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कोरबा

कलेक्टर अजीत वसंत का ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण दौरा

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शिक्षा, स्वास्थ्य और जन कल्याण पर दिया विशेष जोर

गढ़ उपरोड़ा, कदमझेरिया और कोराई में स्कूल, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य केंद्रों का किया निरीक्षण

अनुपस्थित शिक्षक तथा प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और संकुल समन्वयक को मूल शाला में वापस भेजने के निर्देश

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत आज कोरबा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम गढ़ उपरोड़ा, आश्रित ग्राम कदमझेरिया तथा ग्राम कोराई पहुँचे। उन्होंने यहाँ स्कूल, आंगनबाड़ी और उपस्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने विद्यालयों में नाश्ता वितरण, गैस सिलेंडर के उपयोग, विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य केंद्र में उपचार व्यवस्था का अवलोकन किया।
शिक्षा पर विशेष ध्यान – विद्यार्थियों को दी प्रेरणा


ग्राम गढ़ उपरोड़ा में कलेक्टर वसंत ने प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए कहा कि समय पर कोर्स पूरा करें और 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में बेहतर परीक्षाफल प्राप्त करें।
कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें और आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन करें। उन्होंने स्कूल में डीएमएफ से प्रदत्त न्यूज़ पेपर डेस्क के उपयोग की जानकारी ली और विद्यार्थियों से प्रतिदिन अखबार पढ़ने का आग्रह किया ताकि वे देश-दुनिया की जानकारी से अवगत रहें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मध्यान्ह भोजन और नाश्ता वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। गढ़ उपरोड़ा के प्रायमरी एवं माध्यमिक स्कूल में गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं पाए जाने और छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति पाये जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संकुल समन्वयक मूल शाला में वापस भेजने और प्रायमरी स्कूल के प्रधानपाठक श्री केशव प्रसाद उरावं और मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक विक्टर लकड़ा को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, कोराई प्राथमिक शाला में गैस सिलेंडर के उपयोग और समय पर नाश्ता वितरण तथा बेहतर शैक्षणिक माहौल की पुष्टि होने पर उन्होंने प्रधानपाठक और शिक्षकों की प्रशंसा की।


कलेक्टर श्री वसंत ने उपस्वास्थ्य केंद्र गढ़ उपरोड़ा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रसव सुविधा, दवा वितरण, टीकाकरण, हीमोग्लोबिन जांच, मलेरिया किट की उपलब्धता तथा साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जाए और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, कलेक्टर ने डीएमएफ से बन रहे आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य के निर्देश दिए।

अनुपस्थित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान गढ़ उपरोड़ा प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक श्री सुधीर बड़ा बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने  के निर्देश दिए।
गांव में ही होगी खाद्यान्न की व्यवस्था


अपने दौरे के दौरान जब कलेक्टर कदमझेरिया गाँव पहुँचे, तो ग्रामीणों ने बताया कि राशन दुकान गाँव से करीब 7 किलोमीटर दूर है, जिससे खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई होती है। कलेक्टर श्री वसंत ने ग्रामीणों की मांग पर खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए कि अगले माह से गाँव में ही खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग,जनपद सीईओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

भू-विस्थापितों को राहत, हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा

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कोरबा। एसईसीएल मानिकपुर खदान से प्रभावित भिलाईखुर्द के भ-ूविस्थापितों को बड़ी राहत मिली है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर 300 प्रभावितों को मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है। हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा देने एसईसीएल प्रबंधन ने सहमति दी है।

एसईसीएल विश्राम गृह कोरबा में शुक्रवार को नगर विधायक व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता मेंभिलाईखुर्द के भूविस्थापितों, एसईसीएल के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें देवांगन ने एसईसीएल के अधिकारियों को दो टूक कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

