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कोरबा

बालको की बाल विकास पहल से उज्जवल भविष्य को मिल रहा है आकार

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बालकोनगर। हाल ही में देश ने बाल दिवस मनाया। आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका को देखते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पहल पर निरंतर कार्य कर रहा है। बचपन के शुरुआती वर्ष बच्चे के भविष्य की नींव होती है। बालको एक स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य बनाने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समुदाय के बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। बेहतर पोषण बच्चे के सर्वांगीण स्वास्थ्य और कल्याण की आधारशिला है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बालको अपने प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल के साथ समुदाय में पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा कर रहा है। कंपनी अपने सामुदायिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से बच्चों में कुपोषण को कम करने के लिए स्तनपान और अन्य स्वस्थ प्रथाओं के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देती है। टेक होम राशन (टीएचआर) के तहत सरकार के पूरक भोजन प्रावधान के साथ माताओं को पौष्टिक व्यंजनों पर प्रशिक्षित कर रही है। सत्रों में पोषण संबंधी जानकारी पर प्रश्नोत्तर सत्र और ऑडियो-विजुअल शोकेस भी शामिल हैं और इससे वित्त वर्ष 2023 में 270 से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। भदरापारा की सावित्री के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। वह अपने 19 महीने के बेटे श्रेष्ठ की कहानी साझा करते हुए कहती हैं कि श्रेष्ठ के पोषण के लिए महंगे पैकेज्ड सप्लीमेंट्स की ओर रुख करने से हमारे ऊपर आर्थिक दबाव पड़ रहा था। बालको प्रशिक्षण सत्र मेरे बच्चे के पोषण के लिए मददगार साबित हुआ। आज, श्रेष्ठ का वजन 9 किलोग्राम है, मैं घर ले जाने वाले राशन का उपयोग करके नियमित पोषण संबंधी व्यंजन बनाती हूं। किशोरावस्था बच्चे के विकास में एक महत्वपूर्ण दौर होता है जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तन का समय होता है। इस प्रारंभिक अवधि के दौरान किशोर लड़कों और लड़कियों के बीच माहवारी के बारे में जागरूकता पैदा करके बालको युवाओं में स्वच्छ प्रथाओं की स्थापना कर रहा है। सामुदायिक विकास पहलों की मदद से कंपनी कम उम्र में लैंगिक संवेदनशीलता और समानता को बढ़ावा दे रहा है। माहवारी संबंधी मिथकों और भ्रांतियों को दूर करते हुए स्वच्छता प्रथाओं को विकसित किया है। बालको ने अपने प्रोजेक्ट नई किरण के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में जागरूकता सत्रों के माध्यम से 48,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया है। आजाद नगर की 16 वर्षीय हर्षिता कहती हैं कि माहवारी जीवन की एक सामान्य प्रक्रिया है और हम इसे आत्मविश्वास के साथ अपना रहे हैं। हम घर पर और साथियों के साथ इस पर खुलकर चर्चा करते हैं। एक बच्चे की विकासात्मक यात्रा में स्कूली शिक्षा की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह आजीवन सीखने, मानसिक विकास और आवश्यक सामाजिक कौशल का निर्माण करता है। इस महत्व को पहचानते हुए बालको 58 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों को सहयोग दे रहा है। कंपनी बाला (बिल्डिंग एज लर्निंग एड) पेंटिंग और डिजिटल लर्निंग सहित इंटरैक्टिव लर्निंग मॉडल के माध्यम से सर्वोत्तम श्रेणी के पाठ्यक्रम प्रदान करके पूर्व स्कूली शिक्षा में सुधार की दिशा में लगातार काम कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमओडब्ल्यूसीडी) के सहयोग से अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की पहल के तहत नंद घर एक अत्याधुनिक आंगनवाड़ी मॉडल प्रदान करता है, जो ई-लर्निंग से सुसज्जित है। समुदाय में बच्चों को पीने का पानी और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराया है। नंद घर परियोजना की मदद से बालको वित्त वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ राज्य के 4000 से अधिक बच्चों की उपस्थिति, सीखने की क्षमता और स्कूल के लिए तैयार में मदद किया है। शिक्षा बाल विकास और सशक्तिकरण की नींव के रूप में खड़ी है, जो व्यक्तिगत नियति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ प्रगति और ज्ञान की दिशा में समाज को आगे बढ़ाने में सहायक होती है। बालको की पहुंच स्वास्थ्य के साथ बेहतर शिक्षा के माध्यम से बच्चे के विकास की आधारशिला तक फैला हुआ है। उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बच्चों को मूलभूत ज्ञान और भविष्य की गतिविधियों से जोड़ता है। प्रोजेक्ट कनेक्ट 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है। इसी के अनुरूप वर्ष 2016 में शुरू ‘परियोजना कनेक्ट’ का उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों में विज्ञान, अंग्रेजी, गणित और लेखा (सेमा) में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए समुदाय की जरूरतों को पूरा करना है। परियोजना मुख्य रूप से बालको कर्मचारियों तथा स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से छात्रों के ग्रेड में सुधार, शिक्षकों की क्षमता निर्माण और करियर परामर्श के लिए एक सक्षम वातावरण बनाकर सरकारी स्कूल में सीखने के माहौल में सुधार लाने पर केंद्रित है। तीन सरकारी स्कूल में कनेक्ट परियोजना के नियमित कक्षाओं से वर्तमान समय 1200 से अधिक छात्र को लाभान्वित हो रहे हैं। समुदाय में शिक्षा को उत्कृष्ट बनाने में बालको के प्रयासों की सराहना करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोढ़ी की प्रिंसिपल रिनी दुबे ने कहा कि बालको की पहल हमारे छात्रों के लिए सीखने और तैयारी के अवसर प्रदान करती है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वे आगामी परीक्षाओं के लिए तैयार हैं। कैरियर परामर्श बालको की सराहनीय पहल है जो उन्हें उनके शैक्षणिक और कैरियर के बारे में निर्णय लेने के लिए मार्गदर्शन करता है। बालको पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के पहलुओं से आगे बढ़कर कौशल-निर्माण और व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहल के माध्यम से सर्वांगिण विकास के महत्व पर जोर देता है। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन करता है, जिसमें संगीत, गायन, ज़ुम्बा, मिट्टी के बर्तन और पेंटिंग जैसी हुनर सीखने का मौका देती है। कंपनी अंग्रेजी बोलने वाली कक्षाओं और विशेष प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास में योगदान देती है। बेहतर व्यक्तित्व व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए बालको सक्रिय रूप से स्कूल में वृक्षारोपण, अग्नि सुरक्षा और यातायात नियमों जैसे आवश्यक विषयों पर जागरूकता फैलाता है। कंपनी ने बच्चों में खेल और शारीरिक स्वस्थ सेहत को बढ़ावा देने के लिए समुदाय में खेल किट भी वितरित किया है। बाल विकास पहल के प्रति बालको का दृढ़ समर्पण एक बेहतर कल के निर्माण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। ज्ञान, कौशल और एक सहायक वातावरण के साथ युवा जीवन को सशक्त बनाकर बालको एक बेहतर जगह के रूप में देखता है, जो समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए लचीले, सक्षम व्यक्तियों के निर्माण में योगदान देता है।

