छत्तीसगढ़
67 सब-इंजीनियर्स को नौकरी से हटाने पर रोक:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती, शासन से मांगा गया जवाब
बिलासपुर,एजेंसी। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में हुई सब-इंजीनियर (सिविल) भर्ती को निरस्त करने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दरअसल, हाईकोर्ट ने अपात्र पाए गए 67 सब इंजीनियरों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति अवैध मानी जाएगी।
चयन प्रक्रिया के दौरान कुल 89 ऐसे उम्मीदवारों की पहचान हुई थी, जिनके पास आवेदन की अंतिम तारीख तक जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।

सब-इंजीनियर भर्ती को निरस्त करने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
जानकारी के मुताबिक, साल 2011 में ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अंतर्गत सब-इंजीनियर के 275 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। आरोप लगाया गया कि विभाग ने नियमों का उल्लंघन करते हुए 275 की जगह 383 नियुक्तियां कर दी।
बताया गया कि 89 अभ्यर्थियों के पास आवेदन की अंतिम तिथि 23 मार्च 2011 तक डिप्लोमा या डिग्री नहीं थी, फिर भी उन्हें चयनित कर लिया गया। इस मामले को लेकर रवि तिवारी ने याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील की।

67 सब इंजीनियरों को अपात्र मानते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी।
डिवीजन बेंच ने रद्द कर दी नियुक्ति
डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद 67 सब इंजीनियरों को अपात्र मानते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा था कि विभाग ने बाद में फैसला लिया था कि अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहे अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जाए।
सरकार ने यह भी तर्क दिया कि कर्मचारी 14 सालों से सेवा दे रहे हैं और उनकी सेवा की पुष्टि भी हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रभावित सब इंजीनियरों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है।

कोरबा
कलेक्टर ने निर्माणाधीन भवनों का किया निरीक्षण, ठेकेदार को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश, धीमी प्रगति पर जताई नाराज़गी
कोरबा। विकासखंड कोरबा के दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से पहुँच सके, इसके लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से स्वीकृत विभिन्न निर्माण कार्यों का कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कार्य की धीमी प्रगति देखकर उन्होंने नाराज़गी व्यक्त की और त्वरित सुधार हेतु स्पष्ट निर्देश दिए।

कलेक्टर ने निर्माणाधीन पशु चिकित्सालय, आंगनबाड़ी भवन तथा शिक्षक एवं चिकित्सक आवास की संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए किए जाएँ। साथ ही, इंजीनियरों को समय-समय पर स्थल पर उपस्थित रहकर कार्य की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए। ग्राम लेमरू में चिकित्सक आवास निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम सोनपुरी एवं अजगरबहार में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा बनाए जा रहे उप-स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन और पशु चिकित्सालय का निरीक्षण किया। सोनपुरी में उन्होंने पीडीएस और उप-स्वास्थ्य केंद्र दोनों के लिए एक ही परिधि-दीवार (बाउंड्री वॉल) बनाने तथा भवन तक सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

