Connect with us

देश

आर्मी चीफ बोले-कभी भी हो सकता है ऑपरेशन सिंदूर 2.0:पिथौरागढ़ में महिला जवानों को बताया मां काली, बोले- रौद्र रूप से बनेंगी बेहतरीन लीडर

Published

on

पिथौरागढ़ ,एजेंसी। ऑपरेशन सिंदूर 1.0 को रोका नहीं गया है। कुछ समय के लिए जो गोलाबारी चल रही थी सिर्फ उसे रोका गया है। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर 2.0 कभी भी आ सकता है और भारतीय सेना इसके लिए तैयारी कर रही है।

यह बात भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कही है।

दरअसल, जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को पिथौरागढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सेना ब्रिगेड मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सैनिकों के साथ ही पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को भी सुना।

कार्यक्रम के दौरान जवानों को सम्मानित करते आर्मी चीफ।

कार्यक्रम के दौरान जवानों को सम्मानित करते आर्मी चीफ।

सेना प्रमुख ने ये बड़ी बातें कहीं…

1- देश के निर्माण में सेना हमेशा अग्रणी

थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जनता के साथ मिलकर काम करना और डिजास्टर पर बचाव करना फौज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए कमांडर स्तर से निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने थराली (उत्तराखंड) और अमरनाथ आपदा में सेना की खोज-बचाव कार्यों को उदाहरण के रूप में पेश किया।

2- ऐसा लीडर बनिए जिसे सभी फॉलो करें

जनरल द्विवेदी ने जवानों से कहा कि वे ऐसा लीडर बनें जिसे सभी फॉलो कर सकें। उन्होंने फिजिकल फिटनेस पर ध्यान देने और तकनीक की जानकारी रखने को जरूरी बताया। प्रत्येक सैनिक को अपनी क्षमता के अनुसार विकल्प चुनने का अधिकार है- जिम, गेम या एडवेंचर। उन्होंने मेल और फीमेल जवानों के टेस्ट समान किए जाने की बात कही और महिला जवानों को मां काली का रूप बताते हुए कहा कि उनका रौद्र रूप लीडर बनने में मदद करेगा।

3- वेटरन की हर समस्या का समाधान होगा

पूर्व सैनिकों (वेटरन) के लिए जनरल द्विवेदी ने 50वां नमन स्टेशन तैयार करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा- पेंशन, लोन और अन्य जरूरतों के लिए कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने टेली मेडिसिन सुविधा लांच होने की जानकारी दी और बताया कि केंद्रीय, राज्य और जिला सैनिक बोर्डों के प्रतिनिधियों को दिल्ली बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

Published

on

नेपाल में भारतीय करंसी पर नए नियम लागू, जानिए कौन-से नोट होंगे मान्य और कितना ले सकेंगे कैश

काठमांडू,

भारत और नेपाल के बीच यात्रा और व्यापार करने वालों के लिए अच्छी खबर है। नेपाल सरकार ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को 9 नवंबर 2016 के बाद जारी रू.200 और रू.500 के भारतीय नोट अधिकतम रू.25,000 तक नेपाल लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने नई अधिसूचना जारी कर इस संबंध में नियम स्पष्ट किए हैं। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 8 नवंबर 2016 से पहले जारी रू.500 और रू.1,000 के भारतीय नोट पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इन पुराने नोटों को नेपाल में लाने या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

नेपाली नागरिकों के लिए विशेष नियम
नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक भारतीय मुद्रा केवल भारत से नेपाल ला सकेंगे। उन्हें भारतीय करेंसी नेपाल से किसी तीसरे देश में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने कहा कि नए नियम से नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों और भारत के साथ व्यापार करने वाले नेपाली नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे सीमा पार नकदी लेन-देन की प्रक्रिया भी सरल होगी। नई अधिसूचना के अनुसार, नेपाली नागरिक और विदेशी यात्री 5,000 अमेरिकी डॉलर या उसके बराबर विदेशी मुद्रा बिना कस्टम घोषणा के नेपाल ला सकते हैं। यदि इससे अधिक राशि लाई जाती है तो कस्टम अधिकारियों के समक्ष इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। एजेंसी।

Continue Reading

देश

दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

Published

on

दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों का पट्टा जनवरी-जून में 78% बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली,

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-जून के दौरान शॉपिंग मॉल और खुदरा बाजारों में खुदरा दुकानों की पट्टा गतिविधि 78 प्रतिशत बढ़कर 13 लाख वर्ग फुट हो गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट कहती है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से फैशन दुकानों, खाद्य एवं पेय (एफएंडबी) कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर के विस्तार से हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में शॉपिंग मॉल में पट्टा गतिविधि मजबूत रही और इसमें सालाना आधार पर दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुख्य सड़कों पर पट्टे में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल पट्टा गतिविधियों में फैशन खंड की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही, जबकि एफएंडबी का 16 प्रतिशत और डिपार्टमेंटल स्टोर का 12 प्रतिशत योगदान रहा।

कंपनी के अनुसार, बेहतर लोकेशन वाले मॉल और बाजार परिसरों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से रिक्तता घटी है और किराया बढ़ा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आवासीय विस्तार और उपभोक्ता मांग में वृद्धि के कारण एनसीआर देश के प्रमुख संगठित खुदरा बाजारों में तेजी से उभर रहा है। एजेंसी।

Continue Reading

देश

विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

Published

on

विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

मुंबई,

वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।

भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र

दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एजेंसी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677