कोरबा
मौसमी बीमारियों के रोकथाम हेतु कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को सर्तक रहने के दिए निर्देश
बीमारी -जैसे बुखार एवं उल्टी-दस्त होने पर स्वास्थ्य विभाग को उपचार करने और शिविर लगाने के निर्देश
कोरबा।कलेक्टर अजीत वसंत ने कोरबा जिले में मौसमी बीमारियों जैसे बुखार, उल्टी-दस्त, मलेरिया की रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित ग्राम में जाकर पीड़ितों का उपचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आवश्यकता होने पर स्वास्थ्य विभाग को शिविर लगाने के भी निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने पीड़ितों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने तथा लापरवाही सामने आने पर कार्यवाही की हिदायत दी है।
कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के प्रत्येक क्षेत्र में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है जिसके अनुपालन में प्रत्येक स्तर के स्वास्थ्य केन्द्रों तथा मैदानी क्षेत्र में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन व डिपोहोल्डर्स के पास जीवनरक्षक दवाईयों की उपलब्धता तथा सतत औषधियों की प्रतिपूर्ति व्यवस्था की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य अमलों के द्वारा शिविर लगाकर उपचार किया जा रहा है। मौसमी बीमारियों/महामारी के नियंत्रण हेतु जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर काम्बेट टीम का गठन किया गया है तथा उन्हें क्षेत्रों में सतत् भ्रमण कर निगरानी बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिये गए जो सूचना प्राप्त होते ही प्रभावित क्षेत्र में तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। किसी भी क्षेत्र में बुखार ,मलेरिया या उल्टीदस्त की शिकायत होने पर तत्काल मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारी को तुरंत सूचना दी जाये।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी नें जनसामान्य को मौसमी बीमारियों जैसे डायरिया एवं मलेरिया से बचाव हेतु सदैव भोजन करने से पूर्व एवं शौंच के पश्चात हॉंथों को साबुन से अच्छी तरह धोने, घरों के आस-पास स्वच्छता रखने, व्यक्तिगत साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, खाने-पीने की वस्तुओं और पानी को हमेशा ढ़ककर रखने, बासी भोजन, सड़े गले फलों का सेवन नहीं करने व हमेंशा ताजे फलों और भोजन का सेवन करने, खाने और पकाने से पहले फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोने, पीने के लिए हैण्डपंप का पानी का उपयोग करने तथा पानी को उबालकर एवं छानकार तथा पानी की शुद्धता के लिए क्लोरिन की गोली डालकर ही पीने के लिए उपयोग में लाने, कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डलवाने तथा जल स्त्रोत के पास कूड़ा-करकट, गंदे पानी एकत्र न होने देने, इस बात का ध्यान रखने कि मल विसर्जन घर से दूर तथा पीने के पानी के स्त्रोत से 25 मीटर से अधिक दूरी पर होना चाहिए। दस्त या बुखार होने पर तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन , डिपोहोल्डर अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में तत्काल निःशुल्क प्राथमिक उपचार लेने, दस्त होने की स्थिती में ओ.आर.एस.का घोल सेवन करने या नारियल का पानी, नमकीन लस्सी , नीबू की सिंकंजी , चावल का मांड, हल्की चाय, दाल का पानी का सेवन लगातार करते रहने, ये सभी उपाय शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। मच्छरों से बचाव हेतु मच्छरदानी का उपयोग करने एवं इसे आदत में सुमार करने, सोने के पूर्व संभव हो तो शरीर में मच्छरनाशक क्रीम अथवा नीम तेल लगाने ताकि मच्छर न काट सके। घर अथवा घर के आस-पास कूलर, टायर, टूटे बर्तन अथवा अन्य कोई भी वस्तुओं में पानी जमने न देने, उल्टी दस्त से किसी भी मृत्यु होने पर उन घरों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सहयोग से ब्लीचिंग पाउडर से शुद्धिकरण अवश्य कराने तथा घर के अन्य सदस्यों को भी उल्टी-दस्त की दवाईयॉ खिलाने, ग्राम में होने वाले सभी सार्वजनिक आयोजनों में खाने-पीने का विशेष ध्यान रखने, कार्यक्रम के दौरान ताजा भोजन का उपयोग करने पर अमल करने की हिदायत दिये हैं।
कलेक्टर अजीत वसंत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ-एस-एन.केशरी ने जिले की जनता से अपील की है कि उपरोक्तानुसार बातों पर अमल करें जिससे महामारी जैसी बीमारियों पर नियंत्रण किया जा सके तथा जिले में असामयिक मृत्यु को रोका जा सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि मौसमी बीमारियों के नियंत्रण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर जिले को मौसमी बीमारी से मुक्त करने की दिशा में अमूल्य योगदान दें।

कोरबा
वेदांता समूह की दो कंपनियों को इक्रा से मिली AA+ रेटिंग
नई दिल्ली, एजेंसी। वेदांता समूह की दो कंपनियों वेदांता लिमिटेड और वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड को घरेलू साख निर्धारक एजेंसी इक्रा से एए प्लस रेटिंग मिली है। ये दोनों कंपनियां गत मई से विभिन्न कारोबारों को अलग-अलग करने के बाद बनी हैं। एजेंसी ने समूह की शॉर्ट-टर्म रेटिंग को भी‘ए1 प्लस’पर बरकरार रखा है। समूह का कहना है कि साल 2014 के बाद यह उसकी सबसे ऊंची घरेलू रेटिंग है। इक्रा ने रेटिंग के साथ‘स्टेबल’आउटलुक दिया है और रेटिंग को‘वॉच विद डेवलपिंग इम्पलीकेशन्स’की श्रेणी से हटा दिया है।

अंतररष्ट्रीय साख निर्धारक एजेंसी मूडीज की सहयोगी कंपनी इक्रा ने समूह की एक अन्य कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड की रेटिंग‘ए प्लस/ वॉच डेवलपिंग’से‘एए-/स्टेबल’में अपग्रेड किया है। वेदांता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘यह समूह के लिए एक अहम पड़ाव भी है, क्योंकि कारोबारों को अलग-अलग करने प्रक्रिया से अलग हुए दो सबसे बड़े व्यवसायों को अब ‘एए प्लस’ रेटिंग मिल गई है। समूह के दीर्घावधि ऋण में इन दोनों व्यवसायों की हिस्सेदारी 75 फीसदी से अधिक है।’ इक्रा ने उम्मीद जतायी है कि कॅमोडिटी की अनुकूल परिस्थितियों, बेहतर लागत संरचनाओं तथा एल्युमीनियम, जिंक और तेल एवं गैस व्यवसायों में कमाई की मजबूत संभावनाओं के चलते ये रुझान मौजूदा वित्त वर्ष में भी जारी रहेंगे।
वेदांता का कारोबार जिंक, सिल्वर, एल्युमिनियम, कॉपर, निकेल, लौह अयस्क, तेल एवं गैस और बिजली उत्पादन तक फैला हुआ है। प्रमुख अंतररष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों एस एंड पी, मूडीज एवं फिच ने पिछले दो महीने में वेदांता की होल्डिंग कंपनी वेदांता रिसोर्सेज की रेटिंग को अपग्रेड किया है।
कोरबा
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ
जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला
कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।
कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
कोरबा
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना
कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।
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