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कोरबा

भक्ति के बीच ईमानदारी का उजाला: कथा स्थल में मिला 3 लाख का सोने का चेन लौटाकर महिलाओं ने जीता दिल

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आदर्श नगर की प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता ने पेश की सत्यनिष्ठा की मिसाल, पत्रकार ओम गवेल और समिति के सहयोग से सुरक्षित लौटा लाखों का गहना
कोरबा। ग्राम ढपढप में चल रही भव्य हनुमंत कथा के बीच एक ऐसी प्रेरक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में ईमानदारी, संस्कार और मानवता की नई मिसाल कायम कर दी है। जहां एक ओर कथा स्थल पर भारी भीड़ के बीच कुछ महिलाओं के सोने के आभूषण चोरी होने की खबरों से चिंता का माहौल बना हुआ था, वहीं दूसरी ओर दो महिलाओं ने लगभग 3 लाख रुपए कीमत का सोने का चेन लौटाकर यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में सच्चाई और नेकनीयती जिंदा है।

जानकारी के अनुसार, आदर्श नगर निवासी प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता कथा स्थल पर मौजूद थीं और श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें परिसर में एक सोने का चेन मिला। सामान्यतः ऐसी स्थिति में लोग चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन इन दोनों महिलाओं ने लालच से ऊपर उठकर ईमानदारी का रास्ता चुना और चेन को उसके असली मालिक तक पहुंचाने का निश्चय किया।

