंपकर निर्वाचन ड्यूटी की तर्ज पर बीमा सुरक्षा देने की मांग की है।

ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, गंभीर बीमारी या असामयिक मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा जरूरी है।

चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा की मांग

संगठन का कहना है कि जब जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर की है और जोखिम भी चुनावी ड्यूटी जैसा है, तो सुरक्षा मानकों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिए जनगणना कार्य में तैनात हर शिक्षक और कर्मचारी को 1 करोड़ रुपए का बीमा कवर दिया जाए।

तीन प्रमुख तर्क रखे

एसोसिएशन ने शासन के सामने तीन प्रमुख बिंदु रखे—

  • समान जोखिम, समान सुरक्षा: जनगणना ड्यूटी में भी चुनाव जैसी चुनौतियां और खतरे हैं।
  • आर्थिक संबल: हादसे या मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता मिले।
  • मानसिक निश्चिंतता: बीमा सुरक्षा से कर्मचारी निर्भीक होकर काम कर सकेंगे।
एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

हाल की घटनाओं का दिया हवाला

एसोसिएशन ने जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की मौत की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों ने बीमा सुरक्षा की जरूरत को और गंभीर बना दिया है।

टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि जनगणना अधिसूचना जारी होने के साथ ही बीमा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं, ताकि जमीनी स्तर पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों को सुरक्षा मिल सके।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के साथ प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

जशपुर : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत, धुएँ से मुक्ति के साथ जीवन हुआ आसान

Published

on

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत

जशपुर। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन संकल्प के तहत राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि हर पात्र परिवार तक समय पर लाभ पहुँच सके।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जशपुर की महिलाओं को बड़ी राहत

जशपुर जिले में अब तक 1 लाख 54 हजार से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इससे महिलाओं को पारंपरिक चूल्हों के धुएँ से राहत मिली है और उनका दैनिक जीवन अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक हो गया है।

हाल ही में विकासखंड बगीचा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पात्र हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। बगीचा की निवासी श्रीमती क्रांति यादव ने बताया कि अब उन्हें चूल्हे के धुएँ से होने वाली आंखों की जलन और सांस की परेशानी से छुटकारा मिल गया है, जिससे वे स्वच्छ वातावरण में भोजन बना पा रही हैं। वहीं, ग्राम मड़िया की श्रीमती फूलमती नगेसिया ने कहा कि पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना मुश्किल होता था और घर में धुआँ भर जाता था, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से खाना बनाना आसान और साफ-सुथरा हो गया है।

यह योजना न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार ला रही है, बल्कि उनके समय और श्रम की भी बचत कर रही है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। जशपुर जिले में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहाँ महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर हुआ है और वे अधिक सशक्त महसूस कर रही हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677