कोरबा
अंधेरे से उजाले की ओर, हो रही विकास की नई भोर,कोरबा जिले में लिखी जा रही विकास की नई गाथा
शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर डीएमएफ से मिल रही विकास कार्यों को नई दिशा
शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कराये जा रहे विकास कार्य
विशेष लेख-कमलज्योति

कोरबा । यह समय का पहिया है, जो समय के साथ लगातार आगे ही बढ़ता जा रहा है। समय के साथ बदलते हुए परिवेश में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान रखकर जिले के विकास को नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा न सिर्फ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता दी जा रही है, अपितु यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डीएमएफ की राशि का सदुपयोग भी पारदर्शिता के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जा रहा है। अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ ही जिले की पहचान विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहारों को नौकरी देकर आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की पहल की गई है। आंगनबाड़ी से लेकर विद्यालय के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने जर्जर भवनों की जगह नये भवन, नाश्ता, शिक्षकों की भर्ती के साथ उच्च शिक्षा के लिए भी बेहतर प्रयास किये गये हैं। इन्हीं नये प्रयासों से यह कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में कोरबा जिले में विकास की नई भोर होगी।
जिले में शासन की योजनाओं के क्र्रि्रयान्वयन और डीएमएफ से हुए महत्वपर्ण कार्य-
महतारी वंदन योजना –
प्रदेश में मार्च 2024 से लगभग 70 लाख माताओं और विवाहित बहनों के खातों में प्रति माह महतारी वंदन योजना के माध्यम से 01 हजार की राशि अंतरित की जा रही है। कोरबा जिले में कुल 02 लाख 95 हजार 706 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। अभी तक 10 किश्त खाते में दिए जा चुके हैं। इस राशि का उपयोग कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रहीं हैं। उन्हें जरूरत के समय किसी से पैसा उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
धान खरीदी –

जिले में 14 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। पंजीकृत लगभग 54 हजार किसानों से 03 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जा रही है। किसान प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेच सकते हैं। धान की देश में सर्वाधिक कीमत छत्तीसगढ़ में है।
जल जीवन मिशन –

जिले में 01 लाख 41 हजार घरों में जल जीवन मिशन के माध्यम से नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। एकल ग्राम जल प्रदाय योजना मार्च 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 62 ग्रामों में हर घर जल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा, कटघोरा, पाली विकासखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों के 245 ग्रामों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। इस योजना में हसदेव बांगो बांध ऐतमानगर से पानी लेकर पाईप के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इस योजना से 01 वर्ष के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
वय वंदन योजना –
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने वय वंदन योजना प्रारंभ की गई है। जिले में लगभग 70 हजार हितग्राहियों को वय वंदन योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर योजना से लाभान्वित किया जाएगा। वय वंदन योजना में 05 लाख रूपए तक उपचार की सुविधा है। वर्तमान में शिविर लगाकर कार्ड बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना –
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले में 63 हजार आवास स्वीकृत किए गए। इस वर्ष 44 हजार पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 20 हजार आवास हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्वीकृत है। हाथी प्रभावित क्षेत्र में पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान बनने पर ग्रामीणों का भय खत्म होगा और हाथी से जानमाल का नुकसान भी नहीं होगा।
पीएम जनमन योजना-
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जिले के सभी पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण, आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के पहाड़ी कोरवाओं, बिरहोरों के 43 बसाहटों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से 36 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 140.63 किलोमीटर की सड़क इस योजना से बनाई जाएगी। इसके अलावा पीएम जनमन आवास भी बनाकर दिया जा रहा है। पीवीटीजी परिवारों को योजनाओं से लाभान्वित करने सभी के बैंक खाते खोले जा रहे हैं। वंचित परिवारों के राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। पीएम जनमन अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समुदाय को 160 वनाधिकार पत्र वितरित किया जा रहा है। पीएम जनमन अंतर्गत पहली बार नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र दिया गया है। पाली नगरीय निकाय क्षेत्र में 32 लोगों को वनाधिकार पत्र भी दिया गया है।
श्री रामलला दर्शन योजना –
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का दर्शन कराने श्री रामलला दर्शन योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से जिले के 01 हजार से अधिक तीर्थ यात्री भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन लाभ ले चुके हैं। सभी दर्शनार्थियों को घर से अयोध्या तक लाने-ले जाने एवं उनके ठहरने तथा खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई। जिले से 110 तीर्थ यात्री ग्रामीण क्षेत्रों एवं 36 यात्री नगरीय निकाय क्षेत्रों से चयनित किए जाते हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना –
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में एक दूरगामी प्रयास है। इस योजना के तहत कुल 8633 पंजीयन किए गए हैं। जिसमें से 17 इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं।
वन –

वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर वनांचलों में रहने वाले परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में 805 संग्राहकों से वनोपजों की खरीदी कर 46 लाख 26 हजार 161 रूपए का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना –
पीएम विश्वकर्मा योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 48906 आवेदनों मे से 5636 कारीगरों/ शिल्पकारों का चिंहांकन किया गया है। जिसमें से 3013 कारीगरों/शिल्पकारों को टेलर, बार्बर, राजमिस्त्री, लोहार, कुम्हार, बांस टोकरी निर्माण, झाड़ू निर्माण, बढ़ई आदि व्यवसायों मे प्रशिक्षण प्रदाय किया जा चुका है।
डीएमएफ से जिले के विकास को मिल रही नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले को राशि स्वीकृति हेतु प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर वसंत द्वारा जिले के विकास में पारदर्शी तरीके से डीएमएफ की राशि खर्च की जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में 500 से ज्यादा अतिथि शिक्षकों तथा व्याख्याताओं एवं 300 से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर जिला खनिज संस्थान न्यास मद (डी.एम.एफ.) से नियुक्तियों की गई। इनमें पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर जनजाति के 120 से ज्यादा युवाओं को नियोजित किया गया। जिले के 2100 से ज्यादा सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में छात्र / छात्राओं को उनकी पसंद के अनुरूप विद्यालय प्रारंभ होने के समय नाश्ता प्रदान किया जा रहा है। जिले के 5000 से अधिक विद्यालय, आँगनबाड़ी केन्द्रों तथा आश्रम-छात्रावासों में रसोईया दीदीयों तथा बहनों को रिफिलिंग के साथ गैस सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई है। इससे एक ओर जहाँ उनकों धुएं से मुक्ति मिल गई है, वहीं वृक्षों की कटाई रूकने से तथा पर्यावरण सरंक्षण में मदद मिलेगी। लगभग 25 करोड रूपये की लागत से जिले में नये विद्यालय भवनों का निर्माण हो रहा है।
सुदूर क्षेत्रों में शिक्षकों के आवासों की कमी को दूर करने के लिए 20 स्थानों पर शिक्षक आवास स्वीकृत किये गये हैं। जिले के मेंधावी 100 बच्चों को रायपुर में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तैयारी हेतु मदद की जा रही है। इन छात्र/छात्राओं को प्रशिक्षण शुल्क के अतिरिक्त प्रतिमाह 7500 रूपये छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान किया जा रहा है। 20 करोड रूपये की लागत से जिले में आदिवासी आश्रम / छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह पिछले एक वर्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 75 करोड़ से अधिक राशि शिक्षा के क्षेत्र में खर्च की गई है। जिले में महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने हेतु अतिरिक्त कक्ष तथा विभिन्न समाग्रियों हेतु 10 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात् 300 से ज्यादा कॉलेज छात्राओं को रहने हेतु हॉस्टल की सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी।
इसी तरह स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को देखते हुये स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर 114 अभ्यर्थियों को संविदा नियुक्ति दी गई है। स्वास्थ्य कर्मीयों के लिए सुदूर क्षेत्रों में 33 जगहों पर आवास की स्वीकृति दी गई है। लोगों को घर बैठ जाँच की सुविधा हेतु जिले में लैब ऑन-व्हील की शुरूवात की गई है। जर्जर एवं भवन विहीन उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार हेतु 05 करोड़ के विभिन्न मशीनों का कय तथा 07 करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमियों को पूरा करने के लिए डी.एम.एफ. से मानदेय में वृद्धि की गई, ताकि मेडिकल कॉलेज आगामी सत्र में पी.जी. की कक्षाओं हेतु तैयार हो सके। मेडिकल कॉलेज में सी.टी. स्केन के सुविधा हेतु डी.एम.एफ. से 10 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगभग 40 करोड रूपये की स्वीकृति दी गई है।
