कोरबा/बिलासपुर। कोल इंडिया लिमिटेड को निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रतिष्ठित ‘गोल्डन पीकॉक सीएसआर अवॉर्ड 2024’ से नवाजा गया है। कोल इंडिया अध्यक्ष पी.एम. प्रसाद एवं निदेशक (कार्मिक) विनय रंजन ने इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा सीएसआर विषय पर गुरुवार को मुंबई में आयोजित 19वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में यह सम्मान हासिल किया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान जरूरतमंद लोगों की जिंदगियों में बदलाव की कोल इंडिया की प्रतिबद्धता की एक मान्यता है। कंपनी की सीएसआर पहलों ने अब तक लगभग साढे तीन करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। पिछले पांच वर्षों से केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) में सबसे अधिक सीएसआर खर्च करने वाली कंपनी के रूप में कोल इंडिया ने सिर्फ पिछले वित्त वर्ष में सीएसआर गतिविधियों पर 572 करोड़ रुपये खर्च किए। कंपनी अपने सीएसआर फंड का 70% से अधिक हिस्सा स्वास्थ्य सेवा, पोषण और स्वच्छता, और शिक्षा व आजीविका से जुड़े कार्यों पर खर्च करती है।
भारत सरकार की यह महारत्न कंपनी अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय मिशनों में भी महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रही है। कंपनी ने हाल के वर्षों में स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत 50,000 से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया, आकांक्षी जिलों में जनजीवन की बेहतरी के लिए 850 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए और कोविड-19 के प्रसार को हेतु 700 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड के गले के चाकू घोंप दिया। इसके बाद उसने खुद का गला काट लिया। युवक की मौके पर मौत हो गई। जबकि गर्लफ्रेंड की आठ दिन बाद बुधवार 11 फरवरी को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, अभी तक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक, बॉयफ्रेंड का नाम शुभम नायडू (28) है, जो कि पहले से शादीशुदा था और उसका एक बेटा है। जबकि गर्लफ्रेंड का नाम निशा उर्फ प्रतीक्षा (22) है। दोनों बिलासपुर के रहने वाले हैं। तीन फरवरी मंगलवार को दोनों बस से कोरबा पहुंचे थे। मंगलवार देर रात शुभम ने चाकू से निशा गले पर हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल गर्लफ्रेंड ने किसी तरह वीडियो कॉल कर पुलिस और अपने परिजनों को इशारे से घटना की जानकारी दी। गर्लफ्रेंड को बिलासपुर रेफर किया गया था, जिसकी बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया मामला अफेयर का है। मामला उरगा थाना क्षेत्र का है।
विवाद के बाद बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड के गले पर चाकू घोंपा।
डॉक्टरों ने जांच के बाद बॉयफ्रेंड को मृत घोषित कर दिया।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, जूना बिलासपुर निवासी निशा श्रीवास पार्लर का काम करती थी। उसका सरकंडा के अशोक नगर निवासी शुभम नायडू से अफेयर चल रहा था। शुभम एक निजी बैंक में काम करता था और पहले से शादीशुदा था, जिससे उसका एक बेटा भी है। शादी के कुछ समय बाद से ही उसकी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था।
दरअसल, तीन फरवरी मंगलवार शाम से दोनों लापता थे। निशा के लापता होने की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी थी। ऐसे में बिलासपुर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इस बीच करीब 9 बजे रात को दोनों बस से कोरबा पहुंचे। संडैल नाला के पास दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
इस दौरान बॉयफ्रेंड शुभम ने गर्लफ्रेंड निशा के गले में चाकू गोद दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और गिर गई। इसके बाद उसी चाकू से शुभम ने खुद का गला काट लिया। इधर, खून से लथपथ जमीन पर पड़ी निशा ने किसी तरह 112 पर कॉल किया। इसके बाद परिजनों को वीडियो कॉल करके घटना की जानकारी दी।
मामले की जानकारी मिलते ही एएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे।
गर्लफ्रेंड की हालत गंभीर, बिलासपुर रेफर
युवती ने पुलिस को लोकेशन भी बताई। लोकेशन मिलने के बाद 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, निशा की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उसे बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।
आठ दिन बाद युवती ने दम तोड़ा
सिम्स में उसका लगातार इलाज चल रहा था। ऑपरेशन के बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया था और उसकी हालत में सुधार भी होने लगा था। हालांकि, दो दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह कोमा में चली गई। डॉक्टरों के लगातार प्रयासों के बावजूद बुधवार दोपहर युवती ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर में रखवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने हेतु दिनांक 12 फरवरी 2026 को सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शासकीय महाविद्यालय दीपका में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का गठन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान के महत्व को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक युवा को एक जागरूक मतदाता के रूप में अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए, ताकि वे लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के गठन के उद्देश्यों को बताया तथा युवाओं से लोकतंत्र की मज़बूती के लिए आगे आकर अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किये। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की आयोजन टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन राजमणि साकेत द्वारा किया गया। इस अवसर पर जी. सी. देवांगन सहायक प्राध्यापक भौतिकी, श्रीमती हेमलता कंवर कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी, सहायक प्राध्यापक एस. के. राठौर सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शत-प्रतिशत मतदान और पंजीकरण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कलेक्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जारी हाई स्कूल/ हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा कार्यक्रम एवं शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं छात्र-छात्राओं की परीक्षाओं तैयारी में व्यवधान को रोकने हेतु विद्यार्थियों के हित में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में 16 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही विशेष परिस्थितयों एवं शासकीय कार्यो के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने की अनुमति संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं उपरोक्त अधिनियम में उल्लेखित शर्तों के अधीन देंगे।