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छत्तीसगढ़ के होटलों-उद्योगों में कमर्शियल LPG सप्लाई बंद:अस्पताल-स्कूलों में जारी रहेगी, अफसर बोले- घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी रोकने टोल-फ्री नंबर जारी

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रायपुर,एजेंसी। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालातों से बनी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। इसका असर मुख्य रूप से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ रहा है।

हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। प्रशासन ने कालाबाजारी और दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है।

राज्य में घरेलू एलपीजी गैस और डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता की समीक्षा के लिए मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति-उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इसकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों को गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मीटिंग में खाद्य सचिव ने कहा कि रोजाना आपूर्ति सुचारू बनी रहे और किसी भी उपभोक्ता को गैस या ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया गया है।

एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद

बैठक में यह भी बताया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं को ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खाद्य सचिव ने कहा कि परीक्षाओं के समय स्कूल और छात्रावासों को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद होटलों आदि को 15% तक कमर्शियल सप्लाई दी जा सकती है।

जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।

बैठक में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी डिपो में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और दैनिक आपूर्ति पर निगरानी जारी रहेगी।

शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर जारी

रीना कंगाले ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि एलपीजी गैस और डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। लोग गैस एजेंसी के जरिए सिलेंडर समय पर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को आपूर्ति में परेशानी या शिकायत हो, तो टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर कॉल कर सकते हैं।

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग और गैस वितरकों की बैठक लेकर हालात की समीक्षा की।

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग और गैस वितरकों की बैठक लेकर हालात की समीक्षा की।

बिलासपुर में एलपीजी गैस पर्याप्त, कलेक्टर ने कहा- पैनिक में मत आएं

वहीं, बिलासपुर में भी घरेलू एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग और गैस वितरकों की बैठक लेकर हालात की समीक्षा की। कलेक्टर ने साफ कहा कि जिले में गैस पर्याप्त है, इसलिए लोगों को घबराने या पैनिक में गैस जमा करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर मिल रहे हैं, जबकि होटल और उद्योगों के लिए व्यवसायिक गैस फिलहाल रोकी गई है। अस्पतालों और स्कूलों को उनकी जरूरत के मुताबिक गैस दी जा रही है।

कलेक्टर ने गैस एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि घरेलू सिलेंडर का व्यवसायिक या गैरकानूनी इस्तेमाल न होने दें। एजेंसी संचालक खुद सप्लाई और वितरण पर निगरानी रखें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को सिलेंडर न दें।

बैठक में बताया गया कि जिले में लगभग 4.80 लाख घरेलू कनेक्शन हैं और तीन ऑयल कंपनियों के 38 गैस वितरक इन्हें सिलेंडर दे रहे हैं, जिनमें से 22 वितरक सिर्फ बिलासपुर शहर में काम कर रहे हैं।

वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 5 हजार सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और पिछले 10 दिनों से यह संख्या स्थिर है। सिलेंडर बुकिंग की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।

कलेक्टर ने शहर में लागू नो-एंट्री प्रतिबंध को लेकर राहत देने की बात कही और लोगों से अपील की कि किसी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक में गैस न जमा करें। जिले में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।

रायपुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति पर कलेक्टर की समीक्षा

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मंगलवार देर शाम जिले के ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और एलपीजी डीलर्स की बैठक लेकर गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से हो और आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। बुकिंग के बाद समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीलर्स को पारदर्शिता के साथ वितरण व्यवस्था बनाए रखने और उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और एलपीजी डीलर्स की बैठक ली।

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और एलपीजी डीलर्स की बैठक ली।

कॉल सेंटर पर कर सकते हैं शिकायत

इस बैठक में कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि जिले में एलपीजी गैस का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आम उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उपभोक्ता जिला कलेक्टर कॉल सेंटर के नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर कलेक्टर कॉल सेंटर के नम्बर 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर सम्पर्क करें।

कलेक्टर ने कहा कि, गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि, गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से पैनिक न होने की अपील

बैठक में रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेन्द्र मिश्रा सहित गैस एजेंसियों के संचालक और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी उपभोक्ताओं से पैनिक न होने और सहयोग बनाए रखने की अपील की।

इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के जिला अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि होली के कारण वितरण में थोड़ी देरी हुई थी। अब सुधार हो गया है। जिले में अभी और भविष्य में एलपीजी गैस को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या आम उपभोक्ताओं को नहीं होगी।

उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि पैनिक न हो और सहयोग करें, गैस एजेंसियां भी उनका सहयोग करेंगी। भारत गैस वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुरारी गौड़ ने बताया कि कॉमर्शियल कनेक्शन में हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थाओं को ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाएगी।

दुर्ग जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

दुर्ग जिले में घरेलू एलपीजी गैस और डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस वितरकों की बैठक ली।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। कलेक्टर ने गैस वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि उज्ज्वला योजना सहित जिले में लगभग 4 लाख गैस कनेक्शन हैं और प्रतिदिन करीब 9750 गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक संस्थानों को ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिले में डीजल और पेट्रोल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है वे जल्द से जल्द संबंधित गैस एजेंसी में जाकर प्रक्रिया पूरी करा लें। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि जिले में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस वितरकों की बैठक ली।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस वितरकों की बैठक ली।

रायगढ़ में होटलों और भोजनालयों में औचक निरीक्षण

रायगढ़ जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन की ओरे से विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर एसडीएम महेश शर्मा के नेतृत्व में राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग होटलों और भोजनालयों में औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान आमंत्रण होटल, तुलसी होटल, राजस्थानी भोजनालय और गणगौर स्वीट्स सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अधिकारियों ने घरेलू गैस सिलेंडरों के उपयोग की स्थिति का परीक्षण किया और प्रतिष्ठान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू सिलेंडरों का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए। व्यवसायिक उपयोग पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

प्रशासन ने कहा कि जिले में घरेलू गैस की उपलब्धता सामान्य है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही गैस एजेंसियों द्वारा आपूर्ति व्यवस्था और सिलेंडरों की दैनिक उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सरगुजा में कमर्शियल गैस की आपूर्ति बंद

सरगुजा में कमर्शियल गैस की आपूर्ति शनिवार के बाद से नहीं हो पाई है। इसके कारण होटल संचालकों के साथ ही औद्योगिक संस्थाओं को परेशानी का सामना करना पड़़ रहा है। होटल संचालकों ने बताया कि कमर्शियल सिंलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पाने से गैस समाप्त हो गया है।

अंबिकापुर के होटलों में गैस की जगह लकड़ी के भट्टों का उपयोग खाना और मिठाई सहित अन्य सामान बनाने के लिए किया जा रहा है। कोई भी कंपनी कमर्शियल गैस नहीं दे पा रही है।

होटल अनन्या के संचालक कैलाश मिश्रा ने बताया कि अंबिकापुर में घरेलू गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। वर्तमान में गैस उपभोक्ताओं को बुकिंग के लिए डिलेवरी से 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग की व्यवस्था की गई है। मांग के अनुरूप गैस सिलेंडरों की सप्लाई नहीं होने से बुकिंग के 9 से 10 दिनों बाद गैस मिल पा रही है।

हालांकि एजेंसी संचालक 5 से 7 दिनों में गैस उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं।

होटल एसोसिएशन ने जारी की एडवाइजरी

  • सभी होटलों, रेस्टोरेंट्स, कैटरर्स, क्लाउड किचन और खाद्य बिजनेस के लोग एसोसिएशन के निर्देशों के अनुसार एकजुट और तैयार रहें।
  • किसी भी बड़े आपूर्ति व्यवधान की जानकारी तुरंत एसोसिएशन को दें।
  • पैनिक खरीदारी या जमाखोरी से बचें, इससे उद्योग की स्थिति खराब हो सकती है।
  • जरूरी रसोई संचालन और मुख्य मेन्यू/पहले से तय कार्यक्रमों को प्राथमिकता दें।
  • जहाँ संभव हो, इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण (इंडक्शन, हॉट प्लेट, राइस कुकर, केतली) का इस्तेमाल करें।
  • वैकल्पिक ईंधन (PNG, बल्क LPG, हाइब्रिड किचन उपकरण) की संभावना तलाशें।
  • कानूनी और सुरक्षित रूप से, दूसरे सदस्यों का सहयोग करें जो आपूर्ति समस्या का सामना कर रहे हैं।
  • एसोसिएशन LPG आपूर्तिकर्ताओं और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है।
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अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर दुख जताया, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

