छत्तीसगढ़
सीएम साय बोले- मार्च से मिलेंगे महतारी वंदन के पैसे
तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ, कहा- किसानों को अंतर राशि एकमुश्त मिलेगी
अंबिकापुर, एजेंसी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को 3 दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2024 का शुभारंभ किया है। इस दौरान मंच से मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मार्च से महतारी वंदन योजना के पैसे महिलाओं के खाते में आएंगे। अब तक 70 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। वहीं किसानों को समर्थन मूल्य की अंतर की राशि 917 रुपए प्रति क्विंटल एक मुश्त मिलेगी। सीएम साय ने मैनपाट महोत्सव के लिए 50 लाख की सहयोग राशि की घोषणा भी की। साथ ही नर्मदापुरम में झंडा पार्क के लिए 1 करोड़ देने का ऐलान भी किया। मैनपाट महोत्सव में बॉलीवुड, भोजपुरी और छत्तीसगढ़ के नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
तीन दिन कई एडवेंचर गेम्स भी होंगे
मैनपाट महोत्सव में कई एडवेंचर स्पोट्र्स भी होंगे। शुक्रवार सुबह से ही सैलानी मैनपाट पहुंचने लगे हैं। मैनपाट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2012 में जिला प्रशासन सरगुजा ने मैनपाट महोत्सव की शुरुआत की थी। इसमें देश के नामी कलाकार शिरकत करते हैं। यहां एडवेंचर स्पोट्र्स, नौकायन, काइट फेस्ट, मेला, दंगल लोगों को खूब लुभाते हैं।

आज अल्ताफ राजा और मलखंभ कलाकारों की प्रस्तुति
कार्यक्रम के पहले दिन यानी 23 फरवरी को मशहूर गायक अल्ताफ राजा, सिंगर रूप कुमार राठौर, हास्य कवि पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे, अबूझमाड़ के मलखंभ कलाकार, गायिका आंचल मंदिलवार, गायिका मनाली सांखला, नृत्यांगना रित्विका बनर्जी समेत स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।
24 फरवरी को खेसारी लाल का शो और दुलदुली डांस रहेगा आकर्षण
कार्यक्रम के दूसरे दिन 24 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल, प्रसिद्ध गजल गायक कुमार सत्यम, छत्तीसगढ़ी गायिका आरू साहू, संबलपुर के दुलदुली डांस ग्रुप सहित स्थानीय कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
25 को सिंगर पलक मुच्छल और छत्तीसगढ़ी गायक संजय की प्रस्तुति

कार्यक्रम के अंतिम दिन यानी 25 फरवरी को प्रसिद्ध बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल, संगीत निर्देशक पलाश मुच्छल, छत्तीसगढ़ी गायक संजय सुरीला, प्रसिद्ध गायिका स्तुति जायसवाल और गायक स्वप्निल जायसवाल, अमनदीप, सूफी गायक नासिर निन्दर सहित स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही स्कूली बच्चों द्वारा भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
बहरूपिया प्रतियोगिता और दंगल का आयोजन
महोत्सव के दौरान अलग-अलग विधा की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को ओपन बहरूपिया प्रतियोगिता एकल और समूह दोनों श्रेणी में होगी। 24 फरवरी को ओपन कुश्ती दंगल प्रतियोगिता होगी। वहीं, हर दिन तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा
मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है
मैनपाट विन्ध्यर्वत माला पर स्थित है, जिसकी समुद्र सतह से ऊंचाई 3,781 फीट है। इसकी लंबाई 28 किलोमीटर और चौड़ाई 10 से 13 किलोमीटर है। राजधानी रायपुर से अंबिकापुर की दूरी लगभग 365 किमी है, वहीं अंबिकापुर से मैनपाट की दूरी लगभग 50 किमी है। यहां की जलवायु के कारण मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है।
मैनपाट कैसे पहुंचें?
राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। राज्य के बाहर के सैलानी हवाई मार्ग, रेलमार्ग और सड़क मार्ग से भी रायपुर पहुंच सकते हैं। यहां रेल मार्ग से अंबिकापुर पहुंचकर फिर सड़क मार्ग से मैनपाट जाया जा सकता है। मैनपाट जाने के लिए टैक्सी और बस आसानी से यहां उपलब्ध हो जाते हैं। कहां रुकें?
मैनपाट में स्टे के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के रिजॉर्ट शैला और करमा हैं। साथ ही यहां निजी होटल और रिजॉर्ट भी हैं, जहां पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार ठहर सकते हैं। इसके साथ ही अंबिकापुर में होटलों के कई ऑप्शन हैं।
मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थल
बौद्ध मंदिर –
मैनपाट से ही रिहन्द और मांड नदी का उदगम हुआ है। 1962-63 में तिब्बती शरणार्थियों को मैनपाट में बसाया गया था। यहां तिब्बती लोगों का जीवन और बौद्ध मंदिर आकर्षण का केन्द्र है। इसलिए इसे मिनी तिब्बत भी कहा जाता है।
टाइगर पॉइंट-
मैनपाट के अहम टूरिस्ट स्पॉट में टाइगर पॉइंट एक खूबसूरत प्राकृतिक झरना है। चारों तरफ घनघोर जंगलों के बीच पहाड़ से गिरता हुआ झरना बहुत ही आकर्षक लगता है।
उल्टा पानी –
मैनपाट के बिसरपानी गांव में स्थित उल्टापानी छत्तीसगढ़ का सबसे ज्यादा हैरान करने वाला दर्शनीय स्थल है। यहां पर पानी का बहाव नीचे की तरफ न होकर ऊपर की ओर होता है। यहां सड़क पर खड़ी न्यूट्रल चार पहिया गाड़ी 110 मीटर तक गुरुत्वाकर्षण के विरूद्ध पहाड़ी की ओर अपने आप लुढ़कती है।
जलजली-
मैनपाट में प्रकृति के नियमों से दूर जलजली वह पिकनिक स्पॉट है जहां दो से तीन एकड़ जमीन काफी नर्म है और इसमें कूदने से धरती गद्दे की तरह हिलती है।
फिश पॉइंट-
मैनपाट में पर्यटकों के लिए जंगलों के बीच एक रोमांचकारी और मन को लुभाने वाला फिश पॉइंट है। यह भी एक जलप्रपात है। मेहता पॉइंट-
मैनपाट में स्थित मेहता पॉइंट ऊंची पहाडियों, गहरी घाटियों और वन मनोरम दृश्यों से भरपूर है। मैनपाट आने वाले पर्यटक सुंदर व्यू का आनंद लेने के लिए इस पिकनिक स्पॉट पर जरूर पहुंचते हैं।
जलपरी पॉइंट-
यहां बूढ़ा नागदेव जलप्रपात है, जिसे जलपरी पॉइंट भी कहते हैं। प्रकृति की गोद में बसे इस जलप्रपात तक पहुंचते ही सारी थकान दूर हो जाती है।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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