छत्तीसगढ़
सुकमा : कौशल विकास सामुदायिक केन्द्र युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार परक कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा – वन मंत्री केदार कश्यप
कन्या छात्रावास और सामुदायिक भवन सहित करोड़ों के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

सुकमा। वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप अपने एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने जिले में विकास कार्यों को नई गति देते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मंत्री श्री कश्यप ने सर्वप्रथम सुकमा के वार्ड क्रमांक 03 पुसामीपारा में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित कौशल विकास सामुदायिक केंद्र भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

जिले के प्रभारी मंत्री श्री कश्यप ने एक करोड़ 62 लाख रूपए की लागत से निर्मित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास झापरा का लोकार्पण किया। छात्रावास का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि वर्तमान शासनकाल में विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने बताया कि वर्षों से बंद पड़े राम मंदिर केरलापेंदा को पुनः ग्रामीणों के लिए खोला गया और हनुमान जयंती के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन कर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त किया गया।

वन मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण से लेकर आज नक्सलवाद के समापन की दिशा में सरकार ने निरंतर निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 में प्रारंभ हुआ यह छात्रावास विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए अब 2026 में पूर्ण होकर बच्चों के लिए समर्पित किया गया है, जो शासन की प्रतिबद्धता और कार्य पूर्ण करने की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। मंत्री श्री कश्यप ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आप सभी बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। शिक्षा ही सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। पढ़-लिखकर अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन करें तथा अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार विषय चुनकर आगे बढ़ें।
जिले के प्रभारी मंत्री ने कहा कि पहले और आज के सुकमा में बड़ा बदलाव आया है। अब विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे सशक्त हो रही हैं। वहीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘लखपति दीदी’ जैसी पहल सरकार द्वारा लागू की गई है, जो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इसके साथ ही वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे ने भी ग्रामीणों को सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू , जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माड़े बारसे, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, अरुण सिंह भदौरिया, जनपद अध्यक्ष कोंटा श्रीमती कुसुमलता कोवासी, नगरपालिका अध्यक्ष सुकमा हुंगाराम मरकाम, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक तथा अन्य जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कोरबा
तड़के मानिकपुर खदान पहुँचे एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन, उत्पादन, गुणवत्ता एवं मानसून तैयारियों की ली विस्तृत समीक्षा
कोरबा। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सीएमडी हरीश दुहन ने आज प्रातः 6 बजे कोरबा क्षेत्र का विस्तृत दौरा कर मानिकपुर ओपनकास्ट परियोजना सहित विभिन्न परिचालन गतिविधियों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता प्रबंधन एवं मानसून पूर्व तैयारियों की गहन समीक्षा की।

मानिकपुर परियोजना में निरीक्षण के दौरान श्री दुहन ने खदान में संचालित उत्पादन कार्यों, मशीनों की कार्यक्षमता तथा गुणवत्ता मानकों का स्थल पर जाकर विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने मानसून को ध्यान में रखते हुए जल निकासी व्यवस्था, हॉल रोड की स्थिति, मशीनों की उपलब्धता, सुरक्षा प्रबंधन एवं परिचालन तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान उत्पादन गतिविधियाँ निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।

सीएमडी श्री दुहन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद करते हुए बेहतर समन्वय, सतर्कता एवं कार्यकुशलता के साथ कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन एसईसीएल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा परिचालन दक्षता बनाए रखते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।

दौरे के पश्चात टीम कोरबा के साथ आयोजित विस्तृत समीक्षा बैठक में आगामी उत्पादन लक्ष्य, मानसून रणनीति, परिचालन योजनाओं तथा उत्पादकता वृद्धि से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में संसाधनों के प्रभावी उपयोग, योजनाबद्ध कार्यप्रणाली तथा टीम भावना के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर जे. एकाम्बरम, महाप्रबंधक (खनन) / स्टाफ अधिकारी, मानिकपुर एवं कार्यवाहक एजीएम, यू. एन. झा, महाप्रबंधक (ऑपरेशन) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय में “समर कैंप 2026” का शुभारंभ
बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु 21 दिवसीय रचनात्मक एवं शिक्षाप्रद पहल
बिलासपुर/कोरबा। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा कर्मचारियों के बच्चों के लिए आयोजित बहुप्रतीक्षित “एसईसीएल समर कैंप 2026” का शुभारंभ एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।

