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सेना के अधिकारी ने स्पाइसजेट के 4 कर्मचारियों को पीटा:एक की रीढ़ की हड्डी टूटी, दूसरे का जबड़ा, बेहोश हुए स्टॉफ को लातों से मारता रहा

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श्रीनगर,एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट पर एक्स्ट्रा लगेज को लेकर सेना के एक अधिकारी ने स्पाइसजेट के चार कर्मचारियों के साथ मारपीट की। एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी टूट गई। दूसरे का जबड़ा टूट गया। तीसरे की नाक से खून निकलने लगा। वहीं चौथा कर्मचारी बेहोश हो गया, उसके बावजूद आरोपी लातें मारता रहा।

घटना 26 जुलाई की है। मामला अब सामने आया है। एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि आरोपी सैन्य अधिकारी को नो फ्लाइंग लिस्ट में डाल दिया है। वहीं सेना ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अफसर की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल रितेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह गुलमर्ग स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (HAWS) में तैनात है। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है, हालांकि अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मारपीट की तस्वीरें…

लाल टीशर्ट पहने आरोपी सेना में सीनियर अधिकारी है। उसने स्टॉफ के साथ मारपीट की।

लाल टीशर्ट पहने आरोपी सेना में सीनियर अधिकारी है। उसने स्टॉफ के साथ मारपीट की।

CISF कर्मचारी ने जब आरोपी को काबू में करने की कोशिश की, तो उसे भी धक्का दे दिया।

CISF कर्मचारी ने जब आरोपी को काबू में करने की कोशिश की, तो उसे भी धक्का दे दिया।

आरोपी ने एयरलाइन के स्टॉफ के साथ तब तक मारपीट की, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया।

आरोपी ने एयरलाइन के स्टॉफ के साथ तब तक मारपीट की, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया।

अब जानिए क्या है पूरा मामला

26 जुलाई को स्पाइसजेट फ्लाइट SG-386 श्रीनगर से दिल्ली जा रही थी। बोर्डिंग गेट पर एक पैसेंजर, जो सेना का अधिकारी बताया जा रहा है, उसने चार स्टॉफ पर जानलेवा हमला कर दिया।

एयरलाइन के मुताबिक, आरोपी अधिकारी दो केबिन बैगेज ले जा रहा था, जिनका कुल वजन 16 किलो था। यह 7 किलो की सीमा से दोगुना था। स्पाइसजेट के स्टॉफ ने पैसेंजर को बताया कि आपका लगेज तय मानकों से ज्यादा है। इसलिए आपको अतिरिक्त पेमेंट करना होगा।

आरोपी अधिकारी ने एक्स्ट्रा पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद वह बोर्डिंग प्रोसेस पूरी किए बिना ही जबर्दस्ती एयरोब्रिज में घुस गया। यह सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का उल्लंघन था।

लाइन में रखे जाने वाले स्टैंड से हमला किया

जब स्टॉफ ने आरोपी को रोकने की कोशिश की तो उसने पीटना शुरू कर दिया। बगल में रखे एक स्टैंड से कर्मचारी पर हमला कर दिया। उन्हें लात-घूंसे भी मारे। कुछ के जबड़े में भी चोट आई।

स्पाइसजेट का एक कर्मचारी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन यात्री बेहोश कर्मचारी को लात मारता रहा। बेहोश हुए कर्मचारी की मदद के लिए नीचे झुकते समय एक अन्य कर्मचारी के जबड़े पर जोरदार लात लगने से उसकी नाक और मुंह से खून बहने लगा। घायल कर्मचारियों को अस्पताल में एडमिट कराया गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी लेटर भेजा गया

एयरलाइन ने बताया कि, आरोपी के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज की गई है। नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार यात्री को नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दिया गया है।

स्पाइसजेट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर अपने कर्मचारियों पर हुए जानलेवा हमले की जानकारी दी है और यात्री के खिलाफ उचित कार्रवाई का अनुरोध किया है। एयरलाइन ने हवाई अड्डे के अधिकारियों से घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दिया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स सेबी के समक्ष दाखिल करेगा आईपीओ दस्तावेज: मुकेश अंबानी

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नई दिल्ली, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स शुक्रवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष आईपीओ लाने के लिए दस्तावेज दाखिल करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में यह जानकारी दी। विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है, जिसका संभावित मूल्यांकन 130–180 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच आंका जा रहा है। 