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सक्ती/सिंघीतराई। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर सोशल मीडिया (एक्स) पर 27 अप्रैल 2026 को अपनी दूसरी पोस्ट में इस साल की शुरुआत में अपने बेटे के निधन और हाल ही में हुए बॉयलर हादसे, जिसमें 25 लोगों की जान गई, के बाद गहरे व्यक्तिगत और पेशेवर दुख के दौर पर बात की। सोमवार को अपनी पोस्ट में, अग्रवाल ने पिछले कुछ महीनों को अपने जीवन के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समयों में से एक बताया और दोनों घटनाओं से जुड़े अपार दुख को व्यक्त किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एथेना प्लांट कड़े सुरक्षा और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत संचालित हो रहा था। इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एनजीएसएल को सौंपी गई थी, जो भारत की विश्वसनीय महारत्न कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड और जनरल इलेक्ट्रिक के बीच साझेदारी है। यह काम अनुभवी टीमों, स्थापित प्रणालियों और उद्योग मानकों के सुरक्षा उपायों के साथ किया जा रहा था। इन सभी उपायों के बावजूद, उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना हो गई, जो इस तरह की घटनाओं की अनिश्चितता को दर्शाती है।
उन्होंने आगे वेदांता की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि कंपनी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और अपने सभी कार्यों में सुरक्षा, देखभाल और जिम्मेदारी पर लगातार ध्यान बनाए रखेगी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
““सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ।
साल की शुरुआत में ही, मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर इस महीने, 14 अप्रैल को सिंहितराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भाँति जानता हूँ।
दोनों ही हादसे, इतने अननेचुरल से, पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
मुझे दुख और हैरत होती है सोचकर कि हमारे इस एथेना प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी-जीई की पार्टनरशिप एनजीएसएल को सौंपी। कॉन्टैक्टर्स और एम्पलॉइज भी उनके थे। एक्सपरटाईज भी उनका था। और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और ऑपरेशन्स, आउटसोर्स किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।
यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे।
वेदांता के हर कांट्रैक्ट में सेफ्टी पर सबसे ज़्यादा फोकस रहता है। और एनटीपीसी और जीई की भी यही पॉलिसी रही है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।
मेरे बेटे अग्निवेश सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं, वेदांता परिवार और अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

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बालोद : इसरो के यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होने वाली हिमांशी साहू का कलेक्टर ने किया सम्मान

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सेजेस कन्नेवाड़ा की हिमांशी को उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

बालोद। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होकर राज्य का मान बढ़ाने वाली स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा की छात्रा हिमांशी साहू को बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सम्मानित किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज बालोद के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कुमारी हिमांशी साहू की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव बताया। इस अवसर पर कलेक्टर ने हिमांशी साहू को प्रशस्ति पत्र के अलावा शाॅल, श्रीफल भेंटकर उनका आत्मीय सम्मान किया।

         इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने हिमांशी की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी साहू को कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उल्लेखनीय है कि हिमांशी साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। कुमारी हिमांशी ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। 

       छात्रा हिमांशी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय तथा संपूर्ण बालोद जिला का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी के पिता अभय कुमार और माता श्रीमती सहिता साहू को भी सम्मानित कर उनकी सुपुत्री की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा एवं नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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जगदलपुर : विधायक किरण देव ने मोबाइल ऐप से स्वयं की अपने परिवार की जनगणना

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नागरिकों से की डिजिटल भागीदारी की अपील

जगदलपुर। तकनीक और नवाचार के इस दौर में डिजिटल इंडिया के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जगदलपुर विधायक किरण देव ने सोमवार को एक अनुकरणीय पहल के तहत जनगणना 2026 में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने भारत सरकार की जनगणना प्रक्रिया के तहत मोबाइल ऐप का उपयोग करते हुए अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज किया। विधायक ने इस आधुनिक प्रक्रिया को अपनाकर यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण कार्यों में तकनीक का समावेश न केवल पारदर्शिता लाता है, बल्कि नागरिकों के समय और श्रम की भी बचत करता है।

        सोमवार को अपने निवास पर ऐप के माध्यम से जनगणना कार्य पूर्ण करने के बाद किरण देव ने स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों को इस प्रक्रिया से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनगणना केवल शासकीय आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के आबंटन और जन-कल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का सबसे सशक्त आधार है। विधायक ने कहा कि मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं जानकारी दर्ज करना बेहद सरल और सुरक्षित है, जिससे डेटा की सटीकता बनी रहती है।

           उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे भी इस डिजिटल माध्यम का अधिक से अधिक उपयोग करें और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में जनगणना कार्य हेतु अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि जब समाज का हर व्यक्ति तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तभी विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेगी।

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