दोनों महिलाओं ने इस संबंध में कुसमुंडा क्षेत्र के पत्रकार ओम गवेल से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की। अगले दिन उन्होंने स्वयं कथा स्थल पहुंचकर चेन लौटाने का प्रयास भी किया, लेकिन अत्यधिक भीड़ और व्यवस्थागत कारणों से वे कथा पंडाल तक नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद पत्रकार ओम गवेल ने सक्रियता और जिम्मेदारी दिखाते हुए आयोजन समिति से संपर्क स्थापित किया और चेन को सुरक्षित रूप से समिति के सुपुर्द कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह सोने का चेन लगभग दो तोला वजनी है। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इसकी कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी जा रही है। इतनी बड़ी कीमत का आभूषण बिना किसी स्वार्थ के लौटाना न केवल ईमानदारी की दुर्लभ मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आध्यात्मिक वातावरण व्यक्ति के चरित्र को भी प्रकाशित करता है।
यह घटना अब कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। हर कोई प्रीति मिश्रा, रेणु गुप्ता और पत्रकार ओम गवेल की सराहना कर रहा है। लोगों का कहना है कि जब समाज में इस तरह के उदाहरण सामने आते हैं, तो मानवता पर विश्वास और मजबूत होता है।
भक्ति केवल पूजा नहीं, आचरण भी है
इस प्रेरक घटना ने यह भी साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति केवल कथा सुनने, पूजा करने या जयकारे लगाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह व्यवहार, चरित्र और कर्मों में भी दिखाई देती है। ढपढप की इस पावन कथा से निकली यह खबर लोगों को यह संदेश दे रही है कि धर्म का वास्तविक अर्थ सदाचार, सेवा और सत्यनिष्ठा है।
चोरी की घटनाओं के बीच आई सकारात्मक खबर
जहां कथा स्थल पर कुछ महिलाओं के आभूषण चोरी होने की घटनाओं ने लोगों को चिंतित किया, वहीं यह घटना एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आई। इसने आयोजन की गरिमा को और अधिक ऊंचाई दी है।
समाज के लिए प्रेरणा बनीं दोनों महिलाएं
आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी बातों में भी स्वार्थ खोजने लगते हैं, ऐसे दौर में तीन लाख रुपए कीमत का सोना लौटाना निस्संदेह असाधारण ईमानदारी का परिचायक है। प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता ने अपने इस कार्य से यह सिद्ध कर दिया कि संस्कार और सच्चाई अभी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
संक्षेप में कहें तो — ढपढप की कथा में केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि ईमानदारी, संस्कार और मानवता का भी अद्भुत दर्शन हुआ।

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कोरबा

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने भगवान श्री हनुमान प्रकटोत्‍सव पर्व की कोरबावासियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

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कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भगवान श्री हनुमान प्रकटोत्‍सव पर्व की पावन अवसर पर कोरबावासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है ।  श्री अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा है कि भगवान श्री हनुमान जी का यह जयंती पर्व हम सभी के जीवन से कष्‍टों का नाश करे तथा बल, बुद्धि, भक्ति, सुख – शांति, अमन – चैन, समृद्धि, प्रसिद्धि, उन्‍नति, वैभव, ऐश्‍वर्य, दीर्घायु एवं आरोग्‍यता प्रदान करे।

पूर्व मंंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि महाबली हनुमान जी के प्रकटोत्‍सव के पावन बेला पर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजन एवं व्रत, उपवास से भगवान वीर हनुमान अपने भक्‍तों की समस्‍त बाधाएं दूर करते हैं तथा बुद्धि का विकास और शारीरिक बल की प्राप्ति होती है ।  

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कोरबा

दक्षिणेश्‍वर हनुमान मंदिर में हनुमान जन्‍मोत्‍सव धुमधाम से मनाया जावेगा

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कोरबा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु के द्वारा भगवान श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हनुमान जन्‍मोत्‍सव धुमधाम के साथ मनाया जावेगा । नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने बताया कि वार्ड क्र.44 नेहरू नगर में स्‍थापित दक्षिणेश्‍वर हनुमान मंदिर में 2 अप्रैल, दिन गुरूवार को सुबह 9 बजे से पूजा अर्चना, हवन किया जावेगा तत्‍पश्‍चात दोपहर 1 बजे से भण्‍डारा प्रसाद का वितरण किया जावेगा । श्री साहु ने इस अवसर पर हनुमान भक्‍तों को आमंत्रित किया है ।

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