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कोरबा

बालको कर्मचारियों ने दिव्य ज्योति स्कूल में मनाया अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने दिव्य ज्योति स्कूल में बच्चों के साथ अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस मनाया। स्कूल में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन जागरूकता को बढ़ावा देने और किशोरों को शिक्षित करने के लिए विभिन्न पहल का आयोजन किया गया। कंपनी के समावेशिता और सशक्तिकरण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के अनुरूप कार्यक्रम में 100 से अधिक दिव्यांग बच्चे और बालको कर्मचारी शामिल हुए।

बालको ने ‘स्टिच माई ओन पैड’ नामक एक विशेष कार्यक्रम भी संचालित किया। आर्थिक रूप से कमजोर और माहवारी से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करते हुए कंपनी द्वारा संचालित प्रशिक्षण ने अलग-अलग दिव्यांग किशोरियों को अपने स्वयं के पुन: प्रयोज्य कपड़े के पैड सिलने के लिए सशक्त बनाया। इस सत्र में माहवारी से जुड़ी चुनौतियों और भ्रांतियों के बारे में भी चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य एक ऐसा सहायक वातावरण बनाना था जो किशोरियों के आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रथाओं को अपनाने के लिए सशक्त बनाए।

दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए बालको ने माहवारी के बारे में शिक्षा को सशक्त बनाने और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष ब्रेल-आधारित शिक्षण मॉड्यूल भी पेश किए हैं। कंपनी के मॉड्यूल से मूक, श्रवण और दृष्टि बाधित बच्चों और संवेदी चुनौतियों का सामना करने वाले इन सभी को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रदर्शन तथा कर्मचारी ने बच्चों के साथ कहानियाँ साझा कर उन्हें भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने समावेशिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम अपने कार्यस्थल और साथ ही अपने आस-पास के समुदाय में समावेशिता की संस्कृति बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम व्यक्तियों की अद्वितीय क्षमताओं का जश्न मनाकर और सार्थक बदलाव लाने वाले समान अवसर पैदा करके उन्हें सशक्त बनाने में विश्वास करते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हम बाधाओं को तोड़ने और सभी के लिए अधिक न्यायसंगत भविष्य बनाने की उम्मीद करते हैं।

दिव्यांग बच्चों के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए बालको के सहायक प्रबंधक श्री दीपम नाथ ने कहा कि बालको में स्वयंसेवा करना हमेशा एक प्रेरणादायी अनुभव रहा है। समुदाय के साथ जुड़ना मुझे याद दिलाता है कि योगदान करने का विकल्प कितना बेहतर है। दिव्य ज्योति स्कूल की मेरी यात्रा ने मुझे एक ऐसी दुनिया की झलक दिखाई, जहाँ शारीरिक चुनौतियाँ सीमाएं नहीं हैं बल्कि उनका आत्मविश्वास ही उनकी शक्ति है। संगीत की धुनें न सुन पाने के बावजूद छात्रों द्वारा किया गया नृत्य प्रदर्शन उनके दृढ़ संकल्प और प्रतिभा को दर्शाता है जो वाकई में उन्हें विशेष बनाता है। यह एक प्रेरक अनुभव है जो हमेशा मेरे साथ रहेगा।

एक समान कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता के रूप में बालको विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल करता है। संवेदीकरण कार्यशालाओं और प्रशिक्षण का आयोजन कर बेहतर कार्यस्थल संस्कृति को बढ़ावा देता है जो समझ और सम्मान पर पनपती है। कंपनी एक समावेशी नियुक्ति दृष्टिकोण अपनाते हुए योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करती है। कंपनी सक्रिय रूप से विविध पृष्ठभूमि, अनुभव और क्षमता युक्त प्रतिभा की तलाश करती है, जिससे विविधता और समावेशन की प्रतिबद्धता मजबूत होती है। कंपनी ने अब तक अपने यहां 18 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों और 3 दिव्यांग कर्मचारियों को नियोजित किया है।

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कोरबा

अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार, 1 जेसीबी समेत 9 वाहन जप्त

