Connect with us

कोरबा

अंधेरे से उजाले की ओर, हो रही विकास की नई भोर,कोरबा जिले में लिखी जा रही विकास की नई गाथा

Published

on


शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर डीएमएफ से मिल रही विकास कार्यों को नई दिशा
शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना सहित सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कराये जा रहे विकास कार्य

                      विशेष लेख-कमलज्योति

कोरबा । यह समय का पहिया है, जो समय के साथ लगातार आगे ही बढ़ता जा रहा है। समय के साथ बदलते हुए परिवेश में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान रखकर जिले के विकास को नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा न सिर्फ शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता दी जा रही है, अपितु यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डीएमएफ की राशि का सदुपयोग भी पारदर्शिता के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जा रहा है। अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ ही जिले की पहचान विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार पहाड़ी कोरवा, बिरहारों को नौकरी देकर आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने की पहल की गई है। आंगनबाड़ी से लेकर विद्यालय के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने जर्जर भवनों की जगह नये भवन, नाश्ता, शिक्षकों की भर्ती के साथ उच्च शिक्षा के लिए भी बेहतर प्रयास किये गये हैं। इन्हीं नये प्रयासों से यह कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में कोरबा जिले में विकास की नई भोर होगी।  
जिले में शासन की योजनाओं के क्र्रि्रयान्वयन और डीएमएफ से हुए महत्वपर्ण कार्य-
महतारी वंदन योजना –

प्रदेश में मार्च 2024 से लगभग 70 लाख माताओं और विवाहित बहनों के खातों में प्रति माह महतारी वंदन योजना के माध्यम से 01 हजार की राशि अंतरित की जा रही है। कोरबा जिले में कुल 02 लाख 95 हजार 706 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। अभी तक 10 किश्त खाते में दिए जा चुके हैं। इस राशि का उपयोग कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रहीं हैं। उन्हें जरूरत के समय किसी से पैसा उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
धान खरीदी –


जिले में 14 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। पंजीकृत लगभग 54 हजार किसानों से 03 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जा रही है। किसान प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेच सकते हैं। धान की देश में सर्वाधिक कीमत छत्तीसगढ़ में है।
जल जीवन मिशन –


जिले में 01 लाख 41 हजार घरों में जल जीवन मिशन के माध्यम से नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। एकल ग्राम जल प्रदाय योजना मार्च 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 62 ग्रामों में हर घर जल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा, कटघोरा, पाली विकासखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों के 245 ग्रामों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। इस योजना में हसदेव बांगो बांध ऐतमानगर  से पानी लेकर पाईप के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इस योजना से 01 वर्ष के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुए दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

वय वंदन योजना –


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने वय वंदन योजना प्रारंभ की गई है। जिले में लगभग 70 हजार हितग्राहियों को वय वंदन योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर योजना से लाभान्वित किया जाएगा। वय वंदन योजना में 05 लाख रूपए तक उपचार की सुविधा है। वर्तमान में शिविर लगाकर कार्ड बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना –
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले में 63 हजार आवास स्वीकृत किए गए। इस वर्ष 44 हजार पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 20 हजार आवास हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्वीकृत है। हाथी प्रभावित क्षेत्र में पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान बनने पर ग्रामीणों का भय खत्म होगा और हाथी से जानमाल का नुकसान भी नहीं होगा।
पीएम जनमन योजना-
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जिले के सभी पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण, आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के पहाड़ी कोरवाओं, बिरहोरों के 43 बसाहटों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से 36 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 140.63 किलोमीटर की सड़क इस योजना से बनाई जाएगी। इसके अलावा पीएम जनमन आवास भी बनाकर दिया जा रहा है। पीवीटीजी परिवारों को योजनाओं से लाभान्वित करने सभी के बैंक खाते खोले जा रहे हैं। वंचित परिवारों के राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। पीएम जनमन अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समुदाय को 160 वनाधिकार पत्र वितरित किया जा रहा है। पीएम जनमन अंतर्गत पहली बार नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र दिया गया है। पाली नगरीय निकाय क्षेत्र में 32 लोगों को वनाधिकार पत्र भी दिया गया है।
श्री रामलला दर्शन योजना –
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का दर्शन कराने श्री रामलला दर्शन योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से जिले के 01 हजार से अधिक तीर्थ यात्री भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन लाभ ले चुके हैं। सभी दर्शनार्थियों को घर से अयोध्या तक लाने-ले जाने एवं उनके ठहरने तथा खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई। जिले से 110 तीर्थ यात्री ग्रामीण क्षेत्रों एवं 36 यात्री नगरीय निकाय क्षेत्रों से चयनित किए जाते हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना –
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में एक दूरगामी प्रयास है। इस योजना के तहत कुल 8633 पंजीयन किए गए हैं। जिसमें से 17 इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं।
वन –


वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर वनांचलों में रहने वाले परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में 805 संग्राहकों से वनोपजों की खरीदी कर 46 लाख 26 हजार 161 रूपए का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना –
पीएम विश्वकर्मा योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 48906 आवेदनों मे से 5636 कारीगरों/ शिल्पकारों का चिंहांकन किया गया है। जिसमें से 3013 कारीगरों/शिल्पकारों को टेलर, बार्बर, राजमिस्त्री, लोहार, कुम्हार, बांस टोकरी निर्माण, झाड़ू निर्माण, बढ़ई आदि व्यवसायों मे प्रशिक्षण प्रदाय किया जा चुका है।
डीएमएफ से जिले के विकास को मिल रही नई दिशा


