प्रसव पूर्व जांच में पूर्व की बीमारी अवश्य बताएं महिलाएं
संचारी बीमारियों से निबटने के लिए पूर्व से आवश्यक तैयारी रखे
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बैठक आयोजित
कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए लक्ष्य की शतप्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विकासखंडों में वयवंदन के हितग्राहियों के आधार अपडेशन प्राथमिकता से पूर्ण कर लिया जाए ताकि उन्हे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आयुष्मान कार्ड से प्राप्त हो सके। आधार अपडेशन का कार्य अभियान के रूप में पूर्ण किया जाए। इसके लिए गांवों में वीएलई घर घर जा कर आधार अपडेशन करें। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला भी आधार अपडेशन के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर 03 माह में वरिष्ट नागरिकों की चिकित्सा जांच एवं उपचार के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जावे।उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून का आगमन होने वाला है, बारिश के दौरान होने वाली संचारी बीमारी, मलेरिया, डायरिया हैजा,डेंगू आदि के नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग योजनाबद्ध तरीके से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लेवे। मितानिनों के द्वारा बीमारियों से बचाव के लिए जनजागरुकता कार्य किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी स्वास्थ्य कर्मी बिना बताए अनुपस्थित न रहे। बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाए। अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के दायित्व और कर्तव्य पालन पर नजर रखें। कलेक्टर ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शत प्रतिशत संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराएं जावे। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वस्थ अमले को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति वाली ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता से टीबी मुक्त किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस एन केशरी तथा समस्त कार्यक्रम नोडल अधिकारी, डीपीएम,समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, समस्त बीपीएम एवं विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान सीएमएचओ डॉ एस एन केशरी द्वारा समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्य एवं उपलब्धि की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को अपने ड्यूटी टाइम में चिकित्सालय में उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीवीटीजी बसाहटों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर उन्हें स्वास्थ्य लाभ पहुचाने के निर्देश दिए। शिविर में उनका आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण, खून, शुगर, बीपी की जांच, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि जैसे अनेक स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से लाभांवित करने के लिए कहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सामूहिक सहयोग से जिले को टी बी मुक्त बनाएं। टीबी मरीजों का कांटेक्ट ट्रेसिंग कर उन्हें जांच एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड एवं दिव्यांग प्रमाणपत्र प्राथमिकता से बनायें। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी केंद्रों में आवश्यक सभी दवाइयां की शत प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिले में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत प्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सब हेल्थ सेंटर में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने की बात कही। उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव अनिवार्य रूप से कराने के लिए कहा। इस हेतु मितानिनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीयन उनका नियमित स्वास्थ्य जांच एवं फालोअप लेने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच के दौरान उन्हें पूर्व में हुई बीमारी के विषय में जानकारी अवश्य देना चाहिए ताकि उनका उचित इलाज हो सके।उन्होंने मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु आवश्यक सभी प्रयास करने की बात कही। बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की टीका, कुष्ठ उन्मूलन, क्षय रोग, टी.बी. एड्स, हाइपरटेंशन, अंधत्व निवारण, चश्मा वितरण, विटामिन दवा, मनोरोग चिकित्सा, लैब आन व्हील्स कार्यक्रम की भी समीक्षा करते हुए योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने डीएमएफ मद के तहत नियुक्त किए गये चिकित्सकों के ड्यूटी कार्य की जानकारी ली। उन्होंने डीएमएफ एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी रिक्त पदों के विरुद्ध चयनित चिकित्सक या अन्य अभ्यर्थियों के द्वारा ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर प्रतीक्षा सूची से अभ्यर्थियों का चयन शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित गायनकोलॉजिस्ट द्वारा उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की जांच स्वास्थ्य केंद्रो में समय पर सुनिश्चित की जाएं और उसका फॉलो अप ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जरूर लेवें।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।