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग कोरबा द्वारा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान खनिज उड़नदस्ता दल ने विभिन्न संदिग्ध क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 जेसीबी, 1 ट्रेलर, 2 टीपर एवं 5 ट्रैक्टर सहित कुल 9 वाहनों को जप्त किया।
खनिज विभाग की टीम ने सीतामढ़ी, बरमपुर, कपाटमुड़ा, सुराकछार, बांकीमोगरा, तिलसरा, गुरसिया सहित अन्य क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बांकीमोगरा, कोसावाड़ी, बरमपुर, घरीपखना एवं गुरसिया क्षेत्र में गिट्टी, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लगे वाहनों को पकड़कर जप्त किया गया। जप्त वाहनों को बांकीमोगरा थाना, रामपुर थाना, बांगो थाना तथा खनिज जांच चौकी रामपुर-कटघोरा में अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। अप्रैल से 15 जून 2026 तक अवैध उत्खनन के 12 प्रकरणों में 6 लाख 74 हजार 100 रुपये, अवैध परिवहन के 89 प्रकरणों में 7 लाख 37 हजार 931 रुपये तथा अवैध भण्डारण के 10 प्रकरणों में 7 लाख 14 हजार 810 रुपये की वसूली की गई है। इस अवधि में कुल 18 लाख 70 हजार 473 रुपये राजस्व की वसूली की जा चुकी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ अभियान लगातार संचालित किया जाता रहेगा।

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कोरबा

पीएम किसान उत्सव दिवस पर किसानों को मिली 15.72 करोड़ की सम्मान निधि

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कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

कोरबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में ‘‘पीएम किसान उत्सव दिवस‘‘ के तहत किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने भाग लेकर कृषि की नवीन तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कोरबा जिले के 78 हजार 620 किसानों के खातों में 15.72 करोड़ रुपये की सम्मान निधि राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बीज पंजीयन, प्रमाणित बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कृषि से अधिक आय अर्जित करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कृषि विभाग द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के तहत फसल संरक्षण, मृदा परीक्षण, जल संरक्षण एवं समेकित कीट प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग तथा कृषि उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम में 75 किसानों सहित कुल 92 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। अंत में किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाकर गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।

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कोरबा

बेहतर खेती, बेहतर भविष्य, नैनो तकनीक अपना रहे किसान

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आधुनिक नवाचार का मिला लाभ, किसान ब्रजेश रात्रे ने दोहराया भरोसा

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को अधिक लाभकारी, किफायती और टिकाऊ बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके और उनकी आय में वृद्धि हो। इसी दिशा में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत कृषि नवाचार किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किसानों के बीच इन उर्वरकों की बढ़ती स्वीकार्यता आधुनिक कृषि नवाचारों के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।

कोरबा जिले के ग्राम बाता निवासी कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। छोटे कृषक श्री रात्रे लगभग एक एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे आवश्यक कृषि आदान सामग्री प्राप्त करने सहकारी समिति कनबेरी पहुंचे, जहां से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्राप्त किया।
श्री रात्रे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष पहली बार अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया था। इसके परिणाम उत्साहजनक रहे, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इस वर्ष भी नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में तीन भाई खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके सकारात्मक अनुभव को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपनी खेती में नैनो उर्वरकों का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे पूरे परिवार को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिल रहा है।
श्री रात्रे ने बताया कि पहले वे पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते थे, लेकिन नैनो उर्वरकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा नैनो उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है, उर्वरकों की अनावश्यक बर्बादी कम होती है तथा फसलों को आवश्यक पोषण प्रभावी ढंग से प्राप्त होता है। यही कारण है कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति रुचि और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से समय पर नैनो उर्वरकों की उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इससे किसानों को खेती की तैयारियां समय पर करने में सुविधा मिल रही है और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिल रहा है।
अंत में कृषक ब्रजेश कुमार रात्रे ने जिले के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि खेती में नवाचारों को अपनाने में किसी भी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। समय के साथ कृषि पद्धतियों में बदलाव लाकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकें न केवल बेहतर उत्पादन और लागत में बचत सुनिश्चित करती हैं, बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

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