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कोरबा

घर में फंदे पर लटका मिला व्यापारी का शव:कोरबा में भजिया-बड़ा बेचकर चलाता था परिवार, आत्महत्या की वजह साफ नहीं

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कोरबा। कोरबा जिले के मोतीसागर पारा क्षेत्र में शनिवार सुबह व्यापारी की घर में फंदे पर लटकी लाश मिली है। मृतक की पहचान जगमोहन केंवट (40) के रूप में हुई है। वह भजिया-बड़ा बेचकर पत्नी और दो बच्चों का पालन-पोषण करते थे।

शनिवार सुबह परिजनों ने जगमोहन को कमरे में पंखे से कपड़े के सहारे लटका देखा। इसके बाद आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और परिजनों के बयान दर्ज किए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।

आत्महत्या की वजह अभी साफ नहीं

पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जगमोहन ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजन भी घटना की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं।

परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ

कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस पारिवारिक विवाद, आर्थिक परेशानी या किसी अन्य कारण की संभावना को ध्यान में रखते हुए परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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कोरबा

कोरबा में उफनते दादर नाले में डूबी स्कॉर्पियो:तीन युवकों की बची जान, 50 से ज्यादा घरों में घुसा नाले का पानी, तैरता दिखा सामान

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कोरबा। कोरबा में शनिवार सुबह हुई तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई वार्डों में नाली और नालों का गंदा पानी घरों में घुस गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं, दादर नाला भी तेज बारिश के बाद उफान पर आ गया।

दादर नाला पार करते समय एक स्कॉर्पियो वाहन पानी के तेज बहाव में बह गया। स्कॉर्पियो में तीन युवक सवार थे। मौके पर मौजूद लोगों ने युवकों को नाला पार करने से मना किया था, लेकिन इसके बावजूद वे वाहन लेकर नाले में उतर गए।

नाले में उतरते ही तेज बहाव के कारण स्कॉर्पियो बहने लगी। यह देखकर मौके पर हड़कंप मच गया। नाले के दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। करीब आधे घंटे तक स्कॉर्पियो पानी में तैरती रही और तीनों युवक वाहन के ऊपर बैठे नजर आए। बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है।

कोरबा में उफनते दादर नाले में बही स्कॉर्पियो, तीन युवकों की बची जान

कोरबा में उफनते दादर नाले में बही स्कॉर्पियो, तीन युवकों की बची जान

कोरबा में तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया।

कोरबा में तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया।

कई वार्डों में नाली और नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया।

कई वार्डों में नाली और नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया।

पिछले पांच दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। शनिवार सुबह अचानक तेज बारिश शुरू होने से हालात बिगड़ गए। कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। सड़कों और नालियों का पानी घरों में घुटनों तक भर गया। लोग खुद ही घरों से पानी निकालते नजर आए।

चिमनी भट्टा के 40 से ज्यादा घरों में घुसा नाले का पानी

नगर निगम क्षेत्र के आरपी नगर, चिमनी भट्टा, शारदा विहार, अमरैया पारा, मोती सागर पारा, सीतामणी और मुड़ापार में जलभराव की स्थिति ज्यादा खराब रही। चिमनी भट्टा में 40 से ज्यादा घरों में नाले का पानी कमरों तक पहुंच गया। इससे घरों का सामान, बच्चों की कॉपी-किताबें और खाने-पीने का सामान भीगकर खराब हो गया। कई परिवारों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया।

शारदा विहार के अटल आवास में भी 12 से ज्यादा घरों में नाली और नाले का गंदा पानी भर गया। गलियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। घरों का सामान पानी में तैरता दिखाई दिया। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में इन इलाकों में जलभराव होता है। नाली सफाई और पानी निकासी को लेकर कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

लोगों ने कहा कि वार्ड नंबर 14 के चिमनी भट्टा और अमरैया पारा में हर साल यही स्थिति बनती है। लोगों ने जल्द जल निकासी की व्यवस्था ठीक करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

इधर, शहर के कई इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। पिछले पांच दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही थी, लेकिन रविवार सुबह हुई तेज बारिश से हालात बिगड़ गए। कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। सड़कों और नालियों का पानी घरों में घुटनों तक भर गया। लोग खुद ही घरों से पानी निकालते नजर आए।

आरपी नगर, चिमनी भट्टा, शारदा विहार, अमरैया पारा, मोती सागर पारा, सीतामणी और मुड़ापार में जलभराव की स्थिति ज्यादा खराब रही। चिमनी भट्टा में 40 से ज्यादा घरों में नाले का पानी कमरों तक पहुंच गया। इससे घरों का सामान, बच्चों की कॉपी-किताबें और खाने-पीने का सामान भीगकर खराब हो गया। कई परिवारों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया।

