रायपुर ,एजेंसी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जगदलपुर पहुंच गए हैं। यहां वे बस्तर ओलिंपिक के समापन में शामिल हुए। इससे पहले रायपुर में राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड कार्यक्रम में कहा कि हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करेंगे। जैसे ही छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त होता है, देशभर में नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा।
शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने बहादुरी के साथ 1 साल में खत्म करने का संकल्प लिया है। शाह ने नक्सलियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बहुत अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है। मुख्यधारा में आप शामिल हो जाइए। हथियार छोड़ दीजिए। विकास के रास्ते पर आ जाइए।
जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के खिलाड़ियों ने अमित शाह का स्वागत किया।
2900 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
बस्तर में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार 13 दिसंबर से शुरू हुआ था। जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में बैडमिंटन, कबड्डी, वॉलीबॉल समेत अन्य गेम्स हुए। आज 15 दिसंबर को समापन है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे।
इस बस्तर ओलिंपिक में बस्तर संभाग के सातों जिले के अलग-अलग खेलों के करीब 2900 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे। इसका सारा बंदोबस्त जिला प्रशासन की तरफ से किया गया है। प्रशासन की माने तो इस आयोजन में सरेंडर किए हुए करीब 300 नक्सली भी शामिल हुए। इसके साथ ही नक्सल घटनाओं में दिव्यांग हुए कुल 18 खिलाड़ियों, नक्सल हिंसा पीड़ितों ने भी अलग-अलग गेम्स में हिस्सा लिया।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड- 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए
रायपुर में अमित शाह की बड़ी बातें
नक्सलवाद के खिलाफ ताबूत में अंतिम कील ठोकने की तैयारी
शाह ने कहा कि सरकार बदलने के बाद से टॉप 14 नक्सली न्यूट्रलाइज हुए हैं। 4 दशकों में पहली बार नागरिकों और सुरक्षाबलों के मृत्यु के आंकड़े में कमी आई है। 10 साल में नक्सलवाद पर नकेल कसी गई। पुलिस ने 1 साल में छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों से नक्सलवाद के खिलाफ ताबूत में अंतिम कील ठोकने की तैयारी की है।
राष्ट्रपति कलर्स सिर्फ एक अलंकरण नहीं, बलिदान का प्रतीक
शाह ने पुलिस से कहा कि राष्ट्रपति कलर्स सिर्फ एक अलंकरण नहीं है, यह बलिदान का प्रतीक है। यह उन चुनौतियों की याद दिलाता है, जिनके साथ आपको दो-दो हाथ करना है। एक अलंकरण के साथ-साथ एक दायित्व भी है। मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ पुलिस का हर जवान इस दायित्व को निभाएगा। अपने फर्ज में कभी भी पीछे नहीं हटेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड- 2024 कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह सामान छत्तीसगढ़ पुलिस की वर्दी पर सजेगा-सीएम
CM विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 24 वर्षों में ही यह सम्मान पुलिस को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिया गया है। यह सामान न सिर्फ छत्तीसगढ़ पुलिस की वर्दी पर सजेगा, बल्कि हमारे जवानों की कर्तव्य, निष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक भी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार व्यक्त करता हूं।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एंटी नक्सल ऑपरेशन में साहस और दृढ़ता के साथ पिछले 1 साल में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। जवानों को बड़ी उपलब्धि मिली है।
राष्ट्रपति पुलिस कलर फ्लैग पुलिस को सौंपा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड- 2024 कार्यक्रम में पुलिस प्लाटून की सलामी ली। इस दौरान शाह ने राष्ट्रपति पुलिस कलर फ्लैग पुलिस को सौंपा। जहां धर्म गुरुओं ने मंत्रों के साथ ध्वज का स्वागत किया।
कार्यक्रम में शाह और CM विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति के निशान को सलामी दी। राष्ट्रपति पुलिस कलर ध्वज में बस्तर की संस्कृति को भी दर्शाया गया है, जिसमें गौर, माड़िया सिंह और धान के खेत शामिल हैं। ध्वज के ऊपर और नीचे 36 किले दर्शाए गए हैं।
अमित शाह ने ली पुलिस प्लाटून की सलामी।
छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है यह फ्लैग
छत्तीसगढ़ राष्ट्रपति के इस फ्लैग को हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है। छत्तीसगढ़ 2025 में अपने सिल्वर जुबली ईयर में प्रवेश कर रहा है। इससे ठीक पहले राष्ट्रपति की तरफ से पुलिस सेवा को मिलने वाला यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
स्टेट पुलिस के सर्विस रिकॉर्ड को लंबे समय तक ऑब्जरवेशन पर रखे जाने के बाद राष्ट्रपति की ओर से यह सम्मान दिया जाता है।
तस्वीरों में देखिए राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड कार्यक्रम
राष्ट्रपति के निशान को अमित शाह ने सलामी दी। साथ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मौजूद।
परेड कमांडर जीतेंद्र शुक्ला 8 प्लाटून के साथ कर रहे मार्च।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति पुलिस कलर फ्लैग पुलिस को सौंपा।
धर्म गुरुओं ने मंत्रों के साथ ध्वज का स्वागत किया।
पुलिस के घुड़सवार दस्ते के साथ अमित शाह की परेड ग्राउंड में हुई एंट्री।
छत्तीसगढ़ पुलिस को यह सम्मान क्यों दिया गया?
