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छत्तीसगढ़

भिलाई : लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाएं- राज्यपाल डेका

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छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

भिलाई। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ माना गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक मिशन और साधना है। समाज का दर्पण कहलाने वाली पत्रकारिता ने सदैव जनता और सत्ता के बीच संपर्क-सेतु की भूमिका निभाई है और लोगों को जागरूक किया है। इसलिए इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। 

          राज्यपाल श्री डेका आज भिलाई सेक्टर 4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आंसदी से सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री डेका ने इस अवसर पर महिला पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट लेखनी के लिए सम्मानित किया, जिसमें शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर, साक्षी सोनी शामिल है। इसी प्रकार समाज सेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग, सुनीता जैन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

     राज्यपाल श्री डेका ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि आज पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया के विस्फोट ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक तो बनाया है, लेकिन साथ ही विश्वास का गंभीर संकट भी खड़ा किया है। फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर व्यक्ति ‘पत्रकार‘ बन चुका है और सत्यापन से पहले ही समाचार वायरल हो जाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ‘फेक न्यूज‘ और ‘डीपफेक‘ ने सच और झूठ के बीच की रेखा धुंधली कर दी है। इन सबके बीच आज भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा।

      एक स्वस्थ पत्रकारिता ही एक स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने इस चौथे स्तंभ को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध एवं अन्य पदाधिकारी और राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज सहित बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकार उपस्थित थे।

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कोरबा

मालगाड़ी से कोयला चोरी करते मजदूर को लगा करंट:कोरबा में गंभीर रूप से झुलसा, कोरबा मेडिकल कॉलेज रेफर, गैस खत्म होने पर कर रहा था चोरी

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कोरबा। कोरबा-चांपा सड़क मार्ग पर उरगा थाना क्षेत्र के पताड़ी के पास एक निजी पावर प्लांट के समीप एक मजदूर चलती मालगाड़ी से कोयला चोरी करते समय करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे मजदूर की हालत नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट के आसपास अस्थायी रूप से रहने वाले बाहरी राज्यों के मजदूर अक्सर रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करते हैं। बताया गया है कि गैस खत्म होने के कारण मजदूर खाना बनाने में परेशानी महसूस कर रहे थे।

झुलसा हुआ युवक

झुलसा हुआ युवक

11 हजार वोल्ट हाई टेंशन लाइन से लगा करंट

इसी दौरान एक मजदूर ने पास से गुजर रही कोयला मालगाड़ी से कोयला निकालने का जोखिम भरा कदम उठाया। वह चलती मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर कोयला निकालने लगा, तभी ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।

तार छूते ही उसे जोरदार करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायल मजदूर को तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

मेडिकल कॉलेज, कोरबा रेफर किया गया

प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज, कोरबा रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, मजदूर लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घायल मजदूर की पहचान ओमप्रकाश ( 28-30) के रूप में की गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल मजदूर का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की पैनी नजर बनी हुई है।

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खेल

रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन

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छत्तीसगढ़ के खिलाडि़यों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन

रायपुर। इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाडि़यों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाडि़यों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाडि़यों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा।

वहीं पुरुष 110 किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाडि़यों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया।

छत्तीसगढ़ के खिलाडि़यों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाडि़यों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

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छत्तीसगढ़

बीरपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को बताया प्रेरणादायी

प्रधानमंत्री मोदी के “मन की बात” में छत्तीसगढ़ के किसानों की सराहना

 मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’
 मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’

बीरपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने बीरपुर स्थित निवास कार्यालय में मन की बात के 132वें संस्करण का तन्मयतापूर्वक श्रवण किया।

इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, नवाचार तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे समसामयिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज को सकारात्मक दिशा देने और आम नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का एक सशक्त मंच है। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करते हैं और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कोरिया जिला के किसानों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि कोरिया जिले के किसानों ने जल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय पहल करते हुए छोटे-छोटे रीचार्ज तालाब एवं सोखता गड्ढों का निर्माण किया है। इस अभिनव प्रयास को 1200 से अधिक किसानों ने अपनाया है, जिससे न केवल खेती को मजबूती मिली है, बल्कि भूजल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।मंत्री राजवाड़े ने इसे जनभागीदारी से परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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