मुकेश अंबानी ने कहा, ”मेरे प्रिय शेयरधारकों, मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने आईपीओ दस्तावेज को आज मंजूरी दे दी। इसे आज ही सेबी के समक्ष दाखिल किया जाएगा।” रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 33.57 प्रतिशत में से मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी 17.71 प्रतिशत है।  

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सोसाइटी जनरल, प्रूडेंशियल समेत अन्य ने एंथम बायोसाइंसेज में 3% हिस्सेदारी 1275 करोड़ रुपए में खरीदी

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नई दिल्ली, एजेंसी। सोसाइटी जनरल, प्रूडेंशियल हांगकांग और गिसालो कैपिटल मैनेजमेंट के नेतृत्व में वैश्विक निवेशकों ने एंथम बायोसाइंसेज के एक प्रवर्तक अरुणा गणेश से खुले बाजार के सौदों के जरिये कंपनी में कुल तीन प्रतिशत हिस्सेदारी 1,275 करोड़ रुपए में खरीदी। इस लेनदेन के बाद, एंथम बायोसाइंसेज का शेयर एनएसई पर 798.25 रुपए प्रति शेयर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा। 

राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर मौजूद सौदे से जुडे़ आंकड़ों के अनुसार, इस सौदे में कई घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और एक निवेश कंपनी ने भी भागीदारी की। इन निवेशकों ने बृहस्पतिवार को कुल 1,71,14,604 शेयर खरीदे (एंथम बायोसाइंसेज में 3.05 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर) और इनका औसत मूल्य 744.80 रुपये प्रति शेयर रहा। कुल लेनदेन मूल्य 1,274.69 करोड़ रुपए रहा। इस सौदे में भाग लेने वाले अन्य विदेशी निवेशकों में लक्जमबर्ग स्थित नॉर्डिया एसेट मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रेटेजीज एशिया प्राइवेट लिमिटेड और सोशल प्रोटेक्शन फंड शामिल रहे। 

घरेलू संस्थागत निवेशकों में भारतीय स्टेट बैंक म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड, एडलवाइस म्यूचुअल फंड, केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड, 360 वन म्यूचुअल फंड, महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड खरीदारों में शामिल रहे। प्रेमजी इन्वेस्ट से संबद्ध पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ वी एलएलपी, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस भी उन निवेशकों में शामिल रहे जिन्होंने कंपनी के शेयर खरीदे। वहीं, प्रवर्तक अरुणा गणेश समान संख्या में शेयर बेचकर कंपनी से बाहर निकल गईं। इस सौदे से एंथम बायोसाइंसेज में प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूह की संयुक्त हिस्सेदारी 74.68 प्रतिशत से घटकर 71.63 प्रतिशत रह गई। एंथम बायोसाइंसेज एक पूर्णतः एकीकृत अनुबंध अनुसंधान, विकास एवं विनिर्माण संगठन है।  

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GenAI से रियल एस्टेट में 7 साल में 14–17 अरब डॉलर की बढ़ोतरी संभव

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मुंबई, एजेंसी। जनरेटिव आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (GenAI) अगले सात साल में रियल एस्टेट क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में 14 से 17 अरब डॉलर कर सकता है, जो उद्योग के कुल राशि मूल्य में 3-4 प्रतिशत की वृद्धि के बराबर है। ईवाई-पार्थेनॉन और क्रेडाई की संयुक्त रिपोर्ट में यह बात कही गई है। जेनएआई की मदद से डेवलपर्स को बिक्री की रफ्तार में 30-50 प्रतिशत तक सुधार और प्रोजेक्ट लॉन्च में लगभग 30 प्रतिशत की तेजी देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉपर्टी डील्स के मूल्यांकन का समय लगभग 50% तक घट सकता है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 30-35 तक तेज हो सकती है। AI की मदद से स्वचालित मॉडलिंग, निवेश रिटर्न (IRR/ROI) के बेहतर अनुमान और तेजी से डील एनालिसिस संभव होगा, जिससे पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक डील्स का मूल्यांकन किया जा सकेगा।

इसके अलावा, शुरुआती तौर पर AI अपनाने वाली कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। इससे कार्यबल की उत्पादकता में 20 से 50 प्रतिशत सुधार हो सकता है जबकि ग्राहक साधने की लागत में 20 से 50 प्रतिशत की कमी आ सकती है। निर्णय लेने की प्रक्रिया महीनों से घटकर हफ्तों या दिनों में आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की प्रगति में डेवलपरों को व्यावहारिकता का आकलन करने, परियोजनाओं की योजना बनाने, निर्माण का प्रबंध करने और ग्राहकों के साथ जुड़ने के तरीकों को नया आकार देने की क्षमता है।

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