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छत्तीसगढ़

24 फरवरी को पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट:वित्त मंत्री बोले- विजन 2047 पर फोकस, कांग्रेस बोली- पहले मोदी के वादे पूरे करें

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार का बजट 24 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसकी जानकारी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी है। उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है और अगले दिन 24 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। ज्ञान-गति के बाद इस बार भी नए थीम के साथ बजट पेश किया जाएगा।

बता दें कि यह बीजेपी सरकार का तीसरा बजट है। इसे लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि पहले बजट में वित्त मंत्री ने खूब ज्ञान दिया। दूसरे बजट में उन्होंने गति दी। ज्ञान और गति के बाद जो प्रदेश को मिला है वह केवल दुर्गति है।

इतने सालों में शराब कोचियों को‌ गति मिली, जल जंगल जमीनी काटने में गति मिली, निर्दोष लोगों पर पुलिसिया अत्याचार में गति मिली,‌ पूरे प्रदेश भर में हिंसा और मॉब लिंचिंग बढ़ाने में गति मिली। प्रदेश भर में नशे के कारोबार को बढ़ाने में गतिविधि मिली। MLA ने मोदी के वादे पूरी करने की बात कही।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले- बजट 2026 में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले- बजट 2026 में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया।

विधायक देवेंद्र यादव ने कहा - ज्ञान और गति के बाद जो प्रदेश को मिला है वह केवल दुर्गति है।

विधायक देवेंद्र यादव ने कहा – ज्ञान और गति के बाद जो प्रदेश को मिला है वह केवल दुर्गति है।

वित्त मंत्री बोले- बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट महिलाओं, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें सभी वर्गों को ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि बजट के माध्यम से प्रदेश के विकास को गति मिले और जनहितकारी योजनाओं को और मजबूत किया जाए।

बता दें कि, बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा जो 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी। सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका सदन को संबोधित करेंगे। उनके अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत होगी।

राज्यपाल अपने संबोधन में सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगे की योजनाओं की जानकारी देंगे। बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का विवरण सदन में पेश करेगी। इसके साथ ही विकास कार्यों, जनहित से जुड़े मुद्दों और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट पर फोकस

बताया जा रहा है कि बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस किया जाएगा। छोटे और मंझोले शहरों में खेल मैदान और यातायात के लिए रिंग रोड बनाने के प्रावधान आ सकते हैं। इसके अलावा नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा लगाई जाएगी।

मिनी इंडोर स्टेडियम का निर्माण

इसी तरह नगर पंचायत पखांजूर में खेल परिसर की स्थापना की जाएगी। दुलदुला में मिनी इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। वहीं दुर्ग के पहली बटालियन में बनाए गए इंडोर स्टेडियम के साथ ही अन्य कामों को पूरा करने के लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा।

जबकि सारंगढ़ के इंडोर स्टेडियम के नवीनीकरण के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा।

नगर पंचायतों और पालिका क्षेत्रों में बनेंगे रिंग रोड

इस बार के बजट की सबसे खास बात यह होगी कि सभी विभागों की गैर जरूरी योजनाओं की राशि में कटौती की जाएगी। इसी तरह प्रदेश के सभी बड़े नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में रिंग रोड बनाने की तैयारी की जा रही है।

इसके लिए लगभग सौ करोड़ रुपए का प्रावधान करने की तैयारी है। इसी तरह छूटे हुए जिलों में नालंदा लाइब्रेरी बनाने के लिए पैसे दिए जाएंगे। पीएम सूर्यघर योजना के साथ ही आयुष्मान योजना के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़

सुकमा : मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता

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जिला अस्पताल में मौत के मुंह से लौटाई महिला की सांसें

सुकमा। सुकमा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया।

देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और तत्काल सर्जरी आवश्यक हो गई। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए तुरंत एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर मरीज का उपचार प्रारंभ किया। हालांकि ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चा पैदा होने से महिला की स्थिति और अधिक जटिल हो गई। 

महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान महिला का श्वास बंद सा हो गया, साथ ही नाड़ी और हृदय की धड़कन भी थम सी गई। ऐसे संकट की घड़ी में जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वार्ड में शिफ्ट कर आधुनिक वेंटीलेटर की सहायता से उपचार शुरू किया गया। इसके बाद महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

 डॉक्टरों की सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के कारण महिला की जान बचा ली गई। आज श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

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जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के मातृत्व वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण

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जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने  सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।

राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर  कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।

मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल श्री  डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं। 

 इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल श्री डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार  सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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