देश
देवगौड़ा पर खड़गे बोले- मोहब्बत हमसे, शादी मोदीजी से:आठवले से कहा- मोदी का गुणगान कम करें, कांग्रेस अध्यक्ष की बातों पर PM खूब हंसे
नई दिल्ली,एजेंसी। राज्यसभा में बुधवार को अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा के बारे में कहा, ‘मैं सबसे पहले देवगौड़ाजी का उल्लेख करना चाहूंगा। मुझे पता नहीं कि उन्हें क्या हुआ, मोहब्बत हमारे साथ की, लेकिन शादी मोदीजी के साथ की।’ इस पर पीएम को हंसी आ गई।
इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा।
हरिवंश ने कहा- मैं हर किसी के शब्दों से खुद को जोड़ता हूं
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सभापति जी आपने बोलने का मौका दिया। पीएम और सभापति जी आपने जो मेरे लिए शब्द कहे, वह मेरे जीवन का अमिट स्मृति है। मैं हर किसी के शब्दों से खुद को जोड़ता हूं।
आपके आने के बाद लगातार यह प्रयास रहा कि कैसे यह संसद चले। इस सदन के सदस्य जेपी नड्डा का मर्यादित आचरण याद रहेगा। खड़गे जी के साथ बैठने का अवसर, हर पल सजग रहना.. उनका अनुभव इससे बहुत कुछ सीखने मिला। किरेन रिजिजू का हिंदी में प्रेम से बात रखना बहुत अच्छा लगता है।
खड़गे ने आठवले पर कहा- मोदीजी का गुणगान कम करें
खड़गे ने कहा, शरद पवार दोबारा इस सदन में आएंगे। रामदास आठवले साहब अपनी कविता के रूप में ही हमेशा ही मोदी जी का गुणगान करते हैं। उन्हें दूसरी कविता ही नहीं आती। मुझे उम्मीद है कि वे अगले कार्यकाल में अपनी कविता में मोदी का जिक्र कम करेंगे। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को पूरा देश जानता है। एमपी के सीएम रहे। राज्यसभा में कई समितियों मे रहे। उसकी रिपोर्ट्स भी दीं। मनु सिंघवी ने संसदीय वाद-विवाद को गरिमा दी।
खड़गे ने देवगौड़ाजी पर कहा- आपने मुहूर्त हमारे साथ देखा, शादी मोदीजी के साथ की
खड़गे ने कहा- मैं सबसे पहले देवगौड़ाजी का उल्लेख करना चाहूंगा। मुझे पता नहीं कि क्या हुआ उनको क्या हुआ मुहूर्त हमारे साथ देखा, लेकिन शादी मोदीजी के साथ की। शरद पवार दोबारा इस सदन में आएंगे। रामदास आठवले साहब अपनी कविता के रूप में ही हमेशा ही मोदी जी का गुणगान करते हैं। उन्हें दूसरी कविता ही नहीं आती। दिग्विजय सिंह को पूरा देश जानता है। एमपी के सीएम रहे। राज्यसभा में कई समितियों मे रहे। उसकी रिपोर्ट्स भी दीं। मनु सिंघवी ने संसदीय वाद-विवाद को गरिमा दी।
खड़गे ने कहा- यहां बोली गई हर बात सीखने लायक है
खड़गे ने कहा, ‘मैं खुद अपने संसदीय जीवन में पहली बार इस सदन का सदस्य बना हूं। 2022 से नेता प्रतिपक्ष बना हूं। जल्द ही मेरा कार्यकाल पूरा होने वाला है। जो मेरा अनुभव है वह सबसे अलग है। यहां जो बातें बोली जाती हैं वह सीखने लायक हैं। 39 साल असेंबली में था। उसके बाद यहां आया। मेरा 55वां साल चल रहा है। अपने पूरे संसदीय जीवन में नियमित रूप से सदन में मौजूद रहने और चर्चाओं में भाग लेने की कोशिश करता हूं, क्योंकि हमको कुछ अनुभव मिलता है। अलग राज्यो के लोग विचार धारा के लोग अलग अनुभव यहां बताए जाते हैं। मेरा बहुत खट्टा-मीठा अनुभव रहा है। इस सदन को सार्थक बनाने के लिए कई प्रयास करने होंगे ताकि समाज को बेहतर संदेश दिया जा सके।

