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कोरबा

बालको के इंजीनियर विकसित भारत के सपने को दे रहे हैं आकार

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व इंजीनियरिंग दिवस पर अपने प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग कर्मचारियों को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह प्रतिबद्धता नवाचार और प्रचालन उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में कंपनी की भूमिका को दर्शाता है जिससे वैश्विक विनिर्माण लीडर के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होती है।

मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग जैसे मुख्यधारा के इंजीनियरिंग से लेकर मेटलर्जिकल, मैटेरियल्स, माइनिंग, सिरेमिक, पॉवर और एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में लगभग 1500 इंजीनियर कपंनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये व्यक्ति सामूहिक रूप से बालको की प्रचानल क्षमता, नवाचार को बढ़ावा देने और लगातार विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य में कंपनी की निरंतर सफलता सुनिश्चित करने का आधार हैं।

इंजीनियर कंपनी के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह महत्वपूर्ण हैं इस पर बात करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि हमारे इंजीनियर वेदांता बालको के नवाचार और सफलता के केंद्र में हैं। हम अपने इंजीनियरिंग प्रतिभा के विकास और कौशल वृद्धि की प्रतिबद्धता को पूरा करके कंपनी और उनकी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं तथा भारत के औद्योगिक विकास में भी योगदान दे रहे हैं। ये इंजीनियर देश को वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी रहने के लिए सशक्त बना रहे हैं तथा नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी निपुणता की अपनी यात्रा को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

लगभग दो दशकों से बालको कार्यस्थल पर टीम लीडर के रूप में काम कर रहे इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर अनुज सूद ने कहा बताया कि 18 साल पॉटलाइन जहां इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से एल्युमिना पाउडर से एल्यूमिनियम बनाया जाता है। मैंने देखा है कि कैसे बालको ने प्रचालन दक्षता की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाया है। हम जिन मैकनिकल सिस्टम के साथ काम करते है उनकी जटिलता- गलाने की तकनीक से लेकर पॉटलाइन उपकरणों की सटीक इंजीनियरिंग तकनीकी विशेषज्ञता के साथ निरंतर नवाचार की मांग करती है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि हमारी प्रक्रियाएं वैश्विक एल्यूमिनियम क्षेत्र में आगे रहें।

एक साल पहले ही बालको परिवार में शामिल हुए मेटलर्जिकल इंजीनियर ईशान चतुर्वेदी ने कहा कि वेदांता बालको में अपना करियर शुरू करना एक अविश्वसनीय अवसर रहा है। पॉटलाइन्स स्मेलटिंग प्रक्रिया के मूल में हैं और अनुभवी इंजीनियरों से सीखते हुए ऐसी उन्नत प्रणालियों के साथ काम करना रोमांचक रहा है। मेरे लिए सबसे खास बात है कि बालको ने सस्टेनबिलिटी की मजबूत प्रतिबद्धता के साथ अत्याधुनिक तकनीक को एकीकृत करके भारत के प्रतिष्ठित एल्यूमिनियम उत्पादक के रूप में अपनी विरासत को कायम रखा है। मैं इस क्षेत्र में अपने तकनीकी ज्ञान का विस्तार करते हुए कंपनी की भविष्य की सफलता में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।

बालको पॉटलाइन के प्रोसेस कंट्रोल में प्रोडक्शन इंजीनियर निशा मांझी अपने दो साल के सफर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कि पॉटलाइन्स के प्रोसेस कंट्रोल में इच्छानुसार काम करना तथा पुरस्कृत होना मेरे लिए गौरव की बात है। एल्यूमिनियम प्रोडक्शन प्रोसेस की एफिशिएंसी सुनिश्चित करने के लिए सटीक निगरानी और अनुकूलन की आवश्यकता होती है। इंजीनियर के रूप में मैं लगातार डेटा का विश्लेषण कर हमारे सिस्टम के परफार्मेंस और सेफ्टी को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देती हूँ। इस भूमिका में आने वाली चुनौतियों के बावजूद मैं हमेशा अपनी टीम द्वारा उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित रही हूँ। बालको लोगों के इस धारणा को तोड़ने में सहायक बना कि महिलाएँ आपरेशन क्षेत्र में कामयाब नहीं हो सकती हैं। कंपनी तकनीकी कौशल और नवाचार को सबसे अधिक महत्व देती है जिससे मुझे प्रचालन में आगे बढ़ने और सार्थक योगदान देने अवसर मिला है।

विभिन्न विषयों के इंजीनियरों की विशेषज्ञता का उपयोग करके बालको प्रचालन उत्कृष्टता में नए मानक स्थापित कर रहा है। कंपनी देश में एल्यूमिनियम उत्पादन में सबसे आगे रहने के अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत के विज़न में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहा है।

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कोरबा

7 अप्रैल को ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया जाएगा आवास दिवस

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मोर-गांव-मोर-पानी “नवा तरिया – आय के जरिया” अभियान के तहत नवा तरिया निर्माण हेतु बनेगी कार्ययोजना

कोरबा। शासन के निर्देशों के अनुपालन में आगामी 07 अप्रैल 2026 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ-साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों को गति देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि आयोजन के पूर्व ग्राम पंचायत, विकासखंड स्तर पर लंबित समस्याओं एवं विषयों का निराकरण सुनिश्चित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

आवास योजनाओं पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) सहित अन्य आवास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत शत-प्रतिशत आवासों को अधिकतम 90 दिनों में पूर्ण कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। हितग्राहियों को अब तक प्राप्त राशि की जानकारी दी जाएगी तथा उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।