डीएवी पब्लिक स्कूल, एसईसीएल वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ “21 डेज़ ऑफ फन, फिटनेस एंड लर्निंग” थीम पर आधारित इस 21 दिवसीय समर कैंप की शुरुआत हुई। यह कैंप 18 मई 2026 से 10 जून 2026 तक एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर एसईसीएल मुख्यालय के विभागाध्यक्षगण, जेसीसी प्रतिनिधि, वेलफेयर कमेटी, एससी/एसटी काउंसिल तथा सिस्टा/ओबीसी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अपने संबोधन में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास संवर्धन एवं रचनात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति एवं नवाचार आधारित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।

समर कैंप के दौरान बच्चों के लिए फिटनेस एवं खेलकूद, कला एवं शिल्प, संगीत, नृत्य, रचनात्मक गतिविधियाँ, रोबोटिक्स, व्यक्तित्व विकास तथा विभिन्न शिक्षाप्रद एवं मनोरंजक सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह कैंप बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने, नई विधाओं को सीखने तथा टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह एवं ऊर्जा देखने को मिली। रंगारंग एवं प्रेरणादायी वातावरण ने पूरे परिसर को सकारात्मकता और आनंद से भर दिया।

कोरबा
जिला प्रशासन और बालको के सहयोग से सड़क एवं पुल के निर्माण को मिलेगी नई गति
बालकोनगर। कोरबा जिले में सड़क विकास को नई गति देते हुए जिला प्रशासन ने बजरंग चौक से रिसदा पुल (परसाभाठा मार्ग) के उन्नयन कार्य को आगे बढ़ाया है। इसमें भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) सहयोगी भागीदार के रूप में जुड़ा है। यह मार्ग बालको क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण बस्तियों, जिनमें परसाभाठा, नेहरू नगर, भद्रापारा सहित आसपास के अन्य समुदाय शामिल हैं, के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क की कड़ी है। यह सड़क जामबहार समुदाय को रूमगरा समुदाय से जोड़ते हुए बालको-कोरबा और बालको-कटघोरा के बीच एकमात्र संपर्क मार्ग के रूप में कार्य करती है तथा आगे भारत सरकार की भारतमाला परियोजना से भी जुड़ाव प्रदान करेगी।

परियोजना के अंतर्गत फोर-लेन सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क, जिसके मध्य डिवाइडर, आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग, सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम सहित अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभी तक यह सड़क टू-लेन का कोलतार से बना है। इसके साथ-साथ आम जनता के सुलभ आवागमन के लिए बेलगिरी एवं रिसदा पुल का मरम्मत कार्य भी बालको के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। इस निर्माण कार्य से ट्रैफिक समस्या में सुधार और दुर्घटना में कमी आएगी।
परियोजना का क्रियान्वयन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित होगा। बालको निरंतर जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय समुदाय के जीवनस्तर में सुधार और क्षेत्र के सतत विकास हेतु सहयोग करता रहा है। पिछले वर्षों में भी प्रशासन के मार्गदर्शन और सहयोग से लालघाट सड़क, बजरंग चौक से रेलवे क्रॉसिंग तथा बालको पुलिस थाना से सेक्टर-4 के वन विभाग के बैरियर तक सड़क नवीनीकरण जैसे कई कार्य किए गए हैं। इसके अतिरिक्त यातायात सुविधा को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न पार्किंग जिसमें एल्यूमिना गेट पर दोपहिया पार्किंग, कोयला ट्रकों के लिए कोल गेट एवं फ्लाई ऐश पॉन्ड क्षेत्र में पार्किंग तथा भारी वाहनों के लिए अतिरिक्त पार्किंग सुविधाओं का निर्माण भी किया गया है।
जिला प्रशासन और बालको की यह साझेदारी स्थानीय समुदाय के साथ विश्वास, सहयोग और साझा विकास की भावना को सुदृढ़ करेगी। यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
बालको स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने हेतु नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में निरंतर अग्रसर है। नेहरू पार्क, बालको स्टेडियम, आधुनिक बालको अस्पताल, विद्यालय, चौड़ी सड़कें, फुटपाथ, फॉरेस्ट वॉक वे का निर्माण, जुबली पार्क के सौंदर्यीकरण और नए इंडियन कॉफी हाउस जैसी सुविधाएँ बालकोनगर को समृद्ध बना रही हैं, जिससे सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा और नागरिकों को बेहतर जीवन अनुभव मिल रहा है।
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