लेमरू में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन और चिकित्सक आवास का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन को नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले हर हाल में तैयार करने और निर्माण संरचना में नियमित पानी की तराई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चिकित्सक आवास में ठेकेदार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पीडब्ल्यूडी के ईई को ठेकेदार के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा आवश्यकता होने पर कार्य के लिए पुनः टेंडर निकालने के निर्देश दिए। श्यांग में शिक्षक एवं चिकित्सकीय स्टाफ के लिए निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अप्रैल तक सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की।
धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर श्री दुदावत ने लेमरू धान खरीदी केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा धान उठाव में तेजी लाने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कोरबा
मेहनत, लगन और कोसा पालन ने बदली जीवन की दिशा
कोरबा। कोरबा जिले के ग्राम बरपाली-तानाखार (वि.ख. पोड़ी-उपरोड़ा) के निवासी शिवकुमार बिंझवार आत्मज दादूलाल अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवार से आते हैं। उनके पास केवल 1.5 एकड़ कृषि भूमि है और आजीविका के अन्य साधन भी उपलब्ध नहीं थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कोसा कृमिपालन को अपनी आजीविका का आधार बनाया। आज वे कोसा बीज केंद्र बरपाली के सबसे अति-उन्नत कोसा कृमिपालकों में शामिल हैं।
पिछले पंद्रह वर्षों से वे सपरिवार कोसा पालन का कार्य कर रहे हैं। मेहनत, तकनीकी जानकारी और रेशम विभाग से मिले मार्गदर्शन ने उनके कार्य को निखारा और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया। वर्ष 2025-26 में उनके द्वारा प्रथम फसल से 20,151 नग डाबा कोसाफल का उत्पादन किया गया, जिसका समर्थन मूल्य 49,721 रुपये प्राप्त हुआ। तृतीय फसल से 26,300 नग डाबा कोसाफल उत्पन्न हुए और इसका समर्थन मूल्य 71,760 रुपये रहा। इस प्रकार उन्हें डीबीटी के माध्यम से कुल 01 लाख 21 हजार 481 रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिसने उनके परिवार को स्थायी आर्थिक संबल प्रदान किया।
शिवकुमार ने अपनी सीमित भूमि और कम संसाधनों के बावजूद कोसा पालन को अपना प्रमुख व्यवसाय बना लिया। इस कार्य से प्राप्त आय से उन्होंने स्वयं के लिए दोपहिया वाहन खरीदा और अपने दोनों पुत्रों रोहित, जो कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हैं, तथा राजेश, जो कक्षा 8वीं में पढ़ते हैं कि पढ़ाई के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की।
कोसा पालन की तृतीय फसल का समय नवंबर से जनवरी तक लगभग तीन माह का होता है। इस अवधि में उन्होंने रेशम विभाग द्वारा प्रदाय उच्च तकनीक और आधुनिक विधियों का सही उपयोग करते हुए उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की। विभाग द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी का उन्होंने कोसा फार्म में बेहतर उपयोग किया और आज वे एक उत्कृष्ट कृषक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।
शिवकुमार न केवल स्वयं सफल हुए हैं, बल्कि उन्होंने अपने गाँव के 20 से 25 किसानों का समूह बनाकर उन्हें भी कोसा पालन के लिए प्रेरित किया है। उनकी अपेक्षा है कि रेशम विभाग समय-समय पर उन्हें निरोगी और उत्तम गुणवत्ता का टसर कोसा बीज उपलब्ध कराते रहे, जिससे वे उत्पादन बढ़ाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर सकें।
मेहनत, लगन और सही तकनीकी मार्गदर्शन का परिणाम है कि शिवकुमार बिंझवार आज कोसा पालन की दुनिया में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने साबित किया है कि इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से सीमित साधनों के बावजूद जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। उनकी यह यात्रा कई अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
छत्तीसगढ़
बलरामपुर में 5 एकड़ खेत में मिली अफीम की फसल:पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, दुर्ग में BJP नेता विनायक के भाई की दुकान ढहाई गई
दुर्ग/बलरामपुर,एजेंसी। दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद दूसरा मामला बलरामपुर जिले से आया है। जहां मंगलवार (10 मार्च) त्रिपुरी के सरनाटोली गांव से दूर जंगल किनारे अफीम की खेती की गई थी। अफीम पूरी तरह से तैयार थी और डोडों में चीरा भी लगाया गया था।
मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है। ग्रामीणों की सूचना पर कुसमी एसडीओपी सहित प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। जहां अफीम जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है, खेत किसका है, किसने अफीम उगाया इसकी जांच जारी है।
वहीं, दुर्ग जिले में अफीन उगाने वाले बीजेपी नेता विनायक के भाई के अवैध दुकान पर बुलडोजर चला है। बृजेश ताम्रकार ने गांव की 32 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। 20 साल पुराने इस कब्जे को मंगलवार (10 मार्च) को पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया। मामला जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र का है।

बलरामपुर त्रिपुरी के सरनाटोली गांव में मिली अफीम की फसल।

बृजेश ताम्रकार के अवैध दुकान पर प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाया।

ग्रामीणों ने भाजपा सरकार और विनायक ताम्रकार के खिलाफ नारेबाजी की।

खेत से अब तक 65 हजार किलो अफीम जब्त किया गया है।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized5 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
