Connect with us

कोरबा

बालको की पहल से कृषि में आया बदलाव, पैदावार में वृद्धि और लागत में कमी

Published

on

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सिस्टम ऑफ राइस इनटेसिफिकेशन (एसआरआई) तकनीक से खेती को नई दिशा दी। इससे किसानों की आय में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 473 किसान एसआरआई तकनीक के माध्यम से लाभान्वित हुए हैं। वहीं आगामी वर्ष में 546 किसानों को इस नवाचार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस वर्ष कुल 546 एकड़ भूमि पर एसआरआई विधि के अंतर्गत धान की खेती की गई, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। एसआरआई तकनीक के प्रभावों की बात करें तो किसानों की शुद्ध आय में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। धान की औसत उपज 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़कर 15-18 क्विंटल प्रति एकड़ हो गई है। बीज, सिंचाई और रसायनों के उपयोग में कमी आने से इनपुट लागत में उल्लेखनीय बचत हुई है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक ने कहा कि बालको में हमारा विश्वास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि हम ग्रामीण जीवन की बेहतरी और टिकाऊ कृषि की दिशा में भी अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाते हैं। एसआरआई जैसी नवोन्मेषी तकनीक किसानों के लिए एक सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। एसआरआई के जरिए कम संसाधनों में अधिक उत्पादन और आय में वृद्धि हमारे सामुदायिक विकास प्रयासों की सफलता है। यह कृषि तकनीक समृद्ध और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर एक ठोस कदम है। आने वाले वर्षों में हम और अधिक किसानों को इस बदलाव से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सोनपुरी की राजिलाबाई कंवर बताती है कि पहले डर लगता था कि कम बीज से कैसे अच्छी फसल होगी, लेकिन एसआरआई विधि ने मेरी सोच ही बदल दी। जहाँ पहले 10-12 क्विंटल धान मिलता था, अब 15-18 क्विंटल तक की पैदावार हो रही है। कम खर्च में ज्यादा मुनाफा, यही तो हर किसान का सपना होता है। अब बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी निकल आता है। एसआरआई सिर्फ खेती का तरीका नहीं, बल्कि खुशहाल जिंदगी का रास्ता है। अब मैं अपनी बहनों को भी यह तकनीक सिखाती हूँ ताकि उनका भी भला हो सके।

रोगबहरी के अर्जुन कुमार ने बताया कि पहले मैं 1.5 एकड़ खेत में छिड़काव विधि से कड़ी मेहनत करता था, लेकिन उपज सिर्फ 12 क्विंटल तक ही सीमित रहती थी। मन में हमेशा यह असमंजस रहता था कि क्या मैं अपनी ज़मीन और मेहनत का सही उपयोग कर रहा हूँ? फिर एक दिन एसआरआई तकनीक के बारे में सुना और 90 डिसमिल में इसे आजमाने का निर्णय लिया। जब 16 क्विंटल की उपज मिली, तो मन गर्व और खुशी से भर गया। ऐसा लगा जैसे मेरी मेहनत का असली फल अब मिला हो। कम बीज, कम पानी, कम कीटनाशक फिर भी भरपूर फसल। एसआरआई ने मेरी खेती को ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास को भी मज़बूत किया है।

एसआरआई तकनीक न केवल धान की उत्पादकता बढ़ा रही है, बल्कि किसानों के जीवन में स्थायित्व, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती भी ला रही है। कृषि विभाग द्वारा इस पद्धति को और अधिक किसानों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बालको अपने सामुदायिक विकास संकल्प से स्थानीय किसानों को सशक्त बनाने का मजबूत स्तंभ साबित हुआ है।

कृषि की अत्याधुनिक तकनीकों से ग्रामीणों को परिचित कराने के उद्देश्य से मॉडल एग्री-फार्म वेदांत एग्रीकल्चर रिसोर्स सेंटर (वीएआरसी) विकसित किया गया है। इसका संचालन कृषक उत्पादक संघ (एफ.पी.ओ.) द्वारा किया जाता है। इस केंद्र में कृषकों को मृदा परीक्षण, सिंचाई की अत्याधुनिक सुविधाएं, सब्जी की खेती, मल्टीलेयर फार्मिंग, एसआरआई, एसडब्ल्यूआई, ट्रेलिस फार्मिंग, हाइड्रोपोनिक्स और बायो फ्लोक के माध्यम से मत्स्य पालन तथा सब्जियों के संरक्षण विशेषज्ञों द्वारा कृषि की अत्याधुनिक तकनीकों और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाती है। कृषि नवाचार को बढ़ावा देने की दृष्टि से कुछ विदेशी सब्जियों के उत्पादन की परियोजना भी शुरू हो चुकी है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

Continue Reading

कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

Published

on

कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

Continue Reading

कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

Published

on

बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677