मोदी ने कहा- संकट के समय काम हरिवंशजी के जिम्मे आता है
पीएम मोदी ने कहा, हमारे उपसभापति हरिवंशजी को लंबे समय तक इस सदन में जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला। मृदुभाषी हैं। संकट के समय काम उनके ही जिम्मे आता है कि आप संभाल लेना जरा। उनको एक लंबा अनुभव होता है। सबको भली भांति जान लेते हैं। लेकिन उनका भी योगदान है। मैंने देखा है कि सदन का समय नहीं होता तो कहीं न कहीं वे देश के यूथ से मिलना जुलना करते रहे हैं। वे काम के धनी तो हैं ही कर्म कठोर के नाते भारत के हर कोने में जाकर काम किया है। कभी हम सुनते थे कि सदन में हास्य विनोद का अवसर मिलता रहता है। मीडिया की दुनिया ऐसी है कि हर कोई कॉन्शियस रहता है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे आगे भी ऐसा व्यंग्य विनोद करते रहेंगे। हर 2 साल के बाद एक बड़ा समूह सदन से जाता है। लेकिन जो नया समूह आता है, उनको 4 साल से मौजूद साथियों से सीखने का मौका मिलता है। इसलिए यहां की जो विरासत है वो कंटीन्यू सदस्यों को मिलती रहती है।
पीएम ने कहा- जीवन में बड़ा फैसला लेना होता है
पीएम ने कहा,’मुझे पक्का विश्वास है जो नए सांसद आएंगे उनको भी यह अनुभव और विरासत मिलेगी। जीवन में या सामाजिक जीवन में कोई बड़ा फैसला लेना होता है। परिवार के लोग कहते हैं कि उनसे एक बार पूछ लो। उनका क्या कहना है। कोई बीमार है तो कहते हैं कि एक और डॉक्टर से पूछ लो। मैं मानता हूं कि संसदीय प्रणाली में सेकंड ओपिनियन की बहुत बड़ी भूमिका है। यह सेकंड ओपिनियन सारी बहस को नया आयाम देती है। हमारी निर्णय प्रक्रिया को समृद्ध करती है। जो सदन में बैठते हैं।
पीएम मोदी ने कहा- ये सदन अपने आप में बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी
पीएम मोदी ने कहा कि ये उनके जीवन की सबसे बड़ी स्मृति रहेगी। ये सदन अपने आप में बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी है। हमारी यहां शिक्षा-दीक्षा होती है। ये 6 साल जो यहां रहने का मौका मिलता है। वह राष्ट्र जीवन के साथ अपने जीवन को गढ़ने का भी मौका है। उनको यह भरोसा होता है कि चलो यहां नहीं तो उस सदन से कुछ तो हासिल होगा। जो सांसद विदाई ले रहे हैं आने वाले दिनों में तो ये मौका नहीं मिलेगा, इनमें कुछ ऐसे हैं जिनको नए और पुरानी संसद में बैठने का अवसर मिला है। ऐसे कई सांसद अब विदा हो रहे हैं। यह सेकंड ओपिनियन सारी बहस को नया आयाम देती है। हमारी निर्णय प्रक्रिया को समृद्ध करती है। जो सदन में बैठते हैं।

देश
मोदी बोले–2029 के चुनावों में बेटियों को उनका हक देंगे:दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में, PM ने एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया
देहरादून, एजेंसी। पीएम मोदी ने मंगलवार को देहरादून में कहा, ‘4 दशकों से महिला-बेटियां अपने हक का इंतजार कर रही है। अब वह समय आ गया है। हम अपने देश की बेटियों को 2029 के चुनावों में उनका हक देकर रहेंगे। इसके लिए हम संसद में महिला आरक्षण बिल ला रहे हैं।’

पीएम ने कहा, ‘कभी उत्तराखंड के गांव में सड़क के इंतजार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयास से सड़क गांव तक पहुंच रही है। जो गांव वीरान थे आज फिर बस रहे हैं।’
इससे पहले उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का उद्घाटन किया। वे एशिया के सबसे लंबे 12 किमी एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करने सहारनपुर पहुंचे। यहां रोड शो भी किया।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर 213 किमी लंबा, 6 लेन और एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है और इसके शुरू होने से अब दिल्ली-देहरादून के बीच की दूरी 6 घंटे से घटकर करीब ढाई घंटे रह गई है। दोपहर बाद इसे आम लोगों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है।
पीएम मोदी की स्पीच 5 पॉइंट्स में
- महिला आरक्षण पर: 4 दशक बाद संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ। 33% आरक्षण लागू करने वाले इस कानून को बनाने के लिए सभी दलों ने समर्थन दिया। अब इसे लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। 2029 से ही यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना है हर बहन बेटी की इच्छा है।मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए 16 अप्रैल से संसद में चर्चा होनी है। इसे सभी दल सर्व सम्मति से आगे बढ़ाएं। इसलिए मैंने आज देश की नारी शक्ति के नाम आज सभी बहनों के लिए एक पत्र लिखा है। हम अपने देश की बेटियों को 2029 के चुनावों में उनका हक देकर रहेंगे।
- देश की ताकत बन रही बेटियां: पीएम ने कहा कि देश की बेटियां भारत निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। सरकार उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर मुश्किल समय में महिलाओं को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रयास जारी हैं।
- टूरिज्म बना कमाई का सबसे बड़ा जरिया: पीएम ने कहा कि टूरिज्म बढ़ने से हर वर्ग को कमाई का मौका मिलता है। होटल, टैक्सी, दुकानदार सभी को लाभ होता है। उत्तराखंड अब विंटर टूरिज्म और स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बन रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
- नए कॉरिडोर खोलेंगे तरक्की के रास्ते: पीएम ने कहा कि एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर विकास के गेटवे हैं। इससे समय और खर्च दोनों कम होंगे। रोजगार बढ़ेगा और किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंचेगी, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
- देवभूमि को गंदगी से बचाना जरूरी: पीएम ने देवभूमि को साफ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और कचरे से बचना जरूरी है। कुंभ और नंदा देवी राजजात यात्रा को देखते हुए सभी को मिलकर इन जगहों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना होगा।
- आने वाली पीढ़ी के लिए बड़ी तैयारी: पीएम ने कहा कि सड़क, रेल और एयरवे देश की भाग्य रेखाएं हैं। यह सिर्फ आज की सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निवेश है। सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है ताकि देश की प्रगति जारी रहे।

