खनन प्रभावित ग्रामों में कलेक्टर ने सरपंचों और ग्रामीणों से किया वन-टू-वन संवाद, विकास कार्यों की ली जानकारी
सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा में लगी चौपालः शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता
कोरबा, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कोयला उत्खनन से प्रभावित ग्राम पंचायतों सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों में सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधे संवाद किया तथा गाँव की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने सरपंचों और पंचों से कहा कि गाँव के समग्र विकास के लिए सभी मिलकर एक समग्र कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि गाँव में जिन बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। महत्वपूर्ण कार्यों को जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को केवल समय-सीमा में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, आप स्वीकृत काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करिए, मैं गाँव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा। आप काम पूरा करते जाइए और नए कार्यों के प्रस्ताव लेकर आइए, ताकि गाँव के विकास की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहे। स्वीकृत कार्यों के साथ भुगतान की समस्या भी होगी दूर कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम पंचायतों को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतान में यदि जनपद पंचायत अथवा किसी अन्य एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही संबंधित कार्यों का भुगतान भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। गाँवों में पेयजल, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के सुधार पर जोर
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों की मरम्मत की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा अनुपयोगी भवनों के स्थान पर नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने की बात कही। विभिन्न स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण की मांग पर भी उन्होंने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए मंगल भवन की मांग रखे जाने पर कलेक्टर ने कहा कि अलग-अलग वार्डों में छोटे-छोटे भवन बनाने की अपेक्षा गाँव के प्रमुख स्थान पर सभी की सहमति से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाया जाना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति के आधार पर इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर विचार करने की बात कही। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप
ग्रामीणों की मांग पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप स्थापित करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा मंच एवं अहाता निर्माण, सोलर लाइट, सड़क पर ब्रेकर, गोठान विकास, तालाब में पचरी निर्माण, पुल निर्माण, खराब बोर की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने जैसी मांगों पर भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
चौपाल में पट्टा निरस्तीकरण, राशन दुकान में अंगूठा लगवाने के बाद चावल नहीं मिलने, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण, पूर्ण आवास का मजदूरी भुगतान नहीं होने तथा अवैध शराब विक्रय पर रोक लगाने जैसी समस्याएं भी ग्रामीणों ने रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों द्वारा नए स्कूल खोलने तथा अरिहन नदी पर पुल निर्माण की मांग भी रखी गई। कलेक्टर ने दोनों मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। जल जीवन मिशन में घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही भुगतान
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत गाँवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित ठेकेदारों को तीन माह की समय-सीमा में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति शुरू होने और उसका सत्यापन होने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को सुझाव दिया कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर न्यूनतम शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे बिजली बिल, पंप खराब होने अथवा अन्य आकस्मिक आवश्यकताओं के समय राशि की समस्या न हो। सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत के साथ अतिरिक्त आय का अवसर कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण अपने घर में सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, वे ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं। ऐसे परिवार जिनके घर में पक्की छत नहीं है अथवा खपरैल वाले घर हैं, वे भी 8 से 15 ग्रामीणों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोलर ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ ही अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है। “12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई भी जरूरी”-बच्चों की उच्च शिक्षा पर कलेक्टर का जोर कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से कहा कि आज के समय में केवल 12वीं तक शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग दिया जा रहा है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को यदि डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए नीट अथवा जेईई की तैयारी करनी है, तो उनके लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद यदि कोई विद्यार्थी देश के किसी भी मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज अथवा अन्य पाठ्यक्रम में किसी बड़े सरकारी शिक्षण संस्थान में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसकी फीस का वहन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के संबंध में सीपेट और बालिकाओं के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेषन द्वारा 30 हजार रूपए के छात्रवृत्ति के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी। महिलाओं को प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक जोड़ने की पहल कलेक्टर ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इच्छुक महिलाएं प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं। उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मांग पर दोना-पत्तल बनाने की मशीन, सिलाई कार्य, साबुन निर्माण, स्कूल ड्रेस सिलाई, बर्तन बैंक तथा ढलाई से संबंधित सेंटरिंग कार्य के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने सहित अन्य प्रकार से सहयोग करने की बात कही। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ-साथ गाँव की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं द्वारा बैठक के लिए भवन की मांग किए जाने पर कलेक्टर ने कहा कि फिलहाल गाँव के किसी पुराने भवन की मरम्मत कर बैठक के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार नए भवन के निर्माण के लिए भी प्रयास किया जाएगा। गोठान के स्थान पर गौधाम योजना से जुड़ने की सलाह गाँव में गोठान विकसित करने की मांग पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को गौधाम योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ सेवा आयोग द्वारा इस दिशा में सहयोग प्रदान किया जाता है। सामाजिक संगठन अथवा ग्राम पंचायत इस प्रकार की गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं। धान विक्रय के लिए किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील कलेक्टर श्री दुदावत ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रही गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन किसानों का नया शासकीय अथवा वन पट्टा बना है, रकबे में संशोधन हुआ है, जो पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए पंजीयन से वंचित रह गए थे अथवा किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे और इस वर्ष धान बेचना चाहते हैं, वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि धान विक्रय के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की, ताकि सर्वे के पठन के दौरान यदि किसी प्रकार की आपत्ति हो तो किसान अपनी बात रख सकें और समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित गाँवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली और आजीविका के अवसरों को मजबूत करते हुए गाँवों को आत्मनिर्भर और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना जिला प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण कराने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, बीईओ, तहसीलदार, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री आवास, विकसित भारत-जी राम जी एवं आजीविका गतिविधियों को गति देने पर जोर