स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, हितग्राहियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मनरेगा एवं जल संरक्षण पर जोर
महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर चर्चा की जाएगी। “मोर-गांव-मोर-पानी” के तहत संचालित “नवा तरिया – आय के जरिया” अभियान में सभी सीएलएफ के लिए नवा तरिया निर्माण हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर दो माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

कार्य प्रारंभ एवं प्रगति के दौरान जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा स्लोगन, नारे एवं जिंगल के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

आजीविका संवर्धन एवं तकनीकी नवाचार
आजीविका डबरी के माध्यम से आयवर्धन गतिविधियों पर चर्चा कर योजनाएं बनाई जाएंगी। नागरिक सूचना पटल पर स्व-सहायता समूह से जुड़े परिवार की महिला सदस्य का नाम अंकित किया जाएगा।

महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कार्यों के प्रचार-प्रसार के लिए QR कोड का उपयोग किया जाएगा। अमृत सरोवरों के सूचना पटल या निकटस्थ स्थानों पर भी QR कोड के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

युवाओं की भागीदारी से होगा जल संरक्षण
जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे गांवों में जल संसाधनों का सतत विकास संभव हो सके।

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न्यू कोरबा हॉस्पिटल में मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति सेवाएं सशक्त, डॉ. रजनी के नेतृत्व में मिल रहा बेहतर उपचार

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कोरबा। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और सामाजिक दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अवसाद, चिंता, अनिद्रा और नशे की लत जैसी बीमारियां अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर 8 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा है, लेकिन समय पर सही इलाज सभी को नहीं मिल पाता।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए न्यू कोरबा हॉस्पिटल में वरिष्ठ न्यूरो-मनोचिकित्सक डॉ. रजनी वर्मा के नेतृत्व में आधुनिक और समग्र मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां मरीजों की स्थिति को समझकर व्यक्तिगत ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाता है, जिसमें काउंसलिंग, साइकोथेरेपी और आवश्यकतानुसार दवाओं के जरिए उपचार किया जाता है। अस्पताल में अवसाद, एंग्जायटी, अनिद्रा, तनाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं का प्रभावी इलाज किया जा रहा है।
बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए अस्पताल में विशेष नशा मुक्ति सेवाएं भी शुरू की गई हैं। इसमें शराब, तंबाकू, निकोटिन और ड्रग्स की लत से जूझ रहे मरीजों का वैज्ञानिक तरीके से इलाज किया जाता है। डिटॉक्सिफिकेशन, बिहेवियर थेरेपी, काउंसलिंग और रिलैप्स प्रिवेंशन जैसी सुविधाएं मरीजों को सुरक्षित और स्थायी रूप से नशा मुक्त बनाने में मदद कर रही हैं। डॉ. रजनी वर्मा द्वारा अब तक 200 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जो उनकी विशेषज्ञता और समर्पण को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक समस्याओं और नशे की लत को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, जबकि समय पर उपचार से व्यक्ति सामान्य जीवन में तेजी से वापसी कर सकता है। न्यू कोरबा हॉस्पिटल की ये सेवाएं कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत और उम्मीद का केंद्र बनकर उभर रही हैं।

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हनुमान जन्मोत्सव पर श्री सप्तदेव मंदिर एवं मोदी परिवार द्वारा आयोजन

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कोरबा। 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को भगवान श्री हनुमान जी के प्राकट्य दिवस (हनुमान जन्मोत्सव) के पावन अवसर पर पूरे देश एवं विश्व में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ उत्सव मनाया गया। इसी क्रम में श्री सप्तदेव मंदिर, कृष्णा ग्रुप एवं मोदी परिवार द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तथा विभिन्न स्थानों पर आमंत्रणानुसार उपस्थित होकर अपनी श्रद्धा अर्पित की गई।

प्रमुख कार्यक्रमों की झलक इस प्रकार रही—

प्रातः 7:00 से 8:00 बजे के मध्य श्री सप्तदेव मंदिर में भगवान हनुमान जी का जन्मोत्सव विधिवत मनाया गया। पूजन, आरती, आतिशबाजी के साथ प्रसाद वितरण एवं बधाइयों का आदान-प्रदान किया गया।

तत्पश्चात पुनः मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन, हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती का आयोजन किया गया।

सायं 4:00 से 6:00 बजे तक श्री सप्तदेव मंदिर में सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ, जिसके पश्चात आरती, शर्बत एवं प्रसाद वितरण किया गया।

मोदी निवास में सायं 5:00 से 7:00 बजे तक भव्य संगीतमय सुंदरकांड, हनुमान चालीसा एवं आरती का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

बिलासपुर स्थित नए शोरूम में हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा, हवन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।

अर्दा स्थित मोदी फार्म हाउस (संजय कृषि केंद्र) में हनुमान जी के साथ-साथ भगवान कार्तिकेय एवं नंदी जी की मूर्तियों की स्थापना की गई।

पंचमुखी हनुमान मंदिर, जिसकी प्राण-प्रतिष्ठा पूर्व में अशोक मोदी द्वारा कराई गई थी, वहां मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर भव्य आरती में सहभागिता की गई।

गिरिजा दीदी के निवास में हनुमान जी के दरबार में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

रूपेश अग्रवाल के निवास पर भी हनुमान जी के दर्शन एवं आशीर्वाद ग्रहण किए गए।

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

इस प्रकार श्री सप्तदेव मंदिर, कृष्णा ग्रुप एवं मोदी परिवार द्वारा हनुमान जन्मोत्सव को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं सेवा भाव के साथ मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया।

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