दूरबीन से वॉइल्ड लाइफ कॉरिडोर देखते पीएम मोदी।
सहारनपुर में रोड शो, डाट काली मंदिर में पूजा की
पीएम सुबह 11 बजे देहरादून पहुंचे और यहां से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर गए। वहां उन्होंने रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने एक्सप्रेसवे पर बने एशिया के सबसे लंबे 12km एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण भी किया, जो देहरादून से सहारनपुर के बीच बनाया गया है।

पीएम मोदी ने पहले डाट काली मंदिर में पूजा की और फिर देहरादून के मंच पर पहुंचे इस दौरान वह सीएम धामी से बातचीत करते नजर आए।

देश
लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव:2029 से लागू होगा
तेलंगाना सीएम की पीएम को चिट्ठी- दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और बाकी 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित हैं।
वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में 2029 से लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है।

सरकार ने मंगलवार को संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 ड्राफ्ट सभी सांसदों को भेजे हैं।
एक और जरूरी बदलाव जनसंख्या की परिभाषा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है।
इन बदलावों को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है। हालांकि इस पर विरोध भी शुरू हो गया है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा कि दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं।
कपिल सिब्बल ने कहा- उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा
– राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से कर रही है। अगर सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती है, तो मौजूदा 543 सीटों में ही यह लागू किया जा सकता है। सीटों के पुनर्वितरण से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा।
– तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा कि संसद में जो 3 बिल लाए जाने हैं, उनको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। वह महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने के प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह देश के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करने की मांग
दिल्ली में मंगलवार को कई ऐक्टिविस्ट्स ने महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसे लोकसभा और विधानसभाओं की मौजूदा सीटों के आधार पर लागू किया जाए।
सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़कर चुनावी फायदा लेने की कोशिश हो रही है। वहीं, ऐक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज ने कहा कि प्रस्तावित बिलों का ड्राफ्ट अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जो सूचना के अधिकार के खिलाफ है।
यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती है
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ सकती है। यहां 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। यहां लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में महिला सीटों की संख्या 20 हो सकती है। यहां कुल सीटें 40 से 60 तक पहुंच सकती है। एमपी में 15 महिला आरक्षित सीटें बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 यानी महिला सीटें होंगी। झारखंड में 7 महिला आरक्षित सीटें बढ़ने का अनुमान है।

देश
ट्रम्प ने PM मोदी को फोन किया, 40 मिनट बातचीत:ईरान जंग पर चर्चा, दोनों ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बहुत जरूरी
नई दिल्ली, एजेंसी। PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान जंग पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज खुला रहना चाहिए। PM मोदी सोशल मीडिया पर लिखा-
मुझे मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रम्प का फोन आया। हमने दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में हुए काम और प्रगति पर बात की। हमने यह भी कहा कि आगे चलकर भारत और अमेरिका के रिश्ते को और मजबूत करेंगे।
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बातचीत थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि फोन कॉल के दौरान पीएम मोदी ने ट्रम्प से कहा, “भारत के लोग आपको पसंद करते हैं।” इस पर ट्रम्प ने कहा कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं।

अमेरिकी राजदूत बोले- भारत-US में जल्द बड़ा समझौता
सर्जियो गोर ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच होर्मुज की घेराबंदी के मुद्दे पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले कुछ दिनों और हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा से जुड़े बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है और कई अहम मुद्दों पर साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच 15 फरवरी 2025 को व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई।
ट्रम्प-मोदी के बीच 20 दिन में दूसरी बातचीत
इससे पहले पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो।
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
इस बातचीत को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा था कि एलन मस्क दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में शामिल हुए थे।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया, “मंगलवार को एलन मस्क ने भारत के राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर बातचीत में भाग लिया, जो युद्धकालीन संकट के दौरान दो राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई बातचीत में एक निजी नागरिक की असामान्य उपस्थिति थी।”
हालांकि भारत सरकार ने इन सारे दावों का खंडन कर दिया था, और सभी रिपोर्ट को गलत बताया।

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