नवाचार : क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के एक वर्ष पूर्ण होने पर ग्रामीणों को किया गया जागरूक
‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शत-प्रतिशत बालिका शौचालय निर्माण पर हुई चर्चा
चावल महोत्सव के माध्यम से रोजगार एवं आवास योजनाओं का किया गया प्रचार-प्रसार
कोरबा, 07 सितंबर 2026। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सोमवार को चावल महोत्सव के साथ रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं विकसित भारत-जी राम जी से संबंधित हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जनजागरूकता को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी मोबाइल पर सहजता से उपलब्ध कराने के लिए लागू की गई क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के एक वर्ष पूर्ण होने पर इसके महत्व की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, हितग्राहियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निरंतर समीक्षा के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 7 तारीख को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ आगामी कार्यों के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की गई।
आवास निर्माण में तेजी लाने पर विशेष जोर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य आवास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई। हितग्राहियों को नियमानुसार समय पर राशि हस्तांतरण, भुगतान की स्थिति एवं आवास निर्माण से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्व-सहायता समूहों की दीदियों को आवास निर्माण में आवश्यक निर्माण सामग्री की आपूर्ति तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आवास परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने तथा लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए भी आवश्यक रणनीति तैयार की गई।
विकसित भारत-जी राम जी के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की कार्ययोजना
विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में संचालित सभी प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर चर्चा की गई। ग्राम सभा के प्रस्तावों के अनुरूप संतृप्ति के आधार पर प्राथमिकता वाले कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कराने की कार्ययोजना तैयार की गई।
इसके साथ ही ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के तहत मांग के अनुरूप शत-प्रतिशत शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने की रणनीति
बैठक में निर्मित आजीविका डबरी एवं नवा तरिया के माध्यम से हितग्राहियों तथा क्लस्टर स्तरीय संघों के लिए आजीविका संवर्धन की कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही धार अपार अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से आजीविका के नए अवसर सृजित करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों में संचालित कार्यों के प्रारंभ में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी सहमति व्यक्त की गई, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जनभागीदारी को और मजबूत किया जा सके।
क्यूआर कोड से योजनाओं की जानकारी, पारदर्शिता को बढ़ावा
ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ग्रामीणों को विकसित भारत-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से संबंधित कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि क्यूआर कोड स्कैन कर वे स्वीकृत कार्यों, उनकी प्रगति सहित योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं।
क्यूआर कोड आधारित इस नवाचार के एक वर्ष पूर्ण होने पर इसके उपयोग की महत्ता बताते हुए ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं हितग्राहियों को अधिक से अधिक इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को और मजबूत करना है।
रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं विकसित भारत-जी राम जी के हितग्राही, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक,स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।
कोरबा। जिले की होनहार छात्रा दुर्गेश कुमारी राजवाड़े का एमबीबीएस में चयन हुआ है। इस सफलता से माता-पिता, मित्रजन एवं समाज में खुशी की लहर हैं। दुर्गेश बचपन से ही मेधावी छात्रा रही है। इन्होंने दसवीं बोर्ड की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय में उत्तीर्ण की है, जिसमें 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ था तथा 12वीं बोर्ड की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय से 95.6′ अंक अर्जित कर पूरे जिले एवं समाज को गौरव दिलाई थी। इस बार भी नीट की परीक्षा में ओवरऑल 66556 रैंक हासिल किया है, जिसमें स्टेट रैंक 509 था। दुर्गेश का चयन स्वर्गीय बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा में हुआ है। दुर्गेश ने सफलता का श्रेय अपनी माँ चित्ररेखा, पिता जयराम प्रसाद राजवाड़े और गुरुजनों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन को दिया है। राजवाड़े आदर्श केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष कृपासिंधू राजवाड़े सहित समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने दुर्गेश को सतत् सफलता की शुभकामनाएं दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शिक्षक भविष्य के शिल्पकार – लॉयन अग्रवाल कोरबा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल द्वारा नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुडा मड़वारानी में शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर गुरुजन सम्मान समारोह का आयोजन पीएमजेएफ लायन डॉ राजकुमार अग्रवाल (पूर्व प्रान्तपाल) के मुख्य आतिथ्य में संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल-रीजन चेयरमेन व लायन मनोज गुप्ता-जोन चेयरमेन विशिष्ट आतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल के अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल ने की।
सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती जी एवं डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। तत्पश्चात् विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शोमा सोनी के द्वारा स्वागत उदबोधन द्वारा अतिथि एवं लायन सदस्यों का स्वागत करते हुये विद्यालय की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा शिक्षक दिवस से संबंधित विभिन्न सास्कृतिक कार्यक्रमों, भाषणों एवं गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिसकी सभी ने बहुत प्रशंसा की।
अपने उद्बोधन में क्लब अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाईयां प्रेषित करते हुये कहा कि यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमारे जीवन में गुरू का स्थान कितना ऊँचा है। शिक्षक हमें सदैव आत्मविश्वास दिलाते हैं और सफलता की ओर बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, इसलिए हमें सदैव अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। इसके बाद रीजन चेयरमेन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में बच्चों को जीवन में शिक्षकों के महत्व के बारे में बताते हुये सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाईयां दी। साथ ही विद्यालय के फाउंडर चेयरमेन एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल द्वारा शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि शिक्षक भविष्य के शिल्पकार होते हैं। शिक्षक, बिना किसी भेदभाव के सभी छात्रों को समभाव रखते हुये शिक्षा प्रदान करते हैं। हम अपने जीवन में कहीं भी रहे हमें अपने शिक्षकों का सम्मान सदैव करना चाहिए। उद्बोधन पश्चात् अतिथि एवं लायन सदस्यों द्वारा शिक्षकों को सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किया गया। उक्त समारोह में क्लब सचिव लायन सुरेन्द्र कुमार डनसेना, उप प्राचार्या श्रीमती मनोरमा शर्मा, लायन सुभाषचंद अनंत सहित समस्त शिक्षक एवं छात्रगण उपस्थित थे।