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले को राशि स्वीकृति हेतु प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर वसंत द्वारा जिले के विकास में पारदर्शी तरीके से डीएमएफ की राशि खर्च की जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में 500 से ज्यादा अतिथि शिक्षकों तथा व्याख्याताओं एवं 300 से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर जिला खनिज संस्थान न्यास मद (डी.एम.एफ.) से नियुक्तियों की गई। इनमें पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर जनजाति के 120 से ज्यादा युवाओं को नियोजित किया गया। जिले के 2100 से ज्यादा सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में छात्र / छात्राओं को उनकी पसंद के अनुरूप विद्यालय प्रारंभ होने के समय नाश्ता प्रदान किया जा रहा है। जिले के 5000 से अधिक विद्यालय, आँगनबाड़ी केन्द्रों तथा आश्रम-छात्रावासों में रसोईया दीदीयों तथा बहनों को रिफिलिंग के साथ गैस सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई है। इससे एक ओर जहाँ उनकों धुएं से मुक्ति मिल गई है, वहीं वृक्षों की कटाई रूकने से तथा पर्यावरण सरंक्षण में मदद मिलेगी। लगभग 25 करोड रूपये की लागत से जिले में नये विद्यालय भवनों का निर्माण हो रहा है।
सुदूर क्षेत्रों में शिक्षकों के आवासों की कमी को दूर करने के लिए 20 स्थानों पर शिक्षक आवास स्वीकृत किये गये हैं। जिले के मेंधावी 100 बच्चों को रायपुर में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तैयारी हेतु मदद की जा रही है। इन छात्र/छात्राओं को प्रशिक्षण शुल्क के अतिरिक्त प्रतिमाह 7500 रूपये छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान किया जा रहा है। 20 करोड रूपये की लागत से जिले में आदिवासी आश्रम / छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। इस तरह पिछले एक वर्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 75 करोड़ से अधिक राशि शिक्षा के क्षेत्र में खर्च की गई है। जिले में महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने हेतु अतिरिक्त कक्ष तथा विभिन्न समाग्रियों हेतु 10 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात् 300 से ज्यादा कॉलेज छात्राओं को रहने हेतु हॉस्टल की सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी।
इसी तरह स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को देखते हुये स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों पर 114 अभ्यर्थियों को संविदा नियुक्ति दी गई है। स्वास्थ्य कर्मीयों के लिए सुदूर क्षेत्रों में 33 जगहों पर आवास की स्वीकृति दी गई है। लोगों को घर बैठ जाँच की सुविधा हेतु जिले में लैब ऑन-व्हील की शुरूवात की गई है। जर्जर एवं भवन विहीन उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार हेतु 05 करोड़ के विभिन्न मशीनों का कय तथा 07 करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमियों को पूरा करने के लिए डी.एम.एफ. से मानदेय में वृद्धि की गई, ताकि मेडिकल कॉलेज आगामी सत्र में पी.जी. की कक्षाओं हेतु तैयार हो सके। मेडिकल कॉलेज में सी.टी. स्केन के सुविधा हेतु डी.एम.एफ. से 10 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगभग 40 करोड रूपये की स्वीकृति दी गई है।
जिले में आधारभूत संरचनाओं के विस्तार हेतु जिले की बहुप्रतिक्षित मांग के रूप में सुनालिया रेल्वे कॉसिंग पर अण्डर पास की स्वीकृति दी गई। जिस हेतु डी. एफ.एफ. से 15 करोड़ तथा रेल्वे के द्वारा 15 करोड़ दिया जायेगा। सुदूर आदिवासी अंचल में 09 करोड़ रूपये लागत की चिर्रा श्यांग मार्ग की स्वीकृति दी गई है। साथ ही अमलडीहा से जिले के अंतिम छोर स्थित मालीकछार हेतु सडक निर्माण के लिए 04 करोड की स्वीकृति दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में भी बिजली व सडक की कमियों को दूर करने हेतु 05 करोड रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता को बनाये रखने के लिए ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन हेतु 3.5 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। कमजोर वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुये जिले में वृद्धा आश्रम तथा दिव्यांग विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। जिनमें वृद्धा आश्रम का हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया है। नव गठित नगर पालिका परिषद् बांकी मोंगरा के विकास कार्य हेतु 05 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन क्षेत्रों में जहां बिजली नहीं पहुंची है, वहां विद्युत लाईन तथा ट्रांसफार्मर के विस्तार हेतु भी डी.एम.एफ. से राशि स्वीकृत की जा रही है। आगामी 06 माह में ऐसे सभी क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जावेगी। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा हेतु 05 करोड़ रूपये के लागत से क्रेडा को हाईमास्क लाईट की स्वीकृति दी गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा आश्रम छात्रावासों में विद्युत की निर्बाध आपूर्ति हेतु सोलर प्लांट लगाने के लिए क्रेडा को 05 करोड़ रूपये की राशि की स्वीकृति दी गई है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

अपना बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर दूसरों को देना पड़ा भारी

Published

on

कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई

कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें

कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।

इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।

प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।

म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई

साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।

साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।

कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील

साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—

  • अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
  • अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
  • अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
  • किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
  • अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
  • किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।

कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

सजग कोरबा – सतर्क कोरबा।

— जिला कोरबा पुलिस, छत्तीसगढ़

Continue Reading

कोरबा

SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध

Published

on

कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।

संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।

200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग

भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।

रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग

ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप

ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।

Continue Reading

कोरबा

भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों की जांच के लिए एसईसीएल ने गठित की उच्चस्तरीय समिति

Published

on

पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।

गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।

भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।

एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं।
कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।

एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677