कोरबा
बालको ने जैव विविधता दिवस पर वन्यजीव संरक्षण जागरूकता का चलाया अभियान
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर द एनिमल केयर ऑर्गेनाइजेशन (टाको) के सहयोग से आस-पास के गांवों में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम ‘प्रकृति के साथ सौहार्द और सतत विकास’ के अनुरूप इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समुदाय को वन्यजीव व्यवहार, संघर्ष निवारण और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक तथा प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की भावना को प्रोत्साहित करना था।
कोरबा के वन क्षेत्रों में पाए जाने वाले स्लॉथ बियर (भालू की एक प्रजाति) के संरक्षण पर केंद्रित सत्र का आयोजन किया गया। जानवरों के व्यवहार को समझाकर मानव तथा वन्यजीव संघर्ष को कम करने के तरीकों को साझा किया गया, जिसमें 300 से अधिक सदस्यों एवं स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से व्यावहारिक परिदृश्य को दर्शाते हुए लोगों को वन्यजीव संरक्षण हेतु संवेदनशील और सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कहानी और क्विज़ के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने और स्थानीय वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में जिला वन और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने स्थानीय जैव विविधता पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और वन-आश्रित क्षेत्रों के निवासियों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी को प्रोत्साहित किया। इस पहल को स्थानीय पंचायत सदस्यों, पर्यावरणविदों और एनजीओ का भी सहयोग मिला।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत बालको ने सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ अर्बन, रूरल एंड ट्राइबल (श्रोत) के साथ साझेदारी में कई कार्यक्रम आयोजित किये हैं। इनमें नियमित सामुदायिक स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और पशु कल्याण शामिल हैं, जिसका उद्देश्य स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र को पुनर्स्थापित करने और बनाए रखने में समुदाय-आधारित प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हमारा मानना है कि वास्तविक प्रगति औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के संतुलन में निहित है। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर हमारी सामुदायिक भागीदारी की पहल हमारे इस संकल्प को मजबूत करती हैं कि हम स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करें और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व को बढ़ावा दें। हम ‘शून्य हानि’, सतत विकास और राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण के साथ अपने प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं।
पर्यावरणविद् दिनेश दीक्षित ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जंगल से लगे क्षेत्रों में जैव विविधता के संरक्षण में समुदाय की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। बालको जैसी पहल सराहनीय हैं क्योंकि ये वैज्ञानिक जागरूकता और स्थानीय कार्यवाही के बीच सेतु का काम करती हैं।
गांव के निवासी मंगल सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जानवरों के प्राकृतिक व्यवहार को समझना संघर्ष रोकने में सहायक होता है। सुबह जल्दी या रात के समय (जो वन्यजीवों की गतिविधि के मुख्य समय है) आवाजाही कम करने पर मानव तथा वन्य जीव टकराव की संभावना कम हो जाती है। बालको द्वारा यह जानकारी साझा करने के लिए मैं उनका आभारी हूं।
बालको, जैव विविधता और पशु कल्याण को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है इनमें 3,000 से अधिक पशुओं को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए रिफ्लेक्टिव कॉलर का वितरण, 2,500 से अधिक पशुओं के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 300 से अधिक कुत्तों का रेबीज टीकाकरण तथा गर्मियों में पशुओं के लिए वॉटर बॉउल चैलेंज के अंतर्गत जल पात्र की व्यवस्था शामिल हैं। ये सभी कदम स्थानीय पारिस्थितिकी संतुलन और मानवीय सह-अस्तित्व को मजबूत करते हैं।
टाको अप्रैल 2022 में शुरू हुआ द एनिमल केयर ऑर्गनाइजेशन (टाको), वेदांता लिमिटेड की प्रमुख पशु कल्याण पहल है, जिसका उद्देश्य आवारा और सामुदायिक पशुओं के लिए समग्र देखभाल प्रदान करना है। यह संगठन बचाव, पुनर्वास, रोकथाम, वृद्ध पशु देखभाल और निःशुल्क ओपीडी सेवाएं प्रदान करता है। इसके तहत एक सुपर स्पेशियलिटी वेटरनरी हॉस्पिटल भी संचालित किया जाता है। बालको सहित वेदांता लिमिटेड की सभी यूनिट्स में टाको के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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