जिले में आधारभूत संरचनाओं के विस्तार हेतु जिले की बहुप्रतिक्षित मांग के रूप में सुनालिया रेल्वे कॉसिंग पर अण्डर पास की स्वीकृति दी गई। जिस हेतु डी. एफ.एफ. से 15 करोड़ तथा रेल्वे के द्वारा 15 करोड़ दिया जायेगा। सुदूर आदिवासी अंचल में 09 करोड़ रूपये लागत की चिर्रा श्यांग मार्ग की स्वीकृति दी गई है। साथ ही अमलडीहा से जिले के अंतिम छोर स्थित मालीकछार हेतु सडक निर्माण के लिए 04 करोड की स्वीकृति दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी बिजली व सडक की कमियों को दूर करने हेतु 05 करोड रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता को बनाये रखने के लिए ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन हेतु 3.5 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। कमजोर वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुये जिले में वृद्धा आश्रम तथा दिव्यांग विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। जिनमें वृद्धा आश्रम का हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया है। नव गठित नगर पालिका परिषद् बांकी मोंगरा के विकास कार्य हेतु 05 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन क्षेत्रों में जहां बिजली नहीं पहुंची है, वहां विद्युत लाईन तथा ट्रांसफार्मर के विस्तार हेतु भी डी.एम.एफ. से राशि स्वीकृत की जा रही है। आगामी 06 माह में ऐसे सभी क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जावेगी। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा हेतु 05 करोड़ रूपये के लागत से क्रेडा को हाईमास्क लाईट की स्वीकृति दी गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा आश्रम छात्रावासों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति हेतु सोलर प्लांट लगाने के लिए क्रेडा को 05 करोड़ रूपये की राशि की स्वीकृति दी गई है।
कोरबा
15 जून को छोटे खातेदारों को रोजगार ,पुनर्वास एवं भू विस्थापितों की समस्याओं को लेकर जन आक्रोश रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी किसान सभा,
भू विस्थापितों की रैली में शामिल होंगे लोकसभा सांसद अमराराम
आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर के साथ गांव-गांव माइक प्रचार ,बैठक के साथ घर-घर पर्चे वितरण कर भू विस्थापितों को किया जा रहा एकजुट
आंदोलन में कोरबा के चारों परियोजना के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी भू विस्थापित होंगे शामिल
कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण,पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी,पट्टा,आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने,पेयजल की व्यवस्था करने,बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं को लेकर 15 जून को जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की है किसान सभा द्वारा शुरू किया गया आंदोलन भू विस्थापितों का जन सैलाब बनकर कोरबा की सड़कों पर दिखने वाला है कई भू विस्थापित संगठन इस घेराव में शामिल हो रहे है। जिला प्रशासन से भी कई बार हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई लेकिन प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया इस लिए विस्थापितों ने किसान सभा के नेतृत्व में अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव गांव में बैठक कर पर्चे वितरण के साथ भू विस्थापितों को एकजुट भी किया जा रहा है और किसान सभा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर,पर्चे के साथ गांव गांव माइक प्रचार कर भू विस्थापितों को संगठित करने का काम कर रही है। कलेक्ट्रेट घेराव और जन आक्रोश रैली को लेकर भू विस्थापित संगठनों के साथ आम जनता का व्यापक जन समर्थन मिल रहा है।