तब ज़मीन का मुआवजा दिया जा चुका था, लेकिन इतने वर्षों बाद आज ज़मीन खाली करवाई जा रही है। भू-विस्थापितों को मकानों और शिफ्टिंग का उचित मुआवजा दिए किसी भी तरह से जमीन खाली करवाना गलत है। उद्योग मंत्री ने बैठक में भू विस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा की इतने वर्षों में एक-एक जमीन धारक के एक से अधिक परिवार हो चुके हैं, आज की स्थिति में सिर्फ एक ज़मीन धारक के बजाए एक-एक परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।

देवांगन ने कहा की देश की ऊर्जा के लिए कोयला अतिमहत्वपूर्ण हैं, लेकिन भू- विस्थापितों को साथ में लेकर खदानों का विस्तार करना होगा। एसईसीएल के अधिकारियों ने बैठक में ही सभी परिवारों का मुआवजा देने की मंजूरी दी। भू-विस्थापित के प्रति परिवार को 6.78 लाख देने की घोषणा की गई। पिछले 8 वर्ष से बिना मुआवजा दिए प्रबंधन बस्ती खाली कराने पर आमदा था। मंत्री के दबाव के बाद एसईसीएल बैकफुट पर आए। इस निर्णय का ग्राम भिलाईखुर्द के सभी भू विस्थापितों ने स्वागत करते हुए अपनी सहमति देते हुए मंत्री देवांगन का आभार जताया।

एसईसीएल मानिकपुर खदान से 52 लाख 50 हजार टन कोयला उत्पादन किया गया था। कोरबा एरिया का यह सबसे बड़ा ओपन माइंस है। लगातार 11 साल से लक्ष्य हासिल कर रहा है। इस साल कोरबा एरिया में 83 लाख 60 हजार टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

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कोरबा

कोरबा में चलती कार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग:गैरेज पहुंचते ही भड़की, मिस्त्री ने पाया काबू

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कोरबा। कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मुड़ापार स्थित लिटिल स्टेप स्कूल के पास एक ऑटो गैरेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। गैरेज में मौजूद मिस्त्री ने तत्काल पानी डालकर और केबल वायर काटकर आग पर काबू पा लिया।

जानकारी के अनुसार, एक युवक लाल रंग की कार लेकर गैरेज पहुंचा था। गाड़ी रोकते ही वह तुरंत बाहर निकला और मिस्त्री को आवाज लगाई। मिस्त्री के मौके पर पहुंचते ही कार में अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जो देखते ही देखते बढ़ने लगी।

शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग

कार चालक युवक ने बताया कि वह किसी काम से निकला था, तभी उसे गाड़ी से हल्का धुआं आता महसूस हुआ। वह किसी तरह कार को गैरेज तक लाया।

जैसे ही उसने बोनट खोला, धुआं तेजी से निकलने लगा और उसने तुरंत मिस्त्री को बुलाया। बताया जा रहा है कि चूहे ने कार के केबल काट दिए थे, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।

समय रहते आग में पाया काबू

समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ी घटना टल गई। यह क्षेत्र आबादी वाला है और पास में ही बच्चों का स्कूल भी है। आगजनी के समय लोगों की आवाजाही भी थी।

घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस और दमकल विभाग को देने की तैयारी थी, लेकिन आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।

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कोरबा

DMF का कथित मिसयूज…केंद्र ने छत्तीसगढ़ CS को पत्र-जारी किया:तत्कालीन कलेक्टर पर निजी फायदे के लिए 26 करोड़ मंजूर करने का आरोप

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कोरबा। कोरबा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के कथित दुरुपयोग के मामले में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील को स्मरण पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत में बालको से संबंधित सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। दरअसल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।

ननकी राम के अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही, उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।

मुख्य सचिव से जवाब मांगा

इस जानकारी के बाद ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार को फिर पत्र लिखकर अवगत कराया। केंद्र सरकार ने उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकास शील को पत्र लिखा है। इसमें केंद्र ने नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है और आवेदक को भी अवगत कराने को कहा है।

कलेक्टर ने पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया

इसी बीच कलेक्टर दुदावत ने डीएमएफ के तहत बनने वाले दर्री डेम मार्ग (ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तक) का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी शीघ्र निविदा प्रक्रिया शुरू कर समयबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

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