शारदा विहार के अटल आवास में भी 12 से ज्यादा घरों में नाली और नाले का गंदा पानी भर गया। गलियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। घरों के अंदर सामान के साथ सांप और बिच्छू भी पहुंच गए। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में इन इलाकों में जलभराव की समस्या होती है। नाली सफाई और पानी निकासी को लेकर कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ।

लोगों ने बताया कि वार्ड नंबर 14 के चिमनी भट्टा और अमरैया पारा में हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। लोगों ने जल्द जल निकासी की व्यवस्था ठीक करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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कोरबा

कोरबा में SECL की डंपिंग का मलबा सड़क पर बहा:कनकीं-सर्वमंगला रोड पर कार-बेसमेंट तक डूबी, 40-50 यात्रियों वाली बस भी फंसी, 3 घंटे जाम

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कोरबा। जिले में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद कनकी-सर्वमंगला मुख्य मार्ग पर SECL कुसमुंडा की डंपिंग का मलबा बहकर सड़क पर आ गया। देखते ही देखते पूरी सड़क मिट्टी और कीचड़ से पट गई।

मलबे में एक कार और यात्री बस फंस गई। कार करीब पूरी तरह मिट्टी में धंस गई, जबकि बस के पहिए भी फंस गए। हादसे में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

ग्रामीणों ने SECL पर लापरवाही का आरोप लगाया

ग्रामीणों ने SECL पर लापरवाही का आरोप लगाया

डंपिंग का मलबा बहने से सड़क बनी दलदल

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम जटराज को बसाहट देने के लिए डंपिंग क्षेत्र को काटा जा रहा है। बारिश होने पर यहां का मलबा बहकर सीधे मुख्य सड़क पर आ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले एक साल से इस समस्या के समाधान के लिए आवेदन दे रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।

दोपहर करीब 12 बजे भारी बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। कई बाइक और कार सवार इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे।

जेसीबी से सड़क और वाहनों को निकाला गया

जेसीबी से सड़क और वाहनों को निकाला गया

बस में 40-50 यात्री, कार में 5-6 लोग थे

ग्रामीण अशोक कुमार पटेल ने बताया कि यह मार्ग कोरबा को बिलासपुर और रायपुर से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। मलबे में फंसी बस में करीब 40-50 यात्री और कार में 5-6 लोग सवार थे। कार लगभग पूरी तरह मिट्टी में दब गई थी। लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

राहत कार्य में कंपनी की 2-3 मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

ग्रामीणों ने सड़क पर शुरू किया आंदोलन

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और SECL प्रबंधन व जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद सर्वमंगला पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर स्थिति शांत कराई।

ग्रामीणों ने कहा कि मलबा रोकने और डंपिंग क्षेत्र से सड़क तक पानी आने से रोकने की स्थायी व्यवस्था नहीं हुई तो आगे भी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।

जेसीबी से सड़क साफ, परिवार को सुरक्षित निकाला

सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। एसडीएम को भी घटना की जानकारी दी गई। जेसीबी की मदद से सड़क साफ कराई गई और कार में फंसे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

उन्होंने बताया कि किसी को चोट नहीं आई, लेकिन सड़क पर मलबा आने के कारण आम लोगों को करीब 3 घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा।

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कोरबा

कोरबा के झरना पारा 15 ब्लाक में धूमधाम से भोजली का विसर्जन, मितान परंपरा से गूंजा घाट

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कोरबा। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का प्रतीक भोजली पर्व का कोरबा में धूम रहा। शुक्रवार को कोरबा के कई हिस्सों में भोजली का विसर्जन किया गया। इसी कड़ी में रक्षाबंधन के दूसरे दिन भादो कृष्णपक्ष प्रतिपदा शनिवार को महिलाएं और युवतियां सिर पर भोजली की टोकरी रखकर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए झरना पारा स्थित घाट में विसर्जित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

लोक पंरपरा के अनुसार नाग पंचमी के दिन कुम्हार के घर से लाई मिट्टी और खाद से भरी टोकरी में गेंहू-जवार के अंकुरों को सात दिनों तक घरों में देवी स्वरूप मान कर पूजा की जाती है और भादो के प्रथम दिन इसे पूजा पाठ के साथ नदी, तालाबों में विसर्जित किया जाता है। बुजूर्गों के अनुसार भोजली जितनी विकसित और हरी होगी, धान भी उतना ही अच्छा होगा। यूं कहें तो भोजली का पर्व प्रकृति पूजा का एक स्वरूप है।
विपेंद्र कुमार साहू ने बताया 15 ब्लाक झरना पारा में भोजली विसर्जन के बाद मितान परंपरा का भी निर्वहन किया गया और प्रिय सहेली, प्रिय दोस्त को भोजली आदान-प्रदान कर एक-दूसरे के साथ मितान की रस्म पूरी की गई और आजीवन दोस्ती निभाने का संकल्प लिया गया।

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