कोरबा
1517 दिनों के धरने, कई बार खदान बंदी के बाद नियमों को शिथिल कर पुराने रोजगार प्रकरणों में रोजगार के लिए आदेश हुआ जारी
किसान सभा ने रोजगार मिलने की जीत के बाद जीएम ऑफिस के सामने मिठाइयां बांटी
जमीन अधिग्रहण के 37 साल बाद भू विस्थापित को रोजगार के लिए कुसमुंडा जीएम ने नियुक्ति पत्र देकर दी शुभकामनाएं
कोरबा/कुसमुंडा। जमीन के बदले रोजगार की मांग कर रहे भूविस्थापित किसानों के आंदोलन की जीत हुई है। एसईसीएल के बिलासपुर मुख्यालय ने पुराने लंबित रोजगार प्रकरण मामले में एक भू विस्थापित को रोजगार देने के लिए एप्रुवल आदेश बिलासपुर मुख्यालय से जारी किया, जिसके बाद प्रक्रिया को पूरा कर कुसमुंडा महाप्रबंधक सचिन तानाजी पाटिल के हाथों भू विस्थापित को नियुक्ति पत्र दिया गया।
कुसमुंडा महाप्रबंधक सचिन तानाजी पाटिल ने नियुक्ति पत्र देते हुए रघुनंदन यादव को एसईसीएल परिवार में शामिल होने के लिए शुभकामनाएं देते हुए भू विस्थापितों को आश्वाशन भी दिया । जिनकी जमीन अधिग्रहण की गई है उन्हे´ नियमानुसार रोजगार दिलाने में तेजी लाई जायेगी। नियुक्ति पत्र देते समय कुसमुंडा एपीएम और भू राजस्व समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जीत से उत्साहित आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष को और तेज करने का फैसला किया है और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित सभी विस्थापित परिवारों को रोजगार मिलने तक आंदोलन जारी रखने का निश्चय किया है। किसान सभा ने इसे भू विस्थापित किसानों के संघर्षों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में भी सभी भू विस्थापित खातेदारों के रोजगार के लिए संघर्ष तेज करते हुए आगे भी लड़ेंगे और जितेंगे।
उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा कोयला खदान विस्तार के लिए 1978 से 2004 तक जरहा जेल, बरपाली, दुरपा, खम्हरिया, मनगांव, बरमपुर, दुल्लापुर, जटराज, सोनपुरी, बरकुटा, गेवरा, भैसमा आदि गांवों में बड़े पैमाने पर हजारों किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उस समय एसईसीएल की नीति भूमि के बदले रोजगार देने की थी। लेकिन प्रभावित परिवारों को उसने रोजगार नहीं दिया। बाद में यह नीति बदलकर न्यूनतम दो एकड़ भूमि के अधिग्रहण पर एक रोजगार देने की बना दी गई। इससे अधिग्रहण से प्रभावित अधिकांश किसान रोजगार मिलने के हक़ से वंचित हो गए।
पिछले 1517 दिनों से छत्तीसगढ़ किसान सभा के सहयोग से भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के बैनर पर भूविस्थापितों द्वारा ‘जमीन के बदले रोजगार’ के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है। आंदोलनकारी जमीन अधिग्रहण के समय की पूर्व नीति के अनुसार सभी प्रभावितों को रोजगार देने की माग कर रहे हैं। 1517 दिनों से चल रहे अनिश्चित कालीन आंदोलन को बड़ी जीत मिली है। 1988 में बरपाली गांव के रघुनंदन यादव की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। अधिग्रहण के 37 साल बाद भी रोजगार के लिए भटक रहे थे। 1517 दिनों के संघर्ष के बाद रोजगार देने के लिए एसईसीएल को आदेश जारी करने के लिए बाध्य होना पड़ा है। यह खबर मिलते ही धरनास्थल पर इस जीत की खुशी में मिठाईयां बांटी गई।
इस अवसर पर आयोजित सभा को छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान सभा का शुरू से मानना है कि जिनकी जमीन का एसईसीएल ने अधिग्रहण किया है, प्रत्येक खातेदार को स्थाई रोजगार मिलना चाहिए, क्योंकि किसानों के पास जीविका का एकमात्र साधन जमीन ही होता है। यह भू विस्थापितों के संघर्षों की जीत है। एसईसीएल को इस जायज मांग को मानना पड़ा है। अपने अधिकार के लिए लड़े है´, उन्हीं की जीत हुई हैं। भू विस्थापितों को आगे भी सभी मांगो में जीत मिलेगी।
भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव और दामोदर श्याम ने कहा की एसईसीएल कुसमुंडा में पुराने लंबित प्रकरणों में रोजगार के आदेश के बाद भू विस्थापित किसानों द्वारा चल रहे आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है और अन्य सभी भू विस्थापितों में उम्मीद की किरण दिखाई दिख रही है। एकता बद्ध तरीके से आंदोलन करने में ही सभी भू विस्थापितों को रोजगार मिलेगा ।
रघुनंदन यादव ने कहा कि एसईसीएल में 1988 में उनकी जमीन अधिग्रहण हुई थी। अधिग्रहण के बाद दफ्तरों का रोजगार के लिए चक्कर लगाया लेकिन रोजगार नहीं मिला भटक कर थक गए थे और रोजगार की उम्मीद समाप्त हो गई थी, लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ किसान सभा के सही मार्ग दर्शन नेतृत्व में 1517 दिनों से एकता बद्ध तरीके से भू विस्थापित रोजगार एकता संघ ने संघर्ष किया। संघर्ष के बाद एसईसीएल ने रोजगार के लिए पात्र मानते हुए रोजगार के लिए नियुक्ति पत्र जारी किया है, यह संघर्ष की जीत है।
कोरबा
डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत
जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक
विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित
सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश
पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।


कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने एवं उनकी आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कोरबा
केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से
कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

कोरबा
सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया गया है।
बैठक में वनमंडल, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जिला पंचायत के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा होगी।

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