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चांदी में चीन की रिकॉर्ड खरीदारी, मार्च 2026 में 836 टन आयात, क्यों बढ़ी मांग?
मुंबई, एजेंसी। मार्च 2026 में वैश्विक बाजार भले ही स्थिर नजर आ रहे थे लेकिन चांदी की मांग ने सभी को चौंका दिया। जहां निवेशकों की नजर लगातार सोने पर बनी हुई थी, वहीं चीन में चुपचाप चांदी की रिकॉर्ड खरीदारी हो रही थी।
आंकड़ों के मुताबिक, चीन ने मार्च में करीब 836 टन चांदी का आयात किया, जो अब तक किसी भी मार्च महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। यह फरवरी की तुलना में लगभग 78% अधिक और पिछले 10 वर्षों के औसत से करीब 173% ज्यादा है। यह सिर्फ बड़ा आंकड़ा नहीं था, बल्कि अब तक का रिकॉर्ड स्तर था यानी चीन ने इतिहास में किसी भी मार्च महीने में इतनी चांदी पहले कभी नहीं खरीदी थी।

साल 2026 की शुरुआत से अब तक चीन कुल 1,626 टन चांदी खरीद चुका है, जो बताता है कि यह कोई अचानक हुआ कदम नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती मांग का नतीजा है।
क्यों बढ़ी चांदी की मांग?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके दो बड़े कारण हैं:
1. निवेशकों का रुख बदलाव
जब सोने की कीमतें लगातार ऊंची हो गईं, तो छोटे निवेशकों ने सस्ते और आसान विकल्प के तौर पर चांदी की ओर रुख किया। कम कीमत और सुरक्षित निवेश विकल्प होने की वजह से सिल्वर बार की मांग तेजी से बढ़ी।
2. इंडस्ट्रियल डिमांड
चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब है। सोलर पैनल निर्माण में चांदी की बड़ी भूमिका होती है। टैक्स रिबेट और उत्पादन बढ़ाने की रणनीति के चलते कंपनियों ने बड़े पैमाने पर चांदी का स्टॉक जमा किया।
अनुमान है कि वैश्विक सोलर इंडस्ट्री हर साल कुल चांदी सप्लाई का लगभग 20% इस्तेमाल करती है, जिसमें चीन का सबसे बड़ा योगदान है।
वैश्विक बाजार पर असर
चीन की इस भारी खरीदारी से वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। अगर मांग इसी तरह बनी रही और उत्पादन नहीं बढ़ा, तो आने वाले समय में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। ट्रेडर्स अब चांदी को सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश अवसर के रूप में देखने लगे हैं।
भारत पर क्या असर?
भारत में चांदी का उपयोग निवेश के साथ-साथ परंपरागत रूप से भी बहुत ज्यादा होता है—जैसे गहने, सिक्के और पूजा सामग्री में। अगर वैश्विक कीमतें बढ़ती हैं, तो भारतीय बाजार में भी चांदी महंगी हो सकती है। साथ ही सिल्वर ETF और डिजिटल सिल्वर में निवेश का आकर्षण भी बढ़ सकता है।
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फर्जी बैंक गारंटी से 136 करोड़ का खेल: रिलायंस पावर के CFO समेत 3 गिरफ्तार
नई दिल्ली,एजेंसी। राजधानी में आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर में धांधली के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक प्रमुख कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का नाम भी सामने आया है।

क्या है पूरा मामला
Delhi Police Economic Offences Wing की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने Solar Energy Corporation of India से टेंडर हासिल करने के लिए 136 करोड़ रुपये से अधिक की जाली बैंक गारंटी जमा की थी। इस साजिश में Reliance Power Limited के मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक कुमार पाल भी शामिल बताए जा रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों का जाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने जाली दस्तावेजों को असली दिखाने के लिए नकली ईमेल संवाद तैयार किए। इतना ही नहीं, State Bank of India के नाम से फर्जी पुष्टि पत्र भी बनाए गए, जिससे टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में वित्तीय धोखाधड़ी के कई और पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि और सबूत सामने आते हैं, तो मामले में और गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल ये मामला बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किस तरह जाली दस्तावेजों और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर अब एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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PM मोदी पर विवादित टिप्पणी करना कांग्रेस को पड़ा भारी, चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन को भेजा नोटिस
नई दिल्ली,एजेंसी। पीएम मोदी को लेकर विविवाद बयान देकर बुरे फंसे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मुश्किलें बढ़ गई है। दरअसल, भारत के चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके “आतंकवादी” कमेंट पर नोटिस जारी किया। भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
आप को बता दें कि यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्रियों – निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल – और अन्य BJP नेताओं वाले एक डेलीगेशन के चुनाव आयोग की फुल बेंच से मिलने और PM मोदी के खिलाफ खड़गे के “आतंकवादी” कमेंट के बारे में शिकायत करने के कुछ घंटों बाद हुई। हालांकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ‘आतंकित’ कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शब्दश:) आतंकवादी हैं। इसे आतंकित करना… वह अपनी सत्ता और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को गाली दे रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ”भाजपा कार्यालय का एक्सटेंशन” बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक लोगों को डराने-धमकाने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह दावा करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने तर्क दिया, ”अगर वह सच में इसे लागू करना चाहते हैं, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं। वह इसे क्यों नहीं दे रहे हैं?’
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Earthquake: भारत के इस राज्य में लगे भूकंप के झटके, घरों और दफ्तरों से बाहर निकले लोग
गांधीनगर,एजेंसी।गुजरात के चरोटर इलाके में बुधवार शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया। आणंद और आसपास के इलाकों में जैसे ही धरती हिली, कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे।

गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के अनुसार, यह भूकंप शाम लगभग 4:35 बजे दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र आणंद से लगभग 36 किलोमीटर दूर था। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक हल्का भूकंप था, इसलिए अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
बता दें कि इससे पहले 21 अप्रैल को सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट जिले में 3.2 तीव्रता के साथ भूकंप के झटके लगे थे। वहीं 19 अप्रैल को गुजरात के अमरेली जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.1 थी।
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