जन आक्रोश रैली और कलेक्ट्रेट घेराव से पहले घंटाघर में सभा आयोजित होगी जिसे प्रमुख रूप से माकपा के लोकसभा सांसद और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम,किसान सभा के राष्ट्रीय नेता अवधेश कुमार, आदिवासी एकता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और सचिव सुरेंद्र लाल सिंह एवं बाल सिंह सहित किसान सभा के प्रदेश के नेता और भू विस्थापित संगठनों के नेता संबोधित करेंगे।
जनआक्रोश रैली और कोरबा कलेक्टर घेराव लोकसभा के सांसद अमराराम के नेतृत्व में होगा
कलेक्ट्रेट घेराव को सफल बनाने के लिए गांव गांव में नुक्कड़ सभा,घर घर पर्चे वितरण एवं भू विस्थापितों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है आंदोलन में कोरबा जिले के कोरबा,दीपका,गेवरा,कुसमुंडा के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी प्रभावित शामिल होंगे।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा सभी क्षेत्रों में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। 15 जून को कोरबा की सड़को पर भू विस्थापितों। का आक्रोश जन सैलाब के रूप में दिखने वाला है। प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी क्षेत्रों के भू विस्थापित अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है। किसानों की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है और उद्योगों को जमीन नियमों के पालन के तहत सौंपा जाता है लेकिन उद्योग जमीन तो ले लेती है लेकिन विस्थापित जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार और पुनर्वास के लिए भटकते हैं जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रण के साथ विस्थापित किसानों के अधिकार को दिलाने के लिए भी सामने आना होगा।
किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,पवन यादव यादव,अमरजीत कंवर आदि ने भू-विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 1685 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है और समस्याओं की ओर कई बार प्रशासन और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू-विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव, सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है, उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी जबरन नए नए नियम बनाना बंद किया जाए । छोटे बड़े खातेदार के नाम पर किसानों को बांटने का काम बंद किया जाए। 15 जून को चारों क्षेत्र से पूरे परिवार सहित हजारों भू-विस्थापित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होंगे।
कलेक्ट्रेट घेराव में कई भू विस्थापित संगठन शामिल होंगे।
प्रमुख मांगे´
1) छोटे खातेदार के नाम पर भू विस्थापितों के रोके गए रोजगार में तत्काल रोजगार दो ।एसईसीएल में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई है और की जा रही है हर खाते में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाये।
2) बांगों बांध के जलाशय के ठेका प्रणाली समाप्त किया जाए।और विस्थापित आदिवासी एवं स्थानीय मछुवारा समितियों को मछली पकड़ने का अधिकार दिया जाए।
3) वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये | अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण और एक खाता एक रोजगार नियम के विरुद्ध अलग अलग खाता का सयोंजन के कारण रोजगार से वंचितों को रोजगार प्रदान किया जाये |
4) बसावट के नाम पर 3 लाख और 15 लाख रुपए के नाम से भेदभाव बंद किया जाए और सभी क्षेत्रों के भू विस्थापितों को एक समान बसावट की 15 लाख राशि दी जाए।
5) शासन की योजनाओं से प्राप्त पट्टों एवं शासकीय और वन भूमि पर बने मकानों का मुआवजा एवं सौ प्रतिशत सोलिशियम और बसाहट की पात्रता का लाभ दिया जाये ।
6) पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापस करायी जाये | अधिग्रहण के बाद जिन जमीनों पर 40 सालों में भी कोल इंडिया ने भौतिक कब्जा नहीं किया है और जिन जमीनों पर किसान ही पीढ़ियों से काबिज हैं उन्हें किसानों के नाम वापस किया जाए।
7)अर्जित गाँव से विस्थापन से पूर्व उनके पुनर्वास स्थल की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था किया जाये |
8) एसईसीएल में आऊट सोर्सिंग से होने वाले कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार में रखा जाये।
9) प्रभावित एवं पुनर्वास गांव की महिलाओं को स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाये।
10) पुनर्वास गांव में कबीज भू विस्थापित परिवार को पूर्ण काबिज भूमि का पट्टा दिया जाये।
11) डिप्लेयरिंग प्रभावित गांव सुराकछार बस्ती में किसानों को हुये नुकसान का क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाये।
12) पूर्व में विस्थापित ग्रामों के भू विस्थापित जिन्हें बसावट नहीं दिया गया है उन्हें बसावट प्रदान किया जाए।
13) डंपिंग की मिट्टी को वापस खोदे गए खदान में भरा जाए इस डंपिंग के मिट्टी का प्रयोग दूसरे कार्यों में ना किया जाए।
14) एसईसीएल कुसमुंडा द्वारा गेवरा का अधिग्रहण 2018 में हो चुका है लेकिन अभी तक वहां पर किसानों को मुआवजा,रोजगार आदि की सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल रोजगार मुआवजा दिया जाए नहीं तो पूर्व में जारी अधिग्रहण रद्द किया जाए।
15) खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था किया जाए।
16) आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए।
कोरबा
जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा का हुआ आयोजन:जनप्रतिनिधियों ने जनहित के मुद्दे उठाए
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग सहित जिला पंचायत सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, सहकारिता, उद्योग विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के सुझाव दिए।

बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा करते हुए लघु एवं सीमांत किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद, उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला स्तरीय अधिकारियों ने बैठक में अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति तथा हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती अनंत सुष्मिता कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव (अधिवक्ता), श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी, विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान, जिला पंचायत के लेखाधिकारी राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती अमिता साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
12 साल का कार्यकाल पूरा, भाजपा महिला मोर्चा ने सरकार की उपलब्धियां बताई
कोरबा। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4399 दिनों के कार्यकाल व केन्द्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को साझा किया। भाषण, पेटिंग व रंगोली प्रतियोगिताएं भी हुईं। जिसमें प्रतिभागियों ने कला व विचारों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई।

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दोहराया। भाजपा जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान और अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने की। वक्ताओं ने कहा पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम बने हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों को महापौर संजू देवी राजपूत ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, ज्योति वर्मा, रुक्मणी नायर, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर, संजय राठौर, वैशाली रत्नपारखी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री अनुसुईया राठौर, स्वाति कश्यप मौजूद रहीं। समापन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से काम करने के आह्वान के साथ हुआ।
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