भारत के सशस्त्र बलों और पुलिस संगठनों को उनकी स्पेशल सर्विस और कर्तव्य के प्रति बेहतरीन समर्पण के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान ‘राष्ट्रपति का प्रतीक चिन्ह’ है। हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस को यह सम्मान दिया गया है। यह सम्मान नक्सलवाद और अन्य चुनौतियों से निपटने में राज्य पुलिस के अद्वितीय प्रयासों और उपलब्धियों को मान्यता देता है।
1. नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष: छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। पुलिस ने दुर्गम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों का डटकर सामना किया है और सफलतापूर्वक शांति बहाल की है। उनके अभियानों में साहस, समर्पण और सामुदायिक सहभागिता का अनूठा मेल देखने को मिला।
2. सामुदायिक पुलिसिंग: छत्तीसगढ़ पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आदिवासी युवाओं को रोजगार, शिक्षा और पुनर्वास के लिए विशेष योजनाएं चलाईं। इसके जरिए पुलिस ने आम जनता और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास कायम किया।
3. आधुनिक तकनीक और विशेष बल: छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी अभियानों में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। विशेष बल, जैसे डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप (DRG), ने माओवादियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
इन 2 जगहों पर जाने की चर्चा, जानिए क्यों
पूवर्ती गांव..हिड़मा यहीं का रहने वाला
बस्तर में जब भी नक्सल का जिक्र होता है तो नक्सली लीडर माड़वी हिड़मा का नाम भी आता है। पुलिस की वांटेड लिस्ट में भी सबसे पहले हिड़मा का ही नाम है। हिड़मा सुकमा जिले के अति संवेदनशील पूवर्ती गांव का रहने वाला है। वर्तमान में ये नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का मेंबर है। इस पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है।
कुछ महीने पहले ही हिड़मा के गांव पूवर्ती में उसके घर के नजदीक ही सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित किया गया है। पूवर्ती, टेकलगुडेम समेत आस-पास के इलाके को जवानों ने कैप्चर कर लिया है। हर दिन यहां सैकड़ों जवान सर्च ऑपरेशन पर निकलते हैं। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हिड़मा के गांव जाकर उसके इलाके के लोगों से मुलाकात कर सकते हैं।
अबूझमाड़…यहां आर्मी कैंप भी स्थापित होना है
अमित शाह नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ भी जा सकते हैं। अबूझमाड़ के गांव में इसलिए क्योंकि इस इलाके को नक्सलियों की राजधानी के नाम से जाना जाता है। यहां कई बड़े कैडर्स के नक्सली हैं। बड़ी बात है कि अबूझमाड़ के इलाके में ही आर्मी का बेस कैंप भी स्थापित किया जाना है।
इस लिहाज से इलाके को करीब से देखने और इंडियन आर्मी के बेस कैंप खोलने को लेकर वे इस इलाके में भी जा सकते हैं। माड़ की जमीनी स्थिति, इलाके के लोगों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर सकते हैं।
हिड़मा की फाइल फोटो।
सालभर में खोले गए 25 से ज्यादा कैंप
बस्तर को नक्सलियों से मुक्त करने और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद सालभर में बस्तर में 25 से ज्यादा सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें दंतेवाड़ा के नेरली घाटी, कांकेर के पानीडोबरी, बीजापुर के गुंडम, पुतकेल, छुटवही, नारायणपुर के कस्तूरमेटा, इरकभट्टी, मसपुर, मोहंदी, सुकमा के मुलेर, परिया, सलातोंग, टेकलगुडेम, पूवर्ती, लखापाल पुलनपाड़ में कैंप खुले हैं।
बस्तर ओलिंपिक में अलग-अलग खेल में कुल 2900 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है।
रायपुर, एजेंसी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा की है। इस बार छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित होंगे। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और 1 अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरता और अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेना के जवानों, अफसरों और पुलिस अधिकारियों और जवानों को अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक चले अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को इस बार खास तौर पर सम्मानित किया गया है।
वीरता पदक पाने वाले प्रमुख अधिकारियों में आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला, एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिन्सन गुड़िया शामिल हैं। आईजी पी. सुंदरराज को नक्सल विरोधी अभियानों का बेहतर तरीके से नेतृत्व करने और माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए किए गए काम के लिए वीरता पदक दिया गया है।
आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को किया जाएगा वीरता पदक से सम्मानित।
आईजी एलेसेला, एएसपी रॉबिंसन को भी वीरता पदक
आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को नक्सल प्रभावित इलाकों में साहस के साथ नेतृत्व करने के लिए वीरता पदक दिया जाएगा। एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी विशेष अभियानों में बहादुरी दिखाने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
सीनियर IPS अधिकारी कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
विशिष्ट सेवा के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। पुलिस सेवा में उनके लंबे अनुभव, बेहतर प्रशासन और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, एएसपी दीपमाला कश्यप के नाम।
सराहनीय सेवा के लिए इन अफसरों को मिलेगा सम्मान
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी डॉ. अर्चना झा, एएसपी दीपमाला कश्यप, डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल, इंस्पेक्टर पिनाकी, डीएसपी सविता सिंह परिहार, असिस्टेंट कमांडेंट बृजेश कुमार तिवारी, कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह और प्लाटून कमांडर नेहरू लाल शामिल हैं।
मनीषा ठाकुर रावटे सराहनीय सेवा पदक 20 वाहनी बटालियन की कमांडेंट है। डायल 112 प्रोजेक्ट में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के एक कार्यक्रम में सरेंडर नक्सली महिलाओं ने रैंप वॉक किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी एक्सपो आयोजित किया गया था। जहां पूर्व महिला नक्सलियों ने कोसा साड़ी पहनकर हैंडलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया।
यह फैशन शो सिर्फ पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर और मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही महिलाओं की प्रेरक कहानी भी सामने लेकर आया। कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
रैंप वॉक की तस्वीरें देखें…
कोसा सिल्क पहनकर उतरीं सरेंडर नक्सली महिलाएं।
रैंप पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखी।
रैंप वॉक करने वाली सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं।
रैंप वॉक के जरिए दिया संदेश
स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार आकर्षक परिधानों को प्रदर्शित किया।
सरेंडर नक्सलियों ने रैंप वॉक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के बाद सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत संभव है।
कभी बंदूक के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि रैंप वॉक करने वाली लगभग सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और यादगार रहा। पारंपरिक परिधानों में रैंप पर चलती महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के लिए शो
यह फैशन शो सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की दिशा में सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया।
रैंप वॉक पर दिखी हथकरघा परंपरा की झलक
रैंप पर कोसा सिल्क पहनकर उतरीं आत्मसमर्पित महिलाओं ने एक तरफ छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर बदलते बस्तर की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई।
‘लोकल टू ग्लोबल’ की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ में इन महिलाओं की मौजूदगी ने यह संदेश भी दिया कि पुनर्वास और अवसर मिलने पर वे अपनी नई पहचान और सम्मानजनक भविष्य बना सकती हैं।
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला जांजगीर-चांपा की प्रथम परिचयात्मक बैठक गुरुवार, 13 अगस्त को जिला कार्यालय जांजगीर-चांपा में आयोजित की गई। बैठक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती संतोषी सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य महिला मोर्चा को जिले में और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ एवं मंडल स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा। बैठक में महिला कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, जिला संगठन सह प्रभारी राजेंद्र वैष्णव, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वहीं विशेष अतिथि के रूप में महिला मोर्चा भाजपा जिला प्रभारी श्रीमती पुनिता डहरिया, जिला सह प्रभारी श्रीमती विभा गौरहा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यालता मीरी, बलौदा जनपद पंचायत, जिला महामंत्री श्रीमती नन्दनी राजवाड़े, जिला महामंत्री शक्ति श्रीमती मोहन कुमारी साहू, अध्यक्ष श्रीमती शारदा सनत देवांगन, नवागढ़ जनपद अध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवी सिंह, नपा अध्यक्ष श्रीमती रेखा गढ़वाल, नपं अध्यक्ष श्रीमती अर्चना देवांगन, जिला पंचायत सभापति श्रीमती प्रियंका सिंह, श्रीमती संतोषी रात्रे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में जिला एवं मंडल स्तर की महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित अतिथियों ने महिला कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा महिलाओं को पार्टी की विचारधारा एवं संगठन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला जांजगीर-चांपा की जिला महामंत्री डॉ. धनेश्वरी जागृति ने किया। अंत में महिला मोर्चा की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त जिला उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा डेहरे द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे संतोष लहरे, अमर सुल्तानिया, रवि पाण्डेय, प्रदीप श्रॉफ, श्रीमती उमा सोनी, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती, पूजा राठौर, श्रीमती संजीत माली, श्रीमती प्रेमलता कौशिक, श्रीमती अन्नपूर्णा सोनी, श्रीमती मेघा यादव, श्रीमती संतोषी बरेठ, श्रीमती रोशनी राठौर, श्रीमती कल्याणी केशरवानी, श्रीमती शशि राठौर, श्रीमती पुष्पा सिंह, श्रीमती मनीषा गोपाल, श्रीमती पूनम राय,श्रीमती पूनम अग्रवाल सहित सभी मंडल के महिला मोर्चा की अध्यक्ष महामंत्री एवं जिला एवं मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं और महिला मोर्चा को जिले में और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने का संकल्प लिया।