कोरबा
युवक के हाथ-पैर बांधकर बोलेरो से 7 बार कुचला:मौत नहीं हुई तो पत्थर से सिर फोड़ा, फिरौती के लिए मर्डर, 3 आरोपियों को उम्रकैद
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 25 साल के युवक की फिरौती के इरादे से की गई हत्या के मामले में 3 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरोपियों ने युवक को फोन करके मरीज को अस्पताल ले जाने के बहाने गाड़ी की मांग को लेकर उसे बुलाया था।
रास्ते में तीन नकाबपोश युवकों ने उसे अगवाकर जंगल में ले गए। उन्होंने उससे फिरौती की मांग की। जब युवक ने आरोपियों को पहचान लिया, तो उन्होंने उसे मारने का फैसला किया।
आरोपियों ने युवक को उसी की बोलेरो से 7–8 बार कुचल दिया। जब इससे उसकी मौत नहीं हुई तो सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी थी। कोर्ट ने इस हत्याकांड में तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह घटना करतला थाना क्षेत्र की है।
करतला गांव के नवाडीह के रहने वाले 25 वर्षीय अमित साहू का किसान परिवार से ताल्लुक था और वो गाड़ी को किराए पर चलवाता था। 14 फरवरी 2024 को उसकी हत्या कर दी गई थी।

25 वर्षीय अमित साहू की हत्या कर दी गई थी।
वहीं आरोपी हेमलाल दिव्य (28), पवन कंवर (27) और राजेश लहरे (24) तीनों उसी गांव के रहने वाले थे। पैसों के लालच में तीनों ने मिलकर साजिश रची। आरोपियों ने अमित के घरवालों से फिरौती की प्लानिंग की।
इसके लिए उन्होंने सबसे पहले गांव के एक व्यक्ति से झांसे में लेकर उसका मोबाइल छीन लिया और वहां से भाग गए। उसी फोन से अमित के भाई अजय साहू को कॉल कर कहा कि एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना है और फौरन गाड़ी भेजें।
अजय ने भरोसे से अमित को अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर भेजा। वहीं प्लानिंग के तहत रास्ते में तीनों आरोपी, नकाब पहनकर, पहले से घात लगाए बैठे थे। गाड़ी रुकते ही अमित पर पीछे से हमला किया और हाथ-पैर बांधकर उसे जबरन बोलेरो में पीछे डाल दिया।

पहचाने के डर से आरोपियों ने अमित साहू को मार डाला
जंगल में ले जाकर की बेरहमी से हत्या
तीनों आरोपियों ने अमित को अगवाकर बोलेरो में जंगल की ओर ले गए। वहां उन्होंने उससे फिरौती मांगने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही अमित ने उनमें से किसी को पहचान लिया और नाम लिया, उनकी नीयत बदल गई। उन्होंने कहा, अब इसे मारना पड़ेगा नहीं तो पकड़े जाएंगे।
अमित ने गिड़गिड़ाते हुए छोड़ देने और पैसे देने की बात कही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी। उन्होंने उसे उसकी ही बोलेरो से 7-8 बार कुचल दिया। जब भी वह तड़पता और सांसें चलतीं, वे फिर से गाड़ी चढ़ा देते। लेकिन जब उसकी मौत नहीं हुई तो आरोपियों ने अमित के सिर पर भारी पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी।
तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा
इस हत्याकांड में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नंदे की अदालत ने आरोपी हेमलाल दिव्य (28), पवन कंवर (27) और राजेश लहरे (24) को दोषी पाया और उन्हें तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।
शासकीय अभिभाषक कृष्णा द्विवेदी के अनुसार, तीनों आरोपियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, धारा 201 के तहत 3 वर्ष और धारा 120-बी के तहत 7 वर्ष की सजा सुनाई गई है।
मर